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एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग: एनएसएएम 2.0 चरण में भारत की रणनीति

पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति के तहत अब तक 1,54,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण और 56 स्टार्ट-अप को सहायता दी गई है।

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एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग: एनएसएएम 2.0 चरण में भारत की रणनीति

चर्चा में क्यों

पत्र सूचना कार्यालय ने 7 अक्टूबर 2026 को भारत में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग पर बैकग्राउंडर जारी किया, जिसमें फरवरी 2022 की राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति, उसकी प्रगति और प्रस्तावित एनएसएएम 2.0 चरण का ब्योरा है।

एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (एएम) यानी 3डी प्रिंटिंग, जिसमें डिजिटल फाइल के निर्देश पर परत-दर-परत कोई वस्तु बनाई जाती है, पर पत्र सूचना कार्यालय ने 7 अक्टूबर 2026 को एक बैकग्राउंडर जारी किया। इसमें बताया गया है कि भारत किस तरह एएम का पारिस्थितिकी तंत्र खड़ा कर रहा है और अगला चरण एनएसएएम 2.0 किन लक्ष्यों पर केंद्रित होगा।

रणनीति और उसके लक्ष्य

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फरवरी 2022 में राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति (एनएसएएम) जारी की थी। यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप है तथा इसमें समयबद्ध लक्ष्य रखे गए हैं—वैश्विक एएम बाजार में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी, देश की आय में करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान, भारत की जरूरतों के अनुकूल 50 प्रौद्योगिकियां, 100 नए स्टार्ट-अप, 500 नए उत्पाद, एक लाख कुशल कर्मी और 10 विनिर्माण क्षेत्रों में एएम क्षमता। इस काम को आगे बढ़ाने के लिए सात विशेषीकृत विकास और परिनियोजन केंद्र बनाए गए हैं।

अब तक की प्रगति

चार वर्ष से अधिक समय में सरकार के अनुसार 1,54,000 से अधिक लोगों को एएम से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण मिला और 56 एएम स्टार्ट-अप को सहायता दी गई। राष्ट्रीय केंद्रों के नेटवर्क ने सामग्री, मशीन, एएम के लिए डिजाइन (डीएफएएम) और प्रिंटेड उत्पादों से जुड़ी 65 भारत-विशिष्ट प्रौद्योगिकियां विकसित कीं, जो एयरोस्पेस, चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और फोटोनिक्स में काम आ रही हैं।

एनएसएएम का लक्ष्यअब तक की स्थिति
एक लाख कर्मियों का प्रशिक्षण1,54,000 से अधिक प्रशिक्षित
100 स्टार्ट-अप56 को सहायता
50 भारत-विशिष्ट प्रौद्योगिकियां65 विकसित

किन क्षेत्रों में इस्तेमाल

अंतरिक्ष में आईआईटी मद्रास से इनक्यूबेटेड स्टार्ट-अप अग्निकुल कॉसमॉस ने मई 2024 में अग्निबाण-सॉर्टेड उड़ाया, जिसमें एक ही टुकड़े में एएम से प्रिंटेड सेमी-क्रायोजेनिक इंजन लगा था। रक्षा क्षेत्र में भारतीय सेना ने अहमदाबाद में एएम से बनी अपनी पहली दो मंजिला आवासीय इकाई का उद्घाटन किया, जो केवल 12 सप्ताह में तैयार हुई, और यह तकनीक लद्दाख जैसे इलाकों में प्रीकास्ट सुरक्षा संरचनाओं तक पहुंची है। स्वास्थ्य में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड स्वदेशी बायोसेरामिक सामग्री से 3डी प्रिंटेड हड्डी ग्राफ्ट को सहयोग दे रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स में आईआईएससी ने एएम से फोटोनिक इंटीग्रेटेड सर्किट ब्लॉक बनाकर विश्व में पहली बार यह प्रदर्शन किया। निर्माण क्षेत्र में केल्विन 6के प्रो प्रिंटर ने कम-कार्बन जियोपॉलीमर से 30 दिन से कम समय में 2,500 वर्ग फुट के घर बनाए, जिससे सामग्री और लॉजिस्टिक्स लागत में 30 प्रतिशत तथा उत्सर्जन में 90 प्रतिशत तक की कमी के संकेत मिले।

बाजार और एनएसएएम 2.0

वैश्विक एएम मशीन बाजार 2035 तक 149 अरब अमेरिकी डॉलर का अनुमानित है, जबकि एएम-इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला 18 अरब से 112 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ सकती है। एनएसएएम 2.0 में बौद्धिक संपदा सृजन में तेजी, डिजिटल एकीकरण से एएम नेटवर्क का विस्तार, क्लस्टर के जरिये मशीनों और सामग्री की किफायत, रक्षा क्षेत्र को व्यापक सहयोग, सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े पायलट कार्यक्रम और मानकों व संयुक्त अनुसंधान पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रस्तावित है। मंत्रालय ने दूसरा राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सिम्पोजियम 13 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया था। उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन का दूसरा संस्करण ईएसटीआईसी-2026 भारत मंडपम, नई दिल्ली में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद 12 विषयगत क्षेत्रों में आयोजित कर रही है। स्कूल स्तर पर प्रत्येक अटल टिंकरिंग लैब को 1,200 से 1,500 वर्ग फुट के नवाचार स्थल के लिए 20 लाख रुपये का अनुदान मिलता है, जहां कक्षा छह से कक्षा बारह तक के विद्यार्थियों के लिए 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स और आईओटी किट रहती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

प्रौद्योगिकीएडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3डी प्रिंटिंग)
रणनीतिराष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति (एनएसएएम)
किसने जारी कीइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, फरवरी 2022
बाजार लक्ष्यवैश्विक एएम बाजार में 5 प्रतिशत और जीडीपी में करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर
अब तक प्रशिक्षित1,54,000 से अधिक लोग
समर्थित स्टार्ट-अप56
भारत-विशिष्ट प्रौद्योगिकियां65
विकास एवं परिनियोजन केंद्रसात
वैश्विक एएम मशीन बाजार2035 तक 149 अरब अमेरिकी डॉलर
ईएसटीआईसी-202627 से 29 अक्टूबर 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली, आयोजक सीएसआईआर
दूसरा एनएएमएस13 मार्च 2026, नई दिल्ली

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि एनएसएएम फरवरी 2022 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जारी की; इसके लक्ष्य (वैश्विक बाजार में 5 प्रतिशत, एक अरब डॉलर, 50 प्रौद्योगिकियां, 100 स्टार्ट-अप, 500 उत्पाद, एक लाख कुशल कर्मी, 10 क्षेत्र, सात केंद्र); प्रगति के आंकड़े (1,54,000 से अधिक प्रशिक्षित, 56 स्टार्ट-अप, 65 प्रौद्योगिकियां); दूसरा एनएएमएस 13 मार्च 2026; और ईएसटीआईसी-2026 भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति (एनएसएएम) किस मंत्रालय ने जारी की थी?

  1. A.भारी उद्योग मंत्रालय
  2. B.इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  3. C.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय है। इसी मंत्रालय ने फरवरी 2022 में राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति जारी की, जो देश में 3डी प्रिंटिंग के लिए मार्गदर्शक नीतिगत ढांचा है और मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप बनाई गई है। यही मंत्रालय विशेषीकृत विकास और परिनियोजन केंद्रों को सहायता देता है और इसने नई दिल्ली में दूसरा राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सिम्पोजियम भी आयोजित किया। विकल्प क, भारी उद्योग मंत्रालय, इसलिए भ्रमित करता है क्योंकि एएम से मशीन के पुर्जे बनते हैं, पर यह रणनीति उसका दस्तावेज नहीं है। विकल्प ग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गलत है, हालांकि उसके अधीन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद ईएसटीआईसी सम्मेलन आयोजित करती है। विकल्प घ, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, व्यापार और निवेश से जुड़ा है और इस रणनीति से उसका संबंध नहीं है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एनएसएएम के तहत भारत वैश्विक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग बाजार में कितनी हिस्सेदारी का लक्ष्य रखता है?

