कोर मुद्रास्फीति है:
- A.CPI हेडलाइन मुद्रास्फीति में से सभी गैर-खाद्य मदें घटाकर
- B.WPI मुद्रास्फीति में से सभी खाद्य और गैर-खाद्य मदें घटाकर
- C.CPI हेडलाइन मुद्रास्फीति में से खाद्य और ऊर्जा मदें घटाकर
- D.WPI मुद्रास्फीति में से खाद्य और ऊर्जा मदें घटाकर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, CPI हेडलाइन मुद्रास्फीति में से खाद्य और ऊर्जा मदें घटाकर। कोर मुद्रास्फीति में खाद्य और ईंधन को छोड़ दिया जाता है, जिनकी कीमतें मानसून, फ़सल और विश्व तेल कीमतों के साथ तेज़ी से ऊपर-नीचे होती हैं, ताकि कीमतों की स्थिर, अंतर्निहित प्रवृत्ति दिख सके। भारत में हेडलाइन मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से मापी जाती है, जिसका लक्ष्य भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे के तहत 2 से 6 प्रतिशत के दायरे में 4 प्रतिशत रखता है। चूंकि खराब मानसून या तेल का झटका कुछ महीनों के लिए हेडलाइन मुद्रास्फीति बढ़ा सकता है, इसलिए RBI और अर्थशास्त्री यह परखने के लिए कोर मुद्रास्फीति देखते हैं कि मूल्य दबाव सामान्य रूप से वस्तुओं और सेवाओं में फैल रहा है या नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सभी गैर-खाद्य मदें हटाने पर मुख्यतः खाद्य बचेगा, जो सबसे अस्थिर भाग है। विकल्प B गलत है, क्योंकि WPI से सभी खाद्य और गैर-खाद्य मदें हटाने पर मापने को लगभग कुछ नहीं बचेगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत में कोर मुद्रास्फीति अब RBI के लक्ष्य वाले CPI से निकाली जाती है, WPI से नहीं। परीक्षा टिप: कोर मुद्रास्फीति = हेडलाइन CPI घटा खाद्य और ईंधन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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