इसी कार्यक्रम में जिन उपलब्धियों की चर्चा हुई, उनमें नन्हा सा दिल पहल बच्चों की किस समस्या से जुड़ी है?
- A.थैलेसीमिया
- B.जन्मजात हृदय दोष
- C.बाल क्षय रोग
- D.गंभीर तीव्र कुपोषण
सही उत्तर
B. जन्मजात हृदय दोष
व्याख्या
सही उत्तर जन्मजात हृदय दोष है। नन्हा सा दिल पहल कोल इंडिया लिमिटेड श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ चलाता है, यह मार्च 2024 में झारखंड के चार जिलों से शुरू हुई और इसके तहत 1,500 से अधिक सुधारात्मक सर्जरी पूरी हो चुकी हैं, जो परिवार के लिए निःशुल्क हैं तथा जिनमें यात्रा और भर्ती का खर्च भी शामिल है। विकल्प A गलत इसलिए है कि वह उसी कार्यक्रम में शामिल दूसरी योजना से जुड़ा है: थैलेसीमिया बाल सेवा योजना थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया का उपचार बोन मैरो ट्रांसप्लांट से कराती है, जिनमें 1,050 से अधिक पूरे हो चुके हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बाल क्षय रोग राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुपोषण पोषण कार्यक्रमों और आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़ा है।
पूरा लेख पढ़ें: कोयला क्षेत्र को मिली पहली क्षेत्रव्यापी सीएसआर रूपरेखा
अभ्यास प्रश्न
भारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर रूपरेखा किस संस्थान ने तैयार की है?
- A.भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान
- B.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
- C.राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान
- D.भारतीय खनि विद्यापीठ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में जो रूपरेखा जारी की, उसे इसी संस्थान ने तैयार किया है और यह कोयला खदानों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए परिणामोन्मुख सीएसआर का मार्गदर्शन करेगी। विकल्प B यानी भारतीय लोक प्रशासन संस्थान प्रशासनिक अध्ययन का प्रतिष्ठित संस्थान है, परंतु इस रूपरेखा के निर्माण में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प C यानी राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान सरकारी सेवाओं के वित्तीय प्रबंधन प्रशिक्षण से जुड़ा है, इसलिए वह भी सही नहीं है। विकल्प D धनबाद स्थित खनन एवं अभियांत्रिकी संस्थान की ओर संकेत करता है; विषय कोयला क्षेत्र का होने से भ्रम हो सकता है, परंतु ऐसी तकनीकी संस्था ने यह रूपरेखा नहीं लिखी। रूपरेखा और संस्थान की जोड़ी याद रखें।
भारत में सीएसआर किस अधिनियम के तहत वैधानिक दायित्व बना, जिसके बाद यह पहली क्षेत्र-विशिष्ट रूपरेखा है?
- A.कंपनी अधिनियम, 1956
- B.कंपनी अधिनियम, 2013
- C.खान एवं खनिज अधिनियम, 1957
- D.कोयला खान अधिनियम, 1952
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंपनी अधिनियम, 2013
व्याख्या
सही उत्तर कंपनी अधिनियम, 2013 है। शुभारंभ के समय बताया गया कि कोयला क्षेत्र की यह रूपरेखा उस अधिनियम के तहत वैधानिक सीएसआर लागू होने के बाद किसी एक क्षेत्र के लिए बनी पहली रूपरेखा है, और यही अधिनियम भारतीय कंपनियों की पूरी सीएसआर व्यवस्था का कानूनी आधार है। विकल्प A उस पुराने कंपनी कानून की ओर संकेत करता है जिसकी जगह वर्तमान अधिनियम आया; उसमें सीएसआर का वैधानिक दायित्व नहीं था, इसलिए केवल कंपनी अधिनियम शब्द याद रखने वाला अभ्यर्थी यहीं फंसता है। विकल्प C खनिज रियायतों और खानों के नियमन से जुड़ा है। विकल्प D कोयला खदानों में सुरक्षा और कार्यदशाओं से संबंधित है, कंपनियों के सामाजिक खर्च से नहीं। अधिनियम के साथ वर्ष अवश्य याद रखें, क्योंकि अर्थव्यवस्था तथा समसामयिक घटनाक्रम के प्रश्नों में सीएसआर से जुड़ी यही जोड़ी सबसे अधिक पूछी जाती है। साथ में यह भी याद रखें कि नई रूपरेखा कोयला मंत्रालय ने जारी की और इसका उद्देश्य कोयला खनन क्षेत्रों के लोगों के लिए परिणामोन्मुख खर्च सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने अपने दस वर्षों में कितनी राशि और कितनी माताओं को दी है?
