निम्नलिखित में से किन कोशिकांगों का अपना DNA और राइबोसोम होता है?
- A.अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय
- B.माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक
- C.अंतर्द्रव्यी जालिका और कोशिका-कंकाल
- D.कोशिका भित्ति और केंद्रिका
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक। इन दोनों कोशिकांगों में अपना वृत्ताकार DNA और अपने छोटे (70S) राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना लेते हैं।
माइटोकॉन्ड्रिया वायवीय श्वसन के और हरितलवक प्रकाश-संश्लेषण के स्थल हैं, और इसी कारण इन्हें अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग कहा जाता है। दोनों दोहरी झिल्ली से घिरे होते हैं और जीवाणुओं की तरह विभाजन से संख्या बढ़ाते हैं। इनका जीवाणु जैसा DNA और 70S राइबोसोम अंतःसहजीवी सिद्धांत का समर्थन करते हैं, जिसके अनुसार ये पहले स्वतंत्र जीवाणु थे जिन्हें किसी पूर्वज कोशिका ने अपने भीतर ले लिया: माइटोकॉन्ड्रिया वायवीय जीवाणुओं से और हरितलवक सायनोबैक्टीरिया से। माइटोकॉन्ड्रियल DNA केवल माता से मिलता है।
A गलत है, क्योंकि अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय का अपना DNA नहीं होता। C गलत है, क्योंकि कोशिका-कंकाल प्रोटीन तंतुओं का जाल है, जिसमें DNA या राइबोसोम नहीं होते। D गलत है, क्योंकि कोशिका भित्ति निर्जीव परत है और केंद्रिका राइबोसोमल RNA बनाती है, पर उसका अपना अलग जीनोम नहीं होता।
Exam tip: अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग: माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक, अपना DNA और 70S राइबोसोम।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए प्रयुक्त उपकरण है
- A.रिफ्रैक्टोमीटर (अपवर्तनांकमापी)
- B.गैल्वेनोमीटर (धारामापी)
- C.विस्कोमीटर (श्यानतामापी)
- D.डिफ्रैक्टोमीटर (विवर्तनमापी)
उत्तर देखें
गैल्वेनोमीटर बताता है कि परिपथ में कोई छोटी विद्युत धारा बह रही है या नहीं, और उसकी दिशा भी दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुरणन (रिवर्बरेशन) किससे संबंधित परिघटना है?
- A.ध्वनि का बहु-अपवर्तन
- B.ध्वनि का बहु-परावर्तन
- C.ध्वनि का एकल अपवर्तन
- D.ध्वनि का एकल परावर्तन
उत्तर देखें
स्रोत के बंद हो जाने के बाद भी किसी हॉल में ध्वनि का बने रहना अनुरणन है, जो दीवारों, छत और फर्श से बार-बार होने वाले परावर्तन के कारण होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत आवेश का मूल गुण नहीं है?
- A.आवेशों को जोड़ा जा सकता है
- B.आवेश संरक्षित रहता है
- C.किसी वस्तु पर आवेश सदैव इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन के आवेश का पूर्णांक गुणज होता है
- D.किसी विलगित निकाय में आवेश उत्पन्न और नष्ट किए जा सकते हैं
उत्तर देखें
यह आवेश संरक्षण के विरुद्ध है: किसी विलगित निकाय का कुल आवेश सदा समान रहता है। विद्युत आवेश के तीन मूल गुण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.सभी प्रोटीन एंजाइम होते हैं
- B.अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं
- C.सभी वसाएँ ऊर्जा से भरपूर यौगिक होती हैं
- D.ग्लूकोज एक सामान्य कार्बोहाइड्रेट है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है: एंजाइम प्रायः प्रोटीन होते हैं, पर अधिकतर प्रोटीन एंजाइम नहीं होते। शरीर में प्रोटीन अनेक काम करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस प्रकार के विकिरण की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है?
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.अवरक्त
- C.दृश्य प्रकाश
- D.एक्स-किरणें
उत्तर देखें
दिए गए चारों में एक्स-किरणें विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के कम तरंगदैर्ध्य और अधिक ऊर्जा वाले सिरे के सबसे पास हैं।
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