सितंबर 2026 तक कितने सरकारी विभागों ने मेघराज 2.0 को अपना लिया था?
- A.1,230
- B.2,330
- C.3,230
- D.4,330
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2,330 है। भारत सरकार की राष्ट्रीय क्लाउड कंप्यूटिंग पहल के दूसरे चरण मेघराज 2.0 को सितंबर 2026 तक इतने ही सरकारी विभागों ने अपनाया था। बाकी विकल्प गलत हैं, क्योंकि वे बताए गए आंकड़े से मेल नहीं खाते। मेघराज की शुरुआत 2014 में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने की थी, जिसका उद्देश्य ई-गवर्नेंस को तेज करना और सार्वजनिक कंप्यूटिंग पर होने वाले दोहरे खर्च को घटाना था। नया चरण वितरित क्लाउड ढांचे के जरिये अधोसंरचना, मंच और सॉफ्टवेयर को सेवा के रूप में देता है, जिससे विभाग अपने सर्वर खरीदने और चलाने के बजाय अपनी सेवाएं तेजी से ऑनलाइन कर सकते हैं। डिजिलॉकर, माईगव, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल और डाक विभाग की उन्नत डाक प्रौद्योगिकी प्रणाली इसी पर चलती हैं। इसके साथ ही सितंबर 2026 तक देश में 30 क्लाउड सेवा प्रदाता सूचीबद्ध हो चुके थे।
पूरा लेख पढ़ें: मेघराज 2.0 क्लाउड से जुड़े 2,330 सरकारी विभाग
अभ्यास प्रश्न
इंडियाएआई मिशन के लिए स्वीकृत परिव्यय कितना है?
- A.7,500 करोड़ रुपये
- B.10,371.92 करोड़ रुपये
- C.19,744 करोड़ रुपये
- D.25,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
इंडियाएआई मिशन को इसी परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी और इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के काम के लिए कंप्यूटिंग शक्ति की पहुंच बढ़ाना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार किस मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के भारतीय क्लाउड पर स्थानांतरित किया गया?
- A.डिजिलॉकर
- B.माईगव
- C.डिजिटल इंडिया भाषिणी
- D.राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल
उत्तर देखें
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फरवरी 2026 में बताया था कि भाषिणी भाषा मंच को योट्टा डेटा सर्विसेज के संचालित भारतीय क्लाउड पर ले जाया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईएसटीआईसी 2026 में किसने कहा कि फिजिकल एआई जितनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौती है, उतनी ही प्रणाली अभियांत्रिकी की भी?
- A.प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे, सचिव, डीएसटी
- B.प्रोफेसर अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग
- C.प्रोफेसर पी. राजलक्ष्मी, आईआईटी हैदराबाद
- D.श्री जलज ए. दानी, एडवर्ब टेक्नोलॉजीज
उत्तर देखें
सत्र में उन्होंने कहा कि भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता की समस्या नहीं, बल्कि प्रणाली अभियांत्रिकी की भी समस्या है, क्योंकि कोई बुद्धिमान भौतिक प्रणाली तभी काम करती है जब भरोसेमंद सेंसर, कुशल एक्चुएटर, वास्तविक समय की कंप्यूटिंग, मजबूत नियंत्रण एल्गोरिदम, कम विलंब वाला संचार और ऊर्जा बचाने वाला…
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वायत्त प्रणाली और रोबोटिक्स पर सत्र वाला ईएसटीआईसी 2026 किस स्थान पर आयोजित हुआ?
- A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- C.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
- D.साइंस सिटी, कोलकाता
उत्तर देखें
वर्ष 2026 का उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव, जिसे संक्षेप में ईएसटीआईसी 2026 कहा गया, वहीं 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुआ और इसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध तथा उद्योग से जुड़े लोग उभरती तकनीकों एवं नवाचार पर विचार करने के लिए जुटे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के तहत प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र कितने शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए गए हैं?
- A.15
- B.20
- C.25
- D.30
उत्तर देखें
कॉन्क्लेव के स्वायत्त प्रणाली सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत देश भर के पच्चीस प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →