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सीबीएन के मिशन युवा रक्षा के तहत मप्र में पांच जागरूकता शिविर

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के तहत अक्टूबर 2026 में कॉलेजों और स्कूलों में पांच नशा जागरूकता कार्यक्रम किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सीबीएन के मिशन युवा रक्षा के तहत मप्र में पांच जागरूकता शिविर

चर्चा में क्यों

वित्त मंत्रालय ने 17 अक्टूबर 2026 को बताया कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के तहत राज्य के पांच कस्बों के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मिशन युवा रक्षा के तहत मध्य प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। ये कार्यक्रम 2026 के अक्टूबर महीने में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ में हुए और इनका केंद्र नशा रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली तथा नशा मुक्त भारत का लक्ष्य रहा।

कहां-कहां शिविर लगे

  • 5 अक्टूबर को नीमच के स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लगभग 200 विद्यार्थी और शिक्षक नशे के दुष्प्रभावों पर हुए सत्र में शामिल हुए।
  • 13 अक्टूबर को जावरा के सरदार पटेल नर्सिंग कॉलेज में करीब 200 विद्यार्थी व संकाय सदस्य तथा 25 कर्मचारी शामिल हुए।
  • 15 अक्टूबर को जावद के सीएम राइज शासकीय विद्यालय में नीमच की ब्रह्माकुमारीज के साथ हुए कार्यक्रम में लगभग 450 विद्यार्थी और शिक्षक पहुंचे।
  • उसी दिन इकाई के मंदसौर-प्रथम मंडल ने सबाखेड़ा, मंदसौर के सीएम राइज विद्यालय में करीब 450 विद्यार्थियों के लिए शिविर लगाया।
  • 15 अक्टूबर को ही गरोठ के जिला अफीम अधिकारी कार्यालय ने ब्रह्माकुमारीज के साथ संस्कार वैली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लगभग 230 विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई।

सत्रों में क्या बताया गया

प्रतिभागियों को वैज्ञानिक आधार पर समझाया गया कि नशा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचाता है तथा पढ़ाई, पारिवारिक जीवन और भविष्य के करियर पर इसका क्या असर पड़ता है। तरीका केवल भाषण का नहीं था। जागरूकता सत्रों के साथ प्रश्नोत्तर प्रतियोगिताएं, शैक्षिक वीडियो, प्रस्तुतियां, ध्यान और पोस्टर निर्माण भी रखे गए, ताकि विद्यार्थी सुनने के बजाय भाग लें।

संकल्प

विद्यार्थियों से कहा गया कि वे नशे से दूर रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और नशा मुक्त समाज बनाने में योगदान दें। सत्र के अंत में उन्होंने नशे से दूर रहने तथा अपने विद्यालय, परिवार और मोहल्ले तक यह संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।

ब्यूरो ऐसा क्यों करता है

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो मुख्यतः प्रवर्तन और वैध अफीम खेती के नियमन के लिए जाना जाता है, इसलिए इस तरह का निरोधक कार्य उसकी पुलिसिंग जिम्मेदारी के साथ जुड़कर चलता है। महाविद्यालयों और विद्यालयों तक पहुंचकर ब्यूरो समस्या के मांग पक्ष पर काम कर रहा है, जो नशा मुक्त भारत अभियान के अनुरूप है, और वह विद्यार्थियों को ही अपने समुदाय में संदेशवाहक बनाना चाहता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थाकेंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन), मध्य प्रदेश इकाई
मंत्रालयवित्त मंत्रालय
अभियानमिशन युवा रक्षा
संबद्ध अभियाननशा मुक्त भारत अभियान
कार्यक्रमों की संख्यापांच, अक्टूबर 2026 में
स्थाननीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ
सहयोगी संस्थाब्रह्माकुमारीज
सबसे बड़ी उपस्थितिजावद और सबाखेड़ा, मंदसौर में लगभग 450-450 विद्यार्थी
गरोठ कार्यक्रमलगभग 230 विद्यार्थी, संस्कार वैली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: संस्था (केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, वित्त मंत्रालय के अधीन), अभियान के नाम (मिशन युवा रक्षा और नशा मुक्त भारत अभियान), राज्य (मध्य प्रदेश), कार्यक्रमों की संख्या (पांच), पांचों स्थान (नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर, गरोठ), सहयोगी संस्था (ब्रह्माकुमारीज) तथा उपस्थिति के आंकड़े।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राज्य समाचारमध्यम

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश में ये नशा जागरूकता कार्यक्रम किस मिशन के अंतर्गत आयोजित किए?

  1. A.मिशन युवा शक्ति
  2. B.मिशन युवा रक्षा
  3. C.मिशन नशा मुक्ति
  4. D.मिशन स्वस्थ युवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मिशन युवा रक्षा

इन सत्रों में नशे की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और नशा मुक्त देश के व्यापक लक्ष्य पर बल दिया गया।

Q2.राज्य समाचारमध्यम

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?

  1. A.गृह मंत्रालय
  2. B.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  3. C.वित्त मंत्रालय
  4. D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वित्त मंत्रालय

आम धारणा में ब्यूरो को नशीले पदार्थों के विरुद्ध प्रवर्तन से जोड़ा जाता है, इसलिए विकल्प ए आकर्षक लगता है, किंतु गृह मंत्रालय इस विशेष संगठन का नियंत्रक नहीं है।

Q3.राज्य समाचारमध्यम

जावद और गरोठ के जागरूकता कार्यक्रमों में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की सहयोगी संस्था कौन थी?

  1. A.ब्रह्माकुमारीज
  2. B.आर्ट ऑफ लिविंग
  3. C.नेहरू युवा केंद्र संगठन
  4. D.राष्ट्रीय सेवा योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ब्रह्माकुमारीज

जावद के सीएम राइज शासकीय विद्यालय का कार्यक्रम नीमच की ब्रह्माकुमारीज संस्था के सहयोग से हुआ और गरोठ के जिला अफीम अधिकारी कार्यालय ने भी संस्कार वैली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सत्र के लिए इसी संस्था के साथ काम किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने ये कार्यक्रम किस मिशन के तहत किए?

मिशन युवा रक्षा के तहत। ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने अक्टूबर 2026 में इसके अंतर्गत पांच जागरूकता कार्यक्रम किए, जो नशा मुक्त भारत के व्यापक लक्ष्य से जुड़े हैं।

कुछ कार्यक्रमों में ब्यूरो की सहयोगी संस्था कौन रही?

ब्रह्माकुमारीज। यह संस्था जावद के सीएम राइज शासकीय विद्यालय और गरोठ के संस्कार वैली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कार्यक्रमों में शामिल रही।

जागरूकता सत्रों में कौन सी गतिविधियां हुईं?

जागरूकता व्याख्यानों के साथ प्रश्नोत्तर प्रतियोगिताएं, शैक्षिक वीडियो, प्रस्तुतियां, ध्यान और पोस्टर निर्माण कराए गए, और अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।

स्रोत

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