'विखंडन' के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? 1. यह एककोशिकीय जीव में कोशिका विभाजन द्वारा नए जीवों के निर्माण से संबंधित है। 2. यह भारी नाभिकों के छोटे नाभिकों में रूपांतरण से संबंधित है। 3. यह दो उच्चतर नाभिकों को मिलाकर एक भारी नाभिक के निर्माण से संबंधित है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1 और 2। विखंडन शब्द दो विज्ञानों में प्रयुक्त होता है: जीव विज्ञान में एककोशिकीय जीव के बँटने के लिए और भौतिकी में भारी नाभिक के टूटने के लिए। जीव विज्ञान में द्विविखंडन अलैंगिक जनन है, जिसमें अमीबा या जीवाणु जैसी एक कोशिका बँटकर दो नए जीव बनाती है; प्लाज्मोडियम जैसे जीवों में बहुविखंडन से कई जीव बनते हैं। भौतिकी में नाभिकीय विखंडन वह प्रक्रिया है जिसमें यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक न्यूट्रॉन ग्रहण करके दो हल्के नाभिकों में टूटता है और भारी ऊर्जा तथा नए न्यूट्रॉन छोड़ता है; परमाणु रिएक्टर इसी पर चलते हैं। हल्के नाभिकों को जोड़कर भारी नाभिक बनाना अलग प्रक्रिया है, जिसे नाभिकीय संलयन कहते हैं और जिससे सूर्य को ऊर्जा मिलती है। विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें कथन 2 का नाभिकीय अर्थ छूट गया है। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 का जैविक अर्थ छूट गया है। विकल्प D गलत है क्योंकि कथन 3 संलयन का वर्णन है, विखंडन का नहीं। परीक्षा टिप: विखंडन तोड़ता है (अमीबा, यूरेनियम-235); संलयन जोड़ता है (सूर्य में हाइड्रोजन से हीलियम)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए प्रयुक्त उपकरण है
- A.रिफ्रैक्टोमीटर (अपवर्तनांकमापी)
- B.गैल्वेनोमीटर (धारामापी)
- C.विस्कोमीटर (श्यानतामापी)
- D.डिफ्रैक्टोमीटर (विवर्तनमापी)
उत्तर देखें
गैल्वेनोमीटर बताता है कि परिपथ में कोई छोटी विद्युत धारा बह रही है या नहीं, और उसकी दिशा भी दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुरणन (रिवर्बरेशन) किससे संबंधित परिघटना है?
- A.ध्वनि का बहु-अपवर्तन
- B.ध्वनि का बहु-परावर्तन
- C.ध्वनि का एकल अपवर्तन
- D.ध्वनि का एकल परावर्तन
उत्तर देखें
स्रोत के बंद हो जाने के बाद भी किसी हॉल में ध्वनि का बने रहना अनुरणन है, जो दीवारों, छत और फर्श से बार-बार होने वाले परावर्तन के कारण होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत आवेश का मूल गुण नहीं है?
- A.आवेशों को जोड़ा जा सकता है
- B.आवेश संरक्षित रहता है
- C.किसी वस्तु पर आवेश सदैव इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन के आवेश का पूर्णांक गुणज होता है
- D.किसी विलगित निकाय में आवेश उत्पन्न और नष्ट किए जा सकते हैं
उत्तर देखें
यह आवेश संरक्षण के विरुद्ध है: किसी विलगित निकाय का कुल आवेश सदा समान रहता है। विद्युत आवेश के तीन मूल गुण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किन कोशिकांगों का अपना DNA और राइबोसोम होता है?
- A.अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय
- B.माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक
- C.अंतर्द्रव्यी जालिका और कोशिका-कंकाल
- D.कोशिका भित्ति और केंद्रिका
उत्तर देखें
इन दोनों कोशिकांगों में अपना वृत्ताकार DNA और अपने छोटे (70S) राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.सभी प्रोटीन एंजाइम होते हैं
- B.अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं
- C.सभी वसाएँ ऊर्जा से भरपूर यौगिक होती हैं
- D.ग्लूकोज एक सामान्य कार्बोहाइड्रेट है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है: एंजाइम प्रायः प्रोटीन होते हैं, पर अधिकतर प्रोटीन एंजाइम नहीं होते। शरीर में प्रोटीन अनेक काम करते हैं।
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