दाब के परम शून्य से ऊपर मापा गया दाब क्या कहलाता है?
- A.गेज दाब
- B.परम दाब
- C.निर्वात दाब
- D.वायुमंडलीय दाब
सही उत्तर
B. परम दाब
व्याख्या
सही उत्तर है B, परम दाब। परम दाब की गिनती दाब के परम शून्य से होती है, जो पूर्ण निर्वात है, इसलिए यह कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता। इसका सरल संबंध यह है: परम दाब बराबर गेज दाब जोड़ वायुमंडलीय दाब। यदि किसी टायर का गेज 30 मात्रक दिखा रहा है, तो उसका वास्तविक दाब 30 और स्थानीय वायुमंडलीय दाब का योग है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेज दाब स्थान के वायुमंडलीय दाब से ऊपर मापा जाता है, इसी कारण खुली हवा में साधारण दाबमापी शून्य पढ़ता है, जबकि हवा उस पर दाब डालती रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निर्वात दाब, जिसे ऋणात्मक गेज दाब भी कहते हैं, वह मात्रा है जितना दाब वायुमंडलीय दाब से नीचे रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायुमंडलीय दाब किसी स्थान के ऊपर की वायु स्तंभ का भार है और समुद्र तल पर लगभग 101.325 किलोपास्कल, अर्थात 760 मिलीमीटर पारा या 1.01325 बार होता है। परीक्षा टिप: परम दाब बराबर गेज जोड़ वायुमंडलीय, और परम शून्य से केवल परम दाब गिना जाता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंबैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।
- A.टाइफाइड
- B.क्षय रोग (टीबी)
- C.गलसुआ
- D.प्लेग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)
व्याख्या
सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।
CH3CH2OH सूत्र वाले यौगिक का नाम क्या है?
- A.एथेनॉल
- B.एसिटिक अम्ल
- C.क्लोरोफॉर्म
- D.मीथेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एथेनॉल
व्याख्या
सही उत्तर है A, एथेनॉल। CH3CH2OH, जिसे C2H5OH भी लिखा जाता है, एथेनॉल या एथिल ऐल्कोहॉल है और यह ऐल्कोहॉल श्रेणी का दूसरा सदस्य है। कार्बन श्रृंखला से जुड़ा -OH समूह ही वह क्रियात्मक समूह है, जो इसे ऐल्कोहॉल बनाता है। एथेनॉल रंगहीन द्रव है, जिसका क्वथनांक लगभग 78 डिग्री सेल्सियस है, यह जल में हर अनुपात में घुल जाता है और मादक पेयों, दवाओं के विलायक तथा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में उपयोग होता है। जल रहित ऐल्कोहॉल को निरपेक्ष ऐल्कोहॉल कहते हैं, जबकि मेथेनॉल और रंग मिलाकर पीने योग्य न रह जाने वाले ऐल्कोहॉल को विकृत स्पिरिट कहा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि सिरके में पाया जाने वाला एसिटिक अम्ल CH3COOH है और इसमें -COOH समूह होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि क्लोरोफॉर्म CHCl3 है, जो पहले निश्चेतक के रूप में प्रयोग होता था। विकल्प D गलत है क्योंकि मीथेन CH4 है, जो सबसे सरल हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस का मुख्य भाग है। परीक्षा टिप: -OH का अर्थ ऐल्कोहॉल और -COOH का अर्थ कार्बोक्सिलिक अम्ल।
भारी बोझ ढोने के लिए चौड़ी पट्टियों वाले बैग पसंद किए जाते हैं। इसका कारण है :
- A.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब बढ़ जाता है
- B.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल बढ़ जाता है
- C.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है
- D.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल कम हो जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है
व्याख्या
सही उत्तर है C, संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है। दाब एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, यानी दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए समान बल के लिए संपर्क क्षेत्रफल बड़ा होने पर दाब कम हो जाता है। पट्टी पतली हो या चौड़ी, बैग का भार ठीक उतना ही रहता है, पर चौड़ी पट्टी उस भार को कंधे के अधिक हिस्से पर फैला देती है, जिससे कंधे पर दाब कम पड़ता है और पट्टी त्वचा में नहीं गड़ती। इसी विचार से स्कूल बैग की पट्टियाँ, सीट बेल्ट और ट्रैक्टर के टायर चौड़े बनाए जाते हैं। A गलत है क्योंकि यह संबंध को उलटा बताता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब घटता है। B और D गलत हैं क्योंकि बल तो बोझ का भार ही है और पट्टी की चौड़ाई उसे बदल नहीं सकती; बदलता केवल दाब है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए चौड़ी पट्टी दाब घटाती है और तेज़ धार या पतली नोक दाब बढ़ाती है।
दाब के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गलत है?
- A.समान बल के लिए क्षेत्रफल जितना छोटा होगा, सतह पर दाब उतना अधिक होगा
- B.द्रव पात्र की दीवारों पर दाब डालते हैं
- C.वायु हम पर वायुमंडलीय दाब डालती है
- D.हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है
व्याख्या
सही उत्तर है D, यानी यह कथन कि वायुमंडलीय दाब नगण्य होता है। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल होता है, जो हमारे शरीर के प्रत्येक वर्ग सेंटीमीटर पर करीब एक किलोग्राम भार के बराबर दबाव डालता है, इसलिए यह बहुत अधिक है, नगण्य नहीं। हम इसे महसूस नहीं करते क्योंकि शरीर के भीतर रक्त तथा अन्य तरलों का दाब उतने ही बल से बाहर की ओर धकेलता है और दोनों संतुलित हो जाते हैं। A सही कथन है क्योंकि दाब बल और क्षेत्रफल का अनुपात है, इसलिए छोटे क्षेत्रफल पर वही बल अधिक दाब देता है, इसी कारण चाकू की धार तेज़ और कील की नोक पतली बनाई जाती है। B सही है क्योंकि द्रव हर दिशा में दाब डालता है, तली पर भी और दीवारों पर भी, और गहराई बढ़ने पर यह दाब बढ़ता है। C सही है क्योंकि हमारे ऊपर की वायु के स्तंभ का भार हम पर दाब डालता है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल; समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल।
सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलने पर बनाती है-
- A.सल्फर ट्राइऑक्साइड
- B.सल्फ्यूरस अम्ल
- C.सल्फ्यूरिक अम्ल
- D.सल्फर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सल्फ्यूरस अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर है B, सल्फ्यूरस अम्ल। सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाती है, जो H2SO3 सूत्र वाला दुर्बल अम्ल है; अभिक्रिया है SO2 + H2O से H2SO3। सल्फर डाइऑक्साइड एक अधातु का ऑक्साइड है और ऐसे ऑक्साइड प्रकृति में अम्लीय होते हैं, इसी कारण इसका विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है। कोयला और डीज़ल जलने पर निकलने वाली यही गैस वायु में वर्षा-जल में घुलती है और फिर धीरे-धीरे आगे ऑक्सीकृत हो जाती है, इसलिए सल्फर डाइऑक्साइड अम्लीय वर्षा के मुख्य कारणों में एक है। A गलत है क्योंकि सल्फर ट्राइऑक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में सल्फर डाइऑक्साइड के ऑक्सीजन से ऑक्सीकरण पर बनती है, जल में घुलने से नहीं। C गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल तब बनता है जब सल्फर ट्राइऑक्साइड, न कि डाइऑक्साइड, जल से मिलती है। D गलत है क्योंकि सल्फर स्वयं तत्व है और उसके ऑक्साइड को जल में घोलकर उसे वापस नहीं पाया जा सकता। परीक्षा टिप: SO2 + जल = H2SO3; SO3 + जल = H2SO4।