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मेघराज 2.0 क्लाउड से जुड़े 2,330 सरकारी विभाग

पीआईबी की पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2026 तक मेघराज 2.0 से 2,330 सरकारी विभाग जुड़े और देश में 30 क्लाउड सेवा प्रदाता सूचीबद्ध हो चुके हैं।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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मेघराज 2.0 क्लाउड से जुड़े 2,330 सरकारी विभाग

चर्चा में क्यों

पत्र सूचना कार्यालय ने 29 अक्टूबर 2026 को भारत के क्लाउड पारितंत्र पर पृष्ठभूमि रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया कि मेघराज 2.0 से 2,330 सरकारी विभाग जुड़े हैं, 30 क्लाउड सेवा प्रदाता सूचीबद्ध हैं और डेटा केंद्र क्षमता 1.57 गीगावाट तक पहुंच गई है।

पत्र सूचना कार्यालय ने 29 अक्टूबर 2026 को देश में क्लाउड कंप्यूटिंग की स्थिति पर एक पृष्ठभूमि रिपोर्ट जारी की। इसमें बताया गया है कि डिजिटल शासन से पैदा हो रहे आंकड़ों को देश के भीतर रखने और संसाधित करने की क्षमता भारत कैसे बढ़ा रहा है।

मांग क्यों बढ़ रही है

मार्च 2026 में देश में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 1,092.79 मिलियन थी। प्रत्येक वायरलेस ग्राहक ने औसतन 25.51 जीबी आंकड़ों का मासिक उपयोग किया और वित्त वर्ष 2025-26 में कुल वायरलेस डेटा खपत 285,376 पेटाबाइट तक पहुंच गई। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग लगातार रिकॉर्ड बनाते हैं। इतनी बड़ी मात्रा को संभालने के लिए केवल भंडारण नहीं, बल्कि कंप्यूटिंग शक्ति भी चाहिए। आंकड़ों को देश के भीतर रखने को ही डेटा संप्रभुता कहा जाता है।

मेघराज और उसका दूसरा चरण

सरकार का क्लाउड पारितंत्र मेघराज 2014 में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुरू किया था, जिसका उद्देश्य ई-गवर्नेंस को गति देना और सार्वजनिक धन की बचत करना था। इसके दूसरे चरण मेघराज 2.0 को सितंबर 2026 तक 2,330 सरकारी विभागों ने अपना लिया था। यह वितरित ढांचे के जरिये अधोसंरचना, मंच और सॉफ्टवेयर को सेवा के रूप में देता है तथा डिजिलॉकर, माईगव, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल और डाक विभाग की उन्नत डाक प्रौद्योगिकी प्रणाली इसी पर चलती हैं।

सेवा प्रदाता, डेटा केंद्र और चिप

  • सितंबर 2026 तक देश में 30 क्लाउड सेवा प्रदाता सूचीबद्ध थे, जिनमें जियो प्लेटफॉर्म्स, टीसीएस, बीएसएनएल, आईटीआई लिमिटेड, रेलटेल, अडानीकोनेक्स और योट्टा डेटा सर्विसेज के साथ विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं।
  • अगस्त 2026 में डेटा केंद्र क्षमता 1.57 गीगावाट थी, जो 2030 तक लगभग 8 गीगावाट होने का अनुमान है। इस क्षेत्र में करीब 70 अरब डॉलर का निवेश चल रहा है और 90 अरब डॉलर की घोषणाएं हो चुकी हैं।
  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र 4 राष्ट्रीय डेटा केंद्र और 24 लघु डेटा केंद्र चलाता है।
  • इंडियाएआई मिशन को 10,371.92 करोड़ रुपये के परिव्यय से मंजूरी मिली और इसके तहत साझा कंप्यूटिंग सुविधा के लिए 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग इकाइयां जोड़ी गई हैं।

भाषिणी भारतीय क्लाउड पर

मंत्रालय ने फरवरी 2026 में बताया कि डिजिटल इंडिया भाषिणी मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के भारतीय क्लाउड पर ले जाया गया है, जिससे उसके भाषा आंकड़े और एआई मॉडल देश के भीतर ही रहते हैं। इससे प्रदर्शन में 40 प्रतिशत तक सुधार, 20 से 30 प्रतिशत तक लागत बचत और 99.99 प्रतिशत उपलब्धता मिली। महाकुंभ 2025 में इस मंच ने 11 से अधिक भारतीय भाषाओं में तत्काल अनुवाद और वाणी आधारित सहायता दी थी।

कौशल और नीति

मंत्रालय और नैसकॉम ने 2021 में फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें अगस्त 2026 तक 34 लाख उम्मीदवार पंजीकृत थे और 23 लाख से अधिक प्रशिक्षण ले चुके या ले रहे थे। यूरोपीय आयोग की पैक्ट फॉर स्किल्स रिपोर्ट 2024 में इसे विश्व में तीसरा स्थान मिला। एनआईईएलआईटी 56 केंद्रों, 750 संबद्ध संस्थानों और 9,000 से अधिक सुविधा केंद्रों के जरिये प्रशिक्षण देता है। क्लाउड नेटिव कंप्यूटिंग फाउंडेशन की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2.25 मिलियन क्लाउड-नेटिव डेवलपर हैं और उनमें 44 प्रतिशत हाइब्रिड क्लाउड का उपयोग करते हैं। मार्च 2026 में जारी क्लाउड चयन रूपरेखा तथा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 तय करते हैं कि संवेदनशील आंकड़े कहां रखे जाएं।

