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GK24

भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 2

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

82 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q21.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Jan 2023, Shift 4आसान

भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार _______ के पास है।

  1. A.भारतीय स्टेट बैंक
  2. B.सिक्योरिटीज बैंक
  3. C.विश्व बैंक
  4. D.भारतीय रिजर्व बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारतीय रिजर्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है D, भारतीय रिजर्व बैंक। RBI अधिनियम, 1934 की धारा 22 के तहत भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार रिजर्व बैंक को है। RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई और 1949 में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ। नोट जारी करने के लिए यह न्यूनतम आरक्षित प्रणाली अपनाता है, जिसमें कम से कम ₹200 करोड़ का सोना और विदेशी परिसंपत्तियां रखनी होती हैं, जिनमें ₹115 करोड़ का सोना जरूरी है। एक छोटा अपवाद याद रखें: एक रुपये का नोट और सभी सिक्के भारत सरकार वित्त मंत्रालय के जरिए जारी करती है, RBI केवल उन्हें चलन में लाता है। A गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है, पर वह मुद्रा नहीं छाप सकता। B गलत है क्योंकि भारत में 'सिक्योरिटीज बैंक' नाम की किसी संस्था को मुद्रा जारी करने का अधिकार नहीं है। C गलत है क्योंकि विश्व बैंक वाशिंगटन डी.सी. में स्थित अंतरराष्ट्रीय ऋणदाता है और किसी देश की मुद्रा जारी नहीं करता। परीक्षा टिप: एक रुपये के नोट को छोड़कर सभी नोट RBI जारी करता है; एक रुपये का नोट और सिक्के भारत सरकार जारी करती है।

Q22.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 3 Oct 2023, Shift 1मध्यम

भारत के वित्त आयोग के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.अशोक कुमार चंदा
  2. B.के. सी. नियोगी
  3. C.के. संथानम
  4. D.पी. वी. राजमन्नार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. के. सी. नियोगी

व्याख्या

सही उत्तर है B, के. सी. नियोगी। क्षितिश चंद्र नियोगी पहले वित्त आयोग के अध्यक्ष थे, जिसे राष्ट्रपति ने नवंबर 1951 में गठित किया और जिसने 1952 में 1952 से 1957 की अवधि के लिए रिपोर्ट दी। वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के तहत एक संवैधानिक निकाय है। यह हर पाँच वर्ष में, या ज़रूरत हो तो पहले, एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्यों के साथ बनता है, और सुझाव देता है कि केंद्र द्वारा वसूले गए करों का राज्यों के साथ बँटवारा कैसे हो और सहायता अनुदान कैसे दिए जाएँ। इसके सदस्यों की योग्यताएँ वित्त आयोग (विविध उपबंध) अधिनियम, 1951 में तय हैं। नियोगी पहले संविधान सभा के सदस्य और नेहरू के पहले मंत्रिमंडल में मंत्री रहे थे। A गलत है क्योंकि अशोक कुमार चंदा तीसरे वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। C गलत है क्योंकि के. संथानम दूसरे वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। D गलत है क्योंकि पी. वी. राजमन्नार चौथे वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: पहले चार अध्यक्ष क्रम से नियोगी, संथानम, चंदा, राजमन्नार; वित्त आयोग का अनुच्छेद 280 है।

Q23.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 3 Oct 2023, Shift 3मध्यम

किस प्रकार के कर में सीमांत कर दर औसत कर दर से अधिक होती है?

  1. A.अधोगामी (डिग्रेसिव)
  2. B.आनुपातिक
  3. C.प्रतिगामी
  4. D.प्रगतिशील
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्रगतिशील

व्याख्या

सही उत्तर है D, प्रगतिशील। प्रगतिशील कर में आय बढ़ने के साथ दर भी बढ़ती है, इसलिए हर अतिरिक्त रुपये पर पिछले रुपयों से ऊँची दर लगती है। सीमांत दर अंतिम कमाए गए रुपये पर लगने वाला कर है, और औसत दर कुल कर को कुल आय से भाग देने पर मिलती है। जब हर नए स्लैब की दर ऊँची हो, तो सीमांत दर औसत से ऊपर रहती है। भारत का आयकर, जिसके स्लैब शून्य से 30 प्रतिशत तक जाते हैं, इसका रोज़ का उदाहरण है। A गलत है क्योंकि अधोगामी कर केवल हल्का प्रगतिशील होता है: इसकी दर धीरे बढ़ती है और फिर एक सपाट दर पर रुक जाती है, इसलिए इसे प्रगतिशील कर का कमज़ोर रूप माना जाता है। B गलत है क्योंकि आनुपातिक कर हर आय पर एक ही दर लेता है, इसलिए सीमांत और औसत दर बराबर रहती हैं। C गलत है क्योंकि प्रतिगामी कर में आय बढ़ने पर दर घटती है, इसलिए सीमांत दर औसत से कम रहती है। परीक्षा टिप: सीमांत औसत से ऊपर = प्रगतिशील, बराबर = आनुपातिक, नीचे = प्रतिगामी।

Q24.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (II) 2023, 3 Sep 2023मध्यम

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में, विधायिका द्वारा मांगों पर मतदान होने तक, भारत सरकार की अस्थायी और चालू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कार्यपालिका को एक अग्रिम अनुदान दिया जाता है। इसे क्या कहा जाता है?

  1. A.प्रत्यय अनुदान (वोट ऑफ क्रेडिट)
  2. B.लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट)
  3. C.विनियोग विधेयक
  4. D.अग्रिम लेखा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट)

व्याख्या

सही उत्तर है B, लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट)। यह वह अग्रिम अनुदान है जो लोक सभा देती है ताकि पूरा बजट पारित होने तक सरकार 1 अप्रैल से खर्च चला सके। संविधान का अनुच्छेद 116 इसकी अनुमति देता है। संसद की मंजूरी के बिना भारत की संचित निधि से पैसा नहीं निकल सकता, इसलिए यह अनुदान बीच की कमी पूरी करता है। यह आमतौर पर दो महीने, यानी साल के अनुमानों के लगभग छठे हिस्से के लिए होता है। 2017 में बजट 1 फरवरी पर आने के बाद लेखानुदान मुख्यतः चुनावी वर्ष में दिखता है, जब जाने वाली सरकार पूरा बजट नई लोक सभा पर छोड़ती है। A गलत है, प्रत्यय अनुदान भी अनुच्छेद 116 में है, पर यह ऐसी अप्रत्याशित जरूरत के लिए 'खाली चेक' है जिसका विस्तार से ब्योरा न दिया जा सके। C गलत है, अनुच्छेद 114 का विनियोग विधेयक मांगों पर मतदान के बाद संचित निधि से धन निकालने की अनुमति देता है। D गलत है, अग्रिम लेखा संविधान का कोई बजट शब्द नहीं है। परीक्षा टिप: लेखानुदान सरकार चलाता है, प्रत्यय अनुदान खाली चेक है; दोनों अनुच्छेद 116 में।

Q25.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023कठिन

मिश्रित संदर्भ अवधि पर आधारित मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (MPCE) के रूप में गरीबी की गणना की सिफारिश किसने की थी?

  1. A.लकड़ावाला समिति
  2. B.तेंदुलकर समिति
  3. C.दांडेकर समिति
  4. D.अलघ समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेंदुलकर समिति

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेंदुलकर समिति। सुरेश तेंदुलकर की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञ समूह ने 2009 की अपनी रिपोर्ट में मिश्रित संदर्भ अवधि पर आधारित MPCE से गरीबी मापने की सिफारिश की। इस पद्धति में कभी-कभार खरीदी जाने वाली पांच चीजों, यानी कपड़े, जूते, टिकाऊ वस्तुएं, शिक्षा और संस्थागत चिकित्सा पर खर्च पिछले 365 दिनों का लिया जाता है, और बाकी सब चीजों पर पिछले 30 दिनों का। तेंदुलकर समिति ने पुराने कैलोरी मानक को छोड़ा और गांव व शहर के लिए एक ही गरीबी रेखा टोकरी अपनाई, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा का खर्च भी शामिल था। इसी पद्धति से 2011-12 में भारत का गरीबी अनुपात 21.9 प्रतिशत निकला। A गलत है, 1993 के लकड़ावाला समूह ने एकसमान संदर्भ अवधि और राज्यवार गरीबी रेखाएं अपनाईं। C गलत है, 1971 के दांडेकर और रथ अध्ययन ने प्रतिदिन 2,250 कैलोरी को गरीबी का आधार बनाया। D गलत है, 1979 के अलघ कार्यबल ने गांव के लिए 2,400 और शहर के लिए 2,100 कैलोरी का मानक तय किया। परीक्षा टिप: अलघ 1979 कैलोरी, लकड़ावाला 1993 URP, तेंदुलकर 2009 MRP, रंगराजन 2014।

Q26.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

सरकार द्वारा घाटे के खर्च के कारण निजी निवेश व्यय में होने वाले संकुचन को क्या कहा जाता है?

  1. A.बहिर्गमन प्रभाव (क्राउडिंग आउट)
  2. B.अंतर्गमन प्रभाव (क्राउडिंग इन)
  3. C.पंप प्राइमिंग
  4. D.पाटन (डंपिंग)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बहिर्गमन प्रभाव (क्राउडिंग आउट)

व्याख्या

सही उत्तर है A, बहिर्गमन प्रभाव (क्राउडिंग आउट)। जब सरकार घाटे में चलती है, तो वह बचत के उसी भंडार से भारी उधार लेती है जिससे निजी कंपनियां कर्ज लेती हैं; इससे ब्याज दरें बढ़ती हैं और निजी निवेश घट जाता है। सरकारी उधार से निजी खर्च के इस तरह बाहर धकेले जाने को क्राउडिंग आउट प्रभाव कहते हैं। ऊंचे राजकोषीय घाटे के खिलाफ यही मुख्य तर्क है: अगर सरकार ज्यादातर बचत ले लेती है, तो व्यवसायों के लिए कर्ज महंगा होता है, और वे कम निवेश करते हैं। इसीलिए भारत में FRBM अधिनियम, 2003 जैसे नियम घाटे पर लगाम रखते हैं। B गलत है, क्राउडिंग इन इसका उलटा है, जब सड़क, बंदरगाह जैसे सरकारी खर्च से निजी निवेश बढ़ता है। C गलत है, पंप प्राइमिंग मंदी में मांग फिर से जगाने के लिए सरकारी खर्च को कहते हैं, निजी निवेश की कमी को नहीं। D गलत है, डंपिंग का अर्थ निर्यात को घरेलू कीमत या लागत से कम पर विदेश में बेचना है, जिस पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगता है। परीक्षा टिप: घाटे का उधार, ऊंची ब्याज दर, कम निजी निवेश, यानी क्राउडिंग आउट।

Q27.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023आसान

भारत की किस पंचवर्षीय योजना में तीव्र औद्योगीकरण पर आधारित विकास प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया गया?

  1. A.पहली पंचवर्षीय योजना
  2. B.दूसरी पंचवर्षीय योजना
  3. C.पाँचवीं पंचवर्षीय योजना
  4. D.सातवीं पंचवर्षीय योजना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दूसरी पंचवर्षीय योजना

व्याख्या

सही उत्तर है B, दूसरी पंचवर्षीय योजना। दूसरी योजना (1956 से 1961) सांख्यिकीविद् पी. सी. महालनोबिस के मॉडल पर बनी थी और इसका लक्ष्य तेज़ औद्योगीकरण था, जिसमें इस्पात, मशीनरी और रसायन जैसे भारी और आधारभूत उद्योगों पर ज़ोर दिया गया, इस विश्वास से कि मशीनें बनाने वाली मशीनें विकास तेज़ करेंगी। भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर के तीन सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र, जो सोवियत, जर्मन और ब्रिटिश सहयोग से बने, इसी योजना के हैं, और 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्ताव ने सार्वजनिक क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की कमान सौंपी। योजना विदेशी मुद्रा संकट में फँसी और 4.5 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। A, पहली योजना (1951 से 1956) हैरोड-डोमर मॉडल पर थी और कृषि, सिंचाई व बिजली को प्राथमिकता देती थी। C, पाँचवीं योजना (1974 से 1979) गरीबी हटाओ के नारे के साथ गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित थी। D, सातवीं योजना (1985 से 1990) में भोजन, काम और उत्पादकता पर ज़ोर था। परीक्षा टिप: दूसरी योजना = महालनोबिस मॉडल = भारी उद्योग = भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर।

Q28.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 10 May 2023, Shift 3आसान

भारत में वित्तीय वर्ष की अवधि क्या है?

  1. A.किसी वर्ष की 1 अप्रैल से अगले वर्ष की 31 मार्च तक
  2. B.उसी वर्ष की 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक
  3. C.उसी वर्ष की 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक
  4. D.किसी वर्ष की 1 जनवरी से अगले वर्ष की 31 दिसंबर तक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. किसी वर्ष की 1 अप्रैल से अगले वर्ष की 31 मार्च तक

व्याख्या

सही उत्तर है A, किसी वर्ष की 1 अप्रैल से अगले वर्ष की 31 मार्च तक। भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है, इसलिए 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाला वर्ष 2025-26 लिखा जाता है। केंद्रीय बजट, सरकारी खाते, आयकर और कंपनियों के खाते सब इसी अवधि पर चलते हैं। अप्रैल से मार्च का यह चक्र भारत को 1867 में ब्रिटिश व्यवस्था से मिला; उससे पहले सरकारी वर्ष मई से अप्रैल तक चलता था। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है ताकि 1 अप्रैल से नया वर्ष मंजूर हुए धन के साथ शुरू हो सके। B गलत है क्योंकि कोई वर्ष केवल नौ महीने का नहीं हो सकता। C गलत है क्योंकि जनवरी से दिसंबर कैलेंडर वर्ष है, जिसे कुछ देश अपनाते हैं पर भारत के सरकारी वित्त में नहीं। D गलत है क्योंकि यह दो साल की अवधि बताता है, जो किसी वित्तीय वर्ष में नहीं होती। परीक्षा टिप: वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च; बजट 1 फरवरी को; निर्धारण वर्ष वित्तीय वर्ष के बाद आता है।

Q29.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 11 Aug 2023, Shift 1मध्यम

भारत में सभी मूल्यवर्ग के सिक्के कौन-सा मंत्रालय जारी करता है?

  1. A.विदेश मंत्रालय
  2. B.गृह मंत्रालय
  3. C.खान मंत्रालय
  4. D.वित्त मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वित्त मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर है D, वित्त मंत्रालय। सिक्का निर्माण अधिनियम 2011 के तहत सिक्के ढालने का अधिकार केवल भारत सरकार को है, और यह काम वित्त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग देखता है। सिक्के मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और नोएडा की चार भारत सरकार टकसालों में ढलते हैं, जिन्हें सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) चलाता है, और रिज़र्व बैंक आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 38 के तहत सरकार के एजेंट के रूप में सिर्फ उन्हें चलन में लाता है। इसी बँटवारे से समझ आता है कि एक रुपये के नोट पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं, जबकि दो रुपये और उससे ऊपर के नोट आरबीआई जारी करता है और उन पर गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि विदेश मंत्रालय विदेशी संबंध देखता है। विकल्प B गलत है क्योंकि गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा और पुलिस देखता है। विकल्प C गलत है क्योंकि खान मंत्रालय खनन और खनिजों से जुड़ा है, सिक्कों से नहीं। परीक्षा टिप: सिक्के और एक रुपये का नोट = भारत सरकार (वित्त मंत्रालय); दो रुपये और ऊपर के नोट = आरबीआई।

Q30.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 26 Jul 2023, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सरकार की राजस्व प्राप्ति का उदाहरण है?

  1. A.सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिक्री से प्राप्तियाँ
  2. B.ऋणों की वसूली
  3. C.सरकार द्वारा वसूला गया जीएसटी
  4. D.जनता से उधार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सरकार द्वारा वसूला गया जीएसटी

व्याख्या

सही उत्तर है C, सरकार द्वारा वसूला गया जीएसटी। राजस्व प्राप्ति वह पैसा है जो सरकार को बिना कोई देनदारी बनाए और बिना कोई परिसंपत्ति बेचे मिलता है; जीएसटी, आयकर और उत्पाद शुल्क जैसे कर संग्रह, और ब्याज, लाभांश व शुल्क जैसी गैर-कर आय, सब इसी श्रेणी में आते हैं। पूँजीगत प्राप्ति इसका उल्टा है: वह या तो देनदारी बनाती है, जैसे उधार, या परिसंपत्ति घटाती है, जैसे शेयर बेचना। हर विकल्प पर यह दो-हिस्सों वाली कसौटी लगाइए, सिर्फ जीएसटी पास होता है। A, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिक्री, विनिवेश है, जो सरकार की परिसंपत्ति घटाता है, इसलिए यह पूँजीगत प्राप्ति है। B, ऋणों की वसूली, भी परिसंपत्ति घटाती है, यानी सरकार को मिलने वाला कर्ज़ खत्म होता है, इसलिए यह भी पूँजीगत है। D, जनता से उधार, ऐसी देनदारी बनाता है जो चुकानी होगी, यह सबसे साफ पूँजीगत प्राप्ति है। परीक्षा टिप: राजस्व प्राप्ति = कर और गैर-कर आय; पूँजीगत प्राप्ति = उधार, विनिवेश और ऋण वसूली।

Q31.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 26 Jul 2023, Shift 2मध्यम

सांविधिक तरलता अनुपात के तहत वाणिज्यिक बैंकों को __________ का एक अंश तरल परिसंपत्तियों के रूप में रखना होता है।

