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GK24

भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 3

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

82 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q41.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 26 Aug 2022, Shift 3मध्यम

भारत के योजना आयोग के पहले उपाध्यक्ष कौन थे?

  1. A.वल्लभभाई झावेरभाई पटेल
  2. B.गुलज़ारीलाल नंदा
  3. C.के. सी. नियोगी
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गुलज़ारीलाल नंदा

व्याख्या

सही उत्तर है B, गुलज़ारीलाल नंदा। गुलज़ारीलाल नंदा 1950 में योजना आयोग के काम शुरू करते समय उसके पहले उपाध्यक्ष बने; बाद में वे दो बार, 1964 और 1966 में, कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी बने। योजना आयोग 15 मार्च 1950 को मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव से बना था और प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते थे; यह न संवैधानिक निकाय था न वैधानिक। नंदा केंद्रीय योजना मंत्री भी रहे और 1997 में उन्हें भारत रत्न मिला। 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह नीति आयोग ने ले ली। A गलत है क्योंकि सरदार पटेल उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे और योजना आयोग में कभी नहीं रहे। C गलत है क्योंकि के. सी. नियोगी 1951 में पहले वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। D गलत है क्योंकि नेहरू प्रधानमंत्री के नाते योजना आयोग के अध्यक्ष थे, उपाध्यक्ष नहीं। परीक्षा टिप: योजना आयोग 1950, अध्यक्ष = प्रधानमंत्री, पहले उपाध्यक्ष = गुलज़ारीलाल नंदा; 1 जनवरी 2015 से नीति आयोग।

Q42.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Aug 2022, Shift 1मध्यम

भारत सरकार ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम किस वर्ष पारित किया?

  1. A.1966
  2. B.1976
  3. C.1986
  4. D.1996
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1976

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1976। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 के तहत स्थापित हुए, जब 1975 के नरसिम्हम कार्यदल ने गाँवों के पास छोटे बैंक खोलने की सिफारिश की। पहला RRB, प्रथमा बैंक, 2 अक्टूबर 1975 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक अध्यादेश के तहत खुला और 1976 में अधिनियम आया। हर RRB को कोई वाणिज्यिक बैंक प्रायोजित करता है, और उसकी पूँजी में केंद्र का 50 प्रतिशत, प्रायोजक बैंक का 35 प्रतिशत और राज्य सरकार का 15 प्रतिशत हिस्सा होता है। इनका उद्देश्य छोटे किसानों, कारीगरों और ग्रामीण मजदूरों को ऋण देना है, और नाबार्ड इनकी निगरानी करता है। A गलत है क्योंकि 1966 में ग्रामीण ऋण अब भी सहकारी समितियों पर टिका था; RRB का कोई कानून नहीं था। C गलत है क्योंकि 1986 में ऐसा कोई अधिनियम नहीं बना। D गलत है क्योंकि 1996 अधिनियम के बहुत बाद का वर्ष है, पारित होने का नहीं। परीक्षा टिप: RRB अधिनियम 1976; पहला RRB प्रथमा बैंक, 2 अक्टूबर 1975; पूँजी का बँटवारा केंद्र, प्रायोजक बैंक और राज्य में 50:35:15।

Q43.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022कठिन

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यदि मुद्रास्फीति बहुत अधिक है, तो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीद सकता है।

2. यदि रुपये का तेजी से अवमूल्यन हो रहा है, तो RBI बाजार में डॉलर बेच सकता है।

3. यदि संयुक्त राज्य अमेरिका या यूरोपीय संघ में ब्याज दरें गिरती हैं, तो इससे RBI डॉलर खरीदने के लिए प्रेरित हो सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। डॉलर बेचने से गिरते रुपये को सहारा मिलता है और डॉलर खरीदने से भारी आवक सोखी जाती है, लेकिन महँगाई से लड़ने के लिए RBI प्रतिभूतियाँ खरीदता नहीं, बेचता है। खुले बाजार की क्रियाओं में सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदने से व्यवस्था में रुपये आते हैं और महँगाई बढ़ती है, इसलिए ऊँची मुद्रास्फीति में RBI प्रतिभूतियाँ बेचकर पैसा वापस खींचता है। यानी कथन 1 गलत है। जब रुपया तेजी से गिरता है, RBI अपने भंडार से डॉलर बेचता है, जिससे डॉलर की आपूर्ति बढ़ती है और रुपया संभलता है, इसलिए कथन 2 सही है। जब अमेरिका या यूरोपीय संघ में ब्याज दरें गिरती हैं, निवेशक बेहतर रिटर्न के लिए भारत में पैसा लाते हैं; डॉलर की आवक से रुपया चढ़ता है, और RBI तेज मजबूती रोकने व भंडार बढ़ाने के लिए डॉलर खरीदता है, इसलिए कथन 3 सही है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कथन 1 है। विकल्प C भी इसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है। परीक्षा टिप: ऊँची महँगाई तो बॉन्ड बेचो; कमजोर रुपया तो डॉलर बेचो; भारी आवक तो डॉलर खरीदो।

Q44.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 9 Nov 2022, Shift 2आसान

किस पंचवर्षीय योजना में नियोजन का ज़ोर कृषि से हटकर उद्योगों पर आ गया?

  1. A.तीसरी
  2. B.चौथी
  3. C.दूसरी
  4. D.पाँचवीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दूसरी

व्याख्या

सही उत्तर है C, दूसरी। दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) ने ज़ोर खेती से हटाकर तेज़ औद्योगीकरण, ख़ासकर भारी और आधारभूत उद्योगों पर डाला। यह सांख्यिकीविद् पी. सी. महालनोबिस के महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी, जिसका तर्क था कि मशीन बनाने वाले उद्योगों और इस्पात में निवेश से लंबे समय में तेज़ विकास होगा। इसी योजना में सार्वजनिक क्षेत्र के तीन इस्पात संयंत्र बने: सोवियत सहायता से भिलाई, पश्चिम जर्मनी की सहायता से राउरकेला और ब्रिटेन की सहायता से दुर्गापुर। पहली योजना (1951-56) ने हैरोड-डोमर मॉडल पर कृषि, सिंचाई और बिजली को प्राथमिकता दी थी। A गलत है क्योंकि तीसरी योजना (1961-66) का लक्ष्य आत्मनिर्भर, स्वतः स्फूर्त अर्थव्यवस्था था और उस पर 1962 व 1965 के युद्धों की मार पड़ी। B गलत है क्योंकि चौथी योजना (1969-74) का लक्ष्य स्थिरता के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की ओर क्रमिक प्रगति था। D गलत है क्योंकि पाँचवीं योजना (1974-79) का मुख्य लक्ष्य गरीबी हटाना था। परीक्षा टिप: पहली योजना खेती, दूसरी योजना कारखाने (महालनोबिस), पाँचवीं योजना गरीबी हटाओ।

Q45.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

भारतीय समाचारों में अक्सर उल्लिखित 'यूनिकॉर्न कंपनी' क्या है?

  1. A.कोई भी निजी स्वामित्व वाली स्टार्टअप कंपनी, जिसका मूल्य 1 अरब डॉलर से अधिक हो
  2. B.कोई भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, जिसका किसी दूसरी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में विलय होना हो
  3. C.घाटे में चल रही किसी भी सरकारी कंपनी का निजीकरण
  4. D.कोई भी विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनी, जो किसी भारतीय कंपनी के सहयोग से भारत में व्यापार करती हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कोई भी निजी स्वामित्व वाली स्टार्टअप कंपनी, जिसका मूल्य 1 अरब डॉलर से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है A, कोई भी निजी स्वामित्व वाली स्टार्टअप कंपनी, जिसका मूल्य 1 अरब डॉलर से अधिक हो। यूनिकॉर्न वह स्टार्टअप है जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है और जिसका मूल्यांकन एक अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है। यह शब्द 2013 में अमेरिकी वेंचर कैपिटलिस्ट ऐलीन ली ने दिया था; उन्होंने इस काल्पनिक जानवर का नाम इसलिए चुना क्योंकि उस समय ऐसे स्टार्टअप बहुत दुर्लभ थे। इसी तर्ज पर 10 अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले स्टार्टअप को डेकाकॉर्न और 100 अरब डॉलर से अधिक वाले को हेक्टोकॉर्न कहते हैं। IPO के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी सख्त अर्थ में यूनिकॉर्न नहीं रहती। B गलत है, एक सरकारी कंपनी का दूसरी में विलय, जैसे सरकारी बैंकों का विलय, एकीकरण कहलाता है। C गलत है, घाटे वाली सरकारी कंपनी को बेचना निजीकरण या विनिवेश है। D गलत है, भारतीय साझेदार के साथ काम करने वाली विदेशी कंपनी संयुक्त उद्यम बनाती है। परीक्षा टिप: यूनिकॉर्न, निजी स्टार्टअप, 1 अरब डॉलर से अधिक; डेकाकॉर्न, 10 अरब से अधिक।

Q46.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA (I) 2022, 10 Apr 2022मध्यम

स्वतंत्र भारत में नियोजन (Planning) का विचार कहाँ से लिया गया?

