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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 35

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 35) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: संविधान संशोधन और मूल संरचना, अंतर-राज्य संबंध और क्षेत्रीय परिषदें, संघ और राज्य लोक सेवा आयोग और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

1980 के मिनर्वा मिल्स वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 368 के कौन से खंड अपास्त किए?

  1. A.खंड 1 और 2
  2. B.खंड 2 और 3
  3. C.खंड 3 और 4
  4. D.खंड 4 और 5
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. खंड 4 और 5

व्याख्या

सही उत्तर है D, खंड 4 और 5। बयालीसवें संशोधन ने खंड 4 जोड़ा था, जिसमें कहा गया कि किसी संशोधन को किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकेगा, और खंड 5 जोड़ा था, जिसमें कहा गया कि संसद की संशोधन शक्ति असीमित है। मिनर्वा मिल्स वाद में न्यायालय ने दोनों अपास्त कर दिए और कहा कि न्यायिक पुनरावलोकन तथा संशोधन शक्ति की सीमितता स्वयं मूल संरचना का अंग हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि खंड 1 और 2 संशोधन शक्ति तथा प्रक्रिया के मूल उपबंध हैं और आज भी प्रवर्तन में हैं। विकल्प B और विकल्प C गलत हैं क्योंकि खंड 3, जो कहता है कि अनुच्छेद 13 किसी संशोधन पर लागू नहीं होगा, चौबीसवें संशोधन से जोड़ा गया था और अपास्त नहीं हुआ। सरल सूत्र यह है कि बयालीसवें संशोधन ने खंड 4 और 5 जोड़े और मिनर्वा मिल्स ने वही दो हटाए।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संघ लोक सेवा आयोग का व्यय, जिसमें उसके कर्मचारियों के वेतन और पेंशन शामिल हैं:

  1. A.प्रत्येक वर्ष लोक सभा द्वारा मतदान से स्वीकृत होता है
  2. B.भारत की संचित निधि पर भारित होता है
  3. C.भारत की आकस्मिकता निधि से पूरा किया जाता है
  4. D.संघ और राज्यों के बीच बांटा जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत की संचित निधि पर भारित होता है

व्याख्या

सही उत्तर B, भारत की संचित निधि पर भारित होता है। अनुच्छेद 322 संघ लोक सेवा आयोग के व्यय को, जिसमें उसके सदस्यों और कर्मचारियों के वेतन, भत्ते तथा पेंशन भी शामिल हैं, भारत की संचित निधि पर भारित व्यय बनाता है। भारित व्यय पर संसद में चर्चा हो सकती है पर मतदान नहीं होता, जिससे विधानमंडल आयोग का बजट घटाकर उस पर दबाव नहीं बना सकता और यही उसकी स्वतंत्रता की एक गारंटी है। इसलिए विकल्प A गलत है, क्योंकि मतदान से बचाना ही अनुच्छेद 322 का उद्देश्य है। विकल्प C गलत है क्योंकि आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति के पास अग्रदाय के रूप में अप्रत्याशित व्यय के लिए रखी जाती है, किसी संवैधानिक निकाय का स्थायी स्रोत नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि राज्य आयोग का व्यय उस राज्य की संचित निधि पर और संघ आयोग का व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होता है, बंटवारा नहीं होता।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · 15 Oct, 2022मध्यम

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया तय करने के लिए किस संस्थान को अधिकृत किया है?

  1. A.एन.सी.टी.ई.
  2. B.एन.सी.ई.आर.टी.
  3. C.एन.आई.ई.पी.ए.
  4. D.एन.आई.ओ.एस.
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एन.सी.ई.आर.टी.

