ईएसटीआईसी-2026 का आयोजन कितने मंत्रालय और विभाग मिलकर कर रहे हैं?
- A.आठ
- B.दस
- C.बारह
- D.पंद्रह
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर बारह है। यह सम्मेलन 12 मंत्रालयों और विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है और पूरा आयोजन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में हो रहा है। इतने मंत्रालयों की भागीदारी ही इसे किसी एक विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहल बनाती है, और इसका घोषित उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के जरिये विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाना तथा आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। विकल्प A, B और D यानी आठ, दस और पंद्रह ऐसे गोल आंकड़े हैं जो अंतर-मंत्रालयी आयोजनों के साथ आम तौर पर जोड़ दिए जाते हैं, पर इस सम्मेलन के लिए घोषित संख्या इनमें से कोई नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह है कि इस खबर के दो आंकड़े साथ रखें: बारह आयोजक मंत्रालय एवं विभाग, और भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले तीन दिन।
पूरा लेख पढ़ें: डीआरडीओ ईएसटीआईसी-2026 में सेमीकंडक्टर सत्र की अगुवाई करेगा
अभ्यास प्रश्न
डीआरडीओ जिस सेमीकंडक्टर सत्र की अगुवाई करेगा, वह ईएसटीआईसी-2026 किस स्थान पर आयोजित होगा?
- A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- C.यशोभूमि, द्वारका
- D.बेंगलुरु पैलेस ग्राउंड
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर भारत मंडपम, नई दिल्ली है। उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन, जिसे ईएसटीआईसी-2026 कहा जा रहा है, वहीं 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा और डीआरडीओ उसमें सेमीकंडक्टर तथा अगली पीढ़ी के चिप्स पर विशेष सत्र की अगुवाई करेगा। विकल्प A का विज्ञान भवन और विकल्प C का यशोभूमि राजधानी के जाने-पहचाने सम्मेलन स्थल हैं, लेकिन यह सम्मेलन इनमें से किसी में नहीं हो रहा है। विकल्प D, बेंगलुरु, वह गलती है जो जल्दबाजी में सबसे ज्यादा होती है, क्योंकि डीआरडीओ ने इस सत्र का प्रारंभिक कार्यक्रम 13 अक्टूबर 2026 को उसी शहर में किया था; सम्मेलन खुद दिल्ली में है। अभ्यर्थी दोनों जगहों को अलग-अलग नोट करें: तैयारी वाले कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु और सम्मेलन के लिए भारत मंडपम। यह सम्मेलन 12 मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
प्रारंभिक कार्यक्रम में बताए गए अनुमान के अनुसार सेमीकंडक्टर कारोबार किस वर्ष तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचेगा?
- A.2030
- B.2035
- C.2040
- D.2047
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 2035 है। प्रख्यात वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. अनुपम शर्मा ने बेंगलुरु के प्रारंभिक कार्यक्रम में कहा कि सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्र का कारोबार वर्ष 2035 तक बढ़कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने यह बात आधुनिक युद्ध में इन चिप्स की भूमिका बताते हुए कही, और जोड़ा कि सैन्य अभियानों के लगभग हर पहलू में ये तकनीकें शामिल हो चुकी हैं। विकल्प A और C यानी 2030 और 2040 प्रौद्योगिकी से जुड़े अनुमानों में आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले वर्ष हैं, लेकिन इस अनुमान के साथ ये नहीं जुड़े हैं। विकल्प D, 2047, सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि यह सम्मेलन विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य से जुड़ा है; वह वर्ष विकास के लक्ष्य का है, बाजार अनुमान का नहीं। अभ्यर्थी दोनों वर्ष अलग रखें।
नए फिल्टर में रंगों को तोड़ने के लिए कौन-सी दो प्रक्रियाएं मिलाई गई हैं?
