निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: I. भारत के संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि कुछ क्षेत्रों में राज्य का राज्यपाल अपने विवेक से कार्य करता है। II. भारत का राष्ट्रपति, संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा भेजे बिना, स्वयं ही राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी विधेयक को अपने विचार के लिए आरक्षित कर सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल I। अनुच्छेद 163 में राज्यपाल के विवेकाधीन कार्यों का स्पष्ट उल्लेख है, परंतु राज्य के विधेयक को राष्ट्रपति के लिए केवल राज्यपाल ही आरक्षित कर सकता है।
अनुच्छेद 163(1) कहता है कि मंत्रिपरिषद राज्यपाल को सहायता और सलाह देगी, सिवाय उन कार्यों के जिन्हें संविधान राज्यपाल को अपने विवेक से करने को कहता है, और अनुच्छेद 163(2) के अनुसार कौन-सा विषय विवेक में आता है, इस पर राज्यपाल का निर्णय अंतिम है। स्पष्ट विवेक के उदाहरणों में छठी अनुसूची के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्र के राजस्व के बारे में असम के राज्यपाल की भूमिका और अनुच्छेद 371 के विशेष उत्तरदायित्व हैं। विधेयकों का आरक्षण अनुच्छेद 200 से तय होता है: राज्य विधानमंडल से पारित विधेयक प्रस्तुत होने पर राज्यपाल अनुमति दे सकता है, रोक सकता है, लौटा सकता है या राष्ट्रपति के लिए आरक्षित कर सकता है। अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति ऐसे आरक्षित विधेयक पर निर्णय लेता है।
B और C गलत हैं क्योंकि कथन II असत्य है: राज्यपाल द्वारा आरक्षित न किए गए विधेयक को राष्ट्रपति स्वयं नहीं मँगा सकता। D गलत है क्योंकि कथन I सत्य है।
Exam tip: अनुच्छेद 163 = राज्यपाल का विवेक; अनुच्छेद 200 = राज्यपाल विधेयक आरक्षित करता है; अनुच्छेद 201 = राष्ट्रपति उस पर निर्णय करता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान के अनुच्छेद 371 में निम्नलिखित में से किस राज्य का उल्लेख नहीं है?
- A.महाराष्ट्र
- B.मध्य प्रदेश
- C.गुजरात
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371 और उसके उप-अनुच्छेद कई राज्यों के लिए विशेष प्रावधान करते हैं, पर मध्य प्रदेश उनमें शामिल नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. केवल संसद ही पंचायतों को शक्तियां और अधिकार प्रदान कर सकती है।
2. राज्य आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं तैयार करने के लिए पंचायतों को शक्तियां सौंप सकता है।
3. राज्य आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की स्कीमों को लागू करने के लिए पंचायतों को शक्तियां सौंप सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1 और 3
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243G के अनुसार संसद नहीं, बल्कि राज्य का विधानमंडल कानून बनाकर पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं बनाने तथा स्कीमें लागू करने की शक्तियां दे सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसद की निम्नलिखित में से किस समिति में राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता?
- A.लोक लेखा समिति
- B.सार्वजनिक उपक्रम समिति
- C.प्राक्कलन समिति
- D.वित्त संबंधी विभाग-संबद्ध स्थायी समिति (DRSC)
उत्तर देखें
प्राक्कलन समिति के सभी 30 सदस्य लोकसभा अपने ही सदस्यों में से चुनती है; इसमें राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची में दिए गए हैं।
2. भारत की कुछ जनजातियाँ कुछ आय पर आयकर के भुगतान से छूट की हकदार हैं।
3. भारत का संविधान पंचायतों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है?
- A.दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 शामिल है।
- B.दो कथन सही हैं, जो कथन 1 और 3 हैं।
- C.केवल एक कथन सही है।
- D.तीनों कथन सही हैं।
उत्तर देखें
कथन 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 1 पाँचवीं और छठी अनुसूची को आपस में मिला देता है। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244(2) और 275(1)) के तहत होता है, जो स्वायत्त ज़िला परिषदें बनाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकतंत्र का श्रेष्ठ गुण इस तथ्य में निहित है कि वह किसे सक्रिय करता है?
- A.सामान्य स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को।
- B.कार्यपालिका नेतृत्व को मज़बूत करने के तरीकों को।
- C.गतिशीलता और दूरदृष्टि वाले एक श्रेष्ठ व्यक्ति को।
- D.समर्पित दलीय कार्यकर्ताओं के एक समूह को।
उत्तर देखें
लोकतंत्र इस विचार पर टिका है कि साधारण नागरिक सार्वजनिक मामलों को परखने और अपनी सरकार में भाग लेने में सक्षम हैं।
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