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GK24
सरकारी योजनाएंआसान

1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में आयोजित जल अर्पण किस मिशन के अंतर्गत एक सुधार है?

  1. A.स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
  2. B.जल जीवन मिशन 2.0
  3. C.अटल भूजल योजना
  4. D.राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना

सही उत्तर

B. जल जीवन मिशन 2.0

व्याख्या

सही उत्तर जल जीवन मिशन 2.0 है। जल अर्पण को इसी मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण सुधार बताया गया है, जो पूरी हो चुकी योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपकर ग्रामीण पेयजल प्रणालियों का नियंत्रण समुदाय के हाथ में देता है। विकल्प A यानी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गलत है, क्योंकि वह मिशन स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ा है, पाइप पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण से नहीं, भले ही गांधी जयंती की विशेष ग्राम सभाओं में दोनों विषय आए। विकल्प C यानी अटल भूजल योजना गलत है, क्योंकि वह जल संकट वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन से संबंधित है और यह हस्तांतरण सुधार उसका हिस्सा नहीं है। विकल्प D यानी राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना गलत है, क्योंकि वह नदियों के प्रदूषण पर केंद्रित है, गांव की जलापूर्ति पर नहीं। पुनरावृत्ति में जल अर्पण का नाम जल जीवन मिशन 2.0 तथा योजनाएं पाने वाली दो संस्थाओं के साथ जोड़कर याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: जल जीवन मिशन 2.0: 1,850 से अधिक पंचायतों में जल अर्पण

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

जल अर्पण मॉड्यूल से क्षेत्रीय भाषाओं में कितने हर घर जल प्रमाण पत्र तैयार किए गए?

  1. A.246
  2. B.346
  3. C.546
  4. D.1,850
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 346

व्याख्या

सही उत्तर 346 है। पात्र ग्राम पंचायतों और गांवों के लिए इतने ही हर घर जल प्रमाण पत्र तैयार किए गए, और जल अर्पण मॉड्यूल के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में इन प्रमाण पत्रों का जारी होना अपने आप में पहली बार हुआ। यह मॉड्यूल अब हिंदी, अंग्रेजी और सत्रह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में प्रमाण पत्र देता है, जिससे ग्रामीणों के लिए प्रमाणन की प्रक्रिया आसान हो जाती है। विकल्प A और C गलत हैं, क्योंकि ये प्रमाण पत्रों की संख्या के निकटवर्ती अनुमान हैं और इस अवसर पर दर्ज आंकड़े से मेल नहीं खाते। विकल्प D एक और शिक्षाप्रद कारण से गलत है, क्योंकि वह आंकड़ा उन ग्राम पंचायतों और गांवों की संख्या है जहां जल अर्पण मनाया गया, प्रमाण पत्रों की संख्या नहीं। एक ही घोषणा के दो आंकड़ों को मिला देना ऐसे प्रश्नों में सबसे आम भूल है, इसलिए कवरेज और प्रमाण पत्र को अलग-अलग याद रखें।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

जल जीवन मिशन 2.0 के किस मंच के तहत 2691 जल आपूर्ति परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग की गई?

  1. A.सुजलम भारत
  2. B.अमृत सरोवर
  3. C.जल शक्ति अभियान
  4. D.नल जल मित्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सुजलम भारत

व्याख्या

सही उत्तर सुजलम भारत है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत डिजिटल शासन और परिसंपत्ति प्रबंधन सुजलम भारत के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जल आपूर्ति परिसंपत्तियों तथा पाइप जलापूर्ति स्रोतों की जियो-टैगिंग होती है, और जल अर्पण के अवसर पर देश भर में कुल 2691 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग हुई, जिनमें लगभग 700 स्रोत शामिल थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह गांव के जल निकायों से जुड़ी एक अलग पहल है और यहां जियो-टैगिंग मंच के रूप में उसका नाम नहीं आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह जल संरक्षण का अभियान है, डिजिटल परिसंपत्ति मंच नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस जियो-टैगिंग कार्य के संबंध में ऐसे किसी मंच का उल्लेख नहीं हुआ। उद्देश्य भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि परिसंपत्तियों और स्रोतों की जियो-टैग सूची योजना, निगरानी और दीर्घकालिक रखरखाव में सहायक होती है।

Q3.सरकारी योजनाएंआसान

जल अर्पण के तहत पूरी हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं किसे सौंपी जाती हैं?

  1. A.जिला कलेक्टर और खंड विकास अधिकारी
  2. B.ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति
  3. C.राज्य लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
  4. D.निजी जल कंपनियां
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति

व्याख्या

सही उत्तर ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति है। जल अर्पण में निर्धारित परीक्षण अवधि के बाद चालू हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं का औपचारिक हस्तांतरण इन्हीं दो ग्राम स्तरीय संस्थाओं को होता है, जो इसके बाद संचालन, रखरखाव और दीर्घकालिक स्थिरता की जिम्मेदारी संभालती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिला और खंड स्तर के अधिकारी कार्यक्रम का प्रशासन करते हैं, लेकिन इस सुधार के तहत योजनाएं उनके हाथ में नहीं दी जातीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राज्य अभियांत्रिकी विभाग ऐसी योजनाओं का निर्माण करते हैं और सुधार का उद्देश्य प्रबंधन को उनसे हटाकर गांव की ओर ले जाना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हस्तांतरण समुदाय की संस्थाओं को होता है, निजी कंपनियों को नहीं। यहां परखा जा रहा विचार समुदाय का स्वामित्व है, और समिति का संक्षिप्त रूप वीडब्ल्यूएससी भी याद रखना उपयोगी है।

Q4.सरकारी योजनाएंकठिन

भोपाल में मोरवन परियोजना के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन किस सहकारी संस्था के साथ हुआ?

  1. A.कृभको
  2. B.इफको
  3. C.नेफेड
  4. D.एनसीडीसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कृभको

व्याख्या

सही उत्तर कृभको है। भोपाल में मोरवन परियोजना के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान कृभको और मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के बीच कार्यक्रम के दौरान हुआ। विकल्प B यानी इफको एक अलग उर्वरक सहकारी संस्था है और इस समझौते में शामिल नहीं थी, हालांकि दोनों नामों की समानता इसे सबसे आकर्षक गलत विकल्प बनाती है। विकल्प C यानी नेफेड कृषि उपज की सहकारी विपणन संस्था है और इस समझौते में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प D यानी राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम सहकारी विकास को वित्त देता है और यहां भी शामिल नहीं था। इसी कार्यक्रम की दो अन्य सहकारी बातें साथ याद रखने योग्य हैं, अर्थात डेयरी क्षेत्र के कार्य के लिए सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की स्थापना और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्रों का वितरण।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

गौपालक सम्मेलन में दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़कर प्रतिदिन कितनी हो गई है?

  1. A.307 ग्राम
  2. B.395 ग्राम
  3. C.485 ग्राम
  4. D.520 ग्राम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 485 ग्राम

व्याख्या

सही उत्तर 485 ग्राम है। देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता लगभग 58 प्रतिशत बढ़ी है, यानी 2014-15 के करीब 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर अब लगभग 485 ग्राम प्रतिदिन, और भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह पुराना आंकड़ा है, वर्तमान नहीं; जो प्रश्न दोनों वर्ष देकर एक आंकड़ा पूछता है वह ठीक इसी अंतर की परीक्षा लेता है। विकल्प B और D गलत हैं, क्योंकि ये वर्तमान आंकड़े के निकटवर्ती अनुमान हैं और बताए गए आंकड़े से मेल नहीं खाते। साथ के आंकड़े भी एक साथ याद रखने योग्य हैं, अर्थात कुल दूध उत्पादन 2014-15 के लगभग 14.60 करोड़ टन से बढ़कर करीब 24.80 करोड़ टन हो गया है और डेयरी निर्यात लगभग 4,666 करोड़ रुपये का है, जो संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब और भूटान जैसे देशों को होता है।