निम्नलिखित वायसरायों में से कौन ग्रीष्म ऋतु में अपनी परिषद को आधिकारिक रूप से शिमला ले जाने वाला पहला वायसराय था?
- A.जॉन लॉरेंस
- B.लॉर्ड डलहौजी
- C.लॉर्ड मेयो
- D.विलियम बेंटिंक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, जॉन लॉरेंस। 1864 में सर जॉन लॉरेंस ने शिमला को आधिकारिक ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया और गर्मी के महीनों में वायसराय व उनकी परिषद को कलकत्ता से वहाँ ले गए।
गवर्नर-जनरल 1820 के दशक से ही ठंडी जलवायु के लिए शिमला जाते रहे थे, लेकिन लॉरेंस से पहले ये निजी प्रवास होते थे और सरकार कलकत्ता में ही रहती थी। 1864 से 1869 तक वायसराय रहे लॉरेंस हर गर्मी में परिषद को पहाड़ों पर ले जाने लगे, और बाद के वायसराय भी यह प्रथा निभाते रहे। उन्हें अफगानिस्तान के प्रति कुशल अकर्मण्यता की नीति के लिए भी याद किया जाता है। शिमला आज हिमाचल प्रदेश की राजधानी है।
विकल्प B गलत है, क्योंकि लॉर्ड डलहौजी (1848 से 1856) गवर्नर-जनरल थे, वायसराय नहीं; वायसराय की उपाधि 1858 में कैनिंग से शुरू हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि लॉर्ड मेयो लॉरेंस के बाद 1869 से 1872 में अंडमान में उनकी हत्या तक रहे। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1833 से भारत के पहले गवर्नर-जनरल विलियम बेंटिंक का शासन शिमला के ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने से बहुत पहले का है।
Exam tip: शिमला 1864 में सर जॉन लॉरेंस के समय ग्रीष्मकालीन राजधानी बना; पहले वायसराय कैनिंग, 1858।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकथन I : सम्राट अशोक ने मृत्युदंड समाप्त कर दिया और अपनी सेना भंग कर दी।
कथन II : कलिंग युद्ध के बाद अशोक को पश्चाताप हुआ और वह बौद्ध बन गया।
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया, लेकिन उसने न तो मृत्युदंड समाप्त किया और न ही अपनी सेना भंग की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पहली शताब्दी ईस्वी में निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु भारत से रोम को होने वाले निर्यात की प्रमुख वस्तु नहीं थी?
- A.काली मिर्च
- B.जटामांसी (स्पाइकनार्ड)
- C.कछुए की खोल
- D.जायफल
उत्तर देखें
जायफल आज के इंडोनेशिया के मोलुक्का द्वीपों में बांडा द्वीपों से आता है, और यह भारत से रोम भेजी जाने वाली मुख्य वस्तुओं में नहीं था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में शिक्षा की स्थिति का सर्वेक्षण करने के लिए नियुक्त हंटर आयोग (1882) ने
- A.विश्वविद्यालयी शिक्षा की निंदा की
- B.1854 के डिस्पैच को अस्वीकार कर दिया
- C.प्राथमिक शिक्षा पर अधिक बल के साथ 1854 के डिस्पैच का समर्थन किया
- D.स्कूली शिक्षा की अनुदान सहायता प्रणाली की आलोचना की
उत्तर देखें
आयोग ने वुड के डिस्पैच को सही ठहराया, पर सरकार से प्राथमिक शिक्षा के प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कथन I : मुगल भारत में ज़मींदार एक शोषक वर्ग थे।
कथन II : सत्रहवीं शताब्दी में उत्तर भारत के बहुत-से कृषक विद्रोहों में ज़मींदारों को प्रायः किसानों का समर्थन मिला।
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
ज़मींदार किसानों का शोषण करते थे, फिर भी किसान अक्सर मुगल राज्य के विरुद्ध उनका साथ देते थे। ज़मींदारों के पास ज़मीन पर अधिकार थे और वे राज्य की ओर से राजस्व वसूलकर उसका एक हिस्सा अपने पास रखते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजा अवंतिपुत्त और बुद्ध के शिष्य कच्चान के बीच वर्ण पर संवाद निम्नलिखित में से किस बौद्ध ग्रंथ में मिलता है?
- A.मज्झिम निकाय
- B.संयुत्त निकाय
- C.अंगुत्तर निकाय
- D.अम्बट्ठ सुत्त
उत्तर देखें
यह संवाद मज्झिम निकाय का मधुर सुत्त है, जिसमें महाकच्चान मधुरा (मथुरा) के राजा अवंतिपुत्त के प्रश्नों का उत्तर देते हैं।
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