स्थायी चुंबक प्रकार के यंत्र का उपयोग किया जा सकता है -
- A.केवल A.C. के लिए
- B.केवल D.C. के लिए
- C.आवेग राशियों के लिए
- D.A.C. और D.C. दोनों के लिए
सही उत्तर
B. केवल D.C. के लिए
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल D.C. के लिए। स्थायी चुंबक चल कुंडली यंत्र में कुंडली स्थायी चुंबक के क्षेत्र में धुरी पर टिकी रहती है, इसलिए विक्षेपण बल आघूर्ण धारा के वर्ग के नहीं, बल्कि धारा के समानुपाती होता है। प्रत्यावर्ती धारा देने पर यह बल आघूर्ण हर अर्ध चक्र में दिशा बदल लेता है; सूचक एक सेकंड में पचास बार दिशा नहीं बदल सकता और शून्य पर ही ठहरा रहता है, क्योंकि पूरे चक्र में साइन तरंग का औसत मान शून्य होता है। इसी कारण ऐसा अमीटर या वोल्टमीटर केवल दिष्ट धारा मापता है, और प्रत्यावर्ती धारा मापनी हो तो उसके आगे दिष्टकारी लगाया जाता है। इसका स्केल समान विभाजन वाला होता है और यह बहुत कम शक्ति लेता है, इसलिए प्रयोगशाला का चल कुंडली धारामापी इसी प्रकार का होता है। विकल्प A और D इसी कारण गलत हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि आवेग कुछ माइक्रोसेकंड ही रहता है, जो कुंडली और सूचक के जड़त्व के लिए बहुत कम समय है। परीक्षा टिप: चल कुंडली केवल D.C. मापती है, चल लोह यंत्र A.C. और D.C. दोनों।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपादप पोषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी पोषक तत्व की जोड़ी सही है? I. वृहत्पोषक – लोहा II. सूक्ष्मपोषक – कैल्शियम
- A.केवल I
- B.I और II दोनों
- C.न तो I और न ही II
- D.केवल II
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. न तो I और न ही II
व्याख्या
सही उत्तर है C, न तो I और न ही II, क्योंकि दोनों जोड़ियाँ उलटी हैं। लोहा सूक्ष्मपोषक है, जिसकी पौधों को बहुत थोड़ी मात्रा चाहिए, जबकि कैल्शियम वृहत्पोषक है, जिसकी आवश्यकता बड़ी मात्रा में होती है। वृहत्पोषक तत्व हैं कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर, जबकि सूक्ष्मपोषक तत्वों में लोहा, मैंगनीज़, बोरॉन, ज़िंक, ताँबा, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन और निकल आते हैं। लोहा क्लोरोफिल बनने और प्रकाश संश्लेषण के इलेक्ट्रॉन वाहकों में काम आता है, इसलिए इसकी कमी नई पत्तियों की शिराओं के बीच पीलापन के रूप में दिखती है। कैल्शियम कोशिका भित्ति की मध्य पटलिका में कैल्शियम पेक्टेट बनाकर कोशिकाओं को जोड़े रखता है। A गलत है क्योंकि पहली जोड़ी लोहे को वृहत्पोषक बताती है। D गलत है क्योंकि दूसरी जोड़ी कैल्शियम को सूक्ष्मपोषक कहती है। B गलत है क्योंकि कोई भी जोड़ी सही नहीं है। परीक्षा टिप: नौ वृहत्पोषक याद रखें।
हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाने वाली रक्त वाहिकाओं को ________ कहते हैं।
- A.धमनियाँ
- B.शिराएँ
- C.पट
- D.केशिकाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धमनियाँ
व्याख्या
सही उत्तर है A, धमनियाँ। धमनियाँ वे रक्त वाहिकाएँ हैं जो हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं। चूँकि हृदय इनमें रक्त को उच्च दाब पर धकेलता है, इसलिए धमनियों की दीवारें मोटी, पेशीय और लचीली होती हैं, उनमें कपाट नहीं होते और वे शरीर में गहराई में स्थित रहती हैं। सबसे बड़ी धमनी महाधमनी है, जो बाएँ निलय से निकलती है। एक महत्वपूर्ण अपवाद फुफ्फुसीय धमनी है, जो हृदय से अशुद्ध रक्त फेफड़ों तक ले जाती है; अर्थात धमनी की पहचान रक्त के प्रकार से नहीं, दिशा से होती है। B गलत है क्योंकि शिराएँ रक्त को हृदय की ओर लौटाती हैं, उनकी दीवारें पतली होती हैं और उनमें कपाट होते हैं। C गलत है क्योंकि पट हृदय के दाएँ और बाएँ भाग को अलग करने वाली पेशीय दीवार है। D गलत है क्योंकि केशिकाओं में गैसों और पोषक तत्वों का आदान-प्रदान होता है। परीक्षा टिप: धमनी हृदय से दूर, शिरा हृदय की ओर।
बॉस म्यूटस किसका वैज्ञानिक नाम है?