महत्वपूर्ण तथ्य

दस्तावेजभारत के क्लाउड पारितंत्र पर पीआईबी पृष्ठभूमि रिपोर्ट, 29 अक्टूबर 2026
मेघराज की शुरुआत2014, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
मेघराज 2.0 से जुड़े विभागसितंबर 2026 तक 2,330
सूचीबद्ध क्लाउड सेवा प्रदातासितंबर 2026 तक 30
डेटा केंद्र क्षमताअगस्त 2026 में 1.57 गीगावाट, 2030 तक लगभग 8 गीगावाट का अनुमान
एनआईसी के डेटा केंद्र4 राष्ट्रीय डेटा केंद्र और 24 लघु डेटा केंद्र
इंडियाएआई मिशन परिव्यय10,371.92 करोड़ रुपये, 45,000 से अधिक जीपीयू जोड़े गए
इंटरनेट ग्राहकमार्च 2026 में 1,092.79 मिलियन
वायरलेस डेटा उपयोगप्रति ग्राहक 25.51 जीबी मासिक; वित्त वर्ष 2025-26 में 285,376 पेटाबाइट
क्लाउड मॉडलसार्वजनिक, निजी और हाइब्रिड; सेवाएं आईएएएस, पीएएएस, एसएएएस और सर्वरलेस
क्लाउड-नेटिव डेवलपरभारत में 2.25 मिलियन, जिनमें 44 प्रतिशत हाइब्रिड क्लाउड का उपयोग करते हैं

परीक्षा की दृष्टि से

मेघराज का शुरुआती वर्ष (2014, मेइटीवाई), मेघराज 2.0 से जुड़े विभाग (2,330), सूचीबद्ध क्लाउड सेवा प्रदाता (30), डेटा केंद्र क्षमता (अगस्त 2026 में 1.57 गीगावाट, 2030 तक लगभग 8 गीगावाट), इंडियाएआई मिशन का परिव्यय (10,371.92 करोड़ रुपये) और जीपीयू संख्या (45,000 से अधिक), एनआईसी के डेटा केंद्र (4 राष्ट्रीय, 24 लघु) तथा क्लाउड के तीन मॉडल और चार सेवा श्रेणियां याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सितंबर 2026 तक कितने सरकारी विभागों ने मेघराज 2.0 को अपना लिया था?

  1. A.1,230
  2. B.2,330
  3. C.3,230
  4. D.4,330
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2,330

भारत सरकार की राष्ट्रीय क्लाउड कंप्यूटिंग पहल के दूसरे चरण मेघराज 2.0 को सितंबर 2026 तक इतने ही सरकारी विभागों ने अपनाया था।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

इंडियाएआई मिशन के लिए स्वीकृत परिव्यय कितना है?

  1. A.7,500 करोड़ रुपये
  2. B.10,371.92 करोड़ रुपये
  3. C.19,744 करोड़ रुपये
  4. D.25,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 10,371.92 करोड़ रुपये

इंडियाएआई मिशन को इसी परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी और इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के काम के लिए कंप्यूटिंग शक्ति की पहुंच बढ़ाना है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार किस मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के भारतीय क्लाउड पर स्थानांतरित किया गया?

  1. A.डिजिलॉकर
  2. B.माईगव
  3. C.डिजिटल इंडिया भाषिणी
  4. D.राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डिजिटल इंडिया भाषिणी

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फरवरी 2026 में बताया था कि भाषिणी भाषा मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के संचालित भारतीय क्लाउड पर ले जाया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघराज 2.0 क्या है?

यह भारत सरकार की राष्ट्रीय क्लाउड कंप्यूटिंग पहल का दूसरा चरण है। मेघराज 2014 में मेइटीवाई ने शुरू किया था और सितंबर 2026 तक मेघराज 2.0 का उपयोग 2,330 सरकारी विभाग कर रहे थे। डिजिलॉकर, माईगव और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल जैसे मंच इसी पर चलते हैं।

इंडियाएआई मिशन का परिव्यय कितना है?

इंडियाएआई मिशन को 10,371.92 करोड़ रुपये के परिव्यय से मंजूरी दी गई है। इसके तहत साझा एआई कंप्यूटिंग सुविधा के लिए 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग इकाइयां जोड़ी गई हैं, जिनका उपयोग स्टार्टअप और शिक्षण संस्थान कर सकते हैं।

क्लाउड सेवाओं की चार मुख्य श्रेणियां कौन सी हैं?

अधोसंरचना सेवा के रूप में, मंच सेवा के रूप में, सॉफ्टवेयर सेवा के रूप में और सर्वरलेस कंप्यूटिंग। इन्हें स्टैक कहा जाता है क्योंकि प्रत्येक श्रेणी अपने नीचे वाली पर आधारित होती है। तैनाती के मॉडल सार्वजनिक, निजी और हाइब्रिड क्लाउड हैं।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 29 अक्टूबर 2026

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