निम्नलिखित में से कौन-सी शक्ति भारत के राष्ट्रपति को प्रदान नहीं की गई है?
- A.प्रधानमंत्री की नियुक्ति
- B.संसद के किसी सदस्य की निरर्हता से संबंधित किसी प्रश्न का अपने विवेक से निर्णय करना
- C.सेना न्यायालय (कोर्ट-मार्शल) द्वारा दंडित व्यक्ति को क्षमा प्रदान करना
- D.उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। अनुच्छेद 103 के तहत सांसद की निरर्हता का प्रश्न राष्ट्रपति तय करते हैं, पर उन्हें चुनाव आयोग की राय लेकर उसी के अनुसार कार्य करना होता है, इसलिए इसमें विवेक नहीं है।
अनुच्छेद 102 उन आधारों को बताता है जिन पर संसद सदस्य निरर्ह हो सकता है, जैसे लाभ का पद धारण करना या विकृत चित्त होना। इन आधारों पर प्रश्न उठने पर अनुच्छेद 103 उसे राष्ट्रपति को भेजता है, जिनका निर्णय अंतिम होता है, पर निर्णय से पहले राष्ट्रपति को चुनाव आयोग की राय लेनी होती है और वे उससे बँधे होते हैं। दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल की निरर्हता अध्यक्ष या सभापति तय करते हैं, राष्ट्रपति नहीं। बाकी तीनों शक्तियाँ स्पष्ट रूप से दी गई हैं: प्रधानमंत्री की नियुक्ति अनुच्छेद 75 में, कोर्ट-मार्शल सहित क्षमादान अनुच्छेद 72 में, और दोनों सदनों के समावेदन पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाना अनुच्छेद 217 तथा 124(4) में।
A उत्तर नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। C उत्तर नहीं है क्योंकि अनुच्छेद 72 कोर्ट-मार्शल की सज़ाओं पर भी लागू है। D उत्तर नहीं है क्योंकि संसद के समावेदन पर राष्ट्रपति उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाते हैं।
Exam tip: अनुच्छेद 103: सांसद की निरर्हता राष्ट्रपति तय करते हैं पर चुनाव आयोग की राय मानना अनिवार्य; दल-बदल के मामले अध्यक्ष के पास।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?
- A.कुछ अपवादों को छोड़कर, आपराधिक विधि पर विधान समवर्ती सूची का विषय है।
- B.दिवाला और शोधन-अक्षमता समवर्ती सूची के विषय हैं।
- C.अंतरराज्यीय व्यापार और वाणिज्य राज्य सूची का विषय है।
- D.बैंकिंग केवल संघ सूची के अंतर्गत है।
उत्तर देखें
राज्यों के बीच व्यापार और वाणिज्य संघ सूची की प्रविष्टि 42 है, इसलिए इसे राज्य सूची में बताना गलत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 को समाप्त करने की सिफ़ारिश द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग ने की थी
2. सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में अधिनियमित किया गया था
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग ने शासकीय गुप्त बात अधिनियम को निरस्त करने की सिफ़ारिश की थी, और सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में पारित हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों की शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, अधिकार-पृच्छा, उत्प्रेषण और प्रतिषेध की रिट जारी कर सकता है।
- B.भाग III द्वारा प्रदत्त किसी भी अधिकार को लागू कराने के लिए और किसी अन्य प्रयोजन के लिए रिट जारी की जा सकती हैं।
- C.यह शक्ति अनुच्छेद 32(2) के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय को प्रदत्त शक्ति का अल्पीकरण कर सकती है।
- D.इसके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत किसी भी प्राधिकारी को रिट जारी की जा सकती है।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 226(4) स्पष्ट कहता है कि उच्च न्यायालय की रिट शक्ति अनुच्छेद 32(2) द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को दी गई शक्ति का अल्पीकरण नहीं करेगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित उद्धरण पर विचार कीजिए :
"26 जनवरी, 1950 को हम विरोधाभासों से भरे जीवन में प्रवेश करने जा रहे हैं। राजनीति में हमारे पास समानता होगी और सामाजिक तथा आर्थिक जीवन में असमानता होगी।"
यह उद्धरण निम्नलिखित में से किस नेता का माना जाता है?
- A.महात्मा गांधी
- B.सरोजिनी नायडू
- C.बी. आर. अम्बेडकर
- D.सोमनाथ लाहिड़ी
उत्तर देखें
उन्होंने ये शब्द 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में अपने अंतिम भाषण में कहे थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बंदी प्रत्यक्षीकरण से संबंधित है?
- A.उत्तर प्रदेश राज्य बनाम राज नारायण एवं अन्य (1975)
- B.अपर जिला मजिस्ट्रेट, जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला (1976)
- C.श्रीमती मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)
- D.नंदिनी सतपथी बनाम पी. एल. दानी (1978)
उत्तर देखें
यह आपातकाल के दौरान तय हुआ प्रसिद्ध बंदी प्रत्यक्षीकरण मामला है। 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 21 को लागू कराने के लिए न्यायालय जाने का अधिकार निलंबित कर दिया था।
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