  1. A.बॉम्बे प्लान से
  2. B.किसानों की माँग से
  3. C.मज़दूर संघों की माँग से
  4. D.भारत के भविष्य की गांधीवादी दृष्टि से
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बॉम्बे प्लान से

व्याख्या

सही उत्तर है A, बॉम्बे प्लान से। 1944 का बॉम्बे प्लान आठ लोगों के समूह ने तैयार किया था, जिनमें अधिकतर प्रमुख उद्योगपति थे, जैसे जे. आर. डी. टाटा, जी. डी. बिड़ला, पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास, लाला श्रीराम और कस्तूरभाई लालभाई, और जॉन मथाई भी इनमें शामिल थे। इसमें पंद्रह वर्ष की योजना का प्रस्ताव था जिससे प्रति व्यक्ति आय दोगुनी और राष्ट्रीय आय तिगुनी हो, भारी उद्योग और बुनियादी ढाँचे में राज्य अगुआई करे और निजी क्षेत्र उसके मार्गदर्शन में काम करे। इससे पता चला कि बड़े उद्योगपति भी चाहते थे कि राज्य अर्थव्यवस्था का नियोजन करे और बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र चलाए; इसी सहमति से 1950 का योजना आयोग और मिश्रित अर्थव्यवस्था का मॉडल बना। B, किसानों की माँग, और C, मज़दूर संघों की माँग, नियोजन के विचार का स्रोत नहीं थीं; योजनाएँ इन वर्गों की सेवा के लिए बनीं। D, गांधीवादी दृष्टि ग्राम उद्योग और विकेंद्रीकरण पर बल देती थी और 1944 में श्रीमन नारायण अग्रवाल के गांधीवादी प्लान में अलग से रखी गई। परीक्षा टिप: बॉम्बे प्लान 1944 आठ उद्योगपति; जन योजना 1945 एम. एन. रॉय; गांधीवादी योजना 1944 श्रीमन नारायण अग्रवाल।

Q47.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 21 Jul 2022, Shift 2आसान

वह वर्ष क्या कहलाता है जिसकी कीमतों का उपयोग वास्तविक जीडीपी की गणना के लिए किया जाता है?

  1. A.राजकोषीय वर्ष
  2. B.आधार वर्ष
  3. C.वित्तीय वर्ष
  4. D.सामान्य वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आधार वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर है B, आधार वर्ष। वास्तविक जीडीपी किसी वर्ष में बने सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य एक तय पुराने वर्ष की कीमतों पर मापता है, जिसे आधार वर्ष कहते हैं, ताकि बढ़ती कीमतों का असर हट जाए और असली वृद्धि दिखे। सांकेतिक (नॉमिनल) जीडीपी चालू वर्ष की कीमतों पर होता है। सांकेतिक जीडीपी को वास्तविक जीडीपी से भाग देकर 100 से गुणा करने पर जीडीपी अपस्फीतिक मिलता है, जो महंगाई का एक पैमाना है। आधार वर्ष सरकार का सांख्यिकी कार्यालय चुनता है और समय-समय पर बदलता है ताकि वह अर्थव्यवस्था की मौजूदा बनावट को दिखाए। A गलत है क्योंकि राजकोषीय वर्ष केवल वे बारह महीने हैं जिनका हिसाब रखा जाता है, भारत में अप्रैल से मार्च। C गलत है क्योंकि वित्तीय वर्ष उसी लेखा अवधि का दूसरा नाम है, कीमतों का संदर्भ नहीं। D गलत है क्योंकि 'सामान्य वर्ष' का मतलब 365 दिन का कैलेंडर वर्ष है, यह कैलेंडर का शब्द है, अर्थशास्त्र का नहीं। परीक्षा टिप: वास्तविक जीडीपी = आधार वर्ष की कीमतें, सांकेतिक जीडीपी = चालू कीमतें; जीडीपी अपस्फीतिक = सांकेतिक ÷ वास्तविक × 100।

Q48.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 3 Jun 2022, Shift 2मध्यम

मुद्रास्फीति से निपटने के लिए आम तौर पर मौद्रिक नीति का कौन-सा रुख अपनाया जाता है?

