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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संविधान के आधारभूत ढाँचे का सिद्धांत सर्वोच्च न्यायालय ने किस मुकदमे में दिया?

  1. A.गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
  2. B.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
  3. C.मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
  4. D.शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य

यह निर्णय 24 अप्रैल 1973 को तेरह न्यायाधीशों की पीठ ने दिया, जो उच्चतम न्यायालय की अब तक की सबसे बड़ी पीठ थी, और सात के विरुद्ध छह के बहुमत ने कहा कि संसद संविधान के किसी भी उपबंध में संशोधन कर सकती है, परंतु उसके आधारभूत ढाँचे को क्षति…

Q2.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संविधान संशोधन अनुच्छेद 13 के अर्थ में विधि है और मूल अधिकारों में कटौती नहीं की जा सकती?

  1. A.सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य
  2. B.आई सी गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
  3. C.वामन राव बनाम भारत संघ
  4. D.आई आर कोएलो बनाम तमिलनाडु राज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आई सी गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य

वर्ष 1967 में ग्यारह न्यायाधीशों की पीठ ने छह के विरुद्ध पाँच के बहुमत से कहा कि संविधान संशोधन अनुच्छेद 13 के प्रयोजन से विधि है, इसलिए संसद मूल अधिकारों में कटौती नहीं कर सकती, और पुराने संशोधनों को बचाने के लिए भावी अभिभावी निर्णय का सिद्धांत लागू किया।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978) का निर्णय मुख्य रूप से किस अनुच्छेद के विस्तार के लिए जाना जाता है?

  1. A.अनुच्छेद 19
  2. B.अनुच्छेद 21
  3. C.अनुच्छेद 32
  4. D.अनुच्छेद 368
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 21

यह मुकदमा पासपोर्ट जब्त किए जाने से उठा था और न्यायालय ने कहा कि जिस प्रक्रिया से राज्य प्राण या वैयक्तिक स्वतंत्रता छीनता है वह न्यायपूर्ण, उचित और युक्तियुक्त होनी चाहिए, जिससे अनुच्छेद 21 में उचित प्रक्रिया का सार आ गया और 1950 के ए के गोपालन का संकुचित मत…

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980) में सर्वोच्च न्यायालय ने किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए उपबंध रद्द किए?

  1. A.चौबीसवां संशोधन
  2. B.उनतालीसवां संशोधन
  3. C.बयालीसवां संशोधन
  4. D.चौवालीसवां संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बयालीसवां संशोधन

इस संशोधन ने अनुच्छेद 368 में यह जोड़ा था कि किसी संशोधन को किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती और संशोधन शक्ति पर कोई सीमा नहीं है; न्यायालय ने वे उपबंध शून्य ठहराए क्योंकि न्यायिक पुनर्विलोकन तथा मूल अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों का संतुलन आधारभूत ढाँचे का…

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग और निन्यानबेवां संविधान संशोधन सर्वोच्च न्यायालय ने किस वर्ष रद्द किया?

  1. A.2013
  2. B.2014
  3. C.2015
  4. D.2017
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2015

चतुर्थ न्यायाधीश मामले के नाम से प्रसिद्ध इस निर्णय में न्यायालय ने चार के विरुद्ध एक के बहुमत से कहा कि यह आयोग कार्यपालिका को न्यायाधीशों की नियुक्ति में प्रभाव देगा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता आधारभूत ढाँचे का अंग है, और इसलिए कॉलेजियम व्यवस्था पुनर्जीवित हो गई।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

आरक्षण पर पचास प्रतिशत की सीमा और क्रीमी लेयर को बाहर रखने का सिद्धांत किस निर्णय में दिया गया?

  1. A.मद्रास राज्य बनाम चंपकम दोराईराजन
  2. B.इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ
  3. C.एम नागराज बनाम भारत संघ
  4. D.मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ

नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 1992 में केंद्रीय सेवाओं में अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण को मान्य रखा, कुल आरक्षण पर सामान्यतः पचास प्रतिशत की सीमा नियत की और निर्देश दिया कि पिछड़े वर्गों में संपन्न लोग, यानी क्रीमी लेयर, बाहर रखे जाएँ।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

निजता को अनुच्छेद 21 से निकलने वाला मूल अधिकार किस मुकदमे में घोषित किया गया?

  1. A.श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ
  2. B.डी के बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य
  3. C.के एस पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ
  4. D.ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे नगर निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. के एस पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ

नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 2017 में सर्वसम्मति से कहा कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 के प्राण और वैयक्तिक स्वतंत्रता तथा भाग तीन की स्वतंत्रताओं में अंतर्निहित है, और एम पी शर्मा तथा खड़क सिंह मामलों के पुराने मत को पलट दिया।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

वर्ष 1997 के विशाखा निर्णय ने किस विषय पर दिशानिर्देश दिए?

  1. A.किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के समय पालन किए जाने वाले सुरक्षा उपाय
  2. B.कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न
  3. C.विचाराधीन कैदियों की रिहाई
  4. D.औद्योगिक प्रदूषण के लिए प्रतिकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न

विशाखा बनाम राजस्थान राज्य में न्यायालय ने इस विषय पर कोई कानून न होने के कारण नियोजकों के लिए बाध्यकारी दिशानिर्देश बनाए, जिनमें शिकायत समितियाँ भी थीं, और ये दिशानिर्देश तब तक लागू रहे जब तक संसद ने 2013 में उत्पीड़न के निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष का अधिनियम नहीं बनाया।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

एस आर बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) में सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्यतः किस अनुच्छेद के प्रयोग पर विचार किया?

  1. A.अनुच्छेद 352
  2. B.अनुच्छेद 356
  3. C.अनुच्छेद 360
  4. D.अनुच्छेद 365
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 356

नौ न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक पुनर्विलोकन के योग्य है, जिस सामग्री पर वह आधारित है वह सुसंगत होनी चाहिए, और सरकार का बहुमत राज्यपाल के प्रतिवेदन से आँकने के बजाय विधानसभा के पटल पर परखा जाना चाहिए।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

नवीं अनुसूची में रखे कानूनों को मिलने वाले संरक्षण के लिए 24 अप्रैल 1973 की कट ऑफ तिथि किस निर्णय ने नियत की?

  1. A.वामन राव बनाम भारत संघ
  2. B.इंदिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण
  3. C.एस पी गुप्ता बनाम भारत संघ
  4. D.बेरुबाड़ी संघ मामला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वामन राव बनाम भारत संघ

वर्ष 1981 के इस निर्णय ने कहा कि 24 अप्रैल 1973, अर्थात केशवानंद भारती निर्णय के दिन, से पहले नवीं अनुसूची में रखे कानून संरक्षित रहेंगे, जबकि उसके बाद जोड़े गए कानूनों की आधारभूत ढाँचे को क्षति के आधार पर जाँच हो सकती है, और यही मत 2007 में आई…

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