- A.जंगली याक
- B.घोड़ा
- C.बैल
- D.भैंस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जंगली याक
व्याख्या
सही उत्तर है A, जंगली याक। बॉस म्यूटस जंगली याक का वैज्ञानिक नाम है। यह लंबे बालों वाला गोवंशीय पशु लद्दाख, तिब्बत और काराकोरम के ऊँचे ठंडे पठारों पर रहता है, चार हज़ार मीटर से ऊपर चरता है और आईयूसीएन लाल सूची में संकटासन्न श्रेणी में रखा गया है। पालतू याक को बॉस ग्रनिएंस कहते हैं, जिसका अर्थ है घुरघुराने वाला बैल, जबकि म्यूटस का अर्थ है मौन, क्योंकि जंगली याक कहीं अधिक शांत रहता है। पहले वंश और फिर जाति लिखने की यह द्विनाम पद्धति कार्ल लिनियस ने दी थी। B गलत है क्योंकि घोड़े का नाम इक्वस कैबेलस है। C गलत है क्योंकि पालतू गोवंश को बॉस टॉरस और भारतीय कुबड़ वाली नस्लों को बॉस इंडिकस कहते हैं। D गलत है क्योंकि भैंस का नाम बुबालस बुबालिस है। परीक्षा टिप: बॉस वंश में गाय और याक दोनों आते हैं।
कौन-सा झिल्ली-बद्ध कोशिकांग, जो एकहरी झिल्ली से घिरी एक छोटी थैली जैसी संरचना है, कोशिका के पाचन तंत्र का काम करता है और बाहर से ली गई सामग्री तथा कोशिका के पुराने भागों को पचाता है?
- A.लाइसोसोम
- B.परऑक्सीसोम
- C.ग्लाइऑक्सीसोम
- D.पॉलीसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लाइसोसोम
व्याख्या
सही उत्तर है A, लाइसोसोम। लाइसोसोम एकहरी झिल्ली से घिरी छोटी थैली है जिसमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं, इसलिए यह कोशिका के भीतर आए भोजन कणों को तोड़ता है और कोशिका के घिसे-पिटे भागों को भी हटा देता है। चोट लगने या भूख की स्थिति में जब इसकी झिल्ली फट जाती है तो ये एंजाइम पूरी कोशिका को ही पचा सकते हैं, इसीलिए इसे कोशिका की आत्मघाती थैली कहा जाता है। यह नाम इसकी खोज करने वाले क्रिश्चियन डी ड्यूव ने दिया था। इसके एंजाइम अम्लीय वातावरण में सबसे अच्छा काम करते हैं। B गलत है क्योंकि परऑक्सीसोम ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ करता है और हाइड्रोजन परऑक्साइड को तोड़ता है। C गलत है क्योंकि ग्लाइऑक्सीसोम तैलीय बीजों में वसा को शर्करा में बदलता है। D गलत है क्योंकि पॉलीसोम केवल एक mRNA पर लगे राइबोसोम का समूह है। परीक्षा टिप: लाइसोसोम, आत्मघाती थैली, डी ड्यूव।
परमाणुओं में क्षणिक द्विध्रुव बनने से उत्पन्न वे कौन-से बल हैं, जो पास के परमाणुओं में भी क्षणिक द्विध्रुव प्रेरित करते हैं, आकर्षण बल पैदा करते हैं और केवल कम दूरी (लगभग 500 pm) तक ही प्रभावी होते हैं?
- A.द्विध्रुव-द्विध्रुव बल
- B.लंदन परिक्षेपण बल
- C.द्विध्रुव-प्रेरित द्विध्रुव बल
- D.हाइड्रोजन बंध
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लंदन परिक्षेपण बल
व्याख्या
सही उत्तर है B, लंदन परिक्षेपण बल। जब किसी परमाणु का इलेक्ट्रॉन बादल क्षण भर के लिए एक ओर झुक जाता है तो क्षणिक द्विध्रुव बन जाता है, जो पास के परमाणु में भी वैसा ही द्विध्रुव प्रेरित कर देता है; इसी से उत्पन्न दुर्बल आकर्षण लंदन परिक्षेपण बल कहलाता है। फ्रिट्ज़ लंदन के नाम पर रखे गए ये बल वान डर वाल्स बलों में सबसे कमजोर हैं और दूरी बढ़ते ही तेजी से घट जाते हैं, इसलिए ये कुछ सौ पिकोमीटर तक ही प्रभावी रहते हैं। ये सभी परमाणुओं और अणुओं के बीच पाए जाते हैं तथा हीलियम, आर्गन और मीथेन जैसे अध्रुवीय पदार्थों को जोड़े रखने वाले एकमात्र बल हैं, इसीलिए ऐसी गैसें बहुत कम तापमान पर ही द्रवित होती हैं। A गलत है क्योंकि द्विध्रुव-द्विध्रुव बल स्थायी द्विध्रुव वाले अणुओं के बीच लगते हैं। C गलत है क्योंकि द्विध्रुव-प्रेरित द्विध्रुव बल के लिए एक स्थायी द्विध्रुव जरूरी है। D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बंध कहीं अधिक प्रबल होता है और नाइट्रोजन, ऑक्सीजन या फ्लोरीन से जुड़ी हाइड्रोजन में बनता है। परीक्षा टिप: प्रबलता क्रम - हाइड्रोजन बंध, फिर द्विध्रुव-द्विध्रुव, फिर लंदन परिक्षेपण बल।