  1. A.आउलिश (Owlish)
  2. B.डोविश (Dovish)
  3. C.हिक्सियन (Hicksian)
  4. D.हॉकिश (Hawkish)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हॉकिश (Hawkish)

व्याख्या

सही उत्तर है D, हॉकिश (Hawkish)। हॉकिश रुख का मतलब है कि केंद्रीय बैंक महँगाई को अपना पहला दुश्मन मानता है और ब्याज दरें बढ़ाने और मुद्रा आपूर्ति कसने को तैयार रहता है। दरें बढ़ने से कर्ज़ महँगा होता है, लोग और कंपनियाँ कम उधार लेते और कम खर्च करते हैं, माँग ठंडी पड़ती है और कीमतें उतनी तेज़ी से नहीं बढ़तीं। भारत में यही हुआ जब आरबीआई ने महँगाई से लड़ने के लिए मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच रेपो दर 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दी। इसका उल्टा, डोविश रुख, विकास और रोज़गार के लिए दरें घटाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 'आउलिश' सिर्फ एक अनौपचारिक शब्द है जो रुको-और-देखो वाली तटस्थ स्थिति के लिए इस्तेमाल होता है, महँगाई के विरुद्ध सामान्य रुख नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि डोविश रुख पैसा ढीला करता है और महँगाई से लड़ने के बजाय उसे बढ़ाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि 'हिक्सियन' अर्थशास्त्री जॉन हिक्स और उनके IS-LM मॉडल से जुड़ा शब्द है, कोई नीतिगत रुख नहीं। परीक्षा टिप: हॉक = महँगाई से लड़ो, दरें बढ़ाओ; डव = विकास को सहारा दो, दरें घटाओ।

Q49.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 Dec 2022, Shift 4मध्यम

_____ को संकीर्ण मुद्रा (narrow money) कहा जाता है।

  1. A.M1 और M2
  2. B.M2 और M4
  3. C.M3 और M2
  4. D.M1 और M4
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. M1 और M2

व्याख्या

सही उत्तर है A, M1 और M2। भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा आपूर्ति को चार मापों M1 से M4 में नापता है, जो तरलता के घटते क्रम में हैं। M1 = जनता के पास करेंसी + बैंकों की माँग जमाएँ + RBI के पास अन्य जमाएँ, और M2 = M1 + डाकघरों की बचत जमाएँ। दोनों में ऐसा पैसा है जो तुरंत खर्च किया जा सकता है, इसलिए इन्हें संकीर्ण मुद्रा कहते हैं। M3 में M1 के साथ बैंकों की सावधि जमाएँ जुड़ती हैं और M4 में M3 के साथ डाकघरों की सारी जमाएँ; ये दोनों व्यापक मुद्रा यानी broad money हैं क्योंकि इनमें एक अवधि के लिए बंधी बचत भी शामिल है। RBI आमतौर पर M3 को ही "मुद्रा आपूर्ति" के रूप में बताता है। B, M2 और M4, में एक संकीर्ण और एक व्यापक माप मिला दिया गया है। C, M3 और M2, में भी यही गड़बड़ उल्टे क्रम में है। D, M1 और M4, में सबसे संकीर्ण और सबसे व्यापक माप की जोड़ी है। परीक्षा टिप: M1, M2 संकीर्ण; M3, M4 व्यापक; M3 मुख्य आँकड़ा है।

Q50.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 12 Jun 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 5)मध्यम

किसी अर्थव्यवस्था में जब मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दोनों ऊँचे स्तर पर हों, तो उस स्थिति को __________ कहते हैं।

  1. A.स्टैगफ्लेशन (मुद्रास्फीतिजनित मंदी)
  2. B.मुद्रास्फीति प्रीमियम
  3. C.मुद्रास्फीतिक अंतराल
  4. D.रिफ्लेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्टैगफ्लेशन (मुद्रास्फीतिजनित मंदी)