- A.11 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 2.65 करोड़ से अधिक माताओं को
- B.21 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को
- C.31 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 6.65 करोड़ से अधिक माताओं को
- D.41 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 8.65 करोड़ से अधिक माताओं को
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सही उत्तर: B. 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को
व्याख्या
सही उत्तर 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को है, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने यह आंकड़ा बताते हुए कहा कि योजना के कार्यान्वयन के दस वर्ष पूरे हो चुके हैं, और वाराणसी के कार्यक्रम में इस दशक पर बनी फिल्म भी दिखाई गई। विकल्प A, C और D दोनों संख्याओं को एक साथ घटाते या बढ़ाते हैं, ऐसे प्रश्न इसी तरह बनाए जाते हैं, क्योंकि जिन छात्रों को केवल मोटा अनुमान याद रहता है वे इन्हें अलग नहीं कर पाते। इस जोड़ी को याद रखने का तरीका यह है कि हजार करोड़ में राशि लाभार्थियों की करोड़ संख्या से लगभग चार से पांच गुना है। इसी भाषण के दो और आंकड़े साथ रखें, यानी 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र कार्यरत हैं और दो लाख केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी बनाया जा रहा है, जिनमें उत्तर प्रदेश के लगभग 24 हजार मंजूर हुए हैं।
9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का विषय क्या है?
- A.हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी
- B.सुपोषित भारत, सक्षम भारत
- C.पोषण भी, पढ़ाई भी
- D.सही पोषण, देश रोशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी
व्याख्या
सही उत्तर हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी है, जो आंगनवाड़ी केंद्र की जिम्मेदारी समुदाय पर डालता है। इसी विषय पर बना महीने भर का अभियान परिवारों से आहार विविधता, भोजन में पर्याप्त प्रोटीन और ताजा पका भोजन अपनाने तथा स्वच्छता एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर ध्यान देने को कहता है। विकल्प B पोषण प्रयास के दो वास्तविक नारों को मिला देता है, क्योंकि सुपोषित और सक्षम भारत ही घोषित लक्ष्य है, इसलिए यह सबसे नजदीकी गलत उत्तर है। विकल्प C व्यापक पोषण कार्यक्रम के एक वास्तविक घटक का नाम है, जो आंगनवाड़ी में पोषण के साथ आरंभिक शिक्षा जोड़ता है, इसलिए उसे विषय समझ लेना आसान है। विकल्प D पुराने अभियानों का परिचित नारा है। परीक्षा के लिए पोषण माह का संस्करण, वर्ष और विषय हमेशा साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न में दो बातें देकर तीसरी पूछी जाती है।
9 सितंबर 2026 को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ कहां हुआ?
- A.नई दिल्ली
- B.लखनऊ
- C.वाराणसी
- D.प्रयागराज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वाराणसी
व्याख्या
सही उत्तर वाराणसी है, जहां महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में इस अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, उसी मंत्रालय की राज्य मंत्री तथा राज्य की महिला कल्याण मंत्री उपस्थित रहीं। विकल्प A यानी नई दिल्ली किसी भी राष्ट्रीय अभियान के शुभारंभ के लिए स्वाभाविक अनुमान है, इसलिए यही सबसे बड़ा भ्रम है। विकल्प B यानी लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है, इसलिए जिन छात्रों को राज्य याद रहता है पर शहर नहीं, वे यही चुनते हैं। विकल्प D यानी प्रयागराज उसी राज्य का एक और प्रसिद्ध शहर है। सबसे सुरक्षित आधार स्थल का नाम है, क्योंकि रुद्राक्ष केंद्र वाराणसी में है, और इस अभियान पर प्रश्न प्रायः स्थान और विषय दोनों साथ पूछते हैं।