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GK24

राज्य परीक्षाएं GK प्रश्न 2026

राज्य परीक्षाएं के लिए उत्तर और व्याख्या सहित GK प्रश्न।

राज्य परीक्षाएं GK प्रश्न उत्तर सहित

Q401.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 2 अगस्त 2023, शिफ्ट 4मध्यम

संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली संविधान सभा का कानूनी सलाहकार निम्नलिखित में से किसे नियुक्त किया गया था?

  1. A.एच.वी.आर. आयंगर
  2. B.एस.एन. मुखर्जी
  3. C.बी.आर. आंबेडकर
  4. D.बी.एन. राव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी.एन. राव

व्याख्या

सही उत्तर बी.एन. राव है। सर बेनेगल नरसिंह राव को संविधान सभा का संवैधानिक (कानूनी) सलाहकार नियुक्त किया गया था। उन्होंने दूसरे देशों के संविधानों का अध्ययन किया और संविधान का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया, जिस पर प्रारूप समिति ने काम किया और फरवरी 1948 में अपना प्रारूप प्रकाशित किया।

बी.आर. आंबेडकर यहां सबसे संभावित गलत चुनाव हैं: वे प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान को सभा में पारित कराया, लेकिन वे सभा के सलाहकार नहीं थे। एच.वी.आर. आयंगर संविधान सभा के सचिव थे, जो एक प्रशासनिक पद था, और एस.एन. मुखर्जी सभा के मुख्य प्रारूपकार थे। यह प्रश्न पहला मसौदा तैयार करने वाले सलाहकार (राव) और अंतिम पाठ का मार्गदर्शन करने वाले समिति अध्यक्ष (आंबेडकर) के अंतर को परखता है। प्रश्नों में कभी "कानूनी सलाहकार" लिखा होता है और कभी "संवैधानिक सलाहकार"; दोनों का उत्तर बी.एन. राव ही है।

Q402.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 अक्टूबर 2020, शिफ्ट 3आसान

भारत के संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.बी.आर. आंबेडकर
  2. B.के.एम. मुंशी
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहम्मद सादुल्ला
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बी.आर. आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर बी.आर. आंबेडकर है। प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ और डॉ. बी.आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे। समिति ने फरवरी 1948 में संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया और आंबेडकर ने सभा में धारा-दर-धारा बहस के दौरान इसे पारित कराया, इसीलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।

के.एम. मुंशी और मोहम्मद सादुल्ला इसी समिति के सदस्य थे, अध्यक्ष नहीं, इसलिए ये सबसे आकर्षक गलत उत्तर हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रारूप समिति में नहीं थे; वे प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और जनजातीय तथा अपवर्जित क्षेत्रों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। सातों सदस्यों की सूची भी याद करें, क्योंकि अक्सर पूछा जाता है कि कौन सदस्य नहीं था: आंबेडकर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, के.एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव और टी.टी. कृष्णमाचारी।

Q403.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 2 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

उस उद्देश्य प्रस्ताव को किसने पेश किया था, जिसे बाद में भारत के संविधान की प्रस्तावना के रूप में अपनाया गया?

  1. A.राजेंद्र प्रसाद
  2. B.जे.बी. कृपलानी
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जवाहरलाल नेहरू

व्याख्या

सही उत्तर जवाहरलाल नेहरू है। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और सभा ने 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया। इस प्रस्ताव में बताया गया था कि संविधान क्या हासिल करना चाहता है: एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य, जिसमें सभी लोगों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता मिले, और अल्पसंख्यकों तथा पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा हो। आगे चलकर इन्हीं विचारों से प्रस्तावना बनी।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष थे और बहसों की अध्यक्षता करते थे; उन्होंने यह प्रस्ताव पेश नहीं किया। जे.बी. कृपलानी मौलिक अधिकार उप-समिति के अध्यक्ष थे। डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, जो प्रस्ताव स्वीकार होने के कई महीने बाद 29 अगस्त 1947 को बनी। क्रम याद रखने का आसान तरीका: पहले नेहरू ने उद्देश्य रखे, बाद में आंबेडकर की समिति ने उन्हें प्रारूप का रूप दिया।

Q404.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 फरवरी 2019, शिफ्ट 3आसान

भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में सच्चिदानंद सिन्हा का स्थान किसने लिया?

