बिहार में NH-22 का चार लेन चौड़ीकरण किस पद्धति पर मंजूर हुआ है?
- A.इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन
- B.बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (टोल)
- C.हाइब्रिड एन्युइटी मोड
- D.बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर हाइब्रिड एन्युइटी मोड है, जिसे संक्षेप में एचएएम कहा जाता है। इसी मॉडल पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 82.57 किलोमीटर खंड को 3,590.73 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत पर मंजूरी दी। विकल्प क, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन, में पूरी लागत सरकार उठाती है और राजमार्ग निर्माण में यह आम तरीका है, पर यहां यह नहीं चुना गया। विकल्प ख, टोल आधारित बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर, में विकासकर्ता उपयोगकर्ताओं से पैसा वसूलता है और यह भी यहां लागू नहीं है। विकल्प घ, बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर, बुनियादी ढांचे में उपयोग होने वाली एक अन्य रियायत व्यवस्था है पर इस परियोजना के लिए नहीं। परीक्षार्थी यह भी याद रखें कि यह काम पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत नियोजित है।
पूरा लेख पढ़ें: बिहार में NH-22 का चार लेन चौड़ीकरण, लागत 3,590.73 करोड़ रुपये
अभ्यास प्रश्न
बिहार में NH-22 के चार लेन चौड़ीकरण के लिए मंजूर खंड की लंबाई कितनी है?
- A.62.57 किलोमीटर
- B.82.57 किलोमीटर
- C.92.57 किलोमीटर
- D.112.57 किलोमीटर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 82.57 किलोमीटर है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अगस्त 2026 में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड की इसी लंबाई को चार लेन का बनाने की मंजूरी दी, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है और काम हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर होगा। बाकी तीन विकल्प असली आंकड़े के आसपास रखे गए भ्रामक विकल्प हैं, जैसा ऐसे प्रश्नों में आम है, इसलिए गोल संख्या के बजाय दशमलव सहित सटीक आंकड़ा याद रखना चाहिए। लंबाई के साथ गलियारे का उद्देश्य भी याद रखें, यह उत्तर बिहार के बड़े आर्थिक केंद्र मुजफ्फरपुर को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा से जोड़ता है, और मुजफ्फरपुर में यह पूर्व-पश्चिम गलियारे वाले NH-27 से मिलता है। परियोजना में सात बड़े पुल, तीन रेल ऊपरी पुल और दो फ्लाईओवर भी शामिल हैं।
NH-22 चार लेन परियोजना में 340 मीटर का बड़ा पुल किस नदी पर बनेगा?
- A.कोसी
- B.गंडक
- C.बागमती
- D.बूढ़ी गंडक
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व्याख्या
सही उत्तर बागमती है। परियोजना के सात बड़े पुलों में सदानीरा बागमती नदी पर 340 मीटर का ढांचा शामिल है, जिसे यह गलियारा मुजफ्फरपुर से सीमा की ओर बढ़ते हुए पार करता है। विकल्प क, कोसी, उत्तर बिहार की प्रसिद्ध नदी है और राज्य के पुलों से जुड़े प्रश्नों में बार बार आने वाला भ्रामक विकल्प है, पर यहां बताई गई नदी यह नहीं है। विकल्प ख, गंडक, इस मार्ग के पश्चिम में बहती है। विकल्प घ, बूढ़ी गंडक, मुजफ्फरपुर के पास से गुजरती है और इसलिए आकर्षक विकल्प लगती है, फिर भी प्रश्न में बताया गया पुल बागमती पर है। सात बड़े पुलों के अलावा परियोजना में तीन रेल ऊपरी पुल और दो फ्लाईओवर भी हैं, जो सड़क तथा रेल की आवाजाही के टकराव को कम करेंगे।
NH-22 मुजफ्फरपुर को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित किस कस्बे से जोड़ता है?
