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कोयला क्षेत्र को मिली पहली क्षेत्रव्यापी सीएसआर रूपरेखा

कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय कोयला कंपनियों के लिए पहली क्षेत्रव्यापी सीएसआर रूपरेखा जारी की, जिसे आईआईसीए ने तैयार किया है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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कोयला क्षेत्र को मिली पहली क्षेत्रव्यापी सीएसआर रूपरेखा

चर्चा में क्यों

कोयला मंत्रालय ने 8 सितंबर 2026 को भारतीय कोयला कंपनियों के लिए पहली क्षेत्रव्यापी सीएसआर रूपरेखा जारी की तथा थैलेसीमिया बाल सेवा योजना और नन्हा सा दिल की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।

कोयला मंत्रालय ने अपनी कंपनियों को सामाजिक खर्च की साझा नियमावली दी है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर रूपरेखा का शुभारंभ किया। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सीएसआर के वैधानिक बनने के बाद यह किसी एक क्षेत्र के लिए बनी पहली रूपरेखा है। इसे भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) ने तैयार किया है। यह कोयला खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए परिणामोन्मुख खर्च का मार्गदर्शन करेगी।

कार्यक्रम में कौन उपस्थित रहा

कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे तथा कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त कार्यक्रम में मौजूद रहे। स्वागत संबोधन मंत्रालय की अपर सचिव सुश्री रुपिंदर बरार ने दिया। इसी कार्यक्रम में कोल इंडिया लिमिटेड की दो स्वास्थ्य योजनाओं की उपलब्धियां भी गिनाई गईं।

थैलेसीमिया बाल सेवा योजना

यह योजना थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित बच्चों का उपचार कराती है, जो दुर्लभ आनुवंशिक रक्त विकार हैं। इसका अस्पताल नेटवर्क चार अस्पतालों से बढ़कर इक्कीस सूचीबद्ध अस्पतालों तक पहुंच गया है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए प्रति मरीज 10 लाख रुपये तक की राशि सीधे अस्पताल को दी जाती है। चार चरणों में इसका कुल परिव्यय 130 करोड़ रुपये है। अब तक 1,050 से अधिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट पूरे हो चुके हैं। इस स्तर की स्वास्थ्य पहल चलाने वाला कोल इंडिया देश का एकमात्र केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, और यह योजना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की निगरानी में थैलेसीमिक्स इंडिया के साथ चलती है।

नन्हा सा दिल

बिंदुविवरण
समस्यानवजात बच्चों में जन्मजात हृदय दोष
साझेदारश्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट
शुरुआतमार्च 2024, झारखंड के चार जिलों से
विस्तारएसईसीएल, सीसीएल, एनसीएल और डब्ल्यूसीएल के माध्यम से
पूरी हुई सर्जरी1,500 से अधिक, पूरी तरह निःशुल्क

इस पहल के तहत आधुनिक उपकरणों से दो लाख से अधिक बच्चों की जांच हो चुकी है। परिवार के लिए उपचार निःशुल्क है और यात्रा तथा अस्पताल में भर्ती का खर्च भी उठाया जाता है। देश में हर वर्ष अनुमानित 2.4 लाख नवजात जन्मजात हृदय दोष के साथ जन्म लेते हैं और उनमें से केवल लगभग 5 प्रतिशत को समय पर उपचार मिल पाता है; यही अंतर पाटना इस योजना का उद्देश्य है।

महत्वपूर्ण तथ्य

शुभारंभभारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर रूपरेखा
तिथि और स्थान8 सितंबर 2026, नई दिल्ली
किसने जारी कीजी. किशन रेड्डी, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री
किसने तैयार कीभारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए)
विशेषताकंपनी अधिनियम, 2013 के बाद पहली क्षेत्र-विशिष्ट सीएसआर रूपरेखा
थैलेसीमिया बाल सेवा योजना1,050 से अधिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट, परिव्यय 130 करोड़ रुपये
नन्हा सा दिल1,500 से अधिक निःशुल्क हृदय सर्जरी
कोयला मंत्रालय के सचिवविक्रम देव दत्त

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि कंपनी अधिनियम, 2013 के बाद यह पहली क्षेत्र-विशिष्ट सीएसआर रूपरेखा है, इसे भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान ने तैयार किया, इसका शुभारंभ कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया तथा कोल इंडिया की दोनों योजनाओं के आंकड़े 1,050 ट्रांसप्लांट और 1,500 हृदय सर्जरी हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

भारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर रूपरेखा किस संस्थान ने तैयार की है?

