अनुरणन (रिवर्बरेशन) किससे संबंधित परिघटना है?
- A.ध्वनि का बहु-अपवर्तन
- B.ध्वनि का बहु-परावर्तन
- C.ध्वनि का एकल अपवर्तन
- D.ध्वनि का एकल परावर्तन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ध्वनि का बहु-परावर्तन। स्रोत के बंद हो जाने के बाद भी किसी हॉल में ध्वनि का बने रहना अनुरणन है, जो दीवारों, छत और फर्श से बार-बार होने वाले परावर्तन के कारण होता है।
किसी बड़े बंद स्थान में ध्वनि कठोर सतहों के बीच कई बार टकराकर लौटती है, और ये परावर्तन श्रोता तक इतनी जल्दी-जल्दी पहुँचते हैं कि मिलकर एक देर तक गूँजती ध्वनि बन जाते हैं। अधिक अनुरणन से भाषण और संगीत अस्पष्ट हो जाते हैं, इसलिए सभागारों और सिनेमा हॉलों में फाइबर बोर्ड, खुरदरा प्लास्टर, भारी पर्दे और गद्देदार सीटें जैसी ध्वनि-अवशोषक सामग्री लगाई जाती है, और छतें प्रायः वक्राकार बनाई जाती हैं। प्रतिध्वनि अलग है: यह अलग से सुनाई देने वाला एक स्पष्ट परावर्तन है, जिसके लिए परावर्तक सतह कम से कम लगभग 17 मीटर दूर होनी चाहिए, ताकि परावर्तित ध्वनि 0.1 सेकंड या उससे अधिक बाद पहुँचे।
A गलत है, क्योंकि अपवर्तन ध्वनि का एक माध्यम से दूसरे में जाते समय मुड़ना है, लौटना नहीं। C भी इसी कारण गलत है। D गलत है, क्योंकि अलग से सुनाई देने वाला एकल परावर्तन प्रतिध्वनि है, अनुरणन नहीं।
Exam tip: एक परावर्तन अलग से सुनाई दे = प्रतिध्वनि (17 मीटर या अधिक); कई परावर्तन मिल जाएँ = अनुरणन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए प्रयुक्त उपकरण है
- A.रिफ्रैक्टोमीटर (अपवर्तनांकमापी)
- B.गैल्वेनोमीटर (धारामापी)
- C.विस्कोमीटर (श्यानतामापी)
- D.डिफ्रैक्टोमीटर (विवर्तनमापी)
उत्तर देखें
गैल्वेनोमीटर बताता है कि परिपथ में कोई छोटी विद्युत धारा बह रही है या नहीं, और उसकी दिशा भी दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत आवेश का मूल गुण नहीं है?
- A.आवेशों को जोड़ा जा सकता है
- B.आवेश संरक्षित रहता है
- C.किसी वस्तु पर आवेश सदैव इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन के आवेश का पूर्णांक गुणज होता है
- D.किसी विलगित निकाय में आवेश उत्पन्न और नष्ट किए जा सकते हैं
उत्तर देखें
यह आवेश संरक्षण के विरुद्ध है: किसी विलगित निकाय का कुल आवेश सदा समान रहता है। विद्युत आवेश के तीन मूल गुण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किन कोशिकांगों का अपना DNA और राइबोसोम होता है?
- A.अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय
- B.माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक
- C.अंतर्द्रव्यी जालिका और कोशिका-कंकाल
- D.कोशिका भित्ति और केंद्रिका
उत्तर देखें
इन दोनों कोशिकांगों में अपना वृत्ताकार DNA और अपने छोटे (70S) राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.सभी प्रोटीन एंजाइम होते हैं
- B.अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं
- C.सभी वसाएँ ऊर्जा से भरपूर यौगिक होती हैं
- D.ग्लूकोज एक सामान्य कार्बोहाइड्रेट है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है: एंजाइम प्रायः प्रोटीन होते हैं, पर अधिकतर प्रोटीन एंजाइम नहीं होते। शरीर में प्रोटीन अनेक काम करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस प्रकार के विकिरण की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है?
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.अवरक्त
- C.दृश्य प्रकाश
- D.एक्स-किरणें
उत्तर देखें
दिए गए चारों में एक्स-किरणें विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के कम तरंगदैर्ध्य और अधिक ऊर्जा वाले सिरे के सबसे पास हैं।
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