- A.सोखना और फ्लोक्यूलेशन
- B.फोटोकैटलिसिस और पीजोकैटलिसिस
- C.अवसादन और जैविक उपचार
- D.विपरीत परासरण और क्लोरीनीकरण
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर फोटोकैटलिसिस और पीजोकैटलिसिस है। यह फिल्टर प्रकाश तथा यांत्रिक कंपन, दोनों का एक साथ उपयोग करके रंगों को तोड़ता है। कंपन से पदार्थ में पीजोइलेक्ट्रिक ध्रुवीकरण बनता है, जो प्रकाश से उत्पन्न इलेक्ट्रॉन और होल के पुनर्संयोजन को रोकता है और इससे रंग के अणुओं पर हमला करने वाली प्रतिक्रियाशील प्रजातियों का बनना बढ़ जाता है। विकल्प क और ग गलत हैं, क्योंकि सोखना, फ्लोक्यूलेशन, अवसादन और जैविक उपचार पुरानी विधियां हैं: पहली श्रेणी प्रदूषक को अलग करती है, आवश्यक नहीं कि नष्ट करे, और स्थिर रंगों के लिए जैविक उपचार धीमा है। विकल्प घ की प्रक्रियाएं इस अध्ययन का हिस्सा नहीं थीं। झिल्ली में उत्प्रेरक बैठाने से उसे पानी से छानकर निकालने की समस्या भी हल होती है।
प्रकाश और पराध्वनि उत्तेजना के साथ नई झिल्ली ने मेथिलीन ब्लू का कितना रंग हटाया?
- A.120 मिनट में 71 प्रतिशत
- B.60 मिनट में 75 प्रतिशत
- C.120 मिनट में 96.7 प्रतिशत
- D.120 मिनट में 98.6 प्रतिशत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 120 मिनट में 98.6 प्रतिशत है। प्रकाश और पराध्वनि उत्तेजना एक साथ देने पर पॉलीलैक्टिक एसिड तथा जिंक ऑक्साइड की झिल्ली ने इसी अवधि में मेथिलीन ब्लू का 98.6 प्रतिशत रंग हटा दिया। विकल्प ग दूसरे परीक्षित रंग कांगो रेड का आंकड़ा देता है, जिसका 96.7 प्रतिशत रंग इसी अवधि में हटा, इसलिए वह मिलता-जुलता परंतु गलत विकल्प है। विकल्प क और ख गलत हैं क्योंकि वे प्रतिशत जीवाणुरोधी परिणामों के हैं: पदार्थ ने 6 घंटे के संपर्क के बाद ई. कोली को लगभग 75 प्रतिशत और एस. ऑरियस को 71 प्रतिशत निष्क्रिय किया। रंग हटाने और जीवाणु निष्क्रिय करने के आंकड़े अलग-अलग याद रखना आवश्यक है, क्योंकि प्रश्न में इन्हें बदलकर पूछा जाता है। मशीन लर्निंग से यह अनुमान भी लगाया गया कि विभिन्न परिस्थितियों में रंग कितना हटेगा।
इस अनुसंधान में जिंक ऑक्साइड नैनोकण किस प्राकृतिक पदार्थ से संश्लेषित किए गए?
- A.नीम की पत्तियों का अर्क
- B.हल्दी का अर्क
- C.तुलसी का अर्क
- D.केले के छिलके का अर्क
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर हल्दी का अर्क है। नैनोकण डॉ. अवीरू कुमार बसु की प्रयोगशाला में हल्दी के अर्क से तैयार किए गए, जिसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले करक्यूमिन, फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक यौगिकों ने अपचायक तथा स्थिरकारक की भूमिका निभाई। इस हरित मार्ग का महत्व यह है कि पारंपरिक संश्लेषण में प्रयुक्त हानिकारक अभिकर्मकों से बचा जाता है, अर्थात पानी साफ करने वाला पदार्थ स्वयं पर्यावरण अनुकूल ढंग से बनता है। शेष विकल्पों में ऐसे पादप पदार्थ हैं जो हरित संश्लेषण के अनुसंधान में सामान्यतः प्रयोग होते हैं, परंतु इस कार्य में उनका उपयोग नहीं हुआ, इसलिए वे आकर्षक होते हुए भी गलत हैं। हल्दी और जिंक ऑक्साइड का यह मेल याद रखें। इसी हरित मार्ग से बने नैनोकण झिल्ली में स्थिर किए गए।