- A.रक्सौल
- B.जोगबनी
- C.सोनबरसा
- D.बीरगंज
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व्याख्या
सही उत्तर सोनबरसा है। चौड़ा किया जा रहा खंड मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होकर सोनबरसा तक जाता है, जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है, और बेहतर सड़क पास के भिठामोड़ लैंड पोर्ट से गुजरने वाले सीमा पार यातायात को सहारा देगी। विकल्प क, रक्सौल, बीरगंज के सामने स्थित भारत का एक बड़ा सीमावर्ती कस्बा है पर वह दूसरे गलियारे पर पड़ता है। विकल्प ख, जोगबनी, बिहार के अररिया क्षेत्र में सीमा चौकी है और इस मार्ग पर नहीं है। विकल्प घ, बीरगंज, नेपाल में ही है, इसलिए वह इस राजमार्ग का भारतीय छोर नहीं हो सकता। यह सड़क मुकसुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, डुमरा और भुतही से भी गुजरती है तथा बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम और बौद्ध परिपथ तक पहुंच सुधारती है।
मिजोरम को भारत के रेल नक्शे पर लाने वाली रेल लाइन बैराबी को किस स्थान से जोड़ती है और वह कितनी लंबी है?
- A.सैरांग, 51.38 किलोमीटर
- B.सिलचर, 74 किलोमीटर
- C.सैरांग, 21 किलोमीटर
- D.जेमाबॉक, 32.70 किलोमीटर
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व्याख्या
सही उत्तर सैरांग, 51.38 किलोमीटर है। इस लंबाई की बैराबी-सैरांग रेल लाइन को ऐतिहासिक पड़ाव कहा गया, जिसने मिजोरम को देश के रेल नक्शे पर रखा और बड़े आर्थिक केंद्रों तक राज्य की पहुंच बदल दी। इसके बाद आइजोल को गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली से जोड़ने वाली 1,100 से अधिक रेल यात्राओं में 15 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं, और सैरांग-सिलचर सेवा ने बराक घाटी से संबंध मजबूत किए हैं। सैरांग में ही मार्च 2026 में भारतीय खाद्य निगम का पहला अनाज रैक पहुंचा, जिसमें 42 वैगनों में पंजाब से करीब 26,000 क्विंटल चावल आया। विकल्प B में बैराबी-वेस्ट फाइलेंग बिजली लाइन के 74 सर्किट किलोमीटर मिला दिए गए हैं। विकल्प C पुकजिंग-सिलसुरी तथा तुआलपुई-चंफाई सड़कों की लंबाई है, और विकल्प D ऑयल पाम लिंक सड़क की लंबाई ले लेता है।
अक्टूबर 2026 में केंद्रीय डोनर मंत्री ने मिजोरम में कुल कितने मूल्य की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया?
- A.102 करोड़ रुपये
- B.228.54 करोड़ रुपये
- C.331 करोड़ रुपये
- D.512 करोड़ रुपये
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व्याख्या
सही उत्तर 331 करोड़ रुपये है। केंद्रीय संचार तथा डोनर मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पू लालदुहोमा की उपस्थिति में मिजोरम में लगभग इसी मूल्य की दस परियोजनाएं आगे बढ़ाईं। यह आंकड़ा दो हिस्सों से बना है और अन्य विकल्प वहीं से आते हैं। विकल्प A, 102 करोड़ रुपये, केवल जनता को समर्पित उन पांच परियोजनाओं का मूल्य है, जिनमें चंफाई की दाइदो-वांगकॉट सड़क और 132 केवी बैराबी-वेस्ट फाइलेंग पारेषण लाइन शामिल हैं। विकल्प B, 228.54 करोड़ रुपये, केवल उन पांच परियोजनाओं का मूल्य है जिनका शिलान्यास हुआ, जैसे पुकजिंग-सिलसुरी सड़क और खेल अधोसंरचना। दोनों हिस्सों को जोड़ने पर ही लगभग 331 करोड़ रुपये का कुल योग बनता है, इसलिए कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं हो सकता। विकल्प D इस दौरे से जुड़ा आंकड़ा नहीं है।