इंडियाएआई मिशन के लिए स्वीकृत परिव्यय कितना है?
- A.7,500 करोड़ रुपये
- B.10,371.92 करोड़ रुपये
- C.19,744 करोड़ रुपये
- D.25,000 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 10,371.92 करोड़ रुपये है। इंडियाएआई मिशन को इसी परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी और इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के काम के लिए कंप्यूटिंग शक्ति की पहुंच बढ़ाना है। मिशन के तहत साझा एआई कंप्यूटिंग सुविधा में 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग इकाइयां पहले ही जोड़ी जा चुकी हैं। इससे भारतीय स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों को सस्ती कंप्यूटिंग क्षमता मिलती है और उन्हें अलग से महंगे उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। विकल्प A और D मिशन की स्वीकृत राशि से मेल नहीं खाते। विकल्प C किसी दूसरे कार्यक्रम का परिव्यय है और परीक्षाओं में यह आम भ्रम पैदा करता है, इसलिए मिशनों के नाम और उनके परिव्यय जोड़े में याद रखने चाहिए। क्लाउड अधोसंरचना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शोधकर्ता इन प्रोसेसरों तक नेटवर्क के जरिये ही पहुंचते हैं, और इसी कारण अगस्त 2026 की 1.57 गीगावाट डेटा केंद्र क्षमता को इसी कहानी का हिस्सा माना जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: मेघराज 2.0 क्लाउड से जुड़े 2,330 सरकारी विभाग
अभ्यास प्रश्न
सितंबर 2026 तक कितने सरकारी विभागों ने मेघराज 2.0 को अपना लिया था?
- A.1,230
- B.2,330
- C.3,230
- D.4,330
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भारत सरकार की राष्ट्रीय क्लाउड कंप्यूटिंग पहल के दूसरे चरण मेघराज 2.0 को सितंबर 2026 तक इतने ही सरकारी विभागों ने अपनाया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार किस मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के भारतीय क्लाउड पर स्थानांतरित किया गया?
- A.डिजिलॉकर
- B.माईगव
- C.डिजिटल इंडिया भाषिणी
- D.राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल
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इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फरवरी 2026 में बताया था कि भाषिणी भाषा मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के संचालित भारतीय क्लाउड पर ले जाया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईएसटीआईसी 2026 में किसने कहा कि फिजिकल एआई जितनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौती है, उतनी ही प्रणाली अभियांत्रिकी की भी?
- A.प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे, सचिव, डीएसटी
- B.प्रोफेसर अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग
- C.प्रोफेसर पी. राजलक्ष्मी, आईआईटी हैदराबाद
- D.श्री जलज ए. दानी, एडवर्ब टेक्नोलॉजीज
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सत्र में उन्होंने कहा कि भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता की समस्या नहीं, बल्कि प्रणाली अभियांत्रिकी की भी समस्या है, क्योंकि कोई बुद्धिमान भौतिक प्रणाली तभी काम करती है जब भरोसेमंद सेंसर, कुशल एक्चुएटर, वास्तविक समय की कंप्यूटिंग, मजबूत नियंत्रण एल्गोरिदम, कम विलंब वाला संचार और ऊर्जा बचाने वाला…
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वायत्त प्रणाली और रोबोटिक्स पर सत्र वाला ईएसटीआईसी 2026 किस स्थान पर आयोजित हुआ?
- A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- C.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
- D.साइंस सिटी, कोलकाता
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वर्ष 2026 का उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव, जिसे संक्षेप में ईएसटीआईसी 2026 कहा गया, वहीं 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुआ और इसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध तथा उद्योग से जुड़े लोग उभरती तकनीकों एवं नवाचार पर विचार करने के लिए जुटे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के तहत प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र कितने शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए गए हैं?
- A.15
- B.20
- C.25
- D.30
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कॉन्क्लेव के स्वायत्त प्रणाली सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत देश भर के पच्चीस प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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