  1. A.पं. जवाहरलाल नेहरू
  2. B.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहनदास करमचंद गांधी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. राजेंद्र प्रसाद है। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता केवल अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी। 11 दिसंबर 1946 को सभा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अपना स्थायी अध्यक्ष चुना और वे सभा का काम पूरा होने तक इस पद पर रहे। 24 जनवरी 1950 को अपनी अंतिम बैठक में सभा ने उन्हें भारत का पहला राष्ट्रपति भी चुना।

बाकी नेताओं की भूमिकाएं अलग थीं। जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और संघ शक्ति, संघ संविधान तथा राज्य समितियों की अध्यक्षता की। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकारों तथा अल्पसंख्यकों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। महात्मा गांधी संविधान सभा के सदस्य ही नहीं थे। परीक्षाओं में "अस्थायी" और "स्थायी" शब्दों को जोड़कर प्रश्न बनाए जाते हैं, इसलिए क्रम याद रखें: पहले सिन्हा, फिर दो दिन बाद प्रसाद।

Q405.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता अस्थायी अध्यक्ष के रूप में किसने की?

  1. A.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  2. B.डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.जी.वी. मावलंकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा है। 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया। यह फ्रांस की उस परंपरा के अनुसार था, जिसमें नियमित अध्यक्ष चुने जाने तक सबसे वरिष्ठ सदस्य अध्यक्षता करता है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद यहां सबसे आम जाल हैं: वे पहली बैठक के दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे, इसलिए पहली बैठक की अध्यक्षता उन्होंने नहीं की। जवाहरलाल नेहरू की सभा में सबसे प्रसिद्ध भूमिका 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव पेश करना और संघ शक्ति समिति जैसी समितियों की अध्यक्षता करना थी। जी.वी. मावलंकर तब अध्यक्षता करते थे जब सभा डोमिनियन विधायिका यानी देश की पहली संसद के रूप में बैठती थी, संविधान निर्माण के लिए नहीं। तीनों भूमिकाओं को अलग रखें: अस्थायी अध्यक्ष सिन्हा, अध्यक्ष प्रसाद, और विधायी बैठकों के लिए मावलंकर।

Q406.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 अक्टूबर 2021, शिफ्ट 1आसान

संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?

  1. A.जनवरी 1950
  2. B.अगस्त 1945
  3. C.दिसंबर 1946
  4. D.जुलाई 1948
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दिसंबर 1946

व्याख्या

सही उत्तर दिसंबर 1946 है। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर अड़ी रही, जबकि सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता की। दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।

बाकी विकल्प सभा के काम से पहले या बाद की तिथियां हैं। अगस्त 1945, 1946 की कैबिनेट मिशन योजना से एक साल से भी अधिक पहले का है, जिसके तहत सभा बनी। जुलाई 1948 सभा के काम के बीच का समय है, जब फरवरी 1948 में प्रारूप प्रकाशित हो चुका था। जनवरी 1950 बिल्कुल अंत है: अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई और संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। सबसे अधिक पूछी जाने वाली जोड़ी याद रखें: पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 और राजेंद्र प्रसाद का चुनाव 11 दिसंबर 1946।

Q407.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 4 मई 2023, शिफ्ट 1आसान

संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन की सिफारिश पर हुआ था, जो ______ में भारत आया था।

  1. A.1962
  2. B.1959
  3. C.1952
  4. D.1946
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1946

व्याख्या

सही उत्तर 1946 है। कैबिनेट मिशन 1946 में सत्ता हस्तांतरण का रास्ता तय करने के लिए भारत आया था, और उसकी योजना में संविधान सभा के गठन का तरीका बताया गया: कुल 389 सीटें, जिनमें 296 ब्रिटिश भारत के लिए और 93 देसी रियासतों के लिए थीं, और प्रांतों के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होना था। ब्रिटिश भारत की सीटों के चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुए और सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।

बाकी वर्ष सही नहीं हो सकते। संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हो गया था, इसलिए 1952, 1959 या 1962 में बनी सभा के पास लिखने को कुछ बचा ही नहीं होता। इस तिथि को याद रखने का आसान तरीका है इसे उसी वर्ष की दो और घटनाओं से जोड़ना: जुलाई-अगस्त 1946 के चुनाव और दिसंबर 1946 की पहली बैठक।

Q408.सरकारी योजनाएंमध्यम

स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने वाला सालाना अभियान स्वच्छता ही सेवा किस वर्ष शुरू हुआ था?

  1. A.2014
  2. B.2017
  3. C.2019
  4. D.2021
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2017

व्याख्या

सही उत्तर 2017 है। पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार स्वच्छता ही सेवा 2017 में एक सालाना अभियान के रूप में शुरू किया गया, जो सरकारी संस्थानों, स्थानीय निकायों, संगठनों और नागरिकों को स्वच्छता की साझा ज़िम्मेदारी के लिए एक साथ लाता है। 2025 के अभियान में 18.06 करोड़ से ज़्यादा नागरिकों ने हिस्सा लिया।

विकल्प A यानी 2014 वह वर्ष है जब स्वच्छ भारत मिशन शुरू हुआ था और ग्रामीण स्वच्छता कवरेज 39 प्रतिशत था; एसएचएस इसके बाद आया। विकल्प C यानी 2019 वह वर्ष है जब ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया। विकल्प D यानी 2021 विज्ञप्ति में इस अभियान की शुरुआत से नहीं जुड़ा है। स्वच्छता से जुड़े प्रश्नों में ये वर्ष अक्सर विकल्प बनते हैं, इसलिए क्रम याद रखें: 2014 में एसबीएम, 2017 में एसएचएस और 2019 में ग्रामीण भारत ओडीएफ।

Q409.सरकारी योजनाएंकठिन

17 सितंबर 2026 तक देश में कितने गांवों ने ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल कर लिया था?

  1. A.5.25 लाख
  2. B.5.38 लाख
  3. C.5.69 लाख
  4. D.6.10 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5.69 लाख

व्याख्या

सही उत्तर 5.69 लाख है। पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार 17 सितंबर 2026 तक भारत में 5.69 लाख ओडीएफ प्लस गांव बन चुके थे। ओडीएफ प्लस गांव खुले में शौच से मुक्त का दर्जा बनाए रखता है, ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करता है और साफ-सफाई बनाए रखता है।

बाकी आंकड़े भ्रम पैदा करने लायक करीब हैं और इनमें से दो इसी विज्ञप्ति से लिए गए हैं। विकल्प A यानी 5.25 लाख उन गांवों की संख्या है जिन्होंने ओडीएफ प्लस मॉडल का दर्जा पाया है, जो कुल का एक हिस्सा है। विकल्प B यानी 5.38 लाख उन गांवों की संख्या है जहां ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था है। विकल्प D यानी 6.10 लाख विज्ञप्ति में नहीं है। विज्ञप्ति में तरल कचरा प्रबंधन वाले 5.65 लाख गांवों का आंकड़ा भी है, इसलिए ऐसे प्रश्न ध्यान से पढ़ें और हर आंकड़े को उसके अर्थ से मिलाएं।

Q410.सरकारी योजनाएंमध्यम

स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत जो ओडीएफ प्लस गांव ठोस और तरल दोनों तरह के कचरे का प्रबंधन करता है, लेकिन अभी सबसे ऊंचे चरण तक नहीं पहुंचा है, उसे किस श्रेणी में रखा जाता है?

  1. A.एस्पायरिंग
  2. B.राइजिंग
  3. C.मॉडल
  4. D.इमर्जिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राइजिंग

व्याख्या

सही उत्तर राइजिंग है। बैकग्राउंडर के अनुसार ओडीएफ प्लस गांवों को तीन चरणों में बांटा गया है। एस्पायरिंग गांव या तो ठोस कचरे का प्रबंधन करते हैं या तरल कचरे का। राइजिंग गांव ठोस और तरल, दोनों तरह के कचरे का प्रबंधन करते हैं। मॉडल गांव दोनों तरह के कचरे का प्रबंधन करने के साथ साफ-सफाई भी बनाए रखते हैं और ओडीएफ प्लस से जुड़े संदेश प्रदर्शित करते हैं।