व्याख्या

सही उत्तर है B, एन.सी.ई.आर.टी. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29(1) कहती है कि प्रारंभिक शिक्षा का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकारी तय करेगा, और केंद्र सरकार ने अपने अधीन विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को अधिसूचित किया, जबकि राज्यों ने अपने एससीईआरटी को। इसके बाद धारा 29(2) उस प्राधिकारी को संवैधानिक मूल्यों, बच्चे के सर्वांगीण विकास, गतिविधि और खोज के माध्यम से सीखने, यथासंभव मातृभाषा में शिक्षण तथा सतत और व्यापक मूल्यांकन से बाँधती है। A गलत है क्योंकि एन.सी.टी.ई. शिक्षक-शिक्षा और शिक्षक पात्रता के मानक बनाती है, जिसे अधिनियम धारा 23 में देखता है। C गलत है क्योंकि एन.आई.ई.पी.ए. शैक्षिक नियोजन और प्रशासन पर काम करती है। D गलत है क्योंकि एन.आई.ओ.एस. मुक्त और दूरस्थ शिक्षा चलाती है। परीक्षा टिप: आरटीई अधिनियम में धारा 29 का शैक्षिक प्राधिकारी एनसीईआरटी है और धारा 23 शिक्षक योग्यता एनसीटीई के माध्यम से तय करती है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारत में मताधिकार की आयु इक्कीस वर्ष से घटाकर अठारह वर्ष किस संशोधन द्वारा की गई?

  1. A.बावनवाँ संशोधन
  2. B.इकसठवाँ संशोधन
  3. C.चौहत्तरवाँ संशोधन
  4. D.छियासीवाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इकसठवाँ संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है B, इकसठवाँ संशोधन। 1989 में पारित इस संशोधन ने अनुच्छेद 326 में परिवर्तन कर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन के लिए मताधिकार की आयु इक्कीस वर्ष से अठारह वर्ष कर दी, जिससे अगले आम चुनाव में बहुत बड़ी संख्या में युवा मतदाता सूची में आए।

विकल्प A गलत है क्योंकि 1985 के बावनवें संशोधन ने दसवीं अनुसूची और दल बदल विरोधी विधि जोड़ी। विकल्प C गलत है क्योंकि 1992 का चौहत्तरवाँ संशोधन नगरपालिकाओं से संबंधित था और उसने बारहवीं अनुसूची जोड़ी। विकल्प D गलत है क्योंकि 2002 के छियासीवें संशोधन ने अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष के बच्चों की निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया। इकसठवें संशोधन के साथ अनुच्छेद 326 भी याद रखें। इसे इस रूप में भी याद रखा जा सकता है कि इकसठवाँ संशोधन युवा मतदाताओं से जुड़ा है और उसका आधार अनुच्छेद 326 है, जो वयस्क मताधिकार का उपबंध करता है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 323 के अंतर्गत राज्य लोक सेवा आयोग अपने कार्य का वार्षिक प्रतिवेदन किसे प्रस्तुत करता है?

  1. A.राष्ट्रपति को, जो उसे संसद के समक्ष रखवाते हैं
  2. B.राज्य के मुख्यमंत्री को
  3. C.राज्यपाल को, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं
  4. D.संघ लोक सेवा आयोग को
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्यपाल को, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं

व्याख्या

सही उत्तर C, राज्यपाल को, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं है। अनुच्छेद 323(2) राज्य आयोग से अपेक्षा करता है कि वह अपने किए गए कार्य का वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल को प्रस्तुत करे, और राज्यपाल उसे उस ज्ञापन के साथ राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं जिसमें, यदि कोई हो, आयोग का परामर्श स्वीकार न करने के मामले और उसके कारण बताए जाते हैं। विकल्प A संघ लोक सेवा आयोग की व्यवस्था बताता है, जिसका प्रतिवेदन राष्ट्रपति के पास और फिर संसद में जाता है, इसलिए वह प्रचलित भ्रमजाल है। विकल्प B गलत है क्योंकि यह प्रतिवेदन मंत्रिपरिषद के प्रमुख को नहीं बल्कि राज्य के प्रमुख को संवैधानिक रूप से प्रस्तुत किया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि राज्य आयोग संघ आयोग से स्वतंत्र हैं और उसे प्रतिवेदन नहीं देते।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 24 Aug 2021, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं?

  1. A.के एम मुंशी
  2. B.बलदेव सिंह
  3. C.मीनू मसानी
  4. D.श्यामा प्रसाद मुखर्जी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