व्याख्या

सही उत्तर है A, स्टैगफ्लेशन (मुद्रास्फीतिजनित मंदी)। स्टैगफ्लेशन शब्द 'स्टैगनेशन' (ठहराव) और 'इन्फ्लेशन' (मुद्रास्फीति) से बना है: उत्पादन बढ़ना बंद हो जाता है, बेरोजगारी बढ़ती है, फिर भी कीमतें चढ़ती रहती हैं। सामान्यतः मुद्रास्फीति और बेरोजगारी उल्टी दिशा में चलती हैं, जैसा फिलिप्स वक्र दिखाता है, इसलिए स्टैगफ्लेशन नीति-निर्माताओं के लिए पहेली है: कीमतें ठंडी करने को ब्याज दर बढ़ाएँ तो बेरोजगारी बढ़ती है, और रोजगार के लिए खर्च बढ़ाएँ तो कीमतें और चढ़ती हैं। इसका क्लासिक उदाहरण 1970 का दशक है, जब 1973 और 1979 के तेल-मूल्य झटकों ने पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ धीमी वृद्धि और दो अंकों की मुद्रास्फीति दी। B गलत है क्योंकि मुद्रास्फीति प्रीमियम वह अतिरिक्त प्रतिफल है जो ऋणदाता अपेक्षित मुद्रास्फीति की भरपाई के लिए माँगते हैं। C गलत है क्योंकि मुद्रास्फीतिक अंतराल वह मात्रा है जिससे कुल माँग पूर्ण-रोजगार उत्पादन से अधिक हो जाती है, यह ज़्यादा माँग की स्थिति है, ऊँची बेरोजगारी की नहीं। D गलत है क्योंकि रिफ्लेशन मंदी से उबारने के लिए जानबूझकर माँग बढ़ाने की नीति है। परीक्षा टिप: स्टैगफ्लेशन = ऊँची मुद्रास्फीति + ऊँची बेरोजगारी + ठहरी हुई वृद्धि, 1970 के तेल संकट से याद रखें।

Q51.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 3 (CBT 2, Level 2)मध्यम

________ से आशय केंद्रीय बैंक द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद या बिक्री से है, जिससे बैंकिंग प्रणाली में मुद्रा बढ़ाई या घटाई जाती है और ब्याज दरें प्रभावित होती हैं।

  1. A.राष्ट्रीय बाज़ार परिचालन
  2. B.बंद बाज़ार परिचालन
  3. C.खुला बाज़ार परिचालन
  4. D.अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार परिचालन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. खुला बाज़ार परिचालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, खुला बाज़ार परिचालन। खुला बाज़ार परिचालन (OMO) का मतलब है केंद्रीय बैंक द्वारा खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री, ताकि मुद्रा आपूर्ति पर नियंत्रण रखा जा सके। जब RBI सरकारी बॉन्ड खरीदता है तो वह बैंकों को पैसा देता है, इसलिए प्रणाली में तरलता बढ़ती है और ब्याज दरें घटने की ओर जाती हैं; जब वह बॉन्ड बेचता है तो पैसा बाहर खींचता है, तरलता कसती है और दरें ऊपर जाती हैं। OMO मौद्रिक नीति का मात्रात्मक उपकरण है, जो नकद आरक्षित अनुपात, सांविधिक तरलता अनुपात, रेपो दर और बैंक दर के साथ प्रयोग होता है; RBI इससे सरकार के उधार कार्यक्रम का प्रबंधन भी करता है। A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय बाज़ार परिचालन मौद्रिक नीति का कोई शब्द नहीं है। B गलत है क्योंकि बंद बाज़ार परिचालन जैसी कोई चीज़ नहीं; पूरी बात ही यह है कि सौदे खुले बाज़ार में होते हैं। D गलत है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार परिचालन विदेशी मुद्रा लेन-देन की ओर इशारा करेगा, सरकारी प्रतिभूतियों की नहीं। परीक्षा टिप: RBI प्रतिभूतियाँ खरीदे तो मुद्रा बढ़ी, बेचे तो मुद्रा घटी; यही OMO है।

Q52.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Nov 2021, Shift 2आसान

किसी वर्ष में देश के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को _________ कहा जाता है।

  1. A.प्रति व्यक्ति आय
  2. B.शुद्ध घरेलू उत्पाद
  3. C.राष्ट्रीय आय
  4. D.सकल घरेलू उत्पाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सकल घरेलू उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर है D, सकल घरेलू उत्पाद। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी किसी देश की सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है। इस परिभाषा में दो शब्द महत्वपूर्ण हैं। घरेलू का अर्थ है उत्पादन वहीं गिना जाता है जहाँ वह हुआ, चाहे साधन का स्वामी कोई भी हो, इसलिए भारत में काम करने वाली विदेशी कंपनी की कमाई भी भारत की जीडीपी में शामिल है। सकल का अर्थ है मशीनों और भवनों की घिसावट यानी मूल्यह्रास घटाया नहीं गया है। भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जीडीपी का अनुमान लगाता है और हर तिमाही आँकड़े जारी करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय को जनसंख्या से भाग देकर निकाली गई औसत आय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि शुद्ध घरेलू उत्पाद जीडीपी में से मूल्यह्रास घटाने पर मिलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आय देश के निवासियों की कमाई गिनती है, चाहे वे कहीं भी कमाएँ। परीक्षा टिप: घरेलू का अर्थ सीमा के भीतर, राष्ट्रीय का अर्थ निवासियों द्वारा; सकल में मूल्यह्रास शामिल, शुद्ध में घटा दिया गया।

Q53.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 3मध्यम

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) की जगह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.1988
  2. B.1999
  3. C.2014
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1999

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1999। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 में पारित हुआ और 1 जून 2000 से लागू हुआ, जिसने 1973 के विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम की जगह ली। नाम के एक शब्द का बदलाव ही पूरी कहानी कह देता है। फेरा विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर नियंत्रण और रोक लगाता था और उल्लंघन को आपराधिक मामला मानता था, जबकि फेमा खुली अर्थव्यवस्था में उनका प्रबंधन करता है और उल्लंघन को दीवानी मामला मानकर आर्थिक दंड लगाता है। फेमा ने चालू खाते के अधिकांश लेन-देन मुक्त कर दिए, पूँजी खाते के लेन-देन रिज़र्व बैंक के नियंत्रण में रखे, और इसका प्रवर्तन प्रवर्तन निदेशालय करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1988 का इस कानून से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2014 का संबंध विदेशी निवेश नीति के बाद के बदलावों से है, फेमा के बनने से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1992 सेबी अधिनियम और व्यापार नीति के पहले बड़े उदारीकरण का वर्ष है। परीक्षा टिप: फेरा 1973 आपराधिक दृष्टि वाला था, फेमा 1999 दीवानी है और जून 2000 से लागू हुआ।

Q54.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 8 Oct 2021, Shift 3मध्यम

भारत सरकार ने प्रचलित सामान्य बिक्री कर की जगह मूल्य वर्धित कर (VAT) को अप्रत्यक्ष कर के रूप में किस वर्ष लागू किया?

  1. A.2007
  2. B.2005
  3. C.2013
  4. D.2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2005

व्याख्या

सही उत्तर है B, 2005। मूल्य वर्धित कर ने 1 अप्रैल 2005 से पुराने सामान्य बिक्री कर की जगह ली, जब राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति की सिफ़ारिश पर अधिकांश राज्यों ने इसे अपनाया। VAT का मूल विचार यह है कि व्यापारी केवल अपने चरण पर जुड़े मूल्य पर कर देता है और खरीद पर पहले चुकाए कर का श्रेय ले लेता है, जिससे कर पर कर लगने की श्रृंखला टूट जाती है। हरियाणा ने इसे पहले ही 2003 में अपना लिया था, कुछ राज्य बाद में जुड़े और उत्तर प्रदेश ने 2008 में सबसे अंत में इसे लागू किया। वस्तुओं पर लगने वाला VAT 1 जुलाई 2017 से वस्तु एवं सेवा कर में समा गया, फिर भी पेट्रोलियम उत्पादों और शराब पर राज्य VAT आज भी लगता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2007 तक कुछ राज्य ही जुड़ना शेष थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2013 का संबंध जीएसटी विधेयक की बहस से है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2011 में जीएसटी के लिए संविधान संशोधन विधेयक पहली बार पेश हुआ था। परीक्षा टिप: VAT 2005 और जीएसटी 2017 को जोड़कर याद रखें।

Q55.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1कठिन

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, जिसके अनुसार विदेशी निवेशक भारतीय उद्यमों में 40% से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकते थे, का पालन न कर पाने के कारण IBM और कोका कोला ने किस वर्ष भारत में अपना कारोबार बंद किया?

  1. A.1964
  2. B.1981
  3. C.1956
  4. D.1977
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1977

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1977। IBM और कोका कोला ने अपनी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक घटाने के बजाय 1977 में भारत से कारोबार समेट लिया। 1973 में पारित विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम यानी फेरा के अनुसार विदेशी कंपनियों को भारतीय अनुषंगियों में अपनी इक्विटी इसी स्तर तक लानी थी और विदेशी मुद्रा के अधिकांश लेन-देन के लिए अनुमति लेनी थी। यह बंद और लाइसेंस आधारित अर्थव्यवस्था का चरम दौर था, और दो प्रसिद्ध अमेरिकी कंपनियों का जाना उसका प्रतीक बन गया। कोका कोला 1991 के सुधारों के बाद ही लौटी, और फेरा की जगह 1999 में नरम विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम आया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1964 फेरा बनने से बहुत पहले का वर्ष है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1981 तक दोनों कंपनियाँ जा चुकी थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1956 औद्योगिक नीति प्रस्ताव का वर्ष है, जिसका इस प्रकरण से संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: फेरा 1973, IBM और कोका कोला की विदाई 1977, उदारीकरण 1991 और फेमा 1999 को एक श्रृंखला में याद रखें।

Q56.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सकल घरेलू उत्पाद में शामिल किया जाता है?

