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GK24
सरकारी योजनाएंआसान

परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स की दीर्घकालिक योजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस प्राधिकरण को मंजूरी दी है?

  1. A.राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स बोर्ड
  2. B.एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण
  3. C.बहुविध संपर्क आयोग
  4. D.भारत परिवहन नियामक प्राधिकरण

सही उत्तर

B. एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण यानी ITLA है। सरकार ने इसे इसलिए स्थापित करने का निर्णय लिया है कि एकीकृत दीर्घकालिक परिवहन योजना में पीएम गतिशक्ति की पूरी क्षमता का उपयोग हो सके, और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। यह प्राधिकरण परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करेगा। इससे बहुविध बुनियादी ढांचे का संपर्क बढ़ने, दक्षता सुधरने, लॉजिस्टिक्स लागत घटने और वैश्विक लॉजिस्टिक्स में भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की अपेक्षा है। विकल्प A, C और D काल्पनिक नाम हैं और पांच वर्ष पूरे होने पर ऐसे किसी निकाय की घोषणा नहीं हुई। यह मास्टर प्लान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से भी जुड़ा है और समन्वित योजना, बहुविध संपर्क तथा बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता का ढांचा उपलब्ध कराता है।

पूरा लेख पढ़ें: पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के पांच वर्ष, 1,800 डेटा लेयर जुड़े

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के मंच पर कितनी डेटा लेयर जुड़ी हैं?

  1. A.800 से अधिक
  2. B.1,200 से अधिक
  3. C.1,800 से अधिक
  4. D.2,500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1,800 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 1,800 से अधिक है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के पांच वर्ष पूरे होने पर सरकार ने बताया कि इस मंच पर 1,800 से अधिक डेटा लेयर जुड़ी हैं, जिनमें 58 केंद्रीय मंत्रालय तथा विभाग और सभी 36 राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ 65 से अधिक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तथा उपकरण और 100 से अधिक मोबाइल व वेब ऐप्लिकेशन भी विकसित किए गए हैं। विकल्प A, B और D में दी संख्याएं इस रिकॉर्ड से मेल नहीं खातीं। यह याद रखना उपयोगी है कि 1,463 डेटा लेयर का आंकड़ा 2023-24 का है, जब सामाजिक क्षेत्र को जोड़ा गया और सभी 36 राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र मंच पर आए, इसलिए लगभग 1,800 लेयर तक की वृद्धि बाद के वर्षों की है। यह मंच BISAG-N ने आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही बनाया है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के आधार पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन कौन करता है?

  1. A.नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप
  2. B.लोक निवेश बोर्ड
  3. C.राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परिषद
  4. D.परियोजना निगरानी समूह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप

व्याख्या

सही उत्तर नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप है। यह समूह गतिशक्ति सिद्धांतों पर परियोजनाओं की समीक्षा करता है और इसने लगभग 20.23 लाख करोड़ रुपये की 400 से अधिक परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है, जिनकी संख्या 2026 में 421 थी। इसका ढांचा बहुविध बुनियादी ढांचे की एकीकृत योजना, आर्थिक तथा सामाजिक केंद्रों तक अंतिम छोर के संपर्क, अंतरविध संपर्क, लॉजिस्टिक्स दक्षता और परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर जोर देता है। विकल्प B, C और D में दिए निकाय मास्टर प्लान के तहत यह काम नहीं करते। इसके साथ वर्षवार आंकड़े भी याद रखें: 2022-23 में आठ प्रमुख मंत्रालय जुड़ने पर 71 परियोजनाएं, 2024-25 में जिला मास्टर प्लान के साथ 121 परियोजनाएं और 2025-26 में 352 परियोजनाएं समीक्षित हुईं। यह समूह पूरे सरकार के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप देने का काम भी करता है, जिससे अलग-अलग मंत्रालय एक साथ योजना बनाते हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म निजी संस्थाओं और आम नागरिकों के लिए किस इंटरफेस से खोला गया?

  1. A.राष्ट्रीय भू-स्थानिक पोर्टल
  2. B.यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस
  3. C.ओपन डेटा गेटवे
  4. D.भारत मैप इंटरफेस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस

व्याख्या

सही उत्तर यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस यानी UGI है। पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म इसी इंटरफेस के माध्यम से सितंबर 2025 में शुरू किया गया और इससे चुनिंदा डेटा विश्लेषण क्षमताएं निजी संस्थाओं तथा आम नागरिकों तक पहुंचीं, जो मास्टर प्लान के सुगमता चरण का प्रतीक है। इसके साथ ज्ञान प्रबंधन प्रणाली, विकेंद्रीकृत डेटा अपलोड एवं प्रबंधन प्रणाली तथा मास्टर प्लान डैशबोर्ड ने जानकारी साझा करने, डेटा प्रशासन और बुनियादी ढांचे की निगरानी को मजबूत किया है। विकल्प A, C और D नाम से विश्वसनीय लगते हैं, पर गलत हैं। यह भी याद रखें कि योजना जिला स्तर तक पहुंची है और इसमें सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा जल पाइपलाइन जैसी सेवाएं शामिल हैं, इसलिए 2024-25 का जिला मास्टर प्लान महत्वपूर्ण पड़ाव है।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

खादी कताई में एक लच्छी सूत की लंबाई कितनी होती है?

  1. A.640 गज
  2. B.840 गज
  3. C.1,000 गज
  4. D.1,200 गज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 840 गज

व्याख्या

सही उत्तर 840 गज है। लच्छी वह इकाई है जिससे खादी कातने वाले कारीगर का काम मापा जाता है, और एक लच्छी लंबाई में 840 गज सूत तथा वजन में एक पाउंड के बराबर होती है। यह इकाई इसलिए महत्वपूर्ण है कि कारीगर का पारिश्रमिक इसी के आधार पर दिया जाता है, जो 2013-14 के 4 रुपये प्रति लच्छी से बढ़कर अब 15 रुपये प्रति लच्छी हो गया है, यानी लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि। विकल्प ए यानी 640 गज, विकल्प सी यानी 1,000 गज और विकल्प डी यानी 1,200 गज लच्छी का माप नहीं हैं, और जो अभ्यर्थी केवल गोल आंकड़ा याद रखते हैं वे गणना में चूक जाते हैं। खादी क्षेत्र के लगभग पांच लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, इसलिए यह मजदूरी इकाई बड़ी संख्या में महिला कारीगरों की कमाई तय करती है। दोनों माप साथ याद रखें, लंबाई में 840 गज और वजन में एक पाउंड।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

खादी और ग्रामोद्योग आयोग किस वर्ष के अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक निकाय है?

  1. A.1948
  2. B.1951
  3. C.1956
  4. D.1962
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1956

व्याख्या

सही उत्तर 1956 है। केवीआईसी इसी वर्ष बने खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक निकाय है, और यही अधिनियम आयोग को ग्रामीण उद्योगों की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने, सुगम बनाने, संगठित करने तथा सहायता देने का अधिकार देता है। इसी दायरे में प्रशिक्षण, कच्चा माल, विपणन, अनुसंधान और गुणवत्ता सुधार के उपाय आते हैं, साथ ही कौशल विकास और तकनीकी जानकारी देना भी शामिल है। बाकी वर्ष इस अधिनियम से नहीं जुड़े हैं। विकल्प ए यानी 1948 स्वतंत्रता के तुरंत बाद के औद्योगिक नीति वक्तव्य से जुड़ा वर्ष है, इस आयोग से नहीं। विकल्प बी यानी 1951 देश में नियोजित विकास की शुरुआत से जोड़ा जाता है, खादी कानून से नहीं। विकल्प डी यानी 1962 आयोग की स्थापना के बाद का वर्ष है और इसके मूल कानून से इसका कोई संबंध नहीं है। परीक्षा के लिए यह भी याद रखें कि आयोग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन काम करता है।