व्याख्या

सही उत्तर है D, श्यामा प्रसाद मुखर्जी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जन संघ की स्थापना की और वे ही इसके संस्थापक सदस्य तथा प्रथम अध्यक्ष माने जाते हैं। इस दल की शुरुआत अक्टूबर 1951 में दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रवादी विकल्प के रूप में हुई थी। मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते के विरोध में 1950 में नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दिया था, और इससे पहले वे हिंदू महासभा का नेतृत्व कर चुके थे तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे थे। जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के विरुद्ध आंदोलन करते हुए 1953 में नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया, जिसके बाद दीनदयाल उपाध्याय ने दल का संगठन खड़ा किया; 1980 में इसी धारा का पुनर्गठन भारतीय जनता पार्टी के रूप में हुआ। A गलत है क्योंकि के एम मुंशी संविधान सभा के सदस्य और कांग्रेस नेता थे, जो बाद में स्वतंत्र पार्टी में गए। B गलत है क्योंकि बलदेव सिंह स्वतंत्र भारत के पहले रक्षा मंत्री थे। C गलत है क्योंकि मीनू मसानी स्वतंत्र पार्टी के संस्थापकों में थे। परीक्षा टिप: भारतीय जन संघ 1951 - श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वतंत्र पार्टी 1959 - सी राजगोपालाचारी और मीनू मसानी।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारत के संविधान में नौवीं अनुसूची किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

  1. A.पहला संशोधन, 1951
  2. B.चौथा संशोधन, 1955
  3. C.सातवाँ संशोधन, 1956
  4. D.सत्रहवाँ संशोधन, 1964
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पहला संशोधन, 1951

व्याख्या

सही उत्तर है A, पहला संशोधन, 1951। इसने अनुच्छेद 31क और 31ख के साथ नौवीं अनुसूची जोड़ी, जिससे उसमें रखी गई भूमि सुधार तथा ज़मींदारी उन्मूलन की विधियों को मूल अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती न दी जा सके। इसी संशोधन ने लोक व्यवस्था, विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध और अपराध के लिए उद्दीपन को वाक् स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त निर्बंधन के आधारों में जोड़ा।

विकल्प B गलत है क्योंकि 1955 का चौथा संशोधन संपत्ति के अनिवार्य अर्जन से संबंधित था और उसने पहले से बनी अनुसूची में विधियाँ जोड़ीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1956 के सातवें संशोधन ने राज्यों का पुनर्गठन किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1964 के सत्रहवें संशोधन ने नौवीं अनुसूची में और भूमि सुधार विधियाँ जोड़ीं। स्मरण रखें कि बाद के संशोधनों ने अनुसूची भरी, पर बनाई पहले संशोधन ने।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय व्यवस्थाएँ निम्नलिखित सभी बातों में भिन्न हैं, सिवाय

  1. A.उपरि सदन में राज्यों का समान प्रतिनिधित्व
  2. B.दोहरी नागरिकता
  3. C.एक-दूसरे से अलग न्यायालयों की दोहरी व्यवस्था
  4. D.दोहरी सरकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दोहरी सरकार

व्याख्या

सही उत्तर है D, दोहरी सरकार। केंद्र में एक और इकाइयों में दूसरी सरकार, यानी दोहरी सरकार, हर संघीय व्यवस्था की साझा विशेषता है, इसलिए इस बिंदु पर भारत और अमेरिका में अंतर नहीं है। दोनों देशों में लिखित संविधान के जरिए शक्तियाँ राष्ट्रीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच बँटी हैं और इस बँटवारे पर विवाद अदालतें तय करती हैं। बाकी तीन बातों में दोनों व्यवस्थाएँ अलग हैं, क्योंकि भारत का संघ मजबूत केंद्र वाला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अमेरिका में हर राज्य आकार चाहे जो हो, सीनेट में दो सदस्य भेजता है, जबकि राज्यसभा की सीटें राज्य की जनसंख्या के अनुसार मिलती हैं, इसलिए प्रतिनिधित्व असमान है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमेरिकी नागरिक संघ और राज्य दोनों का नागरिक होता है, जबकि भारत में केवल एकल नागरिकता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अमेरिका में संघीय और राज्य न्यायालय अलग-अलग हैं, जबकि भारत में सर्वोच्च न्यायालय के नेतृत्व में एकीकृत न्यायपालिका है। परीक्षा टिप: भारत — एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका, असमान राज्यसभा सीटें।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राज्य लोक सेवा आयोग का सदस्य छह वर्ष तक या कितनी आयु पूरी होने तक पद धारण करता है?

  1. A.60 वर्ष
  2. B.62 वर्ष
  3. C.65 वर्ष
  4. D.70 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 62 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर B, 62 वर्ष है। अनुच्छेद 316(2) प्रत्येक लोक सेवा आयोग के लिए छह वर्ष का कार्यकाल तय करता है पर सेवानिवृत्ति की दो अलग आयु बताता है: संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के लिए 65 वर्ष और राज्य आयोग या संयुक्त आयोग के सदस्य के लिए 62 वर्ष, और दोनों में से जो घटना पहले हो वही कार्यकाल समाप्त करती है। विकल्प A यानी 60 वर्ष कई सरकारी सेवकों की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु है और इसी कारण भ्रमित करने के लिए रखा गया है। विकल्प C यानी 65 वर्ष संघ आयोग के लिए सही है और यहां सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, इसलिए प्रश्न ध्यान से पढ़कर देखें कि किस आयोग के बारे में पूछा गया है। विकल्प D यानी 70 वर्ष किसी लोक सेवा आयोग की आयु सीमा नहीं है; यह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के लिए तय आयु है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014आसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.पाँचवीं अनुसूची
  3. C.आठवीं अनुसूची
  4. D.दसवीं अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है D, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी प्रावधान दसवीं अनुसूची में रखे गए हैं, इसलिए जो विधायक या सांसद उस दल को छोड़ देता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, उसे इसी अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य ठहराया जा सकता है। यह अनुसूची 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी और यह संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू होती है। सदस्य की सदस्यता स्वेच्छा से दल छोड़ने पर या दल के व्हिप के विरुद्ध मत देने पर जाती है, और ऐसे मामले का निर्णय सदन का पीठासीन अधिकारी करता है। विलय की स्थिति में छूट तभी मिलती है जब उस विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय पर सहमत हों। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों तथा अन्य उच्च पदों के वेतन-भत्ते तय करती है। B गलत है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - दसवीं अनुसूची और 1985 का 52वाँ संशोधन।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संविधान के संघीय उपबंधों को छूने वाले संशोधन का अनुसमर्थन कितने राज्यों के विधानमंडलों द्वारा आवश्यक है?

  1. A.आधे से अन्यून राज्यों द्वारा
  2. B.दो तिहाई से अन्यून राज्यों द्वारा
  3. C.तीन चौथाई से अन्यून राज्यों द्वारा
  4. D.सभी राज्यों द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आधे से अन्यून राज्यों द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर है A, आधे से अन्यून राज्यों द्वारा। राष्ट्रपति के निर्वाचन, संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति के विस्तार, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों, सातवीं अनुसूची, संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व और स्वयं अनुच्छेद 368 जैसे विषयों में विधेयक पहले प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से पारित होता है और फिर कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडल उसे साधारण बहुमत से अनुसमर्थित करते हैं।

विकल्प B गलत है क्योंकि दो तिहाई का अंश संसद में उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का है, राज्यों का नहीं, और यही मिश्रण जाल बनता है। विकल्प C और विकल्प D गलत हैं क्योंकि संविधान कहीं तीन चौथाई राज्यों या सर्वसम्मति की अपेक्षा नहीं करता; निर्माताओं ने जानबूझकर ऐसी कठोरता से बचा। यह भी ध्यान रखें कि अनुसमर्थन के लिए कोई समय सीमा नियत नहीं है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस केंद्रशासित प्रदेश को भारत में आंशिक राज्य का दर्जा दिया गया है?

  1. A.चंडीगढ़
  2. B.दादरा और नगर हवेली
  3. C.दमन और दीव
  4. D.पुदुचेरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पुदुचेरी

व्याख्या

सही उत्तर है D, पुदुचेरी। पुदुचेरी एक ऐसा केंद्रशासित प्रदेश है जिसका अपना विधानमंडल है, इसी कारण इसे आंशिक राज्य का दर्जा प्राप्त कहा जाता है। 1962 में जोड़े गए अनुच्छेद 239A ने संसद को ऐसे प्रदेश के लिए विधानमंडल और मंत्रिपरिषद बनाने की शक्ति दी, और संघ राज्यक्षेत्र शासन अधिनियम, 1963 ने पुदुचेरी को विधानसभा तथा मुख्यमंत्री दिए, जबकि उपराज्यपाल कहलाने वाला प्रशासक आज भी राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करता है। दिल्ली में इसी प्रकार की व्यवस्था अनुच्छेद 239AA के अंतर्गत है, और जम्मू-कश्मीर 2019 में विधानमंडल वाला केंद्रशासित प्रदेश बना। A गलत है क्योंकि चंडीगढ़ का शासन सीधे चलता है, जहाँ पंजाब के राज्यपाल प्रशासक का कार्य देखते हैं। B और C गलत हैं क्योंकि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, जिन्हें 2020 में मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया, में कोई विधानमंडल नहीं है और उनका शासन प्रशासक चलाता है। परीक्षा टिप: विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेश — दिल्ली, पुदुचेरी और जम्मू-कश्मीर।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 320 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन संघ लोक सेवा आयोग का कार्य नहीं है?

  1. A.संघ की सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करना
  2. B.पदोन्नति और स्थानांतरण के सिद्धांतों पर परामर्श देना
  3. C.चयनित उम्मीदवारों की सेवा में अंतिम नियुक्ति करना
  4. D.सिविल सेवक से जुड़े अनुशासनिक मामलों पर परामर्श देना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चयनित उम्मीदवारों की सेवा में अंतिम नियुक्ति करना

व्याख्या

सही उत्तर C, चयनित उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति करना है। आयोग संस्तुति करता है; नियुक्ति का आदेश सरकार का नियुक्ति प्राधिकारी निकालता है। अनुच्छेद 320 आयोग को संघ और राज्यों की सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करने का कर्तव्य देता है, जिससे विकल्प A उसका कार्य सिद्ध होता है, और यह अपेक्षा करता है कि भर्ती की रीतियों तथा नियुक्ति, पदोन्नति और स्थानांतरण में अपनाए जाने वाले सिद्धांतों पर उससे परामर्श किया जाए, जिससे विकल्प B भी उसका कार्य है। सिविल हैसियत में सेवा करने वाले व्यक्ति से संबंधित सभी अनुशासनिक मामलों पर भी परामर्श आवश्यक है, जिससे विकल्प D भी उसका कार्य है। चूंकि आयोग की भूमिका परामर्श पर समाप्त हो जाती है और वह परामर्श सरकार पर बाध्यकारी भी नहीं है, इसलिए विकल्प C ऐसी शक्ति बताता है जो उसके पास नहीं है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Jan 2023, Shift 4मध्यम

राज्य के राज्यपाल को क्षमादान की शक्ति भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?

  1. A.अनुच्छेद 163
  2. B.अनुच्छेद 161
  3. C.अनुच्छेद 55
  4. D.अनुच्छेद 145
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 161

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 161। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे उस अपराध के लिए दंडित किसी व्यक्ति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम और परिहार दे सकें तथा दंड को निलंबित, कम या परिवर्तित कर सकें, जिस विषय पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति फैली हुई है। उनकी यह शक्ति अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्ति से दो बातों में कम है — राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते और सेना न्यायालय द्वारा दिए गए दंड में उनका कोई अधिकार नहीं होता, जबकि राष्ट्रपति दोनों कर सकते हैं। राष्ट्रपति की तरह राज्यपाल भी इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 55 राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बताता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 145 उच्चतम न्यायालय को प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 161 राज्यपाल की; मृत्युदंड और सेना न्यायालय के दंड में केवल राष्ट्रपति क्षमा दे सकते हैं।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई स्थानों के आरक्षण का उपबंध किस संशोधन ने किया?

  1. A.एक सौ पहला संशोधन
  2. B.एक सौ तीसरा संशोधन
  3. C.एक सौ चौथा संशोधन
  4. D.एक सौ छठा संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एक सौ छठा संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है D, एक सौ छठा संशोधन। 2023 में पारित और नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा जाने वाला यह संशोधन अनुच्छेद 330क तथा 332क जोड़ता है, जिससे लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा के एक तिहाई स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे; यह आरक्षण संबंधित जनगणना के आधार पर किए जाने वाले परिसीमन के बाद प्रभावी होगा।

विकल्प A गलत है क्योंकि 2016 के एक सौ पहले संशोधन ने अनुच्छेद 246क, 269क और 279क के माध्यम से वस्तु और सेवा कर लागू किया। विकल्प B गलत है क्योंकि 2019 के एक सौ तीसरे संशोधन ने आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए आरक्षण दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि 2020 के एक सौ चौथे संशोधन ने विधानमंडलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के स्थानों का आरक्षण बढ़ाया और आंग्ल भारतीय नामनिर्देशन समाप्त किया। ये चारों संख्याएँ साथ याद करें।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग की स्थापना कौन कर सकता है?

  1. A.केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति
  2. B.उन राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद, विधि द्वारा
  3. C.संबंधित राज्यों के राज्यपाल मिलकर
  4. D.संघ लोक सेवा आयोग विनियम द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उन राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद, विधि द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर B, संबंधित राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद के अधिनियम द्वारा है। अनुच्छेद 315(2) कहता है कि यदि दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल इस आशय के संकल्प पारित करें तो संसद विधि द्वारा उन राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग की नियुक्ति का उपबंध कर सकती है। ऐसे आयोग के अध्यक्ष और सदस्य राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं और वह प्रत्येक संबंधित राज्य के राज्यपाल को वार्षिक प्रतिवेदन देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पहल राज्य विधानमंडलों से आनी चाहिए और साधन संसद की विधि होनी चाहिए, कार्यपालिका का आदेश नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि राज्यपालों को कोई संवैधानिक निकाय बनाने की शक्ति नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि संघ आयोग दूसरा आयोग नहीं बना सकता, और अनुच्छेद 315(4) केवल यह कहता है कि राज्यपाल के अनुरोध तथा राष्ट्रपति के अनुमोदन पर वह उस राज्य की आवश्यकताएं पूरी कर सकता है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020कठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. भारत का संविधान अपनी मूल संरचना को संघवाद, पंथनिरपेक्षता, मूल अधिकार और लोकतंत्र के रूप में परिभाषित करता है। 2. भारत के संविधान में न्यायिक पुनरावलोकन का उपबंध नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा और उन आदर्शों को बनाए रखने के लिए है जिन पर संविधान आधारित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा या कौन से सही हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न 1 न 2
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. न 1 न 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न 1 न 2। कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान में मूल संरचना पद कहीं प्रयुक्त ही नहीं हुआ और उसकी कोई परिभाषा नहीं दी गई है। यह सिद्धांत 1973 के केशवानंद भारती वाद में सर्वोच्च न्यायालय की देन है और न्यायालयों ने हर वाद में उसमें विशेषताएँ जोड़ी हैं, इसलिए कोई बंद सूची नहीं है। कथन 2 इस रूप में गलत है क्योंकि संविधान में ऐसा कोई उपबंध नहीं है जो न्यायिक पुनरावलोकन को इस प्रयोजन के साथ घोषित करता हो; यह शक्ति अनुच्छेद 13, 32, 131 से 136, 226 और 246 जैसे उपबंधों से निकलती है, और स्वतंत्रता की रक्षा तथा आदर्शों को बनाए रखने की भाषा निर्णयों और टीकाओं की है, संविधान के पाठ की नहीं।

इसलिए विकल्प A और विकल्प B गलत हैं, क्योंकि दोनों में से प्रत्येक एक त्रुटिपूर्ण कथन को स्वीकार करता है, और विकल्प C गलत है क्योंकि वह दोनों को स्वीकार करता है। कथन आधारित प्रश्नों में परिभाषित करता है और उपबंध जैसे शब्दों पर कठोर रहें।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारत का पहला लोक सेवा आयोग 1926 में किस निकाय की सिफारिश पर स्थापित किया गया था?

  1. A.इस्लिंग्टन आयोग
  2. B.ली आयोग
  3. C.साइमन आयोग
  4. D.सप्रू समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ली आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, ली आयोग है। लॉर्ड ली ऑफ फेयरहैम की अध्यक्षता में भारत की उच्चतर सिविल सेवाओं पर बने शाही आयोग ने 1924 में प्रतिवेदन देकर एक सांविधिक लोक सेवा आयोग की सिफारिश की, और उसी के अनुसार भारत शासन अधिनियम 1919 के अंतर्गत 1 अक्टूबर 1926 को भारत का पहला लोक सेवा आयोग स्थापित हुआ। भारत शासन अधिनियम 1935 के अंतर्गत वह संघीय लोक सेवा आयोग बना और 26 जनवरी 1950 को संघ लोक सेवा आयोग। विकल्प A गलत है क्योंकि 1912 से 1915 के इस्लिंग्टन आयोग ने लोक सेवाओं की जांच की पर आयोग की स्थापना नहीं कराई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1928 का साइमन आयोग संवैधानिक सुधारों की जांच के लिए था। विकल्प D गलत है क्योंकि सप्रू समिति बाद के एक भिन्न संवैधानिक विमर्श से जुड़ी है।

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