  1. A.भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान
  2. B.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
  3. C.राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान
  4. D.भारतीय खनि विद्यापीठ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में जो रूपरेखा जारी की, उसे इसी संस्थान ने तैयार किया है और यह कोयला खदानों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए परिणामोन्मुख सीएसआर का मार्गदर्शन करेगी। विकल्प B यानी भारतीय लोक प्रशासन संस्थान प्रशासनिक अध्ययन का प्रतिष्ठित संस्थान है, परंतु इस रूपरेखा के निर्माण में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प C यानी राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान सरकारी सेवाओं के वित्तीय प्रबंधन प्रशिक्षण से जुड़ा है, इसलिए वह भी सही नहीं है। विकल्प D धनबाद स्थित खनन एवं अभियांत्रिकी संस्थान की ओर संकेत करता है; विषय कोयला क्षेत्र का होने से भ्रम हो सकता है, परंतु ऐसी तकनीकी संस्था ने यह रूपरेखा नहीं लिखी। रूपरेखा और संस्थान की जोड़ी याद रखें।

Q2.सरकारी योजनाएंआसान

भारत में सीएसआर किस अधिनियम के तहत वैधानिक दायित्व बना, जिसके बाद यह पहली क्षेत्र-विशिष्ट रूपरेखा है?

  1. A.कंपनी अधिनियम, 1956
  2. B.कंपनी अधिनियम, 2013
  3. C.खान एवं खनिज अधिनियम, 1957
  4. D.कोयला खान अधिनियम, 1952
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कंपनी अधिनियम, 2013

व्याख्या

सही उत्तर कंपनी अधिनियम, 2013 है। शुभारंभ के समय बताया गया कि कोयला क्षेत्र की यह रूपरेखा उस अधिनियम के तहत वैधानिक सीएसआर लागू होने के बाद किसी एक क्षेत्र के लिए बनी पहली रूपरेखा है, और यही अधिनियम भारतीय कंपनियों की पूरी सीएसआर व्यवस्था का कानूनी आधार है। विकल्प A उस पुराने कंपनी कानून की ओर संकेत करता है जिसकी जगह वर्तमान अधिनियम आया; उसमें सीएसआर का वैधानिक दायित्व नहीं था, इसलिए केवल कंपनी अधिनियम शब्द याद रखने वाला अभ्यर्थी यहीं फंसता है। विकल्प C खनिज रियायतों और खानों के नियमन से जुड़ा है। विकल्प D कोयला खदानों में सुरक्षा और कार्यदशाओं से संबंधित है, कंपनियों के सामाजिक खर्च से नहीं। अधिनियम के साथ वर्ष अवश्य याद रखें, क्योंकि अर्थव्यवस्था तथा समसामयिक घटनाक्रम के प्रश्नों में सीएसआर से जुड़ी यही जोड़ी सबसे अधिक पूछी जाती है। साथ में यह भी याद रखें कि नई रूपरेखा कोयला मंत्रालय ने जारी की और इसका उद्देश्य कोयला खनन क्षेत्रों के लोगों के लिए परिणामोन्मुख खर्च सुनिश्चित करना है।

Q3.सरकारी योजनाएंआसान

इसी कार्यक्रम में जिन उपलब्धियों की चर्चा हुई, उनमें नन्हा सा दिल पहल बच्चों की किस समस्या से जुड़ी है?

  1. A.थैलेसीमिया
  2. B.जन्मजात हृदय दोष
  3. C.बाल क्षय रोग
  4. D.गंभीर तीव्र कुपोषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जन्मजात हृदय दोष

व्याख्या

सही उत्तर जन्मजात हृदय दोष है। नन्हा सा दिल पहल कोल इंडिया लिमिटेड श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ चलाता है, यह मार्च 2024 में झारखंड के चार जिलों से शुरू हुई और इसके तहत 1,500 से अधिक सुधारात्मक सर्जरी पूरी हो चुकी हैं, जो परिवार के लिए निःशुल्क हैं तथा जिनमें यात्रा और भर्ती का खर्च भी शामिल है। विकल्प A गलत इसलिए है कि वह उसी कार्यक्रम में शामिल दूसरी योजना से जुड़ा है: थैलेसीमिया बाल सेवा योजना थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया का उपचार बोन मैरो ट्रांसप्लांट से कराती है, जिनमें 1,050 से अधिक पूरे हो चुके हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बाल क्षय रोग राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुपोषण पोषण कार्यक्रमों और आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़ा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई कोयला क्षेत्र सीएसआर रूपरेखा किस मायने में पहली है?

कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सीएसआर के वैधानिक बनने के बाद किसी एक क्षेत्र के लिए बनी यह पहली रूपरेखा है। इसे भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान ने तैयार किया है।

थैलेसीमिया बाल सेवा योजना में क्या सहायता मिलती है?

बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए प्रति मरीज 10 लाख रुपये तक की राशि सीधे सूचीबद्ध अस्पताल को दी जाती है। अब तक 1,050 से अधिक ट्रांसप्लांट हुए हैं और परिव्यय 130 करोड़ रुपये है।

बच्चों के जन्मजात हृदय दोष के लिए कौन सी पहल चल रही है?

नन्हा सा दिल, जिसे कोल इंडिया श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ चलाता है। यह मार्च 2024 में झारखंड के चार जिलों से शुरू हुई और 1,500 से अधिक निःशुल्क सर्जरी कर चुकी है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS