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सीआईआई सम्मेलन में सर्कुलर इकोनॉमी पर भूपेंद्र यादव का आह्वान

सीआईआई के सर्कुलर इकोनॉमी सम्मेलन में भूपेंद्र यादव ने बताया कि 499.60 लाख मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण हुआ और ईपीआर में 86,043 उत्पादक पंजीकृत हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सीआईआई सम्मेलन में सर्कुलर इकोनॉमी पर भूपेंद्र यादव का आह्वान — GK24 title card

चर्चा में क्यों

22 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में सीआईआई के चक्रीय अर्थव्यवस्था सम्मेलन में बताया कि लगभग 499.60 लाख मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण हो चुका है तथा ईपीआर में 86,043 उत्पादक और 4,880 रीसाइकलर पंजीकृत हैं।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के चक्रीय अर्थव्यवस्था सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने भारत की सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग जगत और शहरी स्थानीय निकायों से मिलकर काम करने का आह्वान किया और कहा कि स्पष्ट नीतियों, नियामक सुधारों, डिजिटल अनुपालन प्रणालियों तथा पूरी सरकार के सम्मिलित प्रयासों से नीतिगत इरादे ठोस कार्रवाई में बदल रहे हैं।

नौ प्रकार के कचरे के अपने नियम

मंत्री ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन का कानूनी ढांचा लगातार मजबूत किया गया है और नौ तरह के अपशिष्टों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं, अर्थात प्लास्टिक कचरा, बैटरी कचरा, ई-कचरा, पुराने टायर, इस्तेमाल किया गया तेल, जीवनचक्र पूरा कर चुके वाहन, निर्माण तथा विध्वंस से निकला कचरा, अलौह धातु का कबाड़ और ठोस कचरा। ये नियम उत्पाद के पूरे जीवनचक्र पर लागू होते हैं और कचरे की रोकथाम, रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग, पुनर्निर्माण तथा संसाधनों की पुन:प्राप्ति को समेटते हैं।

प्रसंस्करण और पंजीकरण के आंकड़े

अब तक विनियमित श्रेणियों में लगभग 499.60 लाख मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण हो चुका है। विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) ढांचे के अंतर्गत 86,043 से अधिक उत्पादक और 4,880 रीसाइकलर पंजीकृत हैं। ईपीआर उत्पादकों, आयातकों तथा ब्रांड मालिकों पर यह जिम्मेदारी डालता है कि उनके उत्पाद का जीवनचक्र समाप्त होने पर पर्यावरण के अनुकूल प्रबंधन हो, और ईपीआर प्रमाणपत्रों के हस्तांतरण से रीसाइकल करने वालों को क्षमता बढ़ाने तथा बेहतर तकनीक अपनाने का वित्तीय प्रोत्साहन मिलता है।

नियम अकेले पर्याप्त नहीं

श्री यादव ने स्पष्ट कहा कि केवल नियमों से सर्कुलर इकोनॉमी नहीं बनती, और उन्होंने लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE) पहल का उल्लेख किया, जिसमें संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के बजाय सोच-समझकर उपयोग की अपील है। डिजिटल अनुपालन, ईपीआर बाजार संचालन और लेनदेन की समय-सीमा पर उद्योग की चिंताओं पर उन्होंने हितधारकों से व्यावहारिक समस्याएं साझा करते रहने को कहा और बताया कि सरकार बाजार-आधारित दृष्टिकोण पर काम कर रही है। प्लास्टिक कचरे पर उन्होंने उत्पादकों और रीसाइकलरों के बीच बेहतर समन्वय मांगा, ताकि रीसाइकल योग्य सामग्री और रीसाइक्लिंग क्षमता, दोनों उपलब्ध रहें।

ठोस कचरा और महत्वपूर्ण खनिज

ठोस कचरा प्रबंधन नियमों पर मंत्री ने तकनीक अपनाने, क्षमता निर्माण, ऑनलाइन निगरानी, जवाबदेही और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने ठोस कचरे को चार श्रेणियों, अर्थात गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष ध्यान वाले कचरे में अलग करने तथा जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इन नियमों के प्रभावी पालन से पुराने कचरे पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। उन्होंने ई-कचरे और बैटरियों से महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी तथा सेकेंडरी कच्चे माल के बाजार और आपूर्ति श्रृंखला की ट्रेसबिलिटी मजबूत करने में उद्योग की अधिक भागीदारी का आह्वान भी किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनसीआईआई चक्रीय अर्थव्यवस्था सम्मेलन, नई दिल्ली
संबोधनकेंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव
प्रसंस्कृत कचराविनियमित श्रेणियों में लगभग 499.60 लाख मीट्रिक टन
ईपीआर पंजीकरण86,043 से अधिक उत्पादक और 4,880 रीसाइकलर
अपशिष्ट श्रेणियांनौ, प्लास्टिक और बैटरी कचरे से अलौह कबाड़ तक
उल्लिखित पहललाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE)
छंटाईचार श्रेणियां: गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष ध्यान वाला कचरा

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें प्रसंस्करण का आंकड़ा 499.60 लाख मीट्रिक टन, ईपीआर पंजीकरण में 86,043 उत्पादक और 4,880 रीसाइकलर, अलग नियमों वाले नौ प्रकार के अपशिष्ट, LiFE पहल, ठोस कचरे की चार श्रेणियों में छंटाई, तथा यह कि सम्मेलन नई दिल्ली में सीआईआई ने आयोजित किया।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के अनुसार भारत की विनियमित अपशिष्ट श्रेणियों में कितने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है?

  1. A.299.60 लाख मीट्रिक टन
  2. B.399.60 लाख मीट्रिक टन
  3. C.499.60 लाख मीट्रिक टन
  4. D.599.60 लाख मीट्रिक टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 499.60 लाख मीट्रिक टन

अपने-अपने नियमों वाली अपशिष्ट श्रेणियों में अब तक इतने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है, और मंत्री ने इसे इस बात के प्रमाण के रूप में रखा कि नीतिगत इरादे मापी जा सकने वाली कार्रवाई में बदल रहे हैं।

Q2.पर्यावरणमध्यम

विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) ढांचे में कितने रीसाइकलर पंजीकृत हैं?

  1. A.4,880
  2. B.8,604
  3. C.48,800
  4. D.86,043
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 4,880

ईपीआर ढांचे में पंजीकृत रीसाइकलरों की संख्या इतनी है, जबकि पंजीकृत उत्पादक इससे कहीं अधिक हैं।

Q3.पर्यावरणआसान

संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के बजाय सोच-समझकर उपयोग की अपील करने वाली किस पहल का मंत्री ने उल्लेख किया?

  1. A.स्वच्छ भारत मिशन
  2. B.लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE)
  3. C.मिशन अमृत सरोवर
  4. D.राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE)

मंत्री ने इसका उल्लेख ठीक यह बात कहने के लिए किया कि केवल नियमों से सर्कुलर इकोनॉमी नहीं बनती, क्योंकि मांग का पक्ष इस पर टिका है कि व्यक्ति उपभोग कैसे करता है, और LiFE संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के स्थान पर सोच-समझकर तथा सचेत उपयोग की अपील करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की विनियमित अपशिष्ट श्रेणियों में अब तक कितने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है?

लगभग 499.60 लाख मीट्रिक टन, यह आंकड़ा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सीआईआई के चक्रीय अर्थव्यवस्था सम्मेलन में बताया।

ईपीआर ढांचे में कितने उत्पादक और रीसाइकलर पंजीकृत हैं?

86,043 से अधिक उत्पादक और 4,880 रीसाइकलर। ईपीआर उत्पादकों, आयातकों तथा ब्रांड मालिकों को जीवनचक्र के अंत में उत्पाद के प्रबंधन का जिम्मेदार बनाता है।

भारत में कितने प्रकार के अपशिष्टों के लिए अलग नियम हैं?

नौ, अर्थात प्लास्टिक कचरा, बैटरी कचरा, ई-कचरा, पुराने टायर, इस्तेमाल किया गया तेल, पुराने वाहन, निर्माण-विध्वंस कचरा, अलौह कबाड़ और ठोस कचरा।

ठोस कचरे की छंटाई की चार श्रेणियां कौन सी हैं?

गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष ध्यान देने योग्य कचरा। मंत्री ने इस छंटाई तथा जनभागीदारी को नियमों के प्रभावी पालन से जोड़ा।

स्रोत

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