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एआईआईए अध्ययन: फरीदाबाद में 5,594 बुजुर्गों की स्क्रीनिंग

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की फरीदाबाद परियोजना में 5,594 बुजुर्गों की स्क्रीनिंग हुई और जीवन गुणवत्ता तथा अस्थि खनिज घनत्व में सुधार दर्ज किया गया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एआईआईए अध्ययन: फरीदाबाद में 5,594 बुजुर्गों की स्क्रीनिंग

चर्चा में क्यों

27 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बुजुर्गों के लिए चलाए गए सामुदायिक आयुर्वेद कार्यक्रम के उत्साहजनक परिणाम बताए और परियोजना की रिपोर्ट विशेषज्ञ समिति को सौंपी।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बुजुर्गों के बीच चलाए गए सामुदायिक आयुर्वेद कार्यक्रम के उत्साहजनक परिणाम बताए हैं। हस्तक्षेप के बाद जीवन गुणवत्ता, अग्निबल और अस्थि खनिज घनत्व में सुधार दर्ज हुआ, तथा संज्ञानात्मक आकलनों में भी सकारात्मक बदलाव दिखा। परिणाम 24 अक्टूबर को एआईआईए में हुई कार्यशाला में प्रस्तुत किए गए और परियोजना की रिपोर्ट विशेषज्ञ समिति को सौंपी गई।

परियोजना कैसे चली

यह कार्य संस्थान की जन-स्वास्थ्य पहल के अंतर्गत हुआ। तीन महीनों में फरीदाबाद जिले के 60 से 80 वर्ष आयु वर्ग के 5,594 लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आयुर्वेदिक औषधियां दी गईं। एक अलग घटक डिमेंशिया पर केंद्रित था: इसमें चार महीनों में 200 मरीजों की स्क्रीनिंग कर आयुर्वेद आधारित औषधियां दी गईं। "हरियाणा राज्य के फरीदाबाद जिले की वृद्ध आबादी में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के लिए सामुदायिक आयुर्वेद हस्तक्षेप" शीर्षक वाली इस परियोजना का लक्ष्य सामुदायिक स्तर पर आयुर्वेद की संभावनाओं को परखना और स्वस्थ वृद्धावस्था के उपायों का आकलन करना था।

पहली स्क्रीनिंग में क्या मिला

दृष्टि संबंधी समस्या67.73 प्रतिशत प्रतिभागी
शारीरिक निष्क्रियता43.05 प्रतिशत
संज्ञानात्मक क्षमता में कमी6.85 प्रतिशत

प्रतिभागियों में उच्च रक्तचाप, रैंडम ब्लड शुगर का बढ़ा स्तर, अस्थि खनिज घनत्व में कमी, कब्ज और नींद की समस्याएं भी पाई गईं।

परिणाम

पहले घटक में 60 दिन के हस्तक्षेप से विश्व स्वास्थ्य संगठन के जीवन गुणवत्ता आकलन WHOQOL का कुल स्कोर 292.0 से 326.3 हो गया। आयुर्वेद में पाचन और चयापचय क्षमता से जुड़ी धारणा अग्निबल के सभी छह मानकों में सुधार हुआ, और अस्थि खनिज घनत्व भी बेहतर मिला।

संज्ञानात्मक स्वास्थ्य वाले दूसरे घटक में मिनी मेंटल स्टेट एग्जामिनेशन MMSE के स्कोर सामान्य स्तर की ओर बढ़े, और 6-CIT आकलन ने भी बेहतर संज्ञानात्मक प्रदर्शन का संकेत दिया। इस समूह में जीवन गुणवत्ता स्कोर 277.4 से 364.2 हो गया। सेरोटोनिन, एसिटाइलकोलीन, डीहाइड्रोएपिएंड्रोस्टेरोन (डीएचईए) और विटामिन डी के स्तर भी सुधरे।

संस्थान ने निष्कर्षों की सीमा भी स्पष्ट रखी: इन हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता और सुरक्षा स्थापित मानने से पहले व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन, सतत सुरक्षा निगरानी और आगे के अध्ययन आवश्यक हैं।

कार्यशाला

आयुष मंत्रालय के सलाहकार डॉ. कौस्तुभ उपाध्याय मुख्य अतिथि रहे और एआईआईए के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने अध्यक्षता की। सलाहकार ने बुजुर्गों के साथ सार्थक सामाजिक जुड़ाव, उन्हें शारीरिक तथा मानसिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने और ऐसे कार्यों में अधिक निवेश की आवश्यकता बताई। निदेशक ने कहा कि सामुदायिक आयुर्वेद सेवाओं का व्यवस्थित अध्ययन हो और उन्हें अधिक बुजुर्गों तक पहुंचाया जाए, तथा उनकी देखभाल में संयुक्त परिवार व्यवस्था की भूमिका रेखांकित की। आयोजन में होलिस्टिक अप्रोच फॉर हेल्दी एजिंग पुस्तक का विमोचन हुआ। एआईआईए आयुष मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान है।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थानअखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली, आयुष मंत्रालय के अंतर्गत
स्थानफरीदाबाद जिला, हरियाणा
कार्यक्रमजन-स्वास्थ्य पहल (पीएचआई)
स्क्रीनिंगतीन महीनों में 60 से 80 वर्ष आयु के 5,594 लोग
डिमेंशिया घटकचार महीनों में 200 मरीजों की स्क्रीनिंग
WHOQOL स्कोर (पहला घटक)60 दिन के हस्तक्षेप के बाद 292.0 से 326.3
WHOQOL स्कोर (संज्ञानात्मक घटक)277.4 से 364.2
प्रारंभिक निष्कर्षदृष्टि समस्या 67.73 प्रतिशत; शारीरिक निष्क्रियता 43.05 प्रतिशत; संज्ञानात्मक कमी 6.85 प्रतिशत
सुधरे जैविक संकेतकसेरोटोनिन, एसिटाइलकोलीन, डीएचईए और विटामिन डी
विमोचित पुस्तकहोलिस्टिक अप्रोच फॉर हेल्दी एजिंग
एआईआईए निदेशकप्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति

परीक्षा की दृष्टि से

संस्थान (अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, आयुष मंत्रालय के अंतर्गत), जिला और राज्य (फरीदाबाद, हरियाणा), कार्यक्रम (जन-स्वास्थ्य पहल), स्क्रीनिंग संख्या (60 से 80 वर्ष के 5,594 और डिमेंशिया के 200), WHOQOL स्कोर (292.0 से 326.3 तथा 277.4 से 364.2), अग्निबल का अर्थ, संक्षेपाक्षर MMSE और 6-CIT तथा विमोचित पुस्तक याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने बुजुर्गों के लिए अपना सामुदायिक आयुर्वेद कार्यक्रम किस जिले में चलाया?

  1. A.गुरुग्राम, हरियाणा
  2. B.फरीदाबाद, हरियाणा
  3. C.गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
  4. D.गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फरीदाबाद, हरियाणा

परियोजना का शीर्षक ही "हरियाणा राज्य के फरीदाबाद जिले की वृद्ध आबादी में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के लिए सामुदायिक आयुर्वेद हस्तक्षेप" था, और संस्थान की जन-स्वास्थ्य पहल के अंतर्गत वहां तीन महीनों में साठ से अस्सी वर्ष आयु वर्ग के 5,594 लोगों की स्क्रीनिंग की गई।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान किस केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान है?

  1. A.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  2. B.आयुष मंत्रालय
  3. C.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयुष मंत्रालय

नई दिल्ली का अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान इसी मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान है और शिक्षा, शोध, चिकित्सा सेवा तथा जन-स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से आयुर्वेद पर कार्य करता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

एआईआईए परियोजना के पहले घटक में 60 दिन के हस्तक्षेप के बाद WHOQOL का कुल स्कोर कैसे बदला?

  1. A.292.0 से 326.3
  2. B.277.4 से 364.2
  3. C.326.3 से 364.2
  4. D.292.0 से 277.4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 292.0 से 326.3

परियोजना के पहले घटक में साठ दिन के हस्तक्षेप से विश्व स्वास्थ्य संगठन के जीवन गुणवत्ता आकलन का कुल स्कोर इसी सीमा तक बढ़ा, और अग्निबल के आकलन के सभी छह मानकों में भी सुधार दर्ज हुआ, साथ ही अस्थि खनिज घनत्व बेहतर मिला।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

बुजुर्ग प्रतिभागियों के प्रारंभिक आकलन में कितने प्रतिशत में दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई?

  1. A.43.05 प्रतिशत
  2. B.6.85 प्रतिशत
  3. C.67.73 प्रतिशत
  4. D.92.12 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 67.73 प्रतिशत

प्रतिभागियों के पहले आकलन में इतने हिस्से में दृष्टि संबंधी समस्या मिली, जो दर्ज कठिनाइयों में सबसे अधिक रही।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद में एआईआईए की परियोजना में कितने बुजुर्गों की स्क्रीनिंग हुई?

जन-स्वास्थ्य पहल के अंतर्गत एआईआईए ने तीन महीनों में 60 से 80 वर्ष आयु वर्ग के 5,594 लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आयुर्वेदिक औषधियां दीं। डिमेंशिया पर केंद्रित अलग घटक में चार महीनों में 200 मरीज शामिल रहे।

आयुर्वेद में अग्निबल क्या है?

अग्निबल आयुर्वेद की वह धारणा है जो पाचन और चयापचय संबंधी क्षमता से जुड़ी है। फरीदाबाद जिले में 60 दिन के सामुदायिक हस्तक्षेप के बाद अग्निबल के आकलन के सभी छह मानकों में सुधार दिखा।

WHOQOL स्कोर में क्या बदलाव आया?

पहले घटक में 60 दिन के हस्तक्षेप के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के जीवन गुणवत्ता आकलन का कुल स्कोर 292.0 से 326.3 हो गया। संज्ञानात्मक घटक में यह स्कोर 277.4 से 364.2 तक पहुंचा।

स्रोत

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