किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, उस पर कुल बल शून्य हो। रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv। न्यूटन का दूसरा नियम कहता है कि किसी पिंड पर लगने वाला कुल बल उसके संवेग के परिवर्तन की दर के बराबर होता है, F = dp/dt। इसलिए यदि कुल बल शून्य है, तो dp/dt भी शून्य होगा और संवेग का मान या दिशा नहीं बदलेगी। यही रैखिक संवेग संरक्षण का नियम है, जिससे बंदूक का पीछे हटना, रॉकेट की गति और पिंडों की टक्कर समझी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि अधिक कुल बल संवेग को स्थिर रखने के बजाय तेजी से बदल देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि शून्य कुल बल-आघूर्ण से कोणीय संवेग, यानी घूर्णन से जुड़ी राशि, संरक्षित होती है, रैखिक संवेग नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि पिंड पर किया गया कार्य उसकी गतिज ऊर्जा बदलता है, जिसका अर्थ है कि उसका संवेग भी बदलता है। परीक्षा टिप: शून्य कुल बल से रैखिक संवेग, शून्य बल-आघूर्ण से कोणीय संवेग संरक्षित।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
उत्तर देखें
तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जंतुओं के निम्नलिखित में से किस वर्ग/किन वर्गों में तीन कक्षों वाला हृदय होता है?
- A.मत्स्य (पिसीज़) और उभयचर
- B.उभयचर और सरीसृप
- C.केवल सरीसृप
- D.केवल उभयचर
उत्तर देखें
उभयचरों और अधिकांश सरीसृपों का हृदय तीन कक्षों वाला होता है: दो आलिंद और एक निलय। मेंढक और टोड में फेफड़ों से आया ऑक्सीजन युक्त रक्त और शरीर से आया ऑक्सीजन रहित रक्त, दोनों एक ही निलय में पहुँचते हैं, इसलिए कुछ मिश्रण हो जाता है।
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