प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, वह कहां आयोजित हुआ?
- A.बर्लिन
- B.पेरिस
- C.रोम
- D.मैड्रिड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पेरिस है। विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने फ्रांस के पेरिस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को समय पर पहल करने और सौहार्दपूर्ण निमंत्रण देने के लिए धन्यवाद दिया तथा इसे अपनी तरह का पहला सम्मेलन बताया। अपने समापन संदेश में भी उन्होंने इसी शहर का नाम लेते हुए कहा कि पेरिस का यह सम्मेलन स्पष्ट संदेश दे कि सभी देश मिलकर अंतरिक्ष का अन्वेषण करेंगे, मिलकर नवाचार करेंगे और मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। विकल्प बर्लिन गलत है, क्योंकि इस सम्मेलन के संदर्भ में जर्मनी या उसके किसी शहर का उल्लेख कहीं नहीं है। विकल्प रोम भी गलत है, क्योंकि इटली का नाम पूरे विवरण में नहीं आता। विकल्प मैड्रिड इसी कारण गलत है, क्योंकि स्पेन का कोई उल्लेख नहीं मिलता। विज्ञप्ति में केवल फ्रांस, उसकी राजधानी और वहां के राष्ट्रपति का नाम आता है, इसलिए पेरिस ही एकमात्र सही उत्तर है।
पूरा लेख पढ़ें: पेरिस में पहले अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को मोदी का संबोधन
अभ्यास प्रश्न
सम्मेलन में बताए गए लक्ष्य के अनुसार भारत अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन किस वर्ष तक स्थापित करना चाहता है?
- A.2030
- B.2035
- C.2040
- D.2045
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देश की भविष्य की रूपरेखा बताते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत 2035 तक स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा और 2040 तक एक अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस भारतीय मिशन का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इससे भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश बना?
- A.चंद्रयान-2
- B.चंद्रयान-3
- C.आदित्य-एल1
- D.गगनयान
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भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान-3 के कारण भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश बना और इस लैंडिंग ने दुनिया के लिए एक नया मानक तय किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन को संबोधित करने वाले कोयला एवं खान राज्य मंत्री कौन हैं?
- A.केशव चंद्र
- B.सतीश चंद्र दुबे
- C.जी. किशन रेड्डी
- D.प्रह्लाद जोशी
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सम्मेलन में उन्होंने कहा कि खनन पहलों को तेज करने और देश को खनिजों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में जी. किशन रेड्डी ने मुख्य रूप से किस प्रकार के खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए अन्वेषण तेज करने को कहा?
- A.कोयला जैसे ईंधन खनिज
- B.गौण खनिज
- C.महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स)
- D.परमाणु खनिज
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गोवा में हुए सम्मेलन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर खनिज अन्वेषण में तेजी लानी होगी, खास तौर पर इसलिए कि महत्वपूर्ण खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में संपन्न खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन कहां आयोजित हुआ?
- A.भुवनेश्वर
- B.गोवा
- C.हैदराबाद
- D.रांची
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खान मंत्रालय ने 6 नवंबर 2026 को बताया कि खनन मंत्रियों का दो दिवसीय चौथा सम्मेलन गोवा में संपन्न हुआ, जहां केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने केंद्र और राज्यों से मिलकर खनिज अन्वेषण तेज करने को कहा।
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