  1. A.चालू जमाएँ
  2. B.कुल माँग और सावधि जमाएँ
  3. C.सावधि जमाएँ
  4. D.बचत जमाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुल माँग और सावधि जमाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, कुल माँग और सावधि जमाएँ। सांविधिक तरलता अनुपात यानी SLR किसी बैंक की शुद्ध माँग और सावधि देनदारियों, यानी उसकी सभी माँग जमाओं और सावधि जमाओं को मिलाकर, का वह हिस्सा है जो उसे नकद, सोना या अनुमोदित सरकारी प्रतिभूतियों जैसी तरल परिसंपत्तियों में रखना होता है। यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 के तहत तय होता है, और बैंक ये परिसंपत्तियाँ अपने पास रखता है, जबकि नकद आरक्षित अनुपात यानी CRR भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत रिज़र्व बैंक के पास रखा जाने वाला नकद है। दोनों अनुपात एक ही आधार, यानी कुल जमाओं, पर तय होते हैं और दोनों RBI के ऐसे औज़ार हैं जिनसे वह बैंकों की उधार देने की क्षमता नियंत्रित करता है। A, चालू जमाएँ, माँग जमाओं का केवल एक हिस्सा हैं, इसलिए आधार बहुत छोटा हो जाएगा। C, सावधि जमाएँ, में माँग जमाएँ छूट जाती हैं। D, बचत जमाएँ, भी कुल का केवल एक टुकड़ा हैं। परीक्षा टिप: SLR और CRR दोनों शुद्ध माँग और सावधि देनदारियों के अंश हैं; SLR बैंक के पास तरल परिसंपत्तियों में रहता है, CRR नकद में RBI के पास जाता है।

Q32.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 26 Jul 2023, Shift 2आसान

किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर ऋण सुविधाएँ सुव्यवस्थित करने के लिए 1982 में निम्नलिखित में से कौन-सी संस्था स्थापित की गई थी?

  1. A.NEDFI
  2. B.NABARD
  3. C.IFCI
  4. D.SIDBI
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. NABARD

व्याख्या

सही उत्तर है B, NABARD। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना 12 जुलाई 1982 को संसद के अधिनियम से, शिवरामन समिति (CRAFICARD) की सिफारिश पर, ग्रामीण और कृषि ऋण की शीर्ष संस्था के रूप में हुई। इसने रिज़र्व बैंक का कृषि ऋण से जुड़ा काम और पूरा कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम अपने हाथ में ले लिया। इसका मुख्यालय मुंबई में है, यह सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पुनर्वित्त देता है और ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष चलाता है। साल 1982 और "किसान" तथा "राष्ट्रीय स्तर" शब्द मिलकर सिर्फ NABARD की ओर इशारा करते हैं। A, NEDFI यानी पूर्वोत्तर विकास वित्त निगम, 1995 में पूर्वोत्तर की परियोजनाओं के लिए बना। C, IFCI यानी भारतीय औद्योगिक वित्त निगम, भारत का पहला विकास बैंक था, जो 1948 में उद्योग के लिए बना, किसानों के लिए नहीं। D, SIDBI यानी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, 1990 में लखनऊ में छोटे और मझोले उद्यमों के लिए शुरू हुआ। परीक्षा टिप: IFCI 1948, NABARD 1982, SIDBI 1990, NEDFI 1995।

Q33.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

उपभोक्ता सिद्धांत यह बताता है कि लोग अपना ______ खर्च करने का निर्णय कैसे लेते हैं।

  1. A.समय
  2. B.संबंध
  3. C.ऊर्जा
  4. D.धन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धन

व्याख्या

सही उत्तर है D, धन। उपभोक्ता सिद्धांत इस बात का अध्ययन करता है कि कोई परिवार उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं पर अपना धन किस प्रकार खर्च करने का निर्णय लेता है।

यह सिद्धांत तीन बातों पर आधारित है, उपभोक्ता की आवश्यकताएँ, वस्तुओं की कीमतें और हाथ में उपलब्ध आय, जिसे बजट सीमा कहा जाता है। आय सीमित होने के कारण उपभोक्ता वही संयोजन चुनता है जिससे खर्च किए धन पर सर्वाधिक संतुष्टि या उपयोगिता प्राप्त हो, और जब खर्च के किसी भी फेरबदल से संतुष्टि नहीं बढ़ सके तो उसे उपभोक्ता संतुलन कहा जाता है। घटती सीमांत उपयोगिता का नियम, तटस्थता वक्र और माँग का नियम सूक्ष्म अर्थशास्त्र की इसी शाखा में आते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि समय के उपयोग का अध्ययन श्रम और अवकाश के चयन के रूप में अलग किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि संबंध सामाजिक विषय हैं, आर्थिक चयन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यहाँ ऊर्जा का कोई आर्थिक अर्थ नहीं बनता।

परीक्षा टिप: उपभोक्ता सिद्धांत आवश्यकता, कीमत और आय को जोड़कर माँग वक्र की व्याख्या करता है।

Q34.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 2आसान

दिए गए क्षेत्रों में से कौन-सा मुख्यतः सामाजिक कल्याण की भावना से संचालित होता है?

  1. A.विदेशी
  2. B.सहकारी
  3. C.सार्वजनिक
  4. D.निजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सार्वजनिक

व्याख्या

सही उत्तर है C, सार्वजनिक। सार्वजनिक क्षेत्र सरकार के स्वामित्व और संचालन में रहता है और इसका मुख्य लक्ष्य लाभ नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण होता है। रेल, बिजली, पेयजल, विद्यालय और अस्पताल जैसी सेवाओं में भारी पूँजी लगती है और प्रतिफल धीरे मिलता है, इसलिए निजी कंपनियाँ इनसे दूर रहती हैं; सरकार इन्हें ऐसे दामों पर देती है जो आम लोग चुका सकें। सार्वजनिक क्षेत्र का उपयोग क्षेत्रीय असंतुलन घटाने और रोजगार बढ़ाने में भी होता है। भारत में 1956 के औद्योगिक नीति संकल्प के बाद इसका विस्तार हुआ, जिसने आधारभूत उद्योगों में राज्य को अग्रणी भूमिका दी। विकल्प A गलत है, क्योंकि विदेशी क्षेत्र सीमापार व्यापार और निवेश से जुड़ा है और प्रतिफल देखकर चलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सहकारी क्षेत्र अपने सदस्यों के स्वामित्व में होता है और मुख्यतः उनके हित में काम करता है, पूरे समाज के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि निजी क्षेत्र व्यक्तियों और कंपनियों का होता है, जिनका मुख्य उद्देश्य लाभ है। परीक्षा टिप: सार्वजनिक क्षेत्र = सरकारी स्वामित्व और कल्याण भावना; निजी क्षेत्र = निजी स्वामित्व और लाभ भावना।

Q35.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय आय के आकलन की विधियों में से एक नहीं है?

  1. A.बैंकिंग विधि
  2. B.व्यय विधि
  3. C.उत्पाद विधि
  4. D.आय विधि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैंकिंग विधि

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैंकिंग विधि। राष्ट्रीय आय का आकलन तीन मान्य विधियों से होता है — उत्पाद या मूल्य-वर्धित विधि, आय विधि और व्यय विधि। बैंकिंग विधि नाम की कोई विधि नहीं होती। उत्पाद विधि में हर उत्पादक इकाई द्वारा जोड़ा गया मूल्य जोड़ा जाता है, जिससे मध्यवर्ती वस्तुओं की दोहरी गिनती नहीं होती। आय विधि में उत्पादन के साधनों को मिलने वाले वेतन, किराया, ब्याज और लाभ जोड़े जाते हैं। व्यय विधि में निजी उपभोग, निवेश, सरकारी खर्च और शुद्ध निर्यात जोड़े जाते हैं। भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय तीनों विधियों का प्रयोग करता है और आँकड़ों की आपसी जाँच करता है, क्योंकि सिद्धांत रूप में तीनों से एक ही योग निकलना चाहिए। विकल्प B गलत है, क्योंकि व्यय विधि मान्य विधि है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कृषि और उद्योग के अनुमान उत्पाद विधि पर ही टिके हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेवा क्षेत्र के लिए मुख्यतः आय विधि अपनाई जाती है। परीक्षा टिप: याद रखें — उत्पाद = आय = व्यय।

Q36.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1मध्यम

शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद की गणना _________ में से मूल्यह्रास घटाकर की जा सकती है।

  1. A.प्रत्यक्ष कर
  2. B.सकल घरेलू उत्पाद
  3. C.सकल राष्ट्रीय उत्पाद
  4. D.राष्ट्रीय आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सकल राष्ट्रीय उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर है C, सकल राष्ट्रीय उत्पाद। शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद सकल राष्ट्रीय उत्पाद में से मूल्यह्रास घटाकर निकाला जाता है, अर्थात NNP = GNP − मूल्यह्रास। मूल्यह्रास, जिसे स्थिर पूँजी का उपभोग भी कहते हैं, वर्ष भर में मशीनों, भवनों और अन्य पूँजीगत वस्तुओं के घिसने-टूटने का मूल्य है; इसे घटाने पर पता चलता है कि राष्ट्र के पास वास्तव में कितना उत्पादन शेष रहा। सकल राष्ट्रीय उत्पाद स्वयं सकल घरेलू उत्पाद में विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय जोड़कर बनता है, इसलिए इसमें देश के निवासियों की कमाई चाहे वे कहीं भी काम करें, शामिल रहती है। जब शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद साधन लागत पर मापा जाता है, तब वही राष्ट्रीय आय कहलाता है। A गलत है क्योंकि प्रत्यक्ष कर सरकार की आय का रूप है, उत्पादन का समुच्चय नहीं। B गलत है क्योंकि सकल घरेलू उत्पाद में से मूल्यह्रास घटाने पर शुद्ध घरेलू उत्पाद मिलता है। D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय आय इस गणना का परिणाम है, आरंभ बिंदु नहीं। परीक्षा टिप: GDP + विदेशों से शुद्ध साधन आय = GNP; GNP − मूल्यह्रास = NNP; साधन लागत पर NNP = राष्ट्रीय आय।

Q37.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 June 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा 'पूंजीगत प्राप्तियाँ' शब्द की सही व्याख्या है?

  1. A.वे प्राप्तियाँ जो सरकार पर कोई दावा उत्पन्न नहीं करतीं
  2. B.सरकार की वे प्राप्तियाँ जो देयता उत्पन्न करती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाती हैं
  3. C.राज्य सरकारों तथा अन्य पक्षों को दिए गए अनुदानों की प्राप्तियाँ
  4. D.सरकार की वे प्राप्तियाँ जिनसे वित्तीय देयताओं में कमी आती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकार की वे प्राप्तियाँ जो देयता उत्पन्न करती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाती हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकार की वे प्राप्तियाँ जो देयता उत्पन्न करती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाती हैं। केंद्रीय बजट में सरकार के पास आने वाला धन राजस्व प्राप्तियों और पूंजीगत प्राप्तियों में बाँटा जाता है, और यही इसकी कसौटी है। बाजार से लिया गया ऋण, रिजर्व बैंक या विदेशों से लिया गया कर्ज तथा लघु बचत और भविष्य निधि की राशि देयता उत्पन्न करती है, क्योंकि यह धन लौटाना पड़ता है। दूसरी ओर पहले दिए गए ऋणों की वसूली और सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों का विनिवेश सरकार की वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाते हैं। ये दोनों ही पूंजीगत प्राप्तियाँ हैं और पूंजी खाते में दिखाई जाती हैं। A गलत है क्योंकि जिन प्राप्तियों से सरकार पर कोई दावा नहीं बनता, वे राजस्व प्राप्तियाँ होती हैं, जैसे कर, शुल्क, जुर्माना और लाभांश। C गलत है क्योंकि राज्यों को दिया गया अनुदान केंद्र के लिए व्यय है, प्राप्ति नहीं। D गलत है क्योंकि यह नियम को उलट देता है; पूंजीगत प्राप्तियाँ देयता बढ़ाती हैं, घटाती नहीं। परीक्षा टिप: पूंजीगत प्राप्तियाँ = उधार + ऋणों की वसूली + विनिवेश।

Q38.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1मध्यम

भारत का सर्वप्रथम औद्योगिक नीति संकल्प (इंडस्ट्रियल पॉलिसी रेजोल्यूशन) किस वर्ष घोषित किया गया था?

  1. A.1952
  2. B.1955
  3. C.1948
  4. D.1960
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1948

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1948। भारत का पहला औद्योगिक नीति संकल्प 6 अप्रैल 1948 को पहले उद्योग मंत्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने घोषित किया था। इस संकल्प ने नए राष्ट्र के लिए मिश्रित अर्थव्यवस्था को स्वीकार किया और उद्योगों को चार वर्गों में बाँटा: पहला, जो पूरी तरह राज्य के अधिकार में रहे जैसे अस्त्र-शस्त्र, परमाणु ऊर्जा और रेलवे; दूसरा, जिनमें नई इकाइयाँ केवल राज्य लगाएगा; तीसरा, जो राज्य के नियमन में चलेंगे; और चौथा, जो निजी क्षेत्र के लिए खुला रहेगा। A गलत है क्योंकि 1952 को देश के पहले आम चुनाव के लिए याद किया जाता है, किसी औद्योगिक नीति के लिए नहीं। B गलत है क्योंकि दूसरा औद्योगिक नीति संकल्प 1956 में आया था, 1955 में नहीं। D गलत है क्योंकि 1960 में कोई संकल्प जारी नहीं हुआ; इसके बाद की बड़ी घोषणाएँ 1977, 1980 और 1991 में हुईं। परीक्षा टिप: पहला संकल्प 1948, 1956 का संकल्प भारत का आर्थिक संविधान कहलाता है, और 1991 की नीति ने अर्थव्यवस्था को खोला।

Q39.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

‘महारत्न’, ‘नवरत्न’ और ‘लघुरत्न (मिनीरत्न)’ भारत में किसका वर्गीकरण है?

  1. A.विशेष आर्थिक क्षेत्र
  2. B.नागरिक सम्मान
  3. C.सरकारी क्षेत्र एकक
  4. D.खनिज समृद्ध क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सरकारी क्षेत्र एकक

व्याख्या

सही उत्तर है C, सरकारी क्षेत्र एकक। महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न वे दर्जे हैं, जो भारत सरकार केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को उनके आकार, मुनाफ़े और प्रदर्शन के आधार पर देती है। नवरत्न और मिनीरत्न योजनाएँ 1997 में शुरू हुईं, और बाद में सबसे बड़ी तथा सबसे अधिक मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनियों के लिए सबसे ऊँचा दर्जा महारत्न जोड़ा गया। दर्जा जितना ऊँचा, वित्तीय आज़ादी उतनी ज़्यादा: महारत्न कंपनी का बोर्ड हर परियोजना के लिए सरकार के पास गए बिना बहुत बड़े निवेश को खुद मंज़ूरी दे सकता है। इसका उद्देश्य है कि मज़बूत सरकारी कंपनियाँ निजी कंपनियों की तरह प्रतिस्पर्धा करें और देश-विदेश में विस्तार करें। विकल्प A गलत है, क्योंकि विशेष आर्थिक क्षेत्र खास व्यापार और कर नियमों वाले इलाके हैं, कंपनियों की श्रेणी नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारत के नागरिक सम्मान भारत रत्न और पद्म पुरस्कार हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि खनिज समृद्ध क्षेत्रों को ऐसे दर्जे नहीं दिए जाते। परीक्षा टिप: ऊपर से क्रम है महारत्न, नवरत्न, मिनीरत्न; तीनों केंद्रीय पीएसयू की श्रेणियाँ हैं।

Q40.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 2आसान

सामान्यतया निम्नलिखित में से किसे भूमंडलीकरण का परिणाम नहीं माना जाता है?

  1. A.प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
  2. B.बहुपक्षीय व्यापार समझौते
  3. C.आउटसोर्सिंग
  4. D.शुल्क अवरोध
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. शुल्क अवरोध

व्याख्या

सही उत्तर है D, शुल्क अवरोध। भूमंडलीकरण का अर्थ है व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों की आवाजाही के ज़रिए देशों का आपस में जुड़ते जाना, और यह व्यापार की रुकावटें घटाकर होता है, बढ़ाकर नहीं। शुल्क अवरोध यानी टैरिफ़ आयात पर लगाया गया कर है, जो देश के उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए होता है, इसलिए यह व्यापार को खोलने के बजाय रोकता है। भारत में 1991 के सुधारों, जिन्हें एलपीजी यानी उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण कहा जाता है, ने आयात शुल्क बहुत घटाए और अर्थव्यवस्था को विदेशी कंपनियों के लिए खोला। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, जिसमें कोई कंपनी दूसरे देश में कारोबार लगाती या खरीदती है, देशों के खुलने के साथ बढ़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विश्व व्यापार संगठन के तहत होने वाले बहुपक्षीय व्यापार समझौते भूमंडलीकरण का मुख्य साधन हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि विदेशी कंपनियों के लिए भारत में होने वाला आईटी और कॉल-सेंटर का काम, यानी आउटसोर्सिंग, सीधे भूमंडलीकरण और सस्ते संचार से बढ़ा। परीक्षा टिप: भूमंडलीकरण से टैरिफ़ और कोटा घटते हैं तथा एफडीआई, व्यापार और आउटसोर्सिंग बढ़ते हैं; डब्ल्यूटीओ ने 1 जनवरी 1995 को गैट की जगह ली।