विकल्प A गलत है, क्योंकि एस्पायरिंग गांव केवल एक तरह के कचरे का प्रबंधन करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रश्न में ऐसे गांव की बात है जो सबसे ऊंचे चरण तक नहीं पहुंचा, और मॉडल ही सबसे ऊंचा चरण है। विकल्प D यानी इमर्जिंग इन तीन चरणों में है ही नहीं। क्रम याद रखें: एस्पायरिंग, फिर राइजिंग, फिर मॉडल। 17 सितंबर 2026 तक देश के 5.69 लाख ओडीएफ प्लस गांवों में से 5.25 लाख मॉडल चरण तक पहुंच चुके थे।

Q411.सरकारी योजनाएंमध्यम

17 सितंबर 2026 से शुरू हुए स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान का विषय क्या है?

  1. A.स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत
  2. B.स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता
  3. C.कचरा मुक्त भारत
  4. D.एक दिन, एक घंटा, एक साथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत

व्याख्या

सही उत्तर स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत है। 20 सितंबर 2026 के पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार यह स्वच्छता ही सेवा 2026 का विषय है, जिसकी शुरुआत 17 सितंबर को हुई। यह अभियान टिकाऊ व्यवहार परिवर्तन के केंद्र में छात्रों और युवाओं को रखता है।

विकल्प D एक जाल है। 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' इसी अभियान का हिस्सा है, लेकिन यह 1 अक्टूबर को होने वाले सामूहिक श्रमदान का नारा है, अभियान का विषय नहीं। विकल्प B और C को विज्ञप्ति में 2026 का विषय नहीं बताया गया है, इसलिए वे भी गलत हैं। अभियान का कार्यक्रम क्रम से याद रखें: 17 सितंबर को शुरुआत, 1 अक्टूबर को श्रमदान और 2 अक्टूबर को गांवों में विशेष ग्राम सभाएं। यह अभियान 2017 में शुरू हुआ था और 2025 में इसमें 18.06 करोड़ से ज़्यादा नागरिकों ने भाग लिया था।

Q412.अर्थव्यवस्थामध्यम

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के लिए लगभग कितनी भूमि चिन्हित की गई है?

  1. A.लगभग 70 एकड़
  2. B.लगभग 90 एकड़
  3. C.लगभग 170 एकड़
  4. D.लगभग 250 एकड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लगभग 170 एकड़

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 170 एकड़ है। संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। निवेशकों की रुचि इतनी अधिक है कि आवेदन उपलब्ध भूमि से भी ज़्यादा हो गए हैं, इसलिए पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित की जाएगी।

विकल्प A और B कुल भूमि के दो हिस्से हैं: आईटी पार्क के 70 एकड़ और साडा के 90 एकड़। इनमें से कोई भी अकेले पूरा उत्तर नहीं है। विकल्प D यानी 250 एकड़ विज्ञप्ति में नहीं है। निवेश वाले प्रश्न की तरह यह प्रश्न भी जांचता है कि आपको कुल आंकड़ा याद है या सिर्फ उसका एक हिस्सा, इसलिए हिस्से और कुल दोनों साथ याद रखें।

Q413.अर्थव्यवस्थामध्यम

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में लगभग कितने निवेश की उम्मीद है?

  1. A.₹2,000 करोड़
  2. B.₹3,500 करोड़
  3. C.₹5,500 करोड़
  4. D.₹6,500 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ₹5,500 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर ₹5,500 करोड़ है। संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित टीएमजेड लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश से स्थापित किया जाएगा और 24 कंपनियों ने वहां इकाइयां लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विकल्प A और B इसी कुल राशि के दो हिस्से हैं, इसलिए वे भ्रम पैदा करने के लिए रखे गए हैं। अगस्त 2026 में दिल्ली के निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं आईं, जिनसे करीब 14,000 रोजगार की संभावना है, और मुंबई के सम्मेलन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार की संभावना है। दोनों मिलकर ₹5,500 करोड़ बनते हैं। विकल्प D यानी ₹6,500 करोड़ विज्ञप्ति में नहीं है। जब एक खबर में कई राशियां हों, तो ध्यान दें कि प्रश्न किसी हिस्से के बारे में है या कुल के बारे में।

Q414.अर्थव्यवस्थाआसान

सितंबर 2026 में केंद्रीय संचार मंत्री ने जिस एशिया के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के स्थल का निरीक्षण किया, वह किस शहर में स्थापित हो रहा है?

  1. A.इंदौर
  2. B.ग्वालियर
  3. C.नोएडा
  4. D.भोपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्वालियर

व्याख्या

सही उत्तर ग्वालियर है। संचार मंत्रालय के अनुसार एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में स्थापित होगा और मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में इसके लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश और 18,000 से अधिक रोजगार की उम्मीद है।

इंदौर और भोपाल भी मध्य प्रदेश के शहर हैं, इसलिए ये सही लग सकते हैं, लेकिन विज्ञप्ति टीएमजेड को ग्वालियर में बताती है। इसलिए विकल्प A और D गलत हैं। नोएडा का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प C भी गलत है। साडा से जुड़ाव भी याद रखें: इसकी स्थापना ग्वालियर को नए औद्योगिक केंद्र और दिल्ली के काउंटर मैग्नेट के रूप में विकसित करने के लिए हुई थी, और टीएमजेड इसी योजना को आगे बढ़ाता है।

Q415.पर्यावरणआसान

सितंबर 2026 के एनजीटी सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किस सरकारी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी से पारिस्थितिक तंत्र को बेहतर बनाया जा सकता है?

  1. A.मिशन LiFE
  2. B.नमामि गंगे
  3. C.हरित भारत मिशन
  4. D.नगर वन योजना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मिशन LiFE

व्याख्या

सही उत्तर मिशन LiFE है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने युवाओं और आम लोगों को जोड़कर पर्यावरण चेतना बढ़ाने में सराहनीय काम किया है, और भारत सरकार की मिशन LiFE पहल ने दिखाया है कि जनभागीदारी और सामुदायिक पहल से पारिस्थितिक तंत्र को बेहतर बनाने के लिए सार्थक कार्य किए जा सकते हैं।

नमामि गंगे, हरित भारत मिशन और नगर वन योजना भी पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रम हैं, लेकिन राष्ट्रपति ने इस संबोधन में इनमें से किसी का उल्लेख नहीं किया। इसलिए विकल्प B, C और D गलत हैं। उत्तर के साथ उनकी बाकी मुख्य बातें भी याद रखें: पारंपरिक ज्ञान पर आधारित और समुदाय को केंद्र में रखने वाले अनुकूलन उपाय, और ऐसा संधारणीय वनीकरण जो सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित न रहकर स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र फिर से स्थापित करे।

Q416.पर्यावरणमध्यम

सितंबर 2026 के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ी विज्ञप्ति में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के रूप में किसका नाम है?

  1. A.न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव
  2. B.न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना
  3. C.तुषार मेहता
  4. D.मनोहर लाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव

व्याख्या

सही उत्तर न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव है। विज्ञप्ति में उन्हें एनजीटी का अध्यक्ष बताया गया है। अपने समापन भाषण में उन्होंने कहा कि दो दिन की चर्चाओं ने दिखाया है कि पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान से आगे बढ़कर ऐसे कानून, संस्थाएं और साझेदारियां बनाने की ज़रूरत है जो इनसे निपट सकें, और जलवायु कार्रवाई समावेशी और न्यायसंगत होनी चाहिए।

बाकी तीनों ने भी इसी सत्र में भाषण दिया, लेकिन उनके पद अलग हैं। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश हैं। तुषार मेहता भारत के सॉलिसिटर जनरल हैं। मनोहर लाल केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों और विद्युत मंत्री हैं, जिन्होंने स्मारिका 'हरित न्यायम' जारी की। इसलिए विकल्प B, C और D गलत हैं। जब एक विज्ञप्ति में कई गणमान्य व्यक्ति हों, तो परीक्षक अक्सर उनके पद आपस में बदल देते हैं, इसलिए हर नाम को उसके पद के साथ याद रखें।

Q417.पर्यावरणमध्यम

सितंबर 2026 के एनजीटी सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के अनुसार देश की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग कितना हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से आता है?

  1. A.40 प्रतिशत
  2. B.50 प्रतिशत
  3. C.55 प्रतिशत
  4. D.65 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 55 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 55 प्रतिशत है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों और विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि देश की कुल स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता का लगभग 55 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त होता है। उन्होंने इसे तेज़ विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने के भारत के प्रयासों का हिस्सा बताया।

विकल्प B यानी 50 प्रतिशत एक जाल है। यह गैर-जीवाश्म क्षमता का वह लक्ष्य है जिसे मंत्री के अनुसार भारत ने तय समय से पांच साल पहले हासिल कर लिया; यह मौजूदा हिस्सा नहीं है। विकल्प A और D, यानी 40 और 65 प्रतिशत, विज्ञप्ति में नहीं हैं। अपने नोट्स में दोनों संख्याओं को अलग रखें: लक्ष्य 50 प्रतिशत था जो समय से पहले पूरा हुआ, और मौजूदा हिस्सा लगभग 55 प्रतिशत है।

Q418.पर्यावरणआसान

सितंबर 2026 में 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' विषय पर हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की कौन-सी स्मारिका जारी की गई?

  1. A.हरित न्यायम
  2. B.प्रकृति वंदन
  3. C.हरित भारत
  4. D.पर्यावरण न्याय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हरित न्यायम

व्याख्या

सही उत्तर हरित न्यायम है। 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एनजीटी की स्मारिका 'हरित न्यायम' जारी की और इसकी पहली प्रति भारत की राष्ट्रपति को भेंट की। यह दस्तावेज न्यायाधिकरण की स्थापना, विकास और उपलब्धियों का विवरण देता है और दो दिवसीय सम्मेलन में हुए विचारों को भी दर्ज करता है।

प्रकृति वंदन, हरित भारत और पर्यावरण न्याय मिलते-जुलते नाम हैं और इसी कारण विकल्पों में रखे गए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी इस स्मारिका का नाम नहीं है। इसलिए विकल्प B, C और D गलत हैं। सरकारी कार्यक्रमों में जारी प्रकाशनों के नाम अक्सर वन-लाइनर के रूप में पूछे जाते हैं, इसलिए यह भी याद रखें कि इसे किसने जारी किया (मनोहर लाल), पहली प्रति किसे मिली (राष्ट्रपति) और यह किस संस्था का प्रकाशन है (राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण)।

Q419.अर्थव्यवस्थाआसान

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार देश के कुल रेशम उत्पादन में कौन-सा राज्य अग्रणी है?

  1. A.कर्नाटक
  2. B.असम
  3. C.पश्चिम बंगाल
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर कर्नाटक है। बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर शोभा करंदलाजे ने कहा कि देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को और मज़बूत करने के लिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए निर्यात स्तर के रेशम उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।

असम और पश्चिम बंगाल का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प B और C गलत हैं। तमिलनाडु का नाम विज्ञप्ति में है, लेकिन केवल उन राज्यों में से एक के रूप में जिनके रेशम किसान और बुनकर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए, अग्रणी उत्पादक के रूप में नहीं। इसलिए विकल्प D भी गलत है। रेशम से जुड़ी खबरों के साथ अग्रणी राज्य का प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए कर्नाटक को इससे जोड़कर याद रखें।

Q420.अर्थव्यवस्थाआसान

20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में किस संस्था का 77वां स्थापना दिवस मनाया गया?

  1. A.नारियल जटा बोर्ड
  2. B.केंद्रीय रेशम बोर्ड
  3. C.चाय बोर्ड
  4. D.खादी और ग्रामोद्योग आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय रेशम बोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय रेशम बोर्ड है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बोर्ड ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र दिए और अपने प्रकाशन जारी किए।

नारियल जटा बोर्ड, चाय बोर्ड और खादी और ग्रामोद्योग आयोग भी पारंपरिक उद्योगों और फसलों से जुड़ी संस्थाएं हैं, लेकिन यह विज्ञप्ति इनमें से किसी के बारे में नहीं है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। जब किसी संस्था का स्थापना दिवस खबर में हो, तो प्रश्न अक्सर संस्था का नाम, वर्षगांठ की संख्या और शहर पूछते हैं, इसलिए तीनों याद रखें: केंद्रीय रेशम बोर्ड, 77वां और बेंगलुरु।

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