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GK24

डीआरआई ने 10.36 करोड़ का 6.61 किग्रा तस्करी सोना जब्त किया

राजस्व खुफिया निदेशालय ने देशव्यापी सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 10.36 करोड़ रुपये कीमत का 6.61 किग्रा विदेशी सोना जब्त किया और 11 लोग गिरफ्तार किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डीआरआई ने 10.36 करोड़ का 6.61 किग्रा तस्करी सोना जब्त किया

चर्चा में क्यों

28 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने बताया कि डीआरआई ने देशव्यापी सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए लगभग 10.36 करोड़ रुपये कीमत का 6.61 किग्रा सोना जब्त किया और ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया।

वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक ऐसे सोना तस्करी सिंडिकेट को तोड़ा है, जो पूरे देश में साधारण कूरियर खेपों के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी ने बार के रूप में 6.61 किग्रा विदेशी सोना बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में ग्यारह लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें गिरोह का एक सरगना भी शामिल है।

कार्रवाई कैसे हुई

डीआरआई को सटीक सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल और असम में भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते विदेशी सोना लगातार भीतर लाया जा रहा है और फिर कूरियर पार्सल बनाकर देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी आधार पर 23 और 24 सितंबर 2026 को पांच शहरों में एक साथ समन्वित अभियान चलाया गया- मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी।

गुवाहाटी तथा कोलकाता से बुक की गई और मुंबई, दिल्ली एवं अहमदाबाद में डिलीवरी के लिए भेजी जा रही कूरियर खेपों को रास्ते में ही रोक लिया गया। पार्सल लेने वाले सात लोग पकड़े गए, जबकि कोलकाता में भेजने वालों के ठिकानों पर तलाशी से तीन और लोग पकड़ में आए। बाद की कार्रवाई में मुंबई से एक सरगना को भी हिरासत में लिया गया, जिससे गिरफ्तारियों की कुल संख्या ग्यारह हो गई।

सिंडिकेट का तरीका

जांच में सामने आया कि सोने को जानबूझकर कई छोटी-छोटी कूरियर खेपों में बांटा जाता था, ताकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत से पश्चिमी तथा उत्तरी बाजारों तक जाते समय कोई एक पार्सल संदेह के घेरे में न आए। भेजने वाले और पाने वाले, दोनों ही कागजी व्यक्ति या फर्म निकले, जिनके पास सोने के किसी वैध लेन-देन का रिकॉर्ड नहीं था। इससे साफ हुआ कि तस्करी के सोने को छिपाने और बांटने के लिए कूरियर नेटवर्क का सोचा-समझा इस्तेमाल किया जा रहा था।

गिरोह का असली आकार

जब्त दस्तावेजों की शुरुआती जांच से पता चला कि यह धंधा कितना बड़ा हो चुका था। मौजूदा कैलेंडर वर्ष के केवल नौ महीनों में इसी कूरियर आधारित श्रृंखला से करीब 318 किग्रा तस्करी का सोना गुजर चुका था, जिसकी कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये बैठती है। बरामद सोना सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है और आगे की जांच जारी है।

जब्त सोना6.61 किग्रा, विदेशी मूल, बार के रूप में
कीमतलगभग 10.36 करोड़ रुपये
गिरफ्तारियांग्यारह, एक सरगना सहित
नौ महीनों में भेजा गया सोनाकरीब 318 किग्रा, कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीराजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), वित्त मंत्रालय
जब्ती6.61 किग्रा विदेशी मूल का सोना, बार के रूप में
कीमतलगभग 10.36 करोड़ रुपये
गिरफ्तारियांग्यारह, एक सरगना सहित
अभियान की तिथि23 और 24 सितंबर 2026
शामिल शहरमुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद, गुवाहाटी
लागू कानूनसीमा शुल्क अधिनियम, 1962
उजागर आकारनौ महीनों में करीब 318 किग्रा सोना, कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये

परीक्षा की दृष्टि से

एजेंसी (डीआरआई, वित्त मंत्रालय के अधीन), जब्त मात्रा और कीमत (6.61 किग्रा, लगभग 10.36 करोड़ रुपये), गिरफ्तारियों की संख्या (ग्यारह), लागू कानून (सीमा शुल्क अधिनियम, 1962), प्रवेश मार्ग (पश्चिम बंगाल और असम में भारत-बांग्लादेश सीमा), पांच शहरों के नाम तथा नौ महीनों में करीब 318 किग्रा सोना, कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये, अवश्य याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

कूरियर खेपों के जरिए विदेशी सोना भेजने वाले देशव्यापी तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किस एजेंसी ने किया?

  1. A.प्रवर्तन निदेशालय
  2. B.राजस्व खुफिया निदेशालय
  3. C.केंद्रीय जांच ब्यूरो
  4. D.राष्ट्रीय जांच एजेंसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्व खुफिया निदेशालय

व्याख्या

सही उत्तर राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई है। यह एजेंसी वित्त मंत्रालय के अधीन काम करती है और सीमा शुल्क से जुड़ी खुफिया जानकारी तथा तस्करी रोकने के काम में विशेषज्ञ मानी जाती है। इसी एजेंसी ने भारत-बांग्लादेश सीमा से आ रहे सोने की सूचना पर कार्रवाई की, कई शहरों में कूरियर पार्सल रोके और सीमा शुल्क कानून के तहत सोना जब्त किया। विकल्प A यानी प्रवर्तन निदेशालय गलत है, क्योंकि वह मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा तथा धनशोधन से जुड़े मामलों को देखता है और इस जब्ती में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प C यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो गलत है, क्योंकि वह भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों की सामान्य जांच एजेंसी है। विकल्प D यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी गलत है, क्योंकि उसका दायरा आतंकवाद और उससे जुड़े अपराधों तक सीमित है। परीक्षार्थी तस्करी तथा सीमा शुल्क के मामलों को डीआरआई से जोड़कर याद रखें।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

इस कार्रवाई में कितना विदेशी सोना जब्त हुआ और उसकी अनुमानित कीमत क्या थी?

  1. A.3.25 किग्रा, कीमत लगभग 5.10 करोड़ रुपये
  2. B.6.61 किग्रा, कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये
  3. C.12.40 किग्रा, कीमत लगभग 18.75 करोड़ रुपये
  4. D.18.20 किग्रा, कीमत लगभग 29.50 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 6.61 किग्रा, कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 6.61 किग्रा, कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये है। इतना विदेशी मूल का सोना, वह भी पूरी तरह बार के रूप में, समन्वित अभियान के दौरान रोकी गई कूरियर खेपों से बरामद हुआ और सीमा शुल्क कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। बाकी तीनों विकल्पों में दी गई मात्रा और कीमत केवल भ्रमित करने के लिए रखी गई हैं तथा वास्तविक बरामदगी से मेल नहीं खातीं। याद रखने का आसान तरीका यह है कि साढ़े छह किलोग्राम के आसपास की यह जब्ती पूरे गिरोह का केवल दिखाई देने वाला हिस्सा थी, क्योंकि बाद में जांचे गए दस्तावेजों ने इसी कूरियर श्रृंखला से बीते महीनों में कहीं अधिक सोना जाने की बात उजागर की। मामले में ग्यारह लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें एक सरगना भी शामिल बताया गया।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

दस्तावेजों की शुरुआती जांच के अनुसार सिंडिकेट नौ महीनों में कूरियर चैनलों से कितना तस्करी का सोना भेज चुका था?

  1. A.करीब 318 किग्रा, कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये
  2. B.करीब 118 किग्रा, कीमत लगभग 160 करोड़ रुपये
  3. C.करीब 640 किग्रा, कीमत लगभग 900 करोड़ रुपये
  4. D.करीब 45 किग्रा, कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. करीब 318 किग्रा, कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर करीब 318 किग्रा, कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये है। गिरफ्तारियों के बाद जांचे गए दस्तावेजों से पता चला कि मौजूदा कैलेंडर वर्ष के नौ महीनों में इतनी मात्रा में तस्करी का सोना उसी कूरियर आधारित नेटवर्क से भेजा और पहुंचाया जा चुका था, और इसी से गिरोह का वास्तविक आकार सामने आया। शेष विकल्पों में दी गई मात्रा तथा कीमत काल्पनिक हैं और मामले से मेल नहीं खातीं। परीक्षार्थियों को दोनों तरह के आंकड़े अलग-अलग रखने चाहिए: छापों के दौरान वास्तव में जब्त की गई मात्रा बहुत कम थी, जबकि इस प्रश्न का आंकड़ा उस कुल आवाजाही को दर्शाता है जो कागजात से उजागर हुई। गिरोह खेपों को छोटे-छोटे पार्सलों में बांटता था, ताकि हर पार्सल सामान्य दिखे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने कूरियर के जरिए चल रही तस्करी के मामले में कितना सोना जब्त किया?

बार के रूप में 6.61 किग्रा विदेशी मूल का सोना, जिसकी कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये है। मामले में ग्यारह लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें एक सरगना भी शामिल है।

जब्त सोने पर कौन सा कानून लागू किया गया?

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के संबंधित प्रावधान। डीआरआई वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है।

सिंडिकेट अब तक कितना सोना कूरियर से भेज चुका था?

मौजूदा कैलेंडर वर्ष के नौ महीनों में करीब 318 किग्रा तस्करी का सोना, जिसकी कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये आंकी गई है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CPO