पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के पांच वर्ष, 1,800 डेटा लेयर जुड़े
अक्टूबर 2021 में शुरू हुए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने पांच वर्ष पूरे किए; मंच पर 1,800 डेटा लेयर और 58 केंद्रीय मंत्रालय जुड़ चुके हैं।

चर्चा में क्यों
अक्टूबर 2026 में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के पांच वर्ष पूरे हुए और सरकार ने इसका लेखा-जोखा रखा: 1,800 डेटा लेयर, 58 मंत्रालय, सभी 36 राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र तथा नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप द्वारा समीक्षित 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 परियोजनाएं।
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अक्टूबर 2021 में शुरू किया था, ने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसका भू-स्थानिक डिजिटल मंच आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान यानी BISAG-N ने तैयार किया है। इसका उद्देश्य मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों को एक ही नक्शे पर लाना है, जिससे बुनियादी ढांचे की योजना अलग-अलग नहीं बल्कि मिलकर बने और बहुविध, अंतरविध तथा अंतिम छोर तक संपर्क बेहतर हो।
मंच की स्थिति
इस मंच पर अब 1,800 से अधिक डेटा लेयर जुड़ चुकी हैं, जो 58 केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों और सभी 36 राज्यों एवं संघ राज्यक्षेत्रों से आती हैं। इसके साथ 65 से अधिक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तथा उपकरण और 100 से अधिक मोबाइल व वेब ऐप्लिकेशन विकसित किए गए हैं। गतिशक्ति सिद्धांतों पर परियोजनाओं का मूल्यांकन करने वाले नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने लगभग 20.23 लाख करोड़ रुपये की 400 से अधिक परियोजनाओं की समीक्षा की है।
वर्षवार प्रगति
| वर्ष | उपलब्धि |
| 2021-22 | मंच की शुरुआत, आधार चरण |
| 2022-23 | आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा मंत्रालय जुड़े, 71 परियोजनाओं की समीक्षा |
| 2023-24 | सामाजिक क्षेत्र का समावेश, 1,463 डेटा लेयर, सभी 36 राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र जुड़े |
| 2024-25 | आर्थिक क्षेत्र का समावेश, जिला मास्टर प्लान शुरू, 121 परियोजनाओं की समीक्षा |
| 2025-26 | पब्लिक प्लेटफॉर्म, KMS, DUMS और डैशबोर्ड शुरू, 352 परियोजनाओं की समीक्षा |
| 2026 | 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 परियोजनाओं की समीक्षा |
आम लोगों के लिए खुला मंच
पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस यानी UGI के माध्यम से सितंबर 2025 में शुरू किया गया। इससे चुनिंदा डेटा विश्लेषण निजी संस्थाओं और आम नागरिकों को भी उपलब्ध हुआ। ज्ञान प्रबंधन प्रणाली, विकेंद्रीकृत डेटा अपलोड एवं प्रबंधन प्रणाली तथा मास्टर प्लान डैशबोर्ड ने जानकारी साझा करने, डेटा प्रशासन और परियोजनाओं की निगरानी को मजबूत किया है। योजना को जिला स्तर तक ले जाया गया है, जिसमें सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, जल पाइपलाइन और अन्य बुनियादी सेवाएं शामिल हैं।
परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए नया प्राधिकरण
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण यानी ITLA को मंजूरी दी है। यह परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन का काम देखेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे बहुविध संपर्क मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और विकसित भारत 2047 की दिशा में वैश्विक लॉजिस्टिक्स में भारत की स्थिति सुधरेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान |
|---|---|
| शुरुआत | अक्टूबर 2021, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा |
| मंच का निर्माण | BISAG-N, आत्मनिर्भर भारत के तहत |
| डेटा लेयर | 1,800 से अधिक |
| मंत्रालय एवं विभाग | 58 केंद्रीय मंत्रालय और विभाग |
| राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र | सभी 36 |
| मूल्यांकन निकाय | नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप |
| समीक्षित परियोजनाएं | 2026 में 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 परियोजनाएं |
| सार्वजनिक पहुंच | यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस, सितंबर 2025 में शुरू |
| नया प्राधिकरण | एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण, मंत्रिमंडल से मंजूर |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें शुरुआत का महीना और वर्ष (अक्टूबर 2021), विकासकर्ता BISAG-N, डेटा लेयर (1,800), मंत्रालय (58), राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र (36), नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप और 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 परियोजनाएं, सितंबर 2025 का यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस तथा नया एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण।
अभ्यास प्रश्न
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के मंच पर कितनी डेटा लेयर जुड़ी हैं?
- A.800 से अधिक
- B.1,200 से अधिक
- C.1,800 से अधिक
- D.2,500 से अधिक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 1,800 से अधिक है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के पांच वर्ष पूरे होने पर सरकार ने बताया कि इस मंच पर 1,800 से अधिक डेटा लेयर जुड़ी हैं, जिनमें 58 केंद्रीय मंत्रालय तथा विभाग और सभी 36 राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ 65 से अधिक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तथा उपकरण और 100 से अधिक मोबाइल व वेब ऐप्लिकेशन भी विकसित किए गए हैं। विकल्प A, B और D में दी संख्याएं इस रिकॉर्ड से मेल नहीं खातीं। यह याद रखना उपयोगी है कि 1,463 डेटा लेयर का आंकड़ा 2023-24 का है, जब सामाजिक क्षेत्र को जोड़ा गया और सभी 36 राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र मंच पर आए, इसलिए लगभग 1,800 लेयर तक की वृद्धि बाद के वर्षों की है। यह मंच BISAG-N ने आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही बनाया है।
पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के आधार पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन कौन करता है?
- A.नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप
- B.लोक निवेश बोर्ड
- C.राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परिषद
- D.परियोजना निगरानी समूह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप है। यह समूह गतिशक्ति सिद्धांतों पर परियोजनाओं की समीक्षा करता है और इसने लगभग 20.23 लाख करोड़ रुपये की 400 से अधिक परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है, जिनकी संख्या 2026 में 421 थी। इसका ढांचा बहुविध बुनियादी ढांचे की एकीकृत योजना, आर्थिक तथा सामाजिक केंद्रों तक अंतिम छोर के संपर्क, अंतरविध संपर्क, लॉजिस्टिक्स दक्षता और परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर जोर देता है। विकल्प B, C और D में दिए निकाय मास्टर प्लान के तहत यह काम नहीं करते। इसके साथ वर्षवार आंकड़े भी याद रखें: 2022-23 में आठ प्रमुख मंत्रालय जुड़ने पर 71 परियोजनाएं, 2024-25 में जिला मास्टर प्लान के साथ 121 परियोजनाएं और 2025-26 में 352 परियोजनाएं समीक्षित हुईं। यह समूह पूरे सरकार के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप देने का काम भी करता है, जिससे अलग-अलग मंत्रालय एक साथ योजना बनाते हैं।
परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स की दीर्घकालिक योजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस प्राधिकरण को मंजूरी दी है?
- A.राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स बोर्ड
- B.एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण
- C.बहुविध संपर्क आयोग
- D.भारत परिवहन नियामक प्राधिकरण
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण यानी ITLA है। सरकार ने इसे इसलिए स्थापित करने का निर्णय लिया है कि एकीकृत दीर्घकालिक परिवहन योजना में पीएम गतिशक्ति की पूरी क्षमता का उपयोग हो सके, और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। यह प्राधिकरण परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करेगा। इससे बहुविध बुनियादी ढांचे का संपर्क बढ़ने, दक्षता सुधरने, लॉजिस्टिक्स लागत घटने और वैश्विक लॉजिस्टिक्स में भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की अपेक्षा है। विकल्प A, C और D काल्पनिक नाम हैं और पांच वर्ष पूरे होने पर ऐसे किसी निकाय की घोषणा नहीं हुई। यह मास्टर प्लान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से भी जुड़ा है और समन्वित योजना, बहुविध संपर्क तथा बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता का ढांचा उपलब्ध कराता है।
पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म निजी संस्थाओं और आम नागरिकों के लिए किस इंटरफेस से खोला गया?
- A.राष्ट्रीय भू-स्थानिक पोर्टल
- B.यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस
- C.ओपन डेटा गेटवे
- D.भारत मैप इंटरफेस
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस यानी UGI है। पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म इसी इंटरफेस के माध्यम से सितंबर 2025 में शुरू किया गया और इससे चुनिंदा डेटा विश्लेषण क्षमताएं निजी संस्थाओं तथा आम नागरिकों तक पहुंचीं, जो मास्टर प्लान के सुगमता चरण का प्रतीक है। इसके साथ ज्ञान प्रबंधन प्रणाली, विकेंद्रीकृत डेटा अपलोड एवं प्रबंधन प्रणाली तथा मास्टर प्लान डैशबोर्ड ने जानकारी साझा करने, डेटा प्रशासन और बुनियादी ढांचे की निगरानी को मजबूत किया है। विकल्प A, C और D नाम से विश्वसनीय लगते हैं, पर गलत हैं। यह भी याद रखें कि योजना जिला स्तर तक पहुंची है और इसमें सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा जल पाइपलाइन जैसी सेवाएं शामिल हैं, इसलिए 2024-25 का जिला मास्टर प्लान महत्वपूर्ण पड़ाव है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान कब शुरू हुआ था?
अक्टूबर 2021 में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी शुरुआत की थी। अक्टूबर 2026 में इसके पांच वर्ष पूरे हुए और यह योजना मंच से आगे बढ़कर व्यापक भू-स्थानिक व्यवस्था बन गई है।
पीएम गतिशक्ति का मंच किसने विकसित किया?
भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान यानी BISAG-N ने इसे आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही विकसित किया है।
नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने कितनी परियोजनाओं की समीक्षा की है?
लगभग 20.23 लाख करोड़ रुपये की 400 से अधिक परियोजनाओं की। 2026 का आंकड़ा 421 परियोजनाएं है, जबकि 2022-23 में 71, 2024-25 में 121 और 2025-26 में 352 परियोजनाओं की समीक्षा हुई थी।
एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण क्या है?
यह केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर एक निकाय है, जो परिवहन और लॉजिस्टिक्स में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी तथा प्रभाव आकलन करेगा, जिससे बहुविध संपर्क मजबूत हो और लॉजिस्टिक्स लागत घटे।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322825 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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