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GK24

राज्य परीक्षाएं 2019 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं 2019 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q41.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

प्रकाश ऊर्जा का ऑप्टिकल फाइबर में संचरण निम्नांकित घटना के अनुप्रयोग द्वारा किया जाता है

  1. A.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  2. B.विवर्तन
  3. C.प्रकीर्णन
  4. D.अपवर्तन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर है A, पूर्ण आंतरिक परावर्तन। सघन से विरल माध्यम में जाता प्रकाश जब सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर टकराता है, तो बाहर निकलने के बजाय पूरा वापस परावर्तित हो जाता है। ऑप्टिकल फाइबर इसी सिद्धांत पर काम करता है। इसमें अधिक अपवर्तनांक वाले काँच या प्लास्टिक का पतला कोर होता है, जिस पर कम अपवर्तनांक वाली परत (क्लैडिंग) चढ़ी रहती है, इसलिए एक सिरे से घुसा प्रकाश बार-बार परावर्तित होकर मोड़ों पर भी बहुत कम हानि के साथ दूर तक पहुँचता है। इसी से इंटरनेट और टेलीफ़ोन के संकेत जाते हैं और एंडोस्कोप से शरीर के भीतर देखा जाता है। भारतीय मूल के भौतिक विज्ञानी नरिंदर सिंह कपानी को फाइबर ऑप्टिक्स का जनक कहा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विवर्तन छोटी बाधाओं के किनारों या पतली झिरी से प्रकाश का मुड़ना है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रकीर्णन प्रकाश को कई दिशाओं में बिखेरता है, जिससे आकाश नीला दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अपवर्तन केवल नए माध्यम में जाते समय प्रकाश का मुड़ना है, जबकि फाइबर प्रकाश को बाहर निकलने से रोककर काम करता है। परीक्षा टिप: ऑप्टिकल फाइबर, मरीचिका और हीरे की चमक, तीनों पूर्ण आंतरिक परावर्तन से।

Q42.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019मध्यम

जीवन की भौतिक गुणवत्ता सूचकांक (पी.क्यू.एल.आई.) किसके द्वारा विकसित किया गया है?

  1. A.मोरिस डी. मोरिस
  2. B.यू.एन.डी.पी.
  3. C.महबूब-उल-हक
  4. D.उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोरिस डी. मोरिस

व्याख्या

सही उत्तर है A, मोरिस डी. मोरिस। अमेरिकी आर्थिक इतिहासकार मोरिस डेविड मोरिस ने 1970 के दशक में ओवरसीज़ डेवलपमेंट काउंसिल के लिए भौतिक जीवन गुणवत्ता सूचकांक (PQLI) बनाया और 1979 में दुनिया के गरीबों की स्थिति मापने पर अपनी पुस्तक में इसे प्रस्तुत किया। वे कल्याण का ऐसा सरल पैमाना चाहते थे जो केवल आय पर निर्भर न हो। PQLI तीन संकेतकों पर आधारित है, जिनमें से हर एक को 0 से 100 तक अंक और बराबर भार दिया जाता है: बुनियादी साक्षरता, शिशु मृत्यु दर और एक वर्ष की आयु पर जीवन प्रत्याशा। इनका औसत देश को 100 में से अंक देता है। केरल को अक्सर ऐसे उदाहरण के रूप में दिया जाता था जहाँ कम आय के बावजूद PQLI ऊँचा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि यू.एन.डी.पी. मानव विकास सूचकांक (HDI) प्रकाशित करता है, जो बाद में 1990 में आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि महबूब-उल-हक ने HDI बनाया था, PQLI नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस सूचकांक के निर्माता ज्ञात हैं, मोरिस डी. मोरिस। परीक्षा टिप: PQLI – मोरिस डी. मोरिस, 1979, तीन संकेतक; HDI – महबूब-उल-हक और UNDP, 1990।

Q43.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019मध्यम

धन विधेयक भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में परिभाषित किया गया है?

