निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन अग्नाशय के लैंगरहैंस के आइलेट की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है?
- A.एड्रेनालिन
- B.ग्लूकागॉन
- C.इंसुलिन
- D.एल्डोस्टीरोन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, इंसुलिन। अग्नाशय एक साथ बहिःस्रावी ग्रंथि भी है, जो आँत में पाचक एंज़ाइम भेजती है, और अंतःस्रावी ग्रंथि भी। इसका अंतःस्रावी भाग कोशिकाओं के छोटे-छोटे समूहों से बना है, जिन्हें लैंगरहैंस के आइलेट (द्वीप) कहते हैं। इनकी बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन छोड़ती हैं, जो शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज़ पहुँचाकर और यकृत में अतिरिक्त ग्लूकोज़ को ग्लाइकोजन के रूप में जमा कराकर रक्त शर्करा घटाता है। जब शरीर में इंसुलिन कम बनता है या ठीक से काम नहीं करता, तो रक्त शर्करा बढ़ी रहती है; इसी को मधुमेह (डायबिटीज़ मेलिटस) कहते हैं। इंसुलिन की खोज 1921 में फ्रेडरिक बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट ने की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि ‘लड़ो या भागो’ हार्मोन एड्रेनालिन अधिवृक्क (एड्रिनल) ग्रंथि के मेड्यूला से निकलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ग्लूकागॉन इन्हीं आइलेट की अल्फा कोशिकाएँ बनाती हैं और यह रक्त शर्करा बढ़ाता है, यानी इंसुलिन का उल्टा काम करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि एल्डोस्टीरोन अधिवृक्क के कॉर्टेक्स से निकलता है और गुर्दों में सोडियम व पानी रोकने में मदद करता है। परीक्षा टिप: अल्फा कोशिका – ग्लूकागॉन, शर्करा बढ़ाए; बीटा कोशिका – इंसुलिन, शर्करा घटाए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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