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भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद: चौथा दौर लंदन में

भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद का चौथा दौर 29 सितंबर 2026 को लंदन में हुआ, जिसमें सेबी, आरबीआई, आईएफएससीए, पीएफआरडीए, इरडाई, बैंक ऑफ इंग्लैंड और एफसीए शामिल हुए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद: चौथा दौर लंदन में

चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को लंदन में हुए चौथे भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद का संयुक्त वक्तव्य 7 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ, जिसमें पूंजी बाजार, बीमा, परिसंपत्ति प्रबंधन और फिनटेक पर तय कार्ययोजना बताई गई।

भारत और ब्रिटेन के बीच वित्तीय बाजार संवाद (एफएमडी) का चौथा दौर 29 सितंबर 2026 को लंदन में हुआ। दोनों प्रतिनिधिमंडलों की अगुवाई भारत के वित्त मंत्रालय और ब्रिटेन के एचएम ट्रेजरी के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। बैठक के बाद अपनाया गया संयुक्त वक्तव्य 7 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक किया गया।

बैठक में कौन शामिल हुआ

दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों के साथ उनके वित्तीय नियामक भी बैठक में बैठे। भारत की ओर से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, भारतीय रिजर्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण, पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण तथा भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने भाग लिया। ब्रिटेन की ओर से बैंक ऑफ इंग्लैंड और वित्तीय आचरण प्राधिकरण (एफसीए) मौजूद रहे।

संस्करणचौथा
स्थानलंदन
तिथि29 सितंबर 2026
पिछला दौरदिसंबर 2024

पूंजी बाजार

सेबी ने बताया कि वह विदेशी निवेशकों के लिए बाजार में प्रवेश और रोजमर्रा के कामकाज को कैसे आसान बना रहा है। केंद्रीय बैंक ने यह रेखांकित किया कि सरकारी और कंपनी ऋण प्रतिभूतियों तक विदेशी खरीदारों की पहुंच अब कहीं अधिक सुगम हो गई है। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की बढ़ती भूमिका पर भी बात हुई और दोनों पक्ष इस केंद्र को और परिपक्व बनाने के लिए नियामकीय अनुभव साझा करते रहने पर सहमत हुए। भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी पूंजी तक पहुंच का रास्ता खोलने वाली सीमा-पार शेयर और बॉन्ड लिस्टिंग पर भी चर्चा हुई।

बीमा, पेंशन और परिसंपत्ति प्रबंधन

दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने 2023 में बनाई गई बीमा और पेंशन कार्ययोजना को महत्वपूर्ण बताया। पुनर्बीमा क्षमता, लंदन मार्केट और भारतीय बीमा कंपनियों के बीच घनिष्ठ सहयोग, पेंशन का दायरा तथा दीर्घकालिक बचत सुधारों की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने भारतीय रुपये के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय उपयोग का स्वागत किया और लंदन को रुपये के कारोबार का सबसे बड़ा विदेशी केंद्र माना।

फिनटेक, भुगतान और धोखाधड़ी

भारत ने बताया कि डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान, केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा और डेटा साझा करने की व्यवस्था जैसी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने फिनटेक को बड़े पैमाने पर पहुंचाया और वित्तीय समावेशन बढ़ाया। दोनों पक्षों ने विदेशों में चल रहे ठगी अड्डों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सहारे औद्योगिक पैमाने पर की जा रही धोखाधड़ी के खतरे पर चिंता जताई और सीमा-पार भुगतान को बेहतर बनाने वाले जी20 रोडमैप के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

आगे की राह

यह बातचीत विजन 2035 की शुरुआत और 15 जुलाई 2026 से प्रभावी ब्रिटेन-भारत व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते से जोड़ी गई। प्रगति की समीक्षा अगले आर्थिक और वित्तीय संवाद में होगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनचौथा भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद (एफएमडी)
स्थानलंदन, ब्रिटेन
तिथि29 सितंबर 2026
अगुवाईवित्त मंत्रालय (भारत) और एचएम ट्रेजरी (ब्रिटेन)
भारतीय नियामकसेबी, आरबीआई, आईएफएससीए, पीएफआरडीए, इरडाई
ब्रिटिश नियामकबैंक ऑफ इंग्लैंड, एफसीए
पिछला दौरदिसंबर 2024
रुपये का विदेशी केंद्रलंदन
प्रभावी व्यापार समझौताब्रिटेन-भारत सीईटीए, 15 जुलाई 2026

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (चौथा), स्थान (लंदन), तिथि (29 सितंबर 2026), अगुवाई करने वाले दो मंत्रालय, भारत के पांच नियामक, ब्रिटेन के दो नियामक, रुपये के विदेशी कारोबार का प्रमुख केंद्र लंदन, सीमा-पार भुगतान का जी20 रोडमैप, विजन 2035 और ब्रिटेन-भारत सीईटीए के लागू होने की तिथि याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

चौथे भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद की मेजबानी किस शहर ने की?

  1. A.मुंबई
  2. B.लंदन
  3. C.नई दिल्ली
  4. D.एडिनबर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लंदन

व्याख्या

सही उत्तर लंदन है। भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद का चौथा दौर 29 सितंबर 2026 को लंदन में आयोजित हुआ और इसके बाद अपनाया गया संयुक्त वक्तव्य 7 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। बैठक की अगुवाई भारत के वित्त मंत्रालय और ब्रिटेन के एचएम ट्रेजरी के वरिष्ठ अधिकारियों ने की थी। लंदन का नाम बातचीत में अलग से भी आया, क्योंकि दोनों पक्षों ने इसे भारतीय रुपये के कारोबार का सबसे बड़ा विदेशी केंद्र माना। विकल्प मुंबई गलत है, क्योंकि इस दौर की मेजबानी भारत ने नहीं की, हालांकि सेबी का मुख्यालय मुंबई में है और वह बैठक में शामिल हुआ था। नई दिल्ली भी गलत है, क्योंकि राजधानी से प्रतिनिधिमंडल गया था, मेजबानी वहां नहीं हुई। एडिनबर्ग गलत है, क्योंकि ब्रिटेन में होने के बावजूद वक्तव्य में स्थान के रूप में लंदन का ही उल्लेख है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

ब्रिटेन-भारत व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) किस तिथि से प्रभावी हुआ?

  1. A.29 सितंबर 2026
  2. B.1 अप्रैल 2026
  3. C.15 जुलाई 2026
  4. D.15 अगस्त 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 15 जुलाई 2026

व्याख्या

सही उत्तर 15 जुलाई 2026 है। संयुक्त वक्तव्य में दर्ज है कि दोनों पक्षों ने विजन 2035 की शुरुआत के संदर्भ में अपने मजबूत होते रिश्ते पर विचार किया और ब्रिटेन-भारत व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते को लागू करने की अहमियत रेखांकित की, जो 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि 29 सितंबर 2026 वह दिन है जब चौथा वित्तीय बाजार संवाद लंदन में हुआ, व्यापार समझौता उस दिन लागू नहीं हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि वक्तव्य में अप्रैल की कोई तिथि इस समझौते से नहीं जुड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि समझौते के लागू होने का महीना अगस्त नहीं, जुलाई बताया गया है। परीक्षा के लिए दोनों तिथियां साथ याद रखें, यानी समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू और संवाद 29 सितंबर 2026 को लंदन में। यह भी ध्यान रखें कि संवाद की अगुवाई दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों ने की और इसमें भारत की ओर से पांच नियामक शामिल हुए थे।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

संवाद में दोनों पक्षों ने सीमा-पार भुगतान सुधार से जुड़े किस समूह के रोडमैप का समर्थन दोहराया?

  1. A.जी20
  2. B.जी7
  3. C.ब्रिक्स
  4. D.ओईसीडी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जी20

व्याख्या

सही उत्तर जी20 है। भारत और ब्रिटेन ने सीमा-पार भुगतान को बेहतर बनाने वाले जी20 रोडमैप के प्रति अपना समर्थन दोहराया और इसी रोडमैप के अनुरूप अड़चनें घटाने, पारदर्शिता बढ़ाने तथा भुगतान को अधिक कुशल बनाने की व्यावहारिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान ढांचों की आपसी अनुकूलता और जुड़ाव बढ़ाने के लिए इस समूह में चल रहे काम का भी उल्लेख किया और अपनी खुदरा भुगतान व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। विकल्प B गलत है, क्योंकि वक्तव्य में जी7 का नाम नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रिक्स का उल्लेख भी नहीं है, भले भारत उसका सदस्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भुगतान रोडमैप के संदर्भ में ओईसीडी का जिक्र नहीं आया। याद रखने योग्य बात यह है कि इसी चर्चा में भारत ने डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा जैसी अपनी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का अनुभव भी साझा किया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौथा भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद कहां हुआ?

लंदन में, 29 सितंबर 2026 को। इसकी अगुवाई भारत के वित्त मंत्रालय और ब्रिटेन के एचएम ट्रेजरी के वरिष्ठ अधिकारियों ने की और संयुक्त वक्तव्य 7 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ।

इस संवाद में भारत के कौन-कौन नियामक शामिल हुए?

सेबी, भारतीय रिजर्व बैंक, आईएफएससीए, पीएफआरडीए और इरडाई। ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व बैंक ऑफ इंग्लैंड और वित्तीय आचरण प्राधिकरण ने किया।

भारतीय रुपये के कारोबार का सबसे बड़ा विदेशी केंद्र कौन-सा शहर है?

लंदन। दोनों पक्षों ने रुपये के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय उपयोग का स्वागत किया और लंदन की इस भूमिका को स्वीकार किया।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 7 अक्टूबर 2026

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