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ओडिशा 2030 तक 1 गीगावाट एग्रीवोल्टाइक्स का लक्ष्य रखेगा

एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 में ओडिशा ने बताया कि उसकी एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 में 2030 तक 1 गीगावाट का लक्ष्य और 90% भूमि कृषि योग्य रखने की शर्त है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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ओडिशा 2030 तक 1 गीगावाट एग्रीवोल्टाइक्स का लक्ष्य रखेगा — GK24 title card

चर्चा में क्यों

22 अक्टूबर 2026 को एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन ओडिशा ने 2030 तक 1 गीगावाट के लक्ष्य वाली एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 की घोषणा की, और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा बिहार ने अपनी योजनाएं रखीं।

एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 का दूसरा दिन राज्यों की नीतियों, नई तकनीक और जलवायु वित्त पर केंद्रित रहा। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (आईआईएसडी) तथा काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के संयुक्त तत्वावधान में हुए मंत्रिस्तरीय सत्र में ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के ऊर्जा एवं कृषि मंत्री एक मंच पर आए और बताया कि उनके राज्य एग्रीवोल्टाइक्स को कैसे बढ़ा रहे हैं, यानी उसी जमीन पर खेती के साथ सौर बिजली बनाने की पद्धति को।

ओडिशा की नीति घोषणा

उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने बताया कि राज्य अपनी समर्पित एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 को अंतिम रूप दे रहा है, जिसमें 2030 तक 1 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित नीति के तहत परियोजना स्थल का कम से कम 90% हिस्सा कृषि योग्य बना रहेगा, किसान की सहमति और फसल बीमा की रक्षा होगी, तथा किसान चाहे तो परियोजना का मालिक बने या जमीन पट्टे पर देकर खेती जारी रखे। निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य ग्रिडको के माध्यम से पच्चीस वर्ष के विद्युत क्रय समझौते, ग्रिड कनेक्टिविटी और निवेश प्रोत्साहन देगा।

अन्य राज्यों ने क्या कहा

  • उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने राज्य की फसल विविधता रेखांकित की और कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III बिजली निकासी को मजबूत करेगा, जबकि राज्य में छोटे व सीमांत किसानों के पास लगभग चार-पांचवां हिस्सा जोत है।
  • उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जिन सोलह लाख कृषि नलकूपों के बिजली बिल माफ हुए हैं, उन सभी का सौरीकरण किया जाएगा और प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्रों तथा कृषि विश्वविद्यालयों के जरिए होगा।
  • मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि कई जगह सौर पैनलों के नीचे खेती शुरू हो चुकी है और बैटरी भंडारण की निविदा प्रक्रिया पूरी है, तथा राज्य वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहा है।
  • बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार मंडल ने कहा कि लगभग 2,700 कृषि फीडरों पर काम आगे बढ़ा है और उनके सौरीकरण के लिए राज्य ने वित्तीय मंजूरी दी है।

तकनीक, वित्त और युवा

नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा तैयार एग्रीवोल्टाइक्स पिच-हब में स्टार्टअप ने दोहरे उपयोग वाले समाधान एक जूरी के सामने रखे, जिसमें राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान, उद्यम पूंजी निवेशक और उद्योग जगत शामिल थे। फ्राउनहोफर आईएसई तथा सनसीड एपीवी ने सौर ट्रैकिंग, पैनल के झुकाव को बदलने की तकनीक, अर्ध-पारदर्शी सौर मॉड्यूल और गर्म-शुष्क परिस्थितियों के लिए बने सूक्ष्म-जलवायु मिट्टी सेंसर दिखाए। इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के संवाद में एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और फर्स्ट सोलर जैसी कंपनियां जुड़ीं, जबकि विश्व बैंक, केएफडब्ल्यू, यूरोपीय निवेश बैंक और इरेडा के साथ हुई गोलमेज बैठक में जोखिम कम करने के साधनों, रियायती ऋण तथा मिश्रित वित्त पर चर्चा हुई। अभिनेत्री और यूएनडीपी इंडिया की यूथ चैंपियन संजना सांघी ने खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रामीण युवाओं की आजीविका पर बात रखी, और दिन का समापन चालू एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं की डिजिटल पोस्टर प्रदर्शनी से हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनएग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026, दूसरा दिन
मंत्रिस्तरीय सत्र के आयोजकआईआईएसडी और सीईईडब्ल्यू
शामिल राज्यओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार
ओडिशा की नीतिएग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026, 2030 तक 1 गीगावाट का लक्ष्य
कृषि योग्य शर्तहर परियोजना स्थल का कम से कम 90% हिस्सा कृषि योग्य रहेगा
ओडिशा का ऑफटेकग्रिडको के माध्यम से पच्चीस वर्ष के विद्युत क्रय समझौते
बिहारलगभग 2,700 कृषि फीडरों पर काम आगे बढ़ा
पिच-हबनेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया
यूथ चैंपियनसंजना सांघी, यूएनडीपी इंडिया

परीक्षा की दृष्टि से

सम्मेलन का नाम (एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026), मंत्रिस्तरीय सत्र के आयोजक (आईआईएसडी और सीईईडब्ल्यू), ओडिशा की एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 में 2030 तक 1 गीगावाट का लक्ष्य व 90% कृषि योग्य शर्त, ग्रिडको के विद्युत क्रय समझौते, बिहार के 2,700 कृषि फीडर और पीएम-कुसुम से जुड़ाव याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 में किस राज्य ने 2030 तक 1 गीगावाट के लक्ष्य वाली समर्पित एग्रीवोल्टाइक्स नीति को अंतिम रूप देने की घोषणा की?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.मध्य प्रदेश
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओडिशा

राज्य के उपमुख्यमंत्री ने मंत्रिस्तरीय सत्र में बताया कि ओडिशा एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 को अंतिम रूप दे रहा है, जिसका आधार 2030 तक 1 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य है, और जिसके तहत परियोजना स्थल का कम से कम नब्बे प्रतिशत हिस्सा कृषि योग्य रहेगा, किसान की सहमति तथा फसल बीमा…

Q2.पर्यावरणमध्यम

ओडिशा की प्रस्तावित एग्रीवोल्टाइक्स नीति के तहत परियोजना स्थल का कम से कम कितना हिस्सा कृषि योग्य बना रहना चाहिए?

  1. A.50 प्रतिशत
  2. B.70 प्रतिशत
  3. C.80 प्रतिशत
  4. D.90 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 90 प्रतिशत

एग्रीवोल्टाइक्स का पूरा विचार यही है कि सौर पैनलों के नीचे और आसपास खेती चलती रहे, इसलिए प्रस्तावित नीति हर स्थल के कृषि योग्य हिस्से के लिए ऊंची सीमा तय करती है और इसके साथ किसान की सहमति तथा फसल बीमा की सुरक्षा जोड़ती है।

Q3.पर्यावरणकठिन

एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 का मंत्रिस्तरीय सत्र किन दो संस्थाओं ने संयुक्त रूप से आयोजित किया?

  1. A.आईआईएसडी और सीईईडब्ल्यू
  2. B.नीति आयोग और टेरी
  3. C.इरेडा और सेकी
  4. D.एनएसईएफआई और एनआईएसई
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आईआईएसडी और सीईईडब्ल्यू

इन्होंने वह विशेष मंत्रिस्तरीय सत्र आयोजित किया जिसमें राज्यों के ऊर्जा और कृषि मंत्रियों ने एग्रीवोल्टाइक्स बढ़ाने की रणनीतियां रखीं, निवेश के अवसर दिखाए और स्थानीय फसलों के अनुरूप पीएम-कुसुम योजना को ढालने पर चर्चा की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एग्रीवोल्टाइक्स क्या है और सम्मेलन में इसे किस योजना से जोड़ा गया?

एग्रीवोल्टाइक्स का अर्थ उसी जमीन पर खेती के साथ सौर बिजली बनाना है। राज्यों के मंत्रियों ने स्थानीय फसल प्रणालियों के अनुरूप पीएम-कुसुम योजना को ढालने, भूमि उपयोग के नए मॉडल और राज्य स्तर पर टैरिफ प्रोत्साहन पर चर्चा की।

ओडिशा की एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 में क्या लक्ष्य रखा गया है?

2030 तक 1 गीगावाट का लक्ष्य, जिसमें हर परियोजना स्थल का कम से कम 90% हिस्सा कृषि योग्य बना रहेगा, किसान की सहमति व फसल बीमा सुरक्षित रहेंगे और ग्रिडको के जरिए पच्चीस वर्ष के विद्युत क्रय समझौते मिलेंगे।

वित्त पर हुई गोलमेज बैठक में कौन-कौन शामिल थे?

विश्व बैंक, केएफडब्ल्यू, यूरोपीय निवेश बैंक और इरेडा के प्रतिनिधियों सहित व्यावसायिक ऋणदाताओं ने जोखिम कम करने के साधनों, रियायती ऋण और मिश्रित वित्त पर चर्चा की, ताकि एग्रीवोल्टाइक परियोजनाएं बड़े पैमाने पर लग सकें।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 22 अक्टूबर 2026

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