जल जीवन मिशन 2.0: 1,850 से अधिक पंचायतों में जल अर्पण
गांधी जयंती की विशेष ग्राम सभाओं में 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों ने जल अर्पण मनाया और पूरी हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं गांवों को सौंपी गईं।

चर्चा में क्यों
जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत समुदाय के स्वामित्व से जुड़े सुधार जल अर्पण का आयोजन गांधी जयंती की विशेष ग्राम सभाओं में 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में हुआ और पहली बार 346 हर घर जल प्रमाण पत्र क्षेत्रीय भाषाओं में जारी किए गए।
जल अर्पण एक सुधार है जिसके तहत ग्रामीण पेयजल प्रणालियों का नियंत्रण उन्हीं गांवों को दिया जाता है जो उनका उपयोग करते हैं। गांधी जयंती पर आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के दौरान देश की 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों और गांवों में यह कार्यक्रम हुआ। यह जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत चलता है और जल शक्ति मंत्रालय ने इसकी जानकारी आयोजन के अगले दिन, 3 अक्टूबर 2026 को दी।
जल अर्पण में क्या होता है
जल अर्पण के तहत वे ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं, जो निर्धारित परीक्षण अवधि के बाद पूरी और चालू हो चुकी हैं, औपचारिक रूप से ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपी जाती हैं। इसके बाद इन समितियों पर प्रणाली के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी आ जाती है। यह बदलाव सरकार द्वारा निर्माण से समुदाय द्वारा प्रबंधन की दिशा में है, और मिशन इसी रास्ते से आपूर्ति को लंबे समय तक भरोसेमंद बनाए रखना चाहता है।
क्षेत्रीय भाषाओं में प्रमाण पत्र
पहली बार जल अर्पण डिजिटल मॉड्यूल से हर घर जल प्रमाण पत्र क्षेत्रीय भाषाओं में जारी हुए। पात्र ग्राम पंचायतों और गांवों के लिए 346 प्रमाण पत्र तैयार किए गए। यह मॉड्यूल अब हिंदी, अंग्रेजी और सत्रह अन्य भाषाओं में प्रमाण पत्र देता है, जिनमें असमिया, बांग्ला, बोडो, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं।
सुजलम भारत के तहत जियो-टैगिंग
डिजिटल संपत्ति प्रबंधन सुजलम भारत के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत जल आपूर्ति परिसंपत्तियों और पाइप जलापूर्ति स्रोतों की जियो-टैगिंग होती है। इसी अवसर पर देश भर में 2691 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग हुई, जिनमें लगभग 700 स्रोत शामिल थे। इससे पेयजल परिसंपत्तियों की डिजिटल सूची बनती है, जो योजना और निगरानी में मदद करती है।
मिशन की स्थिति
| कार्यक्रम | जल अर्पण, जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुधार |
| अवसर | गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2026 की विशेष ग्राम सभाएं |
| कवरेज | 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतें और गांव |
| प्रमाण पत्र | 346 हर घर जल प्रमाण पत्र, पहली बार क्षेत्रीय भाषाओं में |
| जियो-टैग परिसंपत्तियां | 2691, जिनमें लगभग 700 स्रोत |
| मंत्रालय | जल शक्ति, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग |
अब तक देश के 15 करोड़ 96 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी कुल ग्रामीण परिवारों के 82 प्रतिशत से अधिक के पास जल जीवन मिशन के तहत नल से जल कनेक्शन है। गांवों में जल संकल्प और जल बंधन जैसी गतिविधियां भी हुईं, फील्ड टेस्ट किट से जल गुणवत्ता जांच का प्रदर्शन किया गया और मानसून के बाद स्रोतों की जांच की गई, जिसमें महिलाओं की अग्रणी भागीदारी रही।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सुधार | जल अर्पण, जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत |
|---|---|
| मंत्रालय | जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग |
| अवसर | गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2026 की विशेष ग्राम सभाएं |
| ग्राम पंचायतें | 1,850 से अधिक |
| प्रमाण पत्र | 346 हर घर जल प्रमाण पत्र, पहली बार क्षेत्रीय भाषाओं में |
| भाषाएं | हिंदी, अंग्रेजी और सत्रह अन्य क्षेत्रीय भाषाएं |
| सौंपी गईं | ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को |
| जियो-टैगिंग मंच | सुजलम भारत |
| जियो-टैग परिसंपत्तियां | 2691, जिनमें लगभग 700 स्रोत |
| नल जल कवरेज | 15 करोड़ 96 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार, 82 प्रतिशत से अधिक |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: सुधार (जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जल अर्पण), कवरेज (1,850 से अधिक ग्राम पंचायतें), पहली उपलब्धि (क्षेत्रीय भाषाओं में हर घर जल प्रमाण पत्र, 346 जारी), सुजलम भारत के तहत जियो-टैगिंग (2691 परिसंपत्तियां, लगभग 700 स्रोत) और योजनाएं पाने वाली संस्थाएं (ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति)।
अभ्यास प्रश्न
1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में आयोजित जल अर्पण किस मिशन के अंतर्गत एक सुधार है?
- A.स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
- B.जल जीवन मिशन 2.0
- C.अटल भूजल योजना
- D.राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जल जीवन मिशन 2.0
व्याख्या
सही उत्तर जल जीवन मिशन 2.0 है। जल अर्पण को इसी मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण सुधार बताया गया है, जो पूरी हो चुकी योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपकर ग्रामीण पेयजल प्रणालियों का नियंत्रण समुदाय के हाथ में देता है। विकल्प A यानी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गलत है, क्योंकि वह मिशन स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ा है, पाइप पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण से नहीं, भले ही गांधी जयंती की विशेष ग्राम सभाओं में दोनों विषय आए। विकल्प C यानी अटल भूजल योजना गलत है, क्योंकि वह जल संकट वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन से संबंधित है और यह हस्तांतरण सुधार उसका हिस्सा नहीं है। विकल्प D यानी राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना गलत है, क्योंकि वह नदियों के प्रदूषण पर केंद्रित है, गांव की जलापूर्ति पर नहीं। पुनरावृत्ति में जल अर्पण का नाम जल जीवन मिशन 2.0 तथा योजनाएं पाने वाली दो संस्थाओं के साथ जोड़कर याद रखें।
जल अर्पण मॉड्यूल से क्षेत्रीय भाषाओं में कितने हर घर जल प्रमाण पत्र तैयार किए गए?
- A.246
- B.346
- C.546
- D.1,850
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 346
व्याख्या
सही उत्तर 346 है। पात्र ग्राम पंचायतों और गांवों के लिए इतने ही हर घर जल प्रमाण पत्र तैयार किए गए, और जल अर्पण मॉड्यूल के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में इन प्रमाण पत्रों का जारी होना अपने आप में पहली बार हुआ। यह मॉड्यूल अब हिंदी, अंग्रेजी और सत्रह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में प्रमाण पत्र देता है, जिससे ग्रामीणों के लिए प्रमाणन की प्रक्रिया आसान हो जाती है। विकल्प A और C गलत हैं, क्योंकि ये प्रमाण पत्रों की संख्या के निकटवर्ती अनुमान हैं और इस अवसर पर दर्ज आंकड़े से मेल नहीं खाते। विकल्प D एक और शिक्षाप्रद कारण से गलत है, क्योंकि वह आंकड़ा उन ग्राम पंचायतों और गांवों की संख्या है जहां जल अर्पण मनाया गया, प्रमाण पत्रों की संख्या नहीं। एक ही घोषणा के दो आंकड़ों को मिला देना ऐसे प्रश्नों में सबसे आम भूल है, इसलिए कवरेज और प्रमाण पत्र को अलग-अलग याद रखें।
जल जीवन मिशन 2.0 के किस मंच के तहत 2691 जल आपूर्ति परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग की गई?
- A.सुजलम भारत
- B.अमृत सरोवर
- C.जल शक्ति अभियान
- D.नल जल मित्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सुजलम भारत
व्याख्या
सही उत्तर सुजलम भारत है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत डिजिटल शासन और परिसंपत्ति प्रबंधन सुजलम भारत के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जल आपूर्ति परिसंपत्तियों तथा पाइप जलापूर्ति स्रोतों की जियो-टैगिंग होती है, और जल अर्पण के अवसर पर देश भर में कुल 2691 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग हुई, जिनमें लगभग 700 स्रोत शामिल थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह गांव के जल निकायों से जुड़ी एक अलग पहल है और यहां जियो-टैगिंग मंच के रूप में उसका नाम नहीं आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह जल संरक्षण का अभियान है, डिजिटल परिसंपत्ति मंच नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस जियो-टैगिंग कार्य के संबंध में ऐसे किसी मंच का उल्लेख नहीं हुआ। उद्देश्य भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि परिसंपत्तियों और स्रोतों की जियो-टैग सूची योजना, निगरानी और दीर्घकालिक रखरखाव में सहायक होती है।
जल अर्पण के तहत पूरी हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं किसे सौंपी जाती हैं?
- A.जिला कलेक्टर और खंड विकास अधिकारी
- B.ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति
- C.राज्य लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
- D.निजी जल कंपनियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति
व्याख्या
सही उत्तर ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति है। जल अर्पण में निर्धारित परीक्षण अवधि के बाद चालू हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं का औपचारिक हस्तांतरण इन्हीं दो ग्राम स्तरीय संस्थाओं को होता है, जो इसके बाद संचालन, रखरखाव और दीर्घकालिक स्थिरता की जिम्मेदारी संभालती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिला और खंड स्तर के अधिकारी कार्यक्रम का प्रशासन करते हैं, लेकिन इस सुधार के तहत योजनाएं उनके हाथ में नहीं दी जातीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राज्य अभियांत्रिकी विभाग ऐसी योजनाओं का निर्माण करते हैं और सुधार का उद्देश्य प्रबंधन को उनसे हटाकर गांव की ओर ले जाना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हस्तांतरण समुदाय की संस्थाओं को होता है, निजी कंपनियों को नहीं। यहां परखा जा रहा विचार समुदाय का स्वामित्व है, और समिति का संक्षिप्त रूप वीडब्ल्यूएससी भी याद रखना उपयोगी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जल अर्पण क्या है?
यह एक सुधार है जिसके तहत पूरी हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं औपचारिक रूप से ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपी जाती हैं, जिससे पेयजल प्रणाली समुदाय के हाथ में आती है। गांधी जयंती पर यह 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में हुआ।
क्षेत्रीय भाषाओं में कितने हर घर जल प्रमाण पत्र जारी हुए?
पात्र ग्राम पंचायतों और गांवों के लिए 346 प्रमाण पत्र तैयार किए गए। जल अर्पण मॉड्यूल ने पहली बार इन्हें क्षेत्रीय भाषाओं में जारी किया, और इसमें हिंदी, अंग्रेजी तथा सत्रह अन्य भाषाएं उपलब्ध हैं।
सुजलम भारत क्या है?
यह जल जीवन मिशन 2.0 के तहत डिजिटल शासन और परिसंपत्ति प्रबंधन का मंच है, जिसके अंतर्गत जल आपूर्ति परिसंपत्तियों व स्रोतों की जियो-टैगिंग होती है। जल अर्पण के अवसर पर 2691 परिसंपत्तियां, जिनमें लगभग 700 स्रोत थे, जियो-टैग की गईं।
जल जीवन मिशन के तहत कितने ग्रामीण परिवारों को नल से जल मिला है?
देश के 15 करोड़ 96 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को, जो कुल ग्रामीण परिवारों के 82 प्रतिशत से अधिक हैं।
स्रोत
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