यदि तांबे के तार की लंबाई दोगुनी बढ़ा दी जाए, तो उसकी प्रतिरोधकता
- A.दोगुनी हो जाएगी
- B.आधी हो जाएगी
- C.समान रहेगी
- D.एक-चौथाई हो जाएगी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, समान रहेगी। प्रतिरोधकता पदार्थ का अपना गुण है, इसलिए तांबे के तार की लंबाई बदलने से यह नहीं बदलती।
किसी तार का प्रतिरोध R = ρL/A होता है, जहां ρ प्रतिरोधकता, L लंबाई और A अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है। लंबाई बढ़ाने पर प्रतिरोध R उसी अनुपात में बढ़ जाता है, पर ρ स्थिर रहता है, क्योंकि यह केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है। कमरे के ताप पर तांबे की प्रतिरोधकता लगभग 1.7 × 10⁻⁸ ओम-मीटर होती है, जो बहुत कम है, इसीलिए घरेलू वायरिंग में तांबे का उपयोग होता है। प्रतिरोधकता का मात्रक ओम-मीटर (Ω m) है।
A गलत है: लंबाई के साथ प्रतिरोध बदलता है, प्रतिरोधकता नहीं। B गलत है: तार को लंबा करने से इनमें से कोई भी राशि आधी नहीं होती। D गलत है: एक-चौथाई का परिवर्तन केवल प्रतिरोध में होता, वह भी तब जब समान मोटाई पर लंबाई एक-चौथाई की जाती।
परीक्षा टिप: प्रतिरोध लंबाई, क्षेत्रफल और पदार्थ पर निर्भर है; प्रतिरोधकता केवल पदार्थ और तापमान पर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऋणात्मक कार्य तब होता है जब लगाया गया बल F और संगत विस्थापन S
- A.एक-दूसरे के लंबवत हों।
- B.एक-दूसरे के समांतर हों।
- C.एक-दूसरे के प्रतिसमांतर हों।
- D.परिमाण में बराबर हों।
उत्तर देखें
जब बल विस्थापन की उलटी दिशा में लगता है तो दोनों के बीच का कोण 180° होता है, और कार्य ऋणात्मक होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहे उपग्रह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.उपग्रह को भू-केंद्र से रिमोट कंट्रोल द्वारा कक्षा में रखा जाता है।
- B.उपग्रह को रेट्रो-रॉकेट द्वारा कक्षा में रखा जाता है और सौर ऊर्जा उसे पृथ्वी के चारों ओर घुमाती रहती है।
- C.उपग्रह को परिक्रमा के लिए सौर पैनलों और ठोस ईंधन से ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- D.उपग्रह को परिक्रमा के लिए किसी ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
उत्तर देखें
सही वेग के साथ कक्षा में स्थापित होने के बाद पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उपग्रह को बिना किसी इंजन के घुमाता रहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा संरक्षी बल नहीं है?
- A.घर्षण बल
- B.विद्युत बल
- C.गुरुत्वाकर्षण बल
- D.स्प्रिंग बल
उत्तर देखें
घर्षण असंरक्षी बल है, क्योंकि इसके द्वारा किया गया कार्य चले गए पथ पर निर्भर करता है और जो ऊर्जा यह लेता है वह ऊष्मा बनकर निकल जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →माइक्रोफ़ोन परिवर्तित करता है
- A.विद्युत संकेतों को ध्वनि तरंगों में
- B.ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में
- C.सूक्ष्म तरंगों को ध्वनि तरंगों में
- D.ध्वनि तरंगों को सूक्ष्म तरंगों में
उत्तर देखें
माइक्रोफ़ोन एक ट्रांसड्यूसर है जो ध्वनि के दाब में होने वाले बदलावों को उसी के अनुरूप विद्युत संकेत में बदल देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब कोई प्रकाश किरण शून्येतर कोण पर वायु से जल में प्रवेश करती है, तो किरण
- A.अभिलंब की ओर मुड़ेगी
- B.अभिलंब से दूर मुड़ेगी
- C.सीधी रेखा में चलेगी
- D.विपरीत दिशा में परावर्तित होगी
उत्तर देखें
वायु से जल में जाने पर प्रकाश की चाल कम हो जाती है, इसलिए तिरछी पड़ने वाली किरण अभिलंब की ओर मुड़ जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →