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GK24

राज्य परीक्षाएं 2023 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं 2023 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q61.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल और क्षार, दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं। इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं। उभयधर्मी ऑक्साइड के उदाहरण हैं

  1. A.CuO और ZnO
  2. B.Al₂O₃ और ZnO
  3. C.Al₂O₃ और CuO
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Al₂O₃ और ZnO

व्याख्या

सही उत्तर है B, Al₂O₃ और ZnO। एल्युमिनियम ऑक्साइड और ज़िंक ऑक्साइड अम्ल के साथ क्षार जैसा और क्षार के साथ अम्ल जैसा व्यवहार करते हैं, इसलिए दोनों उभयधर्मी हैं। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ एल्युमिनियम ऑक्साइड एल्युमिनियम क्लोराइड और पानी बनाता है। सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ ज़िंक ऑक्साइड सोडियम ज़िंकेट और पानी बनाता है। 'उभय' का अर्थ ही है दोनों, और यही इसे याद रखने का सबसे आसान तरीका है। ज़्यादातर धातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। सीसे और टिन के ऑक्साइड भी उभयधर्मी होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि कॉपर (II) ऑक्साइड क्षारीय ऑक्साइड है; यह अम्ल से तो अभिक्रिया करता है, क्षार से नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उसमें भी एल्युमिनियम ऑक्साइड के साथ क्षारीय कॉपर ऑक्साइड जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल एक जोड़ी, B, में दोनों ऑक्साइड उभयधर्मी हैं। परीक्षा टिप: उभयधर्मी चार याद रखें, Al, Zn, Pb और Sn, यानी एल्युमिनियम, ज़िंक, सीसा और टिन।

Q62.भूगोलपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

बिहार में बहने वाली पवित्र नदी फल्गु किन नदियों के संगम से बनती है?

  1. A.मोहाना और लीलाजन नदियाँ
  2. B.लीलाजन और सोन नदियाँ
  3. C.सोन और मोहाना नदियाँ
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोहाना और लीलाजन नदियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है A, मोहाना और लीलाजन नदियाँ। लीलाजन और मोहाना बोधगया से कुछ किलोमीटर नीचे मिलती हैं, और वहीं से मिली हुई धारा फल्गु कहलाती है। लीलाजन ही पुरानी निरंजना है, जिसके किनारे बोधगया में बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। इसके बाद फल्गु गया शहर के पास से बहती है, जहाँ इसके तट पर विष्णुपद मंदिर है और हिंदू अपने पितरों का पिंडदान करते हैं। साल के ज़्यादातर समय इसकी तलहटी सूखी रेत जैसी दिखती है और पानी रेत के नीचे बहता है, इसलिए इसे अंतःसलिला भी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोन गंगा की एक अलग और बड़ी सहायक नदी है, जो अमरकंटक से निकलकर पटना के पास गंगा में मिलती है। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि फल्गु के बनने में सोन की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि फल्गु केवल एक जोड़ी, लीलाजन और मोहाना, से बनती है। परीक्षा टिप: लीलाजन और मोहाना मिलकर फल्गु बनाती हैं, जो बोधगया से गया की ओर बहती है।

Q63.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

राज्यसभा में प्रतिनिधित्व में शामिल हैं

  1. A.भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य
  2. B.नागरिकों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्य
  3. C.नागरिकों द्वारा अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्य
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उपर्युक्त में से एक से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर है D, उपर्युक्त में से एक से अधिक। राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य भी होते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए सदस्य भी, इसलिए कथन A और C दोनों सही हैं। अनुच्छेद 80 के तहत सदन में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं। इनमें से बारह को राष्ट्रपति साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा का विशेष ज्ञान रखने वालों में से मनोनीत करते हैं। बाकी, अधिकतम 238, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि होते हैं, जिन्हें राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से चुनते हैं। राज्यसभा का कोई भी सदस्य जनता सीधे नहीं चुनती, और यह सदन कभी भंग नहीं होता; इसके एक-तिहाई सदस्य हर दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं। विकल्प A अधूरा है, क्योंकि मनोनीत सदस्य सदन में केवल बारह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्यसभा के लिए कोई प्रत्यक्ष चुनाव होता ही नहीं। विकल्प C अधूरा है, क्योंकि इसमें बारह मनोनीत सदस्य छूट जाते हैं। परीक्षा टिप: राज्यसभा यानी अधिकतम 250, 12 मनोनीत, बाकी विधायकों द्वारा चुने गए, जनता द्वारा सीधे कोई नहीं।

Q64.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

पंचायती राज संरचना में पंचायत समिति किस स्तर पर कार्य करती है?

  1. A.प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था
  2. B.जिला स्तर
  3. C.ग्राम पंचायत स्तर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था। पंचायत समिति पंचायती राज का बीच का स्तर है और प्रखंड स्तर पर काम करती है। 1992 के 73वें संशोधन ने त्रिस्तरीय व्यवस्था को संविधान का हिस्सा बनाया: गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती यानी प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद। अनुच्छेद 243B के अनुसार 20 लाख से कम आबादी वाला राज्य ही बीच वाला स्तर छोड़ सकता है। त्रिस्तरीय ढाँचे का सुझाव 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने दिया था, और इसे सबसे पहले राजस्थान ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में लागू किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जिला स्तर की संस्था जिला परिषद है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्राम पंचायत सबसे निचला स्तर है, जो एक गाँव या गाँवों के समूह के लिए बनती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंचायत समिति केवल एक ही स्तर, यानी प्रखंड पर काम करती है। परीक्षा टिप: गाँव में ग्राम पंचायत, प्रखंड में पंचायत समिति, जिले में जिला परिषद।

Q65.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 69th CCE Pre, 30 Sep 2023मध्यम

किस अनुच्छेद के अंतर्गत अध्यक्ष (स्पीकर) सदन के किसी भी सदस्य को उसकी मातृभाषा में बोलने की अनुमति दे सकता है?

  1. A.अनुच्छेद 110 (1)
  2. B.अनुच्छेद 122 (2)
  3. C.अनुच्छेद 120 (1)
  4. D.A और B दोनों
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 120 (1)

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 120 (1)। अनुच्छेद 120 संसद में प्रयोग होने वाली भाषा तय करता है, और इसका परंतुक पीठासीन अधिकारी को सदस्य को मातृभाषा में बोलने की अनुमति देने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 120 (1) के अनुसार संसद का कामकाज हिंदी या अंग्रेज़ी में होगा। इसके परंतुक में लिखा है कि राज्यसभा के सभापति या लोकसभा के अध्यक्ष ऐसे किसी भी सदस्य को, जो हिंदी या अंग्रेज़ी में अपनी बात ठीक से नहीं रख पाता, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं। राज्य विधानमंडल के लिए यही अधिकार अनुच्छेद 210 देता है, इसलिए पटना में कोई विधायक भी मैथिली या भोजपुरी में बोलने की अनुमति पा सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 122 (2) सदन की कार्यवाही चलाने के मामले में पीठासीन अधिकारियों को अदालत के अधिकार-क्षेत्र से बचाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 110 और 122 में से कोई भी सदन की भाषा से जुड़ा नहीं है। परीक्षा टिप: संसद की भाषा अनुच्छेद 120, राज्य विधानमंडल की भाषा अनुच्छेद 210 और संघ की राजभाषा अनुच्छेद 343।

Q66.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

1940 में विनोबा भावे ने व्यक्तिगत सत्याग्रह कहाँ से शुरू किया था?

  1. A.पुन्नप्रा-वायलार, केरल
  2. B.खेड़ा जिले का नडियाद, गुजरात
  3. C.पवनार, महाराष्ट्र
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पवनार, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, पवनार, महाराष्ट्र। विनोबा भावे वर्धा के पास पवनार में अपने आश्रम में रहते थे और 17 अक्टूबर 1940 को वहीं से व्यक्तिगत सत्याग्रह शुरू किया। 1940 का अगस्त प्रस्ताव ठुकराने के बाद गांधीजी ने यह सीमित आंदोलन चलाया, ताकि दिखाया जा सके कि भारत को उसकी मर्ज़ी के बिना दूसरे विश्व युद्ध में नहीं घसीटा जा सकता। इसमें केवल चुने हुए लोग युद्ध-विरोधी भाषण देकर गिरफ्तारी देते थे, ताकि जन आंदोलन से युद्ध के प्रयास में बाधा न पड़े। गांधीजी ने पहले सत्याग्रही के रूप में विनोबा भावे और दूसरे के रूप में जवाहरलाल नेहरू को चुना। विकल्प A गलत है, क्योंकि त्रावणकोर के पुन्नप्रा-वायलार में 1946 में कम्युनिस्टों के नेतृत्व में विद्रोह हुआ था। विकल्प B गलत है, क्योंकि खेड़ा का नडियाद 1918 के खेड़ा सत्याग्रह से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि व्यक्तिगत सत्याग्रह एक ही जगह, पवनार से शुरू हुआ। परीक्षा टिप: अगस्त प्रस्ताव 1940, फिर पवनार से व्यक्तिगत सत्याग्रह; पहले विनोबा, दूसरे नेहरू।

Q67.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

बंगाल में महालवाड़ी बंदोबस्त की व्यवस्था किसने शुरू की थी?

  1. A.लॉर्ड हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.होल्ट मैकेंज़ी
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
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सही उत्तर: C. होल्ट मैकेंज़ी

व्याख्या

सही उत्तर है C, होल्ट मैकेंज़ी। कंपनी के अधिकारी होल्ट मैकेंज़ी ने 1822 में बंगाल प्रेसीडेंसी के उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के लिए महालवाड़ी व्यवस्था बनाई। इसमें पूरे गाँव या जागीर को, जिसे महाल कहा जाता था, एक इकाई माना गया और लगान गाँव के समुदाय या उसके मुखियाओं के साथ तय हुआ, जो मिलकर उसे चुकाने के ज़िम्मेदार थे। स्थायी बंदोबस्त के उलट, इसमें लगान समय-समय पर बदला जाता था। लॉर्ड विलियम बेंटिक के समय यह व्यवस्था सुधारी गई और आगरा व अवध तक फैली, और बाद में पंजाब व मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी लागू हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि लॉर्ड हेस्टिंग्स उस समय गवर्नर-जनरल थे और आंग्ल-नेपाल युद्ध व तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध के लिए जाने जाते हैं, इस व्यवस्था को बनाने के लिए नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस 1793 में बंगाल, बिहार और ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लाए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि महालवाड़ी व्यवस्था केवल होल्ट मैकेंज़ी ने बनाई। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त कॉर्नवालिस 1793, रैयतवाड़ी मुनरो और रीड, महालवाड़ी होल्ट मैकेंज़ी 1822।

Q68.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

दिल्ली सल्तनत के दौरान 'मुकद्दम या चौधरी' पदनाम किसके लिए प्रयोग किया जाता था?

  1. A.गाँव का मुखिया
  2. B.राजस्व अधिकारी
  3. C.गाँव का लेखाकार
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गाँव का मुखिया

व्याख्या

सही उत्तर है A, गाँव का मुखिया। दिल्ली सल्तनत में मुकद्दम या चौधरी गाँव का मुखिया होता था और किसानों से भू-राजस्व वसूलने में मदद करता था। सल्तनत की सबसे छोटी इकाई गाँव थी। उसके ऊपर परगना था, जिसका अधिकारी आमिल होता था; फिर शिक, जिसका प्रमुख शिकदार था; और सबसे ऊपर प्रांत या इक्ता, जिसे मुक्ती या वली चलाता था। खूत के साथ ये मुखिया कई विशेषाधिकार पाते थे, और अलाउद्दीन खिलजी ने इन्हें कम करके उनसे आम किसानों की तरह कर वसूला। विकल्प B गलत है, क्योंकि आमिल जैसे राजस्व अधिकारी गाँव से ऊपर, परगना स्तर पर काम करते थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि गाँव का लेखाकार पटवारी होता था, जो ज़मीन और लगान का हिसाब रखता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह पदनाम केवल एक ही पद, यानी मुखिया के लिए था। परीक्षा टिप: मुकद्दम या चौधरी मुखिया, पटवारी लेखाकार, और खूत-मुकद्दम-चौधरी के विशेषाधिकार अलाउद्दीन खिलजी ने घटाए।

Q69.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।