मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

पेरिस में पहले अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के पेरिस में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित किया और भारत के लक्ष्य बताए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
पेरिस में पहले अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को मोदी का संबोधन — GK24 title card

चर्चा में क्यों

10 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के पेरिस में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित किया और 2035 तक स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन तथा 2040 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने का लक्ष्य दोहराया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 सितंबर 2026 को फ्रांस के पेरिस में हुए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। वे इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने इसे अपनी तरह का पहला सम्मेलन बताया। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को समय पर पहल करने और निमंत्रण देने के लिए धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष की संभावनाएं असीमित हैं और इसका सही उपयोग करने का दायित्व सब पर है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कक्षाओं में भीड़ बढ़ रही है, प्रौद्योगिकी लगातार अधिक शक्तिशाली हो रही है और इस क्षेत्र में हिस्सेदारों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। उनका सुझाव स्पष्ट था। देशों को आपस में टकराने के बजाय साथ काम करना चाहिए। उन्हें तुरंत लाभ के पीछे भागने के बजाय दीर्घकालिक टिकाऊपन देखना चाहिए। उन्हें किसी को बाहर रखने के बजाय सबको साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने इस सोच को वसुधैव कुटुंबकम से जोड़ा, जिसका अर्थ उन्होंने एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक आंकड़ों का आदान-प्रदान खुलेपन और ईमानदारी के साथ हो, ताकि वे जनहित में काम आएं।

भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां

उन्होंने कहा कि इस यात्रा के केंद्र में इसरो है, जिसे कम लागत में बड़ी सफलता देने वाले मिशनों के लिए दुनिया भर में सराहा जाता है। भारतीय रॉकेट अब तक 34 देशों के 430 से अधिक पेलोड अंतरिक्ष में पहुंचा चुके हैं। उपग्रहों का उपयोग मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और नौवहन में होता है और इसका लाभ किसानों तथा मछुआरों तक पहुंचता है। उन्होंने आदित्य-एल1 का उल्लेख किया, जो इस समय सूर्य का अध्ययन कर रहा है, और याद दिलाया कि पिछले वर्ष एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा था। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के कारण भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना।

आगे के लक्ष्य

स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन2035 तक
चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री2040 तक

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, इसलिए अब उद्यमशीलता की ऊर्जा इसरो की उत्कृष्टता से जुड़ रही है।

फ्रांस से जुड़ाव

उन्होंने याद दिलाया कि 1960 के दशक में थुम्बा से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू होने के समय से ही फ्रांस एक भरोसेमंद साझेदार रहा है। आज दोनों देश पृथ्वी अवलोकन और उन्नत प्रौद्योगिकियों पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने फ्रांस और पूरी दुनिया को भारत की आगामी अंतरिक्ष यात्रा में सहयात्री बनने का न्योता दिया। अंत में उन्होंने कहा कि सभी देश मिलकर अंतरिक्ष का अन्वेषण करें, मिलकर नवाचार करें और मिलकर उसकी रक्षा करें।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनपहला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन
स्थानपेरिस, फ्रांस
संबोधनप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से
पहल और निमंत्रणफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
विदेशी पेलोड34 देशों के 430 से अधिक पेलोड प्रक्षेपित
स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशनलक्ष्य वर्ष 2035
चंद्रमा पर भारतीय यात्रीलक्ष्य वर्ष 2040
सूर्य मिशनआदित्य-एल1
चंद्रमा पर पहली उपलब्धिचंद्रयान-3 दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरा

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि पेरिस की यह बैठक पहला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन थी, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से इसे संबोधित किया, 34 देशों के 430 से अधिक पेलोड का आंकड़ा, 2035 में स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 में चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री के लक्ष्य, सूर्य मिशन आदित्य-एल1 तथा चंद्रयान-3 की दक्षिणी ध्रुव लैंडिंग।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, वह कहां आयोजित हुआ?

  1. A.बर्लिन
  2. B.पेरिस
  3. C.रोम
  4. D.मैड्रिड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पेरिस

विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने फ्रांस के पेरिस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

सम्मेलन में बताए गए लक्ष्य के अनुसार भारत अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन किस वर्ष तक स्थापित करना चाहता है?

  1. A.2030
  2. B.2035
  3. C.2040
  4. D.2045
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2035

देश की भविष्य की रूपरेखा बताते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत 2035 तक स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा और 2040 तक एक अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजेगा।

Q3.शिखर सम्मेलनआसान

किस भारतीय मिशन का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इससे भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश बना?

  1. A.चंद्रयान-2
  2. B.चंद्रयान-3
  3. C.आदित्य-एल1
  4. D.गगनयान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चंद्रयान-3

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान-3 के कारण भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश बना और इस लैंडिंग ने दुनिया के लिए एक नया मानक तय किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन कहां हुआ?

फ्रांस के पेरिस में। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस से इसे संबोधित किया, जिसकी पहल और निमंत्रण राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से आया था।

भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन कब तक बनाना चाहता है?

2035 तक। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में यह भी बताया कि भारत 2040 तक एक अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजने की योजना पर काम कर रहा है।

भारतीय रॉकेटों ने कितने विदेशी पेलोड प्रक्षेपित किए हैं?

इसरो की प्रक्षेपण सेवाओं की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय रॉकेट 34 देशों के 430 से अधिक पेलोड अंतरिक्ष में पहुंचा चुके हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS