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GK24

नार्को सरगना नवप्रीत सिंह तुर्की से भारत प्रत्यर्पित

नशीले पदार्थों के कुख्यात सरगना नवप्रीत सिंह को 3 अक्टूबर 2026 को तुर्की से भारत लाया गया और ड्रग तस्करी तथा अन्य आपराधिक मामलों में जेल भेज दिया गया है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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नार्को सरगना नवप्रीत सिंह तुर्की से भारत प्रत्यर्पित — GK24 title card

चर्चा में क्यों

3 अक्टूबर 2026 को गृह मंत्रालय ने बताया कि नार्को तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्की से भारत लाकर जेल भेज दिया गया है, और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसमें शामिल सभी एजेंसियों को बधाई दी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2026 को बताया कि नशीले पदार्थों के कुख्यात सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्की से भारत लाया गया है। उन्होंने इस कामयाबी के लिए जाँच एजेंसियों को बधाई दी और इसे नशे के कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान का बड़ा पड़ाव बताया।

फर्जी पहचान का पर्दाफाश

नवप्रीत सिंह ने नवाब विर्क नाम की गढ़ी हुई पहचान के सहारे तुर्की की नागरिकता ले ली थी और इसके बाद भी अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन तथा मेथम्फेटामाइन भेजता रहा। भारतीय एजेंसियों ने एक-एक परत हटाकर उसकी असली पहचान सामने रखी और उसे वापस लाने का रास्ता तैयार किया। अब वह ड्रग तस्करी और दूसरे आपराधिक मामलों में भारत में हिरासत में है। गृह मंत्री ने दोहराया कि सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को समाप्त करना चाहती है।

भगोड़ों की वापसी

विदेश भागे अपराधियों को अदालत तक लाना राष्ट्रीय प्राथमिकता माना गया है। 2019 से अगस्त 2026 के बीच 36 देशों से कुल 288 भगोड़े भारत लाए गए। इस काम के तीन आधार बताए जाते हैं — वैश्विक अभियान, एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति। 2019 में NIA तथा UAPA कानूनों में संशोधन हुए और 2020 के बाद यह प्रक्रिया मिशन मोड में चली, जिससे कार्रवाई प्रतिबंधित संगठनों से आगे बढ़कर अलग-अलग आतंकियों, हैंडलरों, फंडिंग नेटवर्क और विदेश में बैठे सपोर्ट सिस्टम तक पहुँची।

भारतपोल और संपत्ति पर कार्रवाई

जनवरी 2025 में शुरू हुआ भारतपोल मंच सीबीआई, राज्य पुलिस मुख्यालयों तथा जिला पुलिस मुख्यालयों को एक जगह जोड़ता है और इससे केन्द्र व राज्य की एजेंसियों के 1,400 से अधिक कार्यालय जुड़े हुए हैं। सीबीआई जो जानकारी माँगती है, वह अब 10 से 20 दिन में और कई मामलों में 3 से 10 दिन में मिल जाती है, जिससे प्रत्यर्पण की कार्यवाही तेज होती है। मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत 2019 से 2026 के बीच भगोड़ों की ₹17,874 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। पिछले तीन वर्षों में 401 भगोड़ों के विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी हुए, जिनमें से 182 नोटिस जुलाई 2026 तक जारी किए गए।

महत्वपूर्ण तथ्य

प्रत्यर्पित भगोड़ानवप्रीत सिंह, नार्को तस्करी का सरगना
फर्जी पहचाननवाब विर्क, इसी नाम से तुर्की की नागरिकता
किस देश से लाया गयातुर्की
भारत लाने की तारीख3 अक्टूबर 2026
नशीले पदार्थ और रास्ताअफगानिस्तान से हेरोइन और मेथम्फेटामाइन
घोषणाकेन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह
वापस लाए गए भगोड़े2019 से अगस्त 2026 तक 36 देशों से 288
समन्वय मंचभारतपोल, जनवरी 2025 में शुरू, 1,400 से अधिक कार्यालय
पीएमएलए के तहत कुर्क संपत्ति2019 से 2026 के बीच ₹17,874 करोड़
रेड कार्नर नोटिसतीन वर्ष में 401; जुलाई 2026 तक 182
लक्ष्यदिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल समाप्त

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें — भगोड़े का नाम (नवप्रीत सिंह), फर्जी पहचान (नवाब विर्क), प्रत्यर्पण करने वाला देश (तुर्की), नशीले पदार्थ (हेरोइन और मेथम्फेटामाइन), तस्करी का स्रोत (अफगानिस्तान), नार्को-कार्टेल खत्म करने की समय-सीमा (दिसंबर 2029), 2019 से 36 देशों से 288 भगोड़ों की वापसी, भारतपोल की शुरुआत (जनवरी 2025) और पीएमएलए के तहत कुर्क ₹17,874 करोड़ की संपत्ति।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

अक्टूबर 2026 में नार्को तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह को किस देश से भारत प्रत्यर्पित किया गया?

  1. A.संयुक्त अरब अमीरात
  2. B.तुर्की
  3. C.थाईलैंड
  4. D.पुर्तगाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तुर्की

व्याख्या

सही उत्तर तुर्की है। गृह मंत्रालय ने नवप्रीत सिंह को नशीले पदार्थों के कारोबार का कुख्यात सरगना बताया है। वह तुर्की में रह रहा था और उसने नवाब विर्क नाम की गढ़ी हुई पहचान के सहारे वहाँ की नागरिकता ले ली थी। भारतीय एजेंसियों ने उसकी इस आड़ को एक-एक परत हटाकर खोला, असली पहचान तय की और उसे सौंपने की कार्यवाही पूरी कराई; 3 अक्टूबर 2026 को वह भारत पहुँचा और ड्रग तस्करी तथा अन्य आपराधिक मामलों में जेल भेज दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात गलत है, क्योंकि इस कार्रवाई में किसी खाड़ी देश का नाम नहीं आता। थाईलैंड भी गलत है और तस्करी का रास्ता अफगानिस्तान से भारत बताया गया है, दक्षिण-पूर्व एशिया से नहीं। पुर्तगाल गलत है क्योंकि इस प्रत्यर्पण में यूरोपीय संघ का कोई देश शामिल नहीं है।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

नवप्रीत सिंह ने किस फर्जी पहचान के सहारे तुर्की की नागरिकता हासिल की थी?

  1. A.नवाब विर्क
  2. B.नवदीप बरार
  3. C.नवाज विरदी
  4. D.नूर विर्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नवाब विर्क

व्याख्या

सही उत्तर नवाब विर्क है। इसी झूठे नाम के सहारे नार्को तस्करी के सरगना ने तुर्की की नागरिकता हासिल की थी और इस आड़ में वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन तथा मेथम्फेटामाइन भेजता रहा। भारतीय एजेंसियों ने इस भेष की परतें हटाईं, उसकी असली पहचान नवप्रीत सिंह के रूप में तय की और उसका प्रत्यर्पण सुनिश्चित कराया; भारत में उसे ड्रग तस्करी तथा अन्य आपराधिक मामलों में जेल भेजा गया। नवदीप बरार गलत है, क्योंकि सरकारी वक्तव्य में ऐसा कोई उपनाम नहीं है। नवाज विरदी भी गलत है, यह केवल सुनने में असली नाम जैसा लगता है और तुर्की के कागजों पर यह नाम नहीं था। नूर विर्क भी इसी कारण गलत है, इसमें केवल कुलनाम मिलता है। परीक्षा के लिए असली और फर्जी, दोनों नाम साथ याद रखें।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

2019 से अगस्त 2026 के बीच भारत कितने भगोड़ों को और कितने देशों से वापस लाया?

  1. A.26 देशों से 188 भगोड़े
  2. B.30 देशों से 228 भगोड़े
  3. C.36 देशों से 288 भगोड़े
  4. D.46 देशों से 388 भगोड़े
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 36 देशों से 288 भगोड़े

व्याख्या

सही उत्तर 36 देशों से 288 भगोड़े है। गृह मंत्रालय ने 2019 से अगस्त 2026 तक की अवधि के लिए यही आँकड़ा दिया है। इस दौरान भगोड़ों की वापसी को राष्ट्रीय प्राथमिकता मानकर वैश्विक अभियान, एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति के सहारे काम किया गया। बाकी तीनों विकल्प भगोड़ों की संख्या या देशों की संख्या, किसी एक को बदल देते हैं, इसलिए सरकारी आँकड़े से मेल नहीं खाते। विकल्प A दोनों आँकड़े कम बताता है, विकल्प B कुछ नजदीक है पर दोनों में गलत है, और विकल्प D दोनों को बढ़ा देता है। इसी अवधि की कानूनी तैयारी भी याद रखें — 2019 में NIA तथा UAPA संशोधन, 2020 से मिशन मोड में कार्रवाई, और सूचना साझा करने की गति बढ़ाने वाला भारतपोल मंच।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

भारतीय पुलिस एजेंसियों को वैश्विक कानून प्रवर्तन से जोड़ने वाला भारतपोल कब शुरू किया गया?

  1. A.अगस्त 2023
  2. B.जुलाई 2024
  3. C.जनवरी 2025
  4. D.मार्च 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जनवरी 2025

व्याख्या

सही उत्तर जनवरी 2025 है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने इसी समय भारतपोल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य भारत और विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय, संपर्क और सूचना के आदान-प्रदान को बेहतर बनाना है। यह मंच सीबीआई, इंटरपोल संपर्क अधिकारियों के जरिये राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालय को एक जगह लाता है, और इससे केन्द्र व राज्य की एजेंसियों के 1,400 से अधिक कार्यालय जुड़े हुए हैं। इसका असर यह है कि सीबीआई जो जानकारी माँगती है वह अब 10 से 20 दिन में, और कुछ मामलों में 3 से 10 दिन में मिल जाती है, जिससे प्रत्यर्पण की कार्यवाही तेज होती है। अगस्त 2023, जुलाई 2024 और मार्च 2026 गलत हैं, क्योंकि इन महीनों में यह मंच न घोषित हुआ और न शुरू।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नार्को तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह को किस देश से भारत लाया गया?

उसे तुर्की से भारत लाया गया, जहाँ उसने नवाब विर्क की फर्जी पहचान से नागरिकता ले ली थी; 3 अक्टूबर 2026 को वह भारत पहुँचा।

2019 से अब तक भारत कितने भगोड़ों को वापस लाया है?

2019 से अगस्त 2026 के बीच 36 देशों से कुल 288 भगोड़े भारत लाए गए, क्योंकि भगोड़ों की वापसी को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया है।

भारतपोल क्या है?

यह जनवरी 2025 में शुरू किया गया मंच है, जो सीबीआई, इंटरपोल संपर्क अधिकारियों के जरिये राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालय को जोड़ता है; इससे 1,400 से अधिक कार्यालय जुड़े हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CPO