  1. A.प्रयुक्त वस्तुओं की बिक्री
  2. B.वस्तु विनिमय से मिली वस्तुएँ और सेवाएँ
  3. C.अंतिम वस्तुओं की बिक्री
  4. D.हस्तांतरण भुगतान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अंतिम वस्तुओं की बिक्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, अंतिम वस्तुओं की बिक्री। सकल घरेलू उत्पाद किसी देश की सीमा के भीतर एक वर्ष में बनी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य गिनता है। इसमें केवल अंतिम उत्पादन जोड़ा जाता है, क्योंकि मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य तैयार उत्पाद की कीमत में पहले से शामिल है और दोनों गिनने पर दोहरी गणना हो जाएगी। बाहर रखी जाने वाली चीज़ें भी इसी नियम से तय होती हैं। कोई पुरानी वस्तु उस वर्ष गिन ली गई थी जब वह बनी थी, इसलिए उसे फिर बेचने से इस वर्ष के उत्पादन में कुछ नहीं जुड़ता, हालाँकि विक्रेता का कमीशन नई सेवा है और वह गिना जाता है। पेंशन, छात्रवृत्ति या बेरोज़गारी सहायता जैसा हस्तांतरण भुगतान बदले में कोई वस्तु या सेवा लिए बिना दी गई आय है, इसलिए वह उत्पादन नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुरानी वस्तु की बिक्री नया उत्पादन नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वस्तु विनिमय पैसे में दर्ज नहीं होता और उसका मूल्यांकन कठिन है, इसलिए वह मापे गए GDP से बाहर रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हस्तांतरण भुगतान से कोई उत्पादन नहीं होता। परीक्षा टिप: GDP में केवल अंतिम वस्तुएँ गिनी जाती हैं, पुरानी बिक्री और हस्तांतरण भुगतान बाहर रहते हैं।

Q57.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP) की अवधारणा को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?

  1. A.GDP - विदेश से आय
  2. B.GDP + विदेश से आय
  3. C.GNP - मूल्यह्रास
  4. D.GDP - मूल्यह्रास
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. GDP - मूल्यह्रास

व्याख्या

सही उत्तर है D, GDP - मूल्यह्रास। शुद्ध घरेलू उत्पाद वह है जो पूँजी की टूट-फूट अलग करने के बाद घरेलू उत्पाद में बचता है। सकल घरेलू उत्पाद किसी देश की सीमा के भीतर एक वर्ष में बने सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य मापता है। इस उत्पादन का एक हिस्सा केवल उन मशीनों, इमारतों और वाहनों की जगह लेता है जो वर्ष भर में घिस गए। इस क्षय को मूल्यह्रास या स्थिर पूँजी का उपभोग कहते हैं। इसे घटाने पर NDP मिलता है, जो बताता है कि अर्थव्यवस्था ने वास्तव में कितना जोड़ा। भारत में ये आँकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय निकालता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि विदेश से शुद्ध कारक आय घरेलू आँकड़े में जोड़ी जाती है, घटाई नहीं जाती। विकल्प B गलत है, क्योंकि GDP में विदेश से शुद्ध कारक आय जोड़ने पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि GNP में से मूल्यह्रास घटाने पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद मिलता है। परीक्षा टिप: शुद्ध का अर्थ है मूल्यह्रास हटा, और राष्ट्रीय का अर्थ है विदेश से शुद्ध कारक आय जुड़ी।

Q58.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

औद्योगिक उत्पादन निर्देशांक, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्रियाओं का मापक है, इसमें क्या सम्मिलित नहीं किया जाता है?

  1. A.खनन
  2. B.विद्युत
  3. C.विनिर्माण
  4. D.गैस एवं जलापूर्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गैस एवं जलापूर्ति

व्याख्या

सही उत्तर है D, गैस एवं जलापूर्ति। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में केवल तीन क्षेत्र शामिल हैं: खनन, विनिर्माण और विद्युत। यह एक मासिक सूचकांक है, जिसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जारी करता है, और यह बताता है कि आधार वर्ष की तुलना में औद्योगिक उत्पादन की मात्रा कितनी तेज़ी से बढ़ या घट रही है। इस सूचकांक में विनिर्माण का भार सबसे अधिक है, इसलिए कारखानों में सुस्ती आते ही IIP तेज़ी से नीचे आ जाता है। राष्ट्रीय आय के व्यापक उद्योग क्षेत्र में बिजली के साथ गैस और जलापूर्ति भी गिनी जाती हैं, पर वे IIP की टोकरी में नहीं हैं, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प A गलत है, क्योंकि खनन IIP के तीन क्षेत्रों में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विद्युत भी IIP का क्षेत्र है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विनिर्माण तो सूचकांक का सबसे बड़ा हिस्सा है। परीक्षा टिप: IIP = खनन + विनिर्माण + विद्युत; आठ कोर उद्योगों का सूचकांक एक अलग, छोटा सूचकांक है।

Q59.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021आसान

वाणिज्यिक बैंकों की कुल जमाओं और आरक्षित निधियों का एक अनुपात केंद्रीय बैंक (आरबीआई) के पास रखना होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा इस अनुपात को दर्शाता है?

  1. A.सांविधिक तरलता अनुपात
  2. B.नकद आरक्षित अनुपात
  3. C.न्यूनतम आरक्षित प्रणाली
  4. D.रिवर्स रेपो दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नकद आरक्षित अनुपात

व्याख्या

सही उत्तर है B, नकद आरक्षित अनुपात। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बैंक की जमाओं का वह हिस्सा है, जिसे उसे भारतीय रिज़र्व बैंक के पास नकद के रूप में रखना पड़ता है, और इस पैसे पर बैंक को कोई ब्याज नहीं मिलता। आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 42 के तहत रिज़र्व बैंक सीआरआर तय करता है और इससे मुद्रा आपूर्ति नियंत्रित करता है: सीआरआर बढ़ाने पर बैंकों के पास कर्ज़ देने के लिए कम पैसा बचता है, जबकि इसे घटाने पर अर्थव्यवस्था में पैसा आता है। यह अनुपात बैंक की शुद्ध माँग और सावधि देयताओं, यानी मुख्य रूप से उसकी जमाओं पर गिना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सांविधिक तरलता अनुपात बैंक खुद अपने पास नकद, सोने या स्वीकृत सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखता है, आरबीआई के पास जमा नहीं करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि न्यूनतम आरक्षित प्रणाली वह नियम है, जिसके तहत आरबीआई अपनी जारी की गई मुद्रा के बदले सोने और विदेशी मुद्रा का न्यूनतम भंडार रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि रिवर्स रेपो दर वह दर है, जिस पर आरबीआई बैंकों से पैसा उधार लेता है। परीक्षा टिप: सीआरआर आरबीआई के पास रहता है; एसएलआर बैंक अपने पास रखता है।

Q60.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रत्येक वर्ष बुवाई के मौसम से पहले सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली कीमत को क्या कहते हैं?

  1. A.बफर कीमत
  2. B.निर्गम कीमत
  3. C.न्यूनतम समर्थन कीमत
  4. D.उचित निर्वाह कीमत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूनतम समर्थन कीमत

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूनतम समर्थन कीमत। MSP बुवाई से पहले घोषित होता है, ताकि किसान जान सकें कि सरकार उनकी फसल कम से कम किस कीमत पर खरीदेगी। केंद्र सरकार इसे 1965 में बने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर तय करती है और अंतिम मंज़ूरी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति देती है। यह खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग घोषित होता है, जबकि गन्ने के लिए इसकी जगह उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) तय होता है। हरित क्रांति की शुरुआत में 1966-67 में गेहूँ पहली फसल थी जिसे MSP मिला। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफर स्टॉक खाद्य सुरक्षा के लिए सरकार के पास रखा अनाज है और किसानों के लिए कोई "बफर कीमत" घोषित नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि निर्गम कीमत वह दर है जिस पर भारतीय खाद्य निगम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए राज्यों को अनाज देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि "उचित निर्वाह कीमत" नाम की कोई सरकारी कीमत है ही नहीं। परीक्षा टिप: MSP की सिफारिश CACP करता है और मंज़ूरी CCEA देती है; गन्ने के लिए FRP।