  1. A.अनुच्छेद 109
  2. B.अनुच्छेद 110
  3. C.अनुच्छेद 111
  4. D.अनुच्छेद 112
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 110

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 110। अनुच्छेद 110 के अनुसार कोई विधेयक धन विधेयक तब है जब वह केवल इन विषयों से जुड़ा हो: कोई कर लगाना या बदलना, सरकार द्वारा उधार लेना, भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा और उनमें धन जमा करना या निकालना, और संचित निधि पर भारित व्यय। अनुच्छेद 110(3) कहता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इस पर लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा; राज्यसभा भेजने से पहले अध्यक्ष इसे प्रमाणित करता है। धन विधेयक केवल लोकसभा में और राष्ट्रपति की सिफ़ारिश से ही पेश हो सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 109 धन विधेयक की विशेष प्रक्रिया बताता है: राज्यसभा को इसे 14 दिन में लौटाना होता है और वह केवल सिफ़ारिशें कर सकती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 111 विधेयकों पर राष्ट्रपति की अनुमति से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण यानी बजट से जुड़ा है। परीक्षा टिप: 109 प्रक्रिया, 110 परिभाषा, 111 अनुमति, 112 बजट; धन विधेयक को लोकसभा अध्यक्ष प्रमाणित करता है।

Q44.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

मुस्लिम लीग एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए “सी.आर. फॉर्मूला” किसने बनाया था?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजगोपालाचारी
  3. C.चित्तरंजन दास
  4. D.वी. पी. मेनन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजगोपालाचारी

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजगोपालाचारी। सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1944 में पाकिस्तान के सवाल पर कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बने गतिरोध को तोड़ने के लिए यह फॉर्मूला दिया था। इसके अनुसार लीग स्वतंत्रता की माँग का समर्थन करेगी और अंतरिम सरकार बनाने में कांग्रेस का साथ देगी। युद्ध के बाद एक आयोग उत्तर-पश्चिम और पूर्व के मुस्लिम-बहुल ज़िलों की सीमा तय करेगा और वहाँ के सभी वयस्कों का जनमत संग्रह तय करेगा कि वे अलग होंगे या नहीं। सितंबर 1944 में बंबई में हुई गांधी-जिन्ना वार्ता इसी फॉर्मूले पर हुई, पर जिन्ना ने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि वे पूरा पंजाब और बंगाल तथा केवल मुसलमानों का मतदान चाहते थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने यह योजना नहीं बनाई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि चित्तरंजन दास ने 1923 में स्वराज पार्टी बनाई थी और 1925 में ही उनका निधन हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि वी. पी. मेनन ने जून 1947 की विभाजन योजना का मसौदा बनाया और बाद में रियासतों के विलय में मदद की। परीक्षा टिप: सी.आर. फॉर्मूला 1944, गांधी-जिन्ना वार्ता सितंबर 1944, वेवेल योजना 1945।

Q45.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

प्राचीन भारत की निम्नलिखित लिपियों में से कौन-सी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी?

  1. A.ब्राह्मी
  2. B.शारदा
  3. C.खरोष्ठी
  4. D.नंदिनागरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. खरोष्ठी

व्याख्या

सही उत्तर है C, खरोष्ठी। खरोष्ठी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी, ठीक उस अरामाइक लिपि की तरह जिससे यह निकली। यह उत्तर-पश्चिम के गांधार क्षेत्र की लिपि थी, जो आज पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में है, और लगभग तीसरी सदी ईसा पूर्व से तीसरी सदी ईस्वी तक मुख्य रूप से प्राकृत लिखने में प्रयोग हुई। इसीलिए अशोक के दो बड़े शिलालेख, शाहबाज़गढ़ी और मानसेहरा, खरोष्ठी में हैं, जबकि उनके लगभग सभी दूसरे अभिलेख ब्राह्मी में हैं। यह रेशम मार्ग से मध्य एशिया तक फैली और फिर लुप्त हो गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि ब्राह्मी बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और देवनागरी समेत ज़्यादातर भारतीय लिपियों की जननी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कश्मीर की पुरानी लिपि शारदा ब्राह्मी से निकली और बाएँ से दाएँ लिखी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि संस्कृत पांडुलिपियों में प्रयुक्त नागरी का दक्षिणी रूप नंदिनागरी भी बाएँ से दाएँ चलती है। परीक्षा टिप: खरोष्ठी अपवाद है, दाएँ से बाएँ और उत्तर-पश्चिम में; ब्राह्मी बाएँ से दाएँ और लगभग हर जगह।

Q46.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संवैधानिक उपचार को 'पोस्टमार्टम' भी कहा जाता है?