  1. A.2 प्रतिशत
  2. B.5 प्रतिशत
  3. C.10 प्रतिशत
  4. D.15 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 5 प्रतिशत है। राष्ट्रीय रणनीति ने समयबद्ध लक्ष्य रखा है कि भारत वैश्विक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग बाजार का बीसवां हिस्सा हासिल करे और देश के सकल घरेलू उत्पाद में करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर जोड़े। इसी के साथ अन्य लक्ष्य भी जुड़े हैं—सामग्री, मशीन, प्रक्रिया और सॉफ्टवेयर को समेटते हुए भारत की जरूरत के अनुरूप 50 प्रौद्योगिकियां, 100 नए स्टार्ट-अप, 500 नए उत्पाद, एक लाख कुशल कर्मियों का प्रशिक्षण और 10 मौजूदा तथा उभरते विनिर्माण क्षेत्रों में क्षमता निर्माण। विकल्प क लक्ष्य को कम आंकता है, और विकल्प ग तथा घ उसे बढ़ाकर बताते हैं; रणनीति में ऐसी कोई हिस्सेदारी नहीं दी गई है। यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रगति इसी के सापेक्ष मापी जाती है और अगला चरण एनएसएएम 2.0 बाजार में और तेजी लाने के लिए तैयार किया जा रहा है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत मंडपम, नई दिल्ली में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक होने वाला ईएसटीआईसी-2026 किस संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है?

  1. A.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
  2. B.रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन
  3. C.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
  4. D.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद

व्याख्या

सही उत्तर वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) है। ईएसटीआईसी भारत का उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन है और इसका दूसरा संस्करण सीएसआईआर 'रचनात्मक मस्तिष्क, विज्ञान को गति, प्रौद्योगिकियों को सशक्त बनाना' विषय पर आयोजित कर रही है। यह सम्मेलन 12 विषयगत क्षेत्रों में पूर्ण सत्र, तकनीकी चर्चाओं और प्रदर्शनियों के साथ होगा, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाएगा और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को समर्थन देगा। विकल्प क, इसरो, अंतरिक्ष एजेंसी है और एएम से उसका नाता प्रिंटेड रॉकेट हार्डवेयर तक सीमित है। विकल्प ख, डीआरडीओ, रक्षा अनुसंधान करता है और आयोजक नहीं है। विकल्प घ, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि अनुसंधान की शीर्ष संस्था है। परीक्षा के लिए आयोजक संस्था, स्थान भारत मंडपम, तारीखें और सम्मेलन का विषय चारों अलग-अलग पूछे जा सकते हैं, इसलिए इन्हें एक साथ याद रखना उपयोगी रहता है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एनएसएएम के तहत अब तक कितने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग स्टार्ट-अप को सहायता दी गई है?

  1. A.26
  2. B.36
  3. C.46
  4. D.56
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 56

व्याख्या

सही उत्तर 56 है। रणनीति जारी होने के चार वर्ष से अधिक समय बाद सरकार के अनुसार 56 एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग स्टार्ट-अप को सहायता दी गई है, जिससे देश में नवाचार और उद्यमिता का आधार मजबूत हुआ है। इसके साथ 1,54,000 से अधिक लोगों को एएम से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण मिला है और राष्ट्रीय केंद्रों के नेटवर्क ने सामग्री, मशीन, एएम के लिए डिजाइन और प्रिंटेड उत्पादों सहित 65 भारत-विशिष्ट प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं, जो एयरोस्पेस, चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और फोटोनिक्स में काम आ रही हैं। विकल्प क, ख और ग में दी गई संख्याएं इस प्रगति से मेल नहीं खातीं। यह भी याद रखें कि रणनीति का लक्ष्य 100 नए स्टार्ट-अप है, इसलिए 56 का आंकड़ा उस लक्ष्य की दिशा में प्रगति दिखाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति किस मंत्रालय ने जारी की?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फरवरी 2022 में एनएसएएम जारी की, जो मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप 3डी प्रिंटिंग के लिए देश का नीतिगत ढांचा है।

एनएसएएम के मुख्य लक्ष्य क्या हैं?

वैश्विक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग बाजार में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी, जीडीपी में करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर, 50 भारत-विशिष्ट प्रौद्योगिकियां, 100 नए स्टार्ट-अप, 500 नए उत्पाद, एक लाख कुशल कर्मी और 10 विनिर्माण क्षेत्रों में क्षमता निर्माण।

ईएसटीआईसी-2026 क्या है?

यह भारत के उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन का दूसरा संस्करण है, जो 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा 12 विषयगत क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS