संसद की निम्नलिखित में से किस समिति में राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता?
- A.लोक लेखा समिति
- B.सार्वजनिक उपक्रम समिति
- C.प्राक्कलन समिति
- D.वित्त संबंधी विभाग-संबद्ध स्थायी समिति (DRSC)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, प्राक्कलन समिति। प्राक्कलन समिति के सभी 30 सदस्य लोकसभा अपने ही सदस्यों में से चुनती है; इसमें राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता।
प्राक्कलन समिति बजट अनुमानों की जांच करती है और खर्च में किफ़ायत तथा प्रशासन में सुधार के सुझाव देती है, इसलिए इसे 'सतत मितव्ययिता समिति' कहा जाता है। इसका पहला रूप 1950 में तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई की सलाह पर बना। सदस्य हर वर्ष एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाते हैं और कोई मंत्री इसका सदस्य नहीं हो सकता। इसके अध्यक्ष को लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) सदस्यों में से नियुक्त करते हैं।
विकल्प A गलत है, क्योंकि लोक लेखा समिति में 22 सदस्य होते हैं: 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से। विकल्प B गलत है, क्योंकि सार्वजनिक उपक्रम समिति की बनावट भी 15 और 7 की है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वित्त सहित हर विभाग-संबद्ध स्थायी समिति में 31 सदस्य होते हैं: 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से।
परीक्षा टिप: प्राक्कलन समिति 30, सभी लोकसभा से; लोक लेखा और सार्वजनिक उपक्रम समिति 22-22 (15 + 7)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान के अनुच्छेद 371 में निम्नलिखित में से किस राज्य का उल्लेख नहीं है?
- A.महाराष्ट्र
- B.मध्य प्रदेश
- C.गुजरात
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371 और उसके उप-अनुच्छेद कई राज्यों के लिए विशेष प्रावधान करते हैं, पर मध्य प्रदेश उनमें शामिल नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. केवल संसद ही पंचायतों को शक्तियां और अधिकार प्रदान कर सकती है।
2. राज्य आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं तैयार करने के लिए पंचायतों को शक्तियां सौंप सकता है।
3. राज्य आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की स्कीमों को लागू करने के लिए पंचायतों को शक्तियां सौंप सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1 और 3
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243G के अनुसार संसद नहीं, बल्कि राज्य का विधानमंडल कानून बनाकर पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं बनाने तथा स्कीमें लागू करने की शक्तियां दे सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची में दिए गए हैं।
2. भारत की कुछ जनजातियाँ कुछ आय पर आयकर के भुगतान से छूट की हकदार हैं।
3. भारत का संविधान पंचायतों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है?
- A.दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 शामिल है।
- B.दो कथन सही हैं, जो कथन 1 और 3 हैं।
- C.केवल एक कथन सही है।
- D.तीनों कथन सही हैं।
उत्तर देखें
कथन 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 1 पाँचवीं और छठी अनुसूची को आपस में मिला देता है। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244(2) और 275(1)) के तहत होता है, जो स्वायत्त ज़िला परिषदें बनाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकतंत्र का श्रेष्ठ गुण इस तथ्य में निहित है कि वह किसे सक्रिय करता है?
- A.सामान्य स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को।
- B.कार्यपालिका नेतृत्व को मज़बूत करने के तरीकों को।
- C.गतिशीलता और दूरदृष्टि वाले एक श्रेष्ठ व्यक्ति को।
- D.समर्पित दलीय कार्यकर्ताओं के एक समूह को।
उत्तर देखें
लोकतंत्र इस विचार पर टिका है कि साधारण नागरिक सार्वजनिक मामलों को परखने और अपनी सरकार में भाग लेने में सक्षम हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. किसी राज्य के राज्यपाल के विरुद्ध उसकी पदावधि के दौरान किसी न्यायालय में कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी।
2. किसी राज्य के राज्यपाल की उपलब्धियाँ और भत्ते उसकी पदावधि के दौरान कम नहीं किए जाएँगे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
अनुच्छेद 361 पदावधि के दौरान राज्यपाल को आपराधिक कार्यवाही से बचाता है, और अनुच्छेद 158 इस दौरान उसके वेतन में कटौती से संरक्षण देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →