1990-91 के भुगतान संतुलन संकट के दौरान, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार केवल कितने समय के आयात के लिए पर्याप्त था?
- A.तीन माह
- B.दो सप्ताह
- C.एक माह
- D.एक सप्ताह
सही उत्तर
B. दो सप्ताह
व्याख्या
सही उत्तर है B, दो सप्ताह। 1991 के मध्य तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग एक अरब डॉलर तक गिर गया था, जो केवल करीब दो सप्ताह के आयात का भुगतान करने के लिए पर्याप्त था, और देश विदेशी भुगतान में चूक के कगार पर पहुँच गया था। खाड़ी युद्ध से तेल की कीमतें बढ़ गई थीं और पश्चिम एशिया से आने वाला धन घट गया था, राजकोषीय घाटा बड़ा था और अल्पकालिक विदेशी उधारी बढ़ चुकी थी। भारत ने बैंक ऑफ इंग्लैंड तथा बैंक ऑफ जापान के पास सोना गिरवी रखा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लिया और जुलाई 1991 में दो चरणों में रुपये का अवमूल्यन किया। इसी संकट ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नई आर्थिक नीति को जन्म दिया, जो प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के नेतृत्व में और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा घोषित की गई। विकल्प A गलत है क्योंकि तीन माह का आयात कवर सुविधाजनक स्तर माना जाता है, संकट का स्तर नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि एक माह उस समय के भंडार से अधिक है। विकल्प D गलत है क्योंकि भंडार एक सप्ताह के आयात तक नहीं गिरा था। परीक्षा टिप: 1991 संकट, दो सप्ताह का आयात कवर, सोना गिरवी, रुपये का अवमूल्यन, सुधारों की शुरुआत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमांग वक्र के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह मांग फलन का आरेखीय निरूपण है। II. यह प्रत्येक कीमत पर उपभोक्ता द्वारा मांगी गई मात्रा बताता है।
- A.I और II दोनों
- B.केवल II
- C.न I और न II
- D.केवल I
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. I और II दोनों
व्याख्या
सही उत्तर है A, I और II दोनों। मांग वक्र मांग फलन का चित्र है, जो उपभोक्ता द्वारा खरीदी जाने वाली मात्रा को वस्तु की कीमत से जोड़ता है, इसलिए कथन I सही है। दूसरी दिशा से पढ़ें तो यही वक्र बताता है कि प्रत्येक कीमत पर उपभोक्ता कितनी मात्रा खरीदने को तैयार है, जो कथन II है, इसलिए वह भी सही है। कीमत ऊर्ध्व अक्ष पर और मात्रा क्षैतिज अक्ष पर दिखाई जाती है, और मांग के नियम के कारण वक्र नीचे की ओर ढालू होता है। वस्तु की कीमत बदलने पर उपभोक्ता उसी वक्र पर आगे-पीछे चलता है, जबकि आय, रुचि या किसी संबंधित वस्तु की कीमत बदलने पर पूरा वक्र खिसक जाता है। B गलत है क्योंकि कथन I भी सही है। C गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं। D गलत है क्योंकि कथन II भी सही है। परीक्षा टिप: वक्र पर गति केवल कीमत से होती है, और वक्र का खिसकना बाकी सभी कारणों से।
मांग के नियम के अनुसार, किसी वस्तु के लिए उपभोक्ता की मांग ______ होनी चाहिए।
- A.वस्तु की कीमत से विपरीत रूप से संबंधित
- B.वस्तु की पूर्ति से सीधे रूप से संबंधित
- C.वस्तु की कीमत से सीधे रूप से संबंधित
- D.वस्तु की पूर्ति से विपरीत रूप से संबंधित
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वस्तु की कीमत से विपरीत रूप से संबंधित
व्याख्या
सही उत्तर है A, वस्तु की कीमत से विपरीत रूप से संबंधित। मांग का नियम कहता है कि अन्य बातें समान रहने पर कीमत घटने पर उपभोक्ता वस्तु अधिक खरीदता है और कीमत बढ़ने पर कम, अर्थात कीमत और मांगी गई मात्रा विपरीत दिशाओं में चलती हैं। इसी कारण मांग वक्र बाएँ से दाएँ नीचे की ओर ढालू होता है। इसके दो कारण हैं: आय प्रभाव, क्योंकि कीमत घटने पर हाथ में क्रय शक्ति बढ़ जाती है, और स्थानापन्न प्रभाव, क्योंकि सस्ती वस्तु महँगे विकल्पों की जगह ले लेती है। अन्य बातें समान रहने पर वाली शर्त महत्वपूर्ण है, क्योंकि आय, रुचि, संबंधित वस्तुओं की कीमतें और अपेक्षाएँ स्थिर मानी जाती हैं। B गलत है क्योंकि पूर्ति विक्रेता का पक्ष है और मांग का नियम उससे मांग को नहीं जोड़ता। D इसी कारण गलत है, क्योंकि मांग की तुलना कीमत से होती है, पूर्ति से नहीं। C गलत है क्योंकि कीमत से सीधा संबंध होने पर मांग वक्र ऊपर चढ़ेगा, जो गिफिन वस्तुओं जैसे अपवादों में ही होता है। परीक्षा टिप: कीमत बढ़ी तो मांगी गई मात्रा घटी, इसलिए मांग वक्र नीचे की ओर ढालू होता है।
एकाधिकारी प्रतिस्पर्धा की तुलना में, एकाधिकार में मांग वक्र होता है:
- A.समान रूप से लोचदार
- B.कम लोचदार
- C.अनंत रूप से लोचदार
- D.अधिक लोचदार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कम लोचदार
व्याख्या
सही उत्तर है B, कम लोचदार। एकाधिकारी किसी वस्तु का एकमात्र विक्रेता होता है और उस वस्तु का निकट स्थानापन्न नहीं होता, इसलिए कीमत बढ़ने पर क्रेता सरलता से हट नहीं पाते और फर्म का मांग वक्र अधिक ढालू यानी कम लोचदार होता है। एकाधिकारी प्रतिस्पर्धा में बहुत सी फर्में विभेदित पर मिलती-जुलती वस्तुएँ बेचती हैं, इसलिए एक फर्म की कीमत से असंतुष्ट क्रेता निकट स्थानापन्न की ओर जा सकता है और प्रत्येक फर्म का मांग वक्र चपटा तथा अधिक लोचदार होता है। दोनों बाजार रूपों में वक्र नीचे की ओर ढालू होता है, इसी कारण ऐसी फर्म कुछ हद तक कीमत निर्धारक होती है, पर एकाधिकारी की कीमत पर पकड़ अधिक मजबूत रहती है। A गलत है क्योंकि दोनों बाजार रूपों में मांग की लोच समान नहीं होती। C गलत है क्योंकि अनंत लोचदार यानी क्षैतिज मांग वक्र पूर्ण प्रतिस्पर्धा की फर्म का होता है। D गलत है क्योंकि अधिक लोचदार मांग एकाधिकारी प्रतिस्पर्धा का लक्षण है, एकाधिकार का नहीं। परीक्षा टिप: स्थानापन्न कम, तो मांग कम लोचदार और कीमत पर पकड़ अधिक।
भारत का योजना आयोग निम्नलिखित में से किस वर्ष स्थापित किया गया था?
- A.1962
- B.1945
- C.1950
- D.1958
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1950
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1950। योजना आयोग मार्च 1950 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से स्थापित हुआ था, इसलिए यह न संवैधानिक निकाय था न सांविधिक। प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष होता था, और इसलिए जवाहरलाल नेहरू इसके पहले अध्यक्ष बने, तथा गुलजारीलाल नंदा पहले उपाध्यक्ष बने। इसका कार्य देश के संसाधनों का आकलन करना और पंचवर्षीय योजनाएँ बनाना था, जिनमें पहली योजना 1951 से 1956 तक चली और कृषि तथा सिंचाई पर केंद्रित थी। 1 जनवरी 2015 को इसके स्थान पर नीति आयोग बना, जो धन आवंटन के बजाय परामर्श देता है। A गलत है क्योंकि 1962 भारत-चीन युद्ध का वर्ष है, आयोग की स्थापना का नहीं। B गलत है क्योंकि 1945 स्वतंत्रता से पहले का वर्ष है; उस समय का योजना एवं विकास विभाग औपनिवेशिक कार्यालय था। D गलत है क्योंकि 1958 दूसरी पंचवर्षीय योजना के बीच का वर्ष है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मार्च 1950 में योजना आयोग, 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग।
औद्योगिक नीति संकल्प 1956 ने उद्योगों को कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया?
- A.3
- B.5
- C.6
- D.4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 3
व्याख्या
सही उत्तर है A, 3। औद्योगिक नीति संकल्प 1956 ने उद्योगों को तीन अनुसूचियों में बाँटा। अनुसूची A में सत्रह उद्योग रखे गए, जो पूर्णतः राज्य के उत्तरदायित्व में थे, जैसे शस्त्र, परमाणु ऊर्जा, रेलवे और भारी उद्योग। अनुसूची B में बारह उद्योग थे, जिनमें नई इकाइयाँ राज्य लगाता था पर निजी उद्यम भी साथ काम कर सकता था। अनुसूची C में शेष सभी उद्योग निजी क्षेत्र के लिए छोड़ दिए गए, हालाँकि वे लाइसेंस व्यवस्था में बने रहे। इस संकल्प को भारत का आर्थिक संविधान कहा जाता है क्योंकि इसने दूसरी पंचवर्षीय योजना और मिश्रित अर्थव्यवस्था की दिशा तय की, तथा इसने लघु उद्योग और क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने पर भी बल दिया। B, C और D गलत हैं क्योंकि संकल्प में ठीक तीन अनुसूचियाँ थीं, पाँच, छह या चार नहीं; 1948 के पहले संकल्प में चार वर्गों का विभाजन था, जिससे अक्सर भ्रम होता है। परीक्षा टिप: अंतर याद रखें - 1948 में चार वर्ग, 1956 में तीन अनुसूचियाँ A, B और C।