मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

सी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में

सी-डॉट ने आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के साथ समझौता कर अपना छठा उत्कृष्टता केंद्र बनाया, जहां 5जी एडवांस्ड, 6जी, क्वांटम और एआई नेटवर्क पर शोध होगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
सी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में

चर्चा में क्यों

23 अक्टूबर 2026 को सामने आया कि दूरसंचार विभाग की शोध संस्था सी-डॉट ने आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपना छठा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया है, जो अगली पीढ़ी की संचार तकनीक पर काम करेगा।

देश की दूरसंचार शोध संस्था ने एक और परिसर को अपने साथ जोड़ा है। दूरसंचार विभाग के अधीन काम करने वाली सी-डॉट यानी सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत एक नया उत्कृष्टता केंद्र बनाया गया है और इसके साथ सी-डॉट के ऐसे परिसर केंद्रों की संख्या छह हो गई है। यह जानकारी 23 अक्टूबर 2026 को सामने आई। सी-डॉट संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का शोध एवं विकास केंद्र है।

नया केंद्र किस पर काम करेगा

केंद्र को अगली पीढ़ी के संचार का काम सौंपा गया है। इसके घोषित क्षेत्र हैं बेतार संचार, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाली संचार प्रणालियां। शोध की सूची इससे आगे जाती है, जिसमें 5जी एडवांस्ड और 6जी प्रौद्योगिकी, बहुत बड़े पैमाने की मीमो (मल्टीपल-इनपुट मल्टीपल-आउटपुट) प्रणालियां, संचार के साथ जुड़ी संवेदन तकनीक, एआई-नेटिव नेटवर्क व उपकरण तथा क्वांटम एवं पोस्ट-क्वांटम संचार शामिल हैं।

किसकी मौजूदगी में हस्ताक्षर

समझौते पर सी-डॉट के कार्यकारी उपाध्यक्ष पंकज कुमार दलेला और आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए। इस मौके पर संस्थान के शिक्षक और सी-डॉट के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, और हस्ताक्षर के बाद केंद्र का औपचारिक उद्घाटन हुआ। सी-डॉट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि यह केंद्र केवल शोध का मंच नहीं, बल्कि देश की आगामी तकनीकी क्षमता में निवेश है, क्योंकि आने वाले दौर का संचार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, उन्नत बेतार प्रणालियों और बुद्धिमान नेटवर्क से तय होगा। प्रोफेसर पात्रा ने कहा कि इस साझेदारी से संस्थान के छात्र और शोधकर्ता दूरसंचार उद्योग की वास्तविक चुनौतियों पर काम कर सकेंगे और उन्नत संचार तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में योगदान देंगे।

सी-डॉट के केंद्र

संस्थानस्थिति
आईआईटी (बीएचयू), वाराणसीनया और छठा केंद्र
आईआईटी कानपुरपहले से मौजूद
आईआईटी गांधीनगरपहले से मौजूद
आईआईटी रुड़कीपहले से मौजूद
आईआईटी हैदराबादपहले से मौजूद
आईआईएससी बेंगलुरुएफएसआईडी के माध्यम से

यह साझेदारी क्यों मायने रखती है

इसका घोषित उद्देश्य शैक्षणिक शोध को उद्योग की असली जरूरतों से जोड़ना है, ताकि परिसर में परखे गए विचार जीवित नेटवर्क पर चलने वाले उपकरण और सॉफ्टवेयर बन सकें। सी-डॉट स्वदेशी दूरसंचार शोध में अग्रणी है, जबकि आईआईटी (बीएचयू) के पास पढ़ाई और प्रयोगशाला की ताकत है। दोनों पक्षों को तेजी से बदलते इस क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरों की लगातार आपूर्ति, संयुक्त शोध परियोजनाओं और ज्ञान के नियमित आदान-प्रदान की उम्मीद है। परीक्षार्थियों के लिए सीख सीधी है, देश का दूरसंचार शोध अब किसी एक सरकारी प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थानों तक फैल चुका है।

महत्वपूर्ण तथ्य

क्या हुआसी-डॉट और आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के बीच उत्कृष्टता केंद्र के लिए समझौता
कौन सा केंद्रसी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र
सी-डॉटसेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स, दूरसंचार विभाग का शोध एवं विकास केंद्र
मंत्रालयसंचार मंत्रालय
सी-डॉट सीईओडॉ. राजकुमार उपाध्याय
आईआईटी (बीएचयू) निदेशकप्रोफेसर अमित पात्रा
हस्ताक्षर की मौजूदगीपंकज कुमार दलेला, कार्यकारी उपाध्यक्ष, सी-डॉट
शोध क्षेत्र5जी एडवांस्ड और 6जी, बड़े पैमाने की मीमो, संवेदन व संचार, एआई-नेटिव नेटवर्क, क्वांटम व पोस्ट-क्वांटम संचार
पहले के केंद्रआईआईटी कानपुर, गांधीनगर, रुड़की, हैदराबाद और आईआईएससी बेंगलुरु (एफएसआईडी के जरिए)

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि सी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी में है, सी-डॉट संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अधीन है, इसके सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय हैं, पहले के पांच केंद्र आईआईटी कानपुर, गांधीनगर, रुड़की, हैदराबाद और आईआईएससी बेंगलुरु में हैं, और शोध के क्षेत्र 6जी, मीमो से लेकर पोस्ट-क्वांटम संचार तक हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

सी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र किस संस्थान में स्थापित किया गया है?

  1. A.आईआईटी कानपुर
  2. B.आईआईएससी बेंगलुरु
  3. C.आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी
  4. D.आईआईटी रुड़की
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके अपना छठा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया, और हस्ताक्षर के बाद परिसर में इस केंद्र का औपचारिक उद्घाटन भी हुआ।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नए उत्कृष्टता केंद्र के लिए समझौता करने वाली सी-डॉट किस मंत्रालय के अधीन है?

  1. A.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  2. B.संचार मंत्रालय
  3. C.शिक्षा मंत्रालय
  4. D.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संचार मंत्रालय

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स यानी सी-डॉट, दूरसंचार विभाग का शोध एवं विकास केंद्र है और दूरसंचार विभाग संचार मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र सी-डॉट के नए उत्कृष्टता केंद्र के शोध क्षेत्रों में शामिल नहीं है?

  1. A.बड़े पैमाने की मीमो प्रणालियां
  2. B.पोस्ट-क्वांटम संचार
  3. C.गहरे समुद्र में खनन के उपकरण
  4. D.एआई-नेटिव संचार नेटवर्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गहरे समुद्र में खनन के उपकरण

आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के इस उत्कृष्टता केंद्र को संचार प्रौद्योगिकी का काम सौंपा गया है, जिसमें बेतार संचार, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाली संचार प्रणालियां शामिल हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र कहां बना है?

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी में। यह केंद्र दूरसंचार विभाग की शोध संस्था सी-डॉट के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत स्थापित हुआ है।

सी-डॉट किस मंत्रालय के अधीन काम करती है?

सी-डॉट यानी सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का शोध एवं विकास केंद्र है।

सी-डॉट के अन्य उत्कृष्टता केंद्र किन संस्थानों में हैं?

आईआईटी कानपुर, आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी हैदराबाद और आईआईएससी बेंगलुरु में, जिसमें अंतिम केंद्र एफएसआईडी के माध्यम से चलता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS