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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

किस चल रही योजना का क्षमता निर्माण ढांचा आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों तक बढ़ाया गया है?

  1. A.मिशन कर्मयोगी
  2. B.कौशल भारत मिशन
  3. C.मिशन शक्ति
  4. D.धरती आबा जनभागीदारी अभियान

सही उत्तर

A. मिशन कर्मयोगी

व्याख्या

सही उत्तर मिशन कर्मयोगी है। इसका क्षमता निर्माण ढांचा अब तक सिविल सेवकों पर केंद्रित था और इस समझौते से वह आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों तथा जनजातीय विकास योजनाएं लागू करने वाले अन्य कार्मिकों तक बढ़ा दिया गया है। प्रशिक्षण आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर होगा, जहां अलग माइक्रोसाइट स्वयंसेवकों को मानक और मोबाइल पर चलने वाली सामग्री, मूल्यांकन तथा प्रमाणन देती है। शेष विकल्पों में ऐसे कार्यक्रम हैं जो इस विस्तार का आधार नहीं थे, इसलिए वे गलत हैं। शुरुआती उपयोग के प्रमाण के रूप में मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने 646 पाठ्यक्रम नामांकन, 235 पूर्णताएं और 112 स्वयंसेवकों द्वारा कम से कम एक पाठ्यक्रम पूरा करने का उल्लेख किया, जबकि निर्देशात्मक वीडियो 1,25,000 से अधिक स्वयंसेवकों तक पहुंचे। इन आंकड़ों के साथ योजना का नाम भी याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: जनजातीय मंत्रालय ने आदि कर्मयोगी प्रशिक्षण के लिए समझौता किया

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Q1.सरकारी योजनाएंआसान

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने क्षमता निर्माण का सहमति ज्ञापन किस संस्था के साथ किया?

  1. A.कर्मयोगी भारत
  2. B.राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान
  3. C.ट्राइफेड
  4. D.राष्ट्रीय कौशल विकास निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्मयोगी भारत

व्याख्या

सही उत्तर कर्मयोगी भारत है, जिसने नई दिल्ली में जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ आईजीओटी कर्मयोगी ढांचे के अंतर्गत जनजातीय कार्य क्षमता निर्माण मंच के लिए सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कर्मयोगी भारत इस मंच को होस्ट करेगी, चलाएगी और उसका रखरखाव करेगी, शिक्षार्थियों को जोड़ेगी तथा तकनीकी सहायता, विश्लेषण और प्रगति रिपोर्ट देगी, जबकि मंत्रालय विषय का स्वामी होने के नाते लक्षित समूह, दक्षताएं और सामग्री तय करेगा। शेष विकल्प गलत हैं क्योंकि इनमें से कोई भी इस समझौते का पक्षकार नहीं है, भले वे प्रशिक्षण अथवा जनजातीय और ग्रामीण विकास से किसी रूप में जुड़े हों। इस समझौते का महत्व यह है कि मिशन कर्मयोगी अब गांव स्तर के स्वयंसेवकों तक पहुंच रहा है। एक संयुक्त संचालन समिति इस कार्य की प्रगति की समीक्षा करेगी।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण 31 अक्टूबर 2026 तक किन चार राज्यों को पूरा करना है?

  1. A.झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और असम
  2. B.महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा
  3. C.गुजरात, राजस्थान, केरल और मणिपुर
  4. D.मध्य प्रदेश, ओडिशा, गोवा और नगालैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा

व्याख्या

सही उत्तर महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा है। इन चार राज्यों को स्वयंसेवकों के तीन दिवसीय प्रत्यक्ष प्रशिक्षण में पहले रखा गया है, जिसे राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान जनजातीय कल्याण विभागों के साथ तैयार कर संचालित करेंगे, और इन्हें यह कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा करना है। शेष सभी राज्यों को यही प्रशिक्षण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है। अन्य विकल्पों में ऐसे राज्य जोड़े गए हैं जो चार प्राथमिक राज्यों में नहीं थे, इसलिए वे गलत हैं। यह कक्षा प्रशिक्षण नई माइक्रोसाइट की ऑनलाइन सामग्री के साथ चलेगा, जहां प्रगति राज्यवार देखी जा सकती है, इसलिए दोनों समय-सीमाएं साथ याद रखनी चाहिए। आदि कर्मयोगी अभियान में 76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक स्वयंसेवकों का तंत्र बनाया जा रहा है, जिनमें से अब तक 60,507 केंद्र पंजीकृत हो चुके हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

आदि कर्मयोगी अभियान में अब तक पोर्टल पर कितने आदि सेवा केंद्र पंजीकृत हुए हैं?

  1. A.76,000
  2. B.60,507
  3. C.1,22,072
  4. D.1,54,000
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 60,507

व्याख्या

सही उत्तर 60,507 है। राज्यों द्वारा पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार इतने आदि सेवा केंद्र पंजीकृत हैं, और इनके साथ 1,22,072 आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक भी पंजीकृत हुए हैं। विकल्प ग गलत है क्योंकि वह केंद्रों के बजाय पंजीकृत स्वयंसेवकों की संख्या देता है, जो ऐसे प्रश्नों का सामान्य भ्रम है। विकल्प क और घ भी गलत हैं, क्योंकि वे अभियान के लक्ष्य बताते हैं, उपलब्धि नहीं: मंत्रालय 76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक स्वयंसेवकों का तंत्र खड़ा कर रहा है, जो गांव स्तर पर सहायता, नागरिक संवाद और योजनाओं के अभिसरण के स्थायी मंच बनेंगे। केंद्रों तथा स्वयंसेवकों, दोनों के लक्ष्य और उपलब्धि अलग-अलग याद रखें। मंच पर अब तक 646 पाठ्यक्रम नामांकन और 235 पूर्णताएं दर्ज हुई हैं।

Q4.सरकारी योजनाएंकठिन

पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म निजी संस्थाओं और आम नागरिकों के लिए किस इंटरफेस से खोला गया?

  1. A.राष्ट्रीय भू-स्थानिक पोर्टल
  2. B.यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस
  3. C.ओपन डेटा गेटवे
  4. D.भारत मैप इंटरफेस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस

व्याख्या

सही उत्तर यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस यानी UGI है। पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म इसी इंटरफेस के माध्यम से सितंबर 2025 में शुरू किया गया और इससे चुनिंदा डेटा विश्लेषण क्षमताएं निजी संस्थाओं तथा आम नागरिकों तक पहुंचीं, जो मास्टर प्लान के सुगमता चरण का प्रतीक है। इसके साथ ज्ञान प्रबंधन प्रणाली, विकेंद्रीकृत डेटा अपलोड एवं प्रबंधन प्रणाली तथा मास्टर प्लान डैशबोर्ड ने जानकारी साझा करने, डेटा प्रशासन और बुनियादी ढांचे की निगरानी को मजबूत किया है। विकल्प A, C और D नाम से विश्वसनीय लगते हैं, पर गलत हैं। यह भी याद रखें कि योजना जिला स्तर तक पहुंची है और इसमें सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा जल पाइपलाइन जैसी सेवाएं शामिल हैं, इसलिए 2024-25 का जिला मास्टर प्लान महत्वपूर्ण पड़ाव है।

Q5.सरकारी योजनाएंआसान

परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स की दीर्घकालिक योजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस प्राधिकरण को मंजूरी दी है?

  1. A.राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स बोर्ड
  2. B.एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण
  3. C.बहुविध संपर्क आयोग
  4. D.भारत परिवहन नियामक प्राधिकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण यानी ITLA है। सरकार ने इसे इसलिए स्थापित करने का निर्णय लिया है कि एकीकृत दीर्घकालिक परिवहन योजना में पीएम गतिशक्ति की पूरी क्षमता का उपयोग हो सके, और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। यह प्राधिकरण परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करेगा। इससे बहुविध बुनियादी ढांचे का संपर्क बढ़ने, दक्षता सुधरने, लॉजिस्टिक्स लागत घटने और वैश्विक लॉजिस्टिक्स में भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की अपेक्षा है। विकल्प A, C और D काल्पनिक नाम हैं और पांच वर्ष पूरे होने पर ऐसे किसी निकाय की घोषणा नहीं हुई। यह मास्टर प्लान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से भी जुड़ा है और समन्वित योजना, बहुविध संपर्क तथा बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता का ढांचा उपलब्ध कराता है।