पवन-आई3सी केंद्र रखेगा दिल्ली-एनसीआर की हवा पर सीधी नजर
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सीएक्यूएम के नए पवन एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र की समीक्षा की, जो 30 से अधिक आंकड़ा स्रोत एक मंच पर जोड़ता है।

चर्चा में क्यों
30 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में सीएक्यूएम के पवन एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र की समीक्षा की, जो दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता से जुड़े 30 से अधिक आंकड़ा स्रोत एक मंच पर लाता है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के नवनिर्मित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया और इसकी तकनीकी व्यवस्था तथा काम शुरू करने की तैयारी देखी। इस केंद्र का नाम पवन है, जो एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी और विश्लेषण मंच का संक्षिप्त रूप है। इसे राजधानी क्षेत्र के लिए एकल खिड़की वाले डिजिटल तंत्रिका केंद्र के रूप में तैयार किया गया है।
मंच में कौन से आंकड़े आते हैं
पवन में 30 से अधिक एपीआई और आंकड़ा स्रोत जुड़े हैं, जिनमें वायु गुणवत्ता, उत्सर्जन, मौसम, उपग्रह चित्र, कैमरे, यातायात, जन शिकायतें और अनुपालन के रिकॉर्ड शामिल हैं। मुख्य स्रोत इस प्रकार हैं:
- दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम कर रहे 111 सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र
- 2,300 से अधिक उद्योग और 3,200 से अधिक सक्रिय निर्माण स्थल
- उद्योगों के सतत उत्सर्जन निगरानी तंत्र, जो पीएम, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड की जानकारी देते हैं
- पराली जलाने के उपग्रह आंकड़े, जो आईएआरआई, इसरो और फर्म्स से आते हैं और पिछले छह साल की आग की घटनाओं से तुलना करते हैं
- वाहन के आंकड़े, जाम वाले स्थान, ओखला, भलस्वा, गाजीपुर, ग्रेटर नोएडा तथा बंधवाड़ी कूड़ा स्थलों से सीधा प्रसारण और सड़क सफाई मशीनों की निगरानी
- ग्रीन दिल्ली तथा समीर ऐप से आने वाली नागरिक शिकायतें
काम करने का तरीका
यह मंच पहचानो, विश्लेषण करो और कार्रवाई करो के सिद्धांत पर चलता है। जब कोई आंकड़ा तय मानक या वैधानिक निर्देश से हटता है, तो चेतावनी बनती है और संबंधित एजेंसी तक पहुंचती है। इससे आयोग उस पुरानी व्यवस्था से आगे बढ़ता है जिसमें हर एजेंसी अपनी ही रिपोर्ट देती थी। मंत्री ने कहा कि केंद्र कामकाज की देरी खत्म करता है और आंकड़ों की दीवारें गिराता है, जिससे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एक ही प्रमाणित स्रोत से काम कर सकें और मिनटों में जिम्मेदारी तय कर सकें। खेत की आग, धुआं छोड़ती चिमनी या बिना ढका निर्माण स्थल अब उसी समय दिखेगा और कार्रवाई होगी।
नवंबर में निर्माण पर रोक
मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदूषण रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ का काम बंद रहेगा। एक अलग खंड दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राज्य कार्य योजनाओं के बचे कामों पर नजर रखता है। इस मौके पर सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा और सीपीसीबी अध्यक्ष अमनदीप गर्ग मौजूद रहे।
महत्वपूर्ण तथ्य
| मंच | पवन: एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी और विश्लेषण मंच |
|---|---|
| बनाने वाली संस्था | वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) |
| समीक्षा | केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव |
| आंकड़ा स्रोत | 30 से अधिक एपीआई और आंकड़ा स्रोत |
| निगरानी केंद्र | 111 सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र |
| उद्योग और स्थल | 2,300 से अधिक उद्योग, 3,200 से अधिक निर्माण स्थल |
| सिद्धांत | पहचानो, विश्लेषण करो, कार्रवाई करो |
| निर्माण पर रोक | एनसीआर में 5 से 20 नवंबर तक |
| सीएक्यूएम अध्यक्ष | राजेश वर्मा |
| कार्य योजना वाले राज्य | दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: पवन का पूरा अर्थ, इसे बनाने वाली संस्था (सीएक्यूएम), समीक्षा करने वाले मंत्री, आंकड़ा स्रोतों की संख्या (30 से अधिक) और निगरानी केंद्रों की संख्या (111), शामिल उद्योग तथा निर्माण स्थल, काम का सिद्धांत और 5 से 20 नवंबर तक निर्माण पर रोक।
अभ्यास प्रश्न
सीएक्यूएम के नए कमान केंद्र के नाम पवन का पूरा अर्थ क्या है?
- A.प्रदूषण चेतावनी और निगरानी एजेंसी नेटवर्क
- B.एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी और विश्लेषण मंच
- C.वायु संचार और वायुमंडलीय पूर्वानुमान कार्यक्रम
- D.परिवेशी सत्यापन और वायु आंकड़ा मंच
उत्तर देखें
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नई दिल्ली में इस एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र को राजधानी क्षेत्र के लिए एकल खिड़की वाले डिजिटल तंत्रिका केंद्र के रूप में तैयार किया है, और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इसकी तकनीकी व्यवस्था तथा तैयारी की समीक्षा की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पवन मंच में कितने सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़े जुड़े हैं?
- A.88
- B.96
- C.111
- D.134
उत्तर देखें
यह मंच दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम कर रहे 111 सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़े जोड़ता है, जिन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों ने लगाया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पवन एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र किस सिद्धांत पर काम करता है?
- A.पहचानो, विश्लेषण करो, कार्रवाई करो
- B.मापो, रिपोर्ट करो, सत्यापित करो
- C.निगरानी, चेतावनी, जुर्माना
- D.देखो, पूर्वानुमान लगाओ, सूचित करो
उत्तर देखें
मंत्री ने बताया कि यह केंद्र इसी सिद्धांत पर चलता है और कई एजेंसियों के आंकड़े एक साझा मंच पर लाकर प्रदूषण के स्तर का तत्काल तथा पुराना विश्लेषण, स्रोतों की पहचान, रुझानों का आकलन और मैदान में अनुपालन की निगरानी संभव बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पवन का पूरा अर्थ क्या है?
एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी और विश्लेषण मंच। यह नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र है।
पवन में कितने निगरानी केंद्रों के आंकड़े आते हैं?
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम कर रहे 111 सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के, साथ ही 2,300 से अधिक उद्योगों और 3,200 से अधिक सक्रिय निर्माण स्थलों के आंकड़े भी।
एनसीआर में निर्माण कार्य कब बंद रहेगा?
5 से 20 नवंबर तक, जैसा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस केंद्र की समीक्षा के दौरान बताया।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2330449 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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