  1. A.प्रतिषेध
  2. B.परमादेश
  3. C.उत्प्रेषण
  4. D.अधिकार-पृच्छा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उत्प्रेषण

व्याख्या

सही उत्तर है C, उत्प्रेषण। उत्प्रेषण (सर्टियोरारी) को पोस्टमार्टम इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह निचली अदालत या अधिकरण का आदेश आ जाने के बाद उस आदेश को रद्द करने के लिए जारी होता है। इस शब्द का अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित करना'। सुप्रीम कोर्ट इसे अनुच्छेद 32 और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत तब जारी करते हैं, जब निचली संस्था ने अधिकार-क्षेत्र के बिना या उससे बाहर जाकर काम किया हो, या नैसर्गिक न्याय के नियम तोड़े हों। प्रतिषेध और उत्प्रेषण की जोड़ी याद रखें: प्रतिषेध चलते मुकदमे को रोकता है, जबकि उत्प्रेषण हो चुके फैसले को रद्द करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रतिषेध निवारक है और अंतिम आदेश से पहले जारी होता है, बाद में नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी या संस्था को उसका कानूनी कर्तव्य निभाने का आदेश देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिकार-पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर बने रहने का अधिकार साबित करने को कहती है। परीक्षा टिप: प्रतिषेध रोकता है, उत्प्रेषण सुधारता है, और पोस्टमार्टम वाली रिट केवल उत्प्रेषण है।

Q47.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019आसान

'काकोरी ट्रेन डकैती केस' में किन क्रांतिकारियों को फाँसी दी गई थी?

  1. A.राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला
  2. B.वीर सावरकर और वासुदेव चापेकर
  3. C.प्रफुल्ल चंद्र चाकी और खुदीराम बोस
  4. D.सूर्य सेन और ऊधम सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला

व्याख्या

सही उत्तर है A, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला। दोनों को काकोरी केस में मौत की सज़ा मिली और दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर सरकारी खज़ाना लूटा, ताकि अपने संघर्ष के लिए पैसा जुटा सकें। इस केस में चार लोगों को फाँसी हुई: राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह, जबकि चंद्रशेखर आज़ाद पकड़े नहीं गए। हिंदू बिस्मिल और मुसलमान अशफ़ाक़उल्ला की दोस्ती आज भी एकता की मिसाल मानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वासुदेव चापेकर को 1897 में पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या के लिए फाँसी हुई थी, और सावरकर को फाँसी नहीं, सेल्युलर जेल की सज़ा मिली थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस को बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बम कांड के लिए 1908 में फाँसी हुई, और प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोकामा में खुद को गोली मार ली। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूर्य सेन को चटगाँव शस्त्रागार कांड के लिए और ऊधम सिंह को लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या के लिए फाँसी हुई। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 यानी बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी और रोशन सिंह।

Q48.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

बिहार में स्वराज दल की स्थापना किसने की?

  1. A.श्रीकृष्ण सिंह
  2. B.रामलाल शाह
  3. C.बंकिम चंद्र मित्र
  4. D.शचींद्रनाथ सान्याल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्रीकृष्ण सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, श्रीकृष्ण सिंह। श्रीकृष्ण सिंह, जिन्हें श्रीकृष्ण सिन्हा के नाम से भी जाना जाता है, के नेतृत्व में 1923 में स्वराज दल की बिहार शाखा बनी। स्वराज पार्टी की स्थापना 1 जनवरी 1923 को चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने की थी, जो परिषदों में जाकर भीतर से सरकार का विरोध करना चाहते थे। इसकी नींव दिसंबर 1922 में बिहार के गया में हुए कांग्रेस अधिवेशन में पड़ी, जहाँ दास अध्यक्ष थे और परिषद-प्रवेश का उनका प्रस्ताव गिर गया। 'बिहार केसरी' कहे जाने वाले श्रीकृष्ण सिन्हा बाद में बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने और 1946 से 1961 में अपने निधन तक इस पद पर रहे। विकल्प B गलत है, क्योंकि रामलाल शाह ने बिहार में स्वराज दल की स्थापना नहीं की। विकल्प C गलत है, क्योंकि बंकिम चंद्र मित्र को भी इसका श्रेय नहीं जाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि शचींद्रनाथ सान्याल क्रांतिकारी थे, जिन्होंने 1924 में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाई। परीक्षा टिप: गया अधिवेशन 1922, स्वराज पार्टी 1923, बिहार शाखा श्रीकृष्ण सिन्हा के नेतृत्व में।