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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: संघ और राज्य लोक सेवा आयोग

  • 12 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "संघ और राज्य लोक सेवा आयोग" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 4 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Services GS Official Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिकारी को हटाने में संसद की कोई भूमिका नहीं होती है?

1. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
2. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश
3. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
4. भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 3 और 4
  3. C.केवल 1, 2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केवल 3

व्याख्या

सही उत्तर D, केवल 3 है। संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को अनुच्छेद 317 के अंतर्गत राष्ट्रपति हटाते हैं, और कदाचार के आधार पर तभी जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच करके उसे हटाने की सिफारिश करे। इस पूरी प्रक्रिया में किसी सदन के संकल्प की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए संसद की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प 1 और 2 में दिए उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश दोनों सदनों के विशेष बहुमत से पारित समावेदन के बाद ही राष्ट्रपति द्वारा हटाए जाते हैं, इसलिए वहां संसद केंद्रीय है। विकल्प 4 में दिए नियंत्रक महालेखापरीक्षक को भी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की ही रीति से हटाया जाता है, जिसमें दोनों सदनों का समावेदन आवश्यक है। इसलिए A, B और C गलत हैं क्योंकि उनमें से प्रत्येक या तो आयोग अध्यक्ष को छोड़ देता है या न्यायाधीशों तथा महालेखापरीक्षक को गलत ढंग से जोड़ देता है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 01 Feb 2023, Shift 3आसान

संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों का कार्यकाल होता है:

  1. A.6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो
  2. B.6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु
  3. C.5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
  4. D.4 वर्ष या 62 वर्ष की आयु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो

व्याख्या

सही उत्तर A, छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो है। अनुच्छेद 316(2) कहता है कि संघ लोक सेवा आयोग का सदस्य पद ग्रहण की तारीख से छह वर्ष की अवधि तक, या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, इनमें से जो पहले हो, पद धारण करता है। विकल्प B में कार्यकाल सही है पर आयु गलत है: 62 वर्ष की सीमा राज्य लोक सेवा आयोग या संयुक्त लोक सेवा आयोग के सदस्य पर लागू होती है, और इन दोनों को मिला देना ही इस प्रश्न में सबसे आम भूल है। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्यकाल पांच वर्ष नहीं बल्कि छह वर्ष है। विकल्प D दोनों दृष्टि से गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 316 में न चार वर्ष का कार्यकाल आता है और न चार वर्ष के साथ 62 वर्ष का यह मेल।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct 2021मध्यम

उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार किसके द्वारा किया जा सकता है?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल

व्याख्या

सही उत्तर D, उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल है। अनुच्छेद 321 लोक सेवा आयोग को अतिरिक्त कार्य सौंपने की अनुमति देता है और दोनों प्रकार के आयोगों के लिए अलग अलग प्राधिकारी बताता है: संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार संसद कर सकती है, जबकि किसी राज्य के लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार उस राज्य का विधानमंडल करता है। इसलिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कार्य उत्तर प्रदेश विधानमंडल के अधिनियम से बढ़ाए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि संविधान प्रधानमंत्री को ऐसी कोई शक्ति नहीं देता। विकल्प B गलत है क्योंकि कोई केंद्रीय मंत्रालय राज्य आयोग के लिए विधि नहीं बना सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रपति नियुक्ति, निष्कासन और सेवा शर्तों से जुड़े हैं, पर कार्यों का विस्तार अनुच्छेद 321 के अंतर्गत विधायी कार्य है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct 2021मध्यम

राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य को हटाया जा सकता है:

  1. A.विधान सभा में महाभियोग के आधार पर राज्यपाल द्वारा
  2. B.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
  3. C.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा
  4. D.उच्च न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर C, उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा है। अनुच्छेद 317(1) उपबंध करता है कि लोक सेवा आयोग, चाहे संघ का हो या किसी राज्य का, के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को कदाचार के आधार पर केवल राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जाएगा, और वह भी तब जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच करके यह प्रतिवेदन दे कि उसे हटाया जाना चाहिए। विकल्प A, B और D तीनों यह शक्ति राज्यपाल को देते हैं, जो इस प्रश्न का सामान्य जाल है: राज्यपाल राज्य आयोग के सदस्य की नियुक्ति करते हैं और जांच लंबित रहते उसे निलंबित कर सकते हैं, पर हटा नहीं सकते। इस पद के लिए विधान सभा में महाभियोग की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए A दोहरी दृष्टि से गलत है, और D उच्चतम न्यायालय के स्थान पर उच्च न्यायालय रखकर गलत हो जाता है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों का उपबंध करता है?

  1. A.अनुच्छेद 312
  2. B.अनुच्छेद 315
  3. C.अनुच्छेद 320
  4. D.अनुच्छेद 324
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 315

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 315 है। यह लोक सेवा आयोगों वाले समूह का पहला अनुच्छेद है और कहता है कि संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा, तथा यह भी कि दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद उनके लिए संयुक्त आयोग बना सकती है। विकल्प A यानी अनुच्छेद 312 राज्य सभा के संकल्प पर संसद द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन से संबंधित है, जो पूरी तरह अलग विषय है। विकल्प C यानी अनुच्छेद 320 आयोगों के कार्य बताता है, जैसे परीक्षाएं आयोजित करना और भर्ती तथा अनुशासनिक मामलों पर परामर्श देना, पर वह उनका गठन नहीं करता। विकल्प D यानी अनुच्छेद 324 भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना करता है और लोक सेवा आयोगों से उसका कोई संबंध नहीं है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संघ लोक सेवा आयोग का व्यय, जिसमें उसके कर्मचारियों के वेतन और पेंशन शामिल हैं:

  1. A.प्रत्येक वर्ष लोक सभा द्वारा मतदान से स्वीकृत होता है
  2. B.भारत की संचित निधि पर भारित होता है
  3. C.भारत की आकस्मिकता निधि से पूरा किया जाता है
  4. D.संघ और राज्यों के बीच बांटा जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत की संचित निधि पर भारित होता है

व्याख्या

सही उत्तर B, भारत की संचित निधि पर भारित होता है। अनुच्छेद 322 संघ लोक सेवा आयोग के व्यय को, जिसमें उसके सदस्यों और कर्मचारियों के वेतन, भत्ते तथा पेंशन भी शामिल हैं, भारत की संचित निधि पर भारित व्यय बनाता है। भारित व्यय पर संसद में चर्चा हो सकती है पर मतदान नहीं होता, जिससे विधानमंडल आयोग का बजट घटाकर उस पर दबाव नहीं बना सकता और यही उसकी स्वतंत्रता की एक गारंटी है। इसलिए विकल्प A गलत है, क्योंकि मतदान से बचाना ही अनुच्छेद 322 का उद्देश्य है। विकल्प C गलत है क्योंकि आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति के पास अग्रदाय के रूप में अप्रत्याशित व्यय के लिए रखी जाती है, किसी संवैधानिक निकाय का स्थायी स्रोत नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि राज्य आयोग का व्यय उस राज्य की संचित निधि पर और संघ आयोग का व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होता है, बंटवारा नहीं होता।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 323 के अंतर्गत राज्य लोक सेवा आयोग अपने कार्य का वार्षिक प्रतिवेदन किसे प्रस्तुत करता है?

  1. A.राष्ट्रपति को, जो उसे संसद के समक्ष रखवाते हैं
  2. B.राज्य के मुख्यमंत्री को
  3. C.राज्यपाल को, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं
  4. D.संघ लोक सेवा आयोग को
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्यपाल को, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं

व्याख्या

सही उत्तर C, राज्यपाल को, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं है। अनुच्छेद 323(2) राज्य आयोग से अपेक्षा करता है कि वह अपने किए गए कार्य का वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल को प्रस्तुत करे, और राज्यपाल उसे उस ज्ञापन के साथ राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं जिसमें, यदि कोई हो, आयोग का परामर्श स्वीकार न करने के मामले और उसके कारण बताए जाते हैं। विकल्प A संघ लोक सेवा आयोग की व्यवस्था बताता है, जिसका प्रतिवेदन राष्ट्रपति के पास और फिर संसद में जाता है, इसलिए वह प्रचलित भ्रमजाल है। विकल्प B गलत है क्योंकि यह प्रतिवेदन मंत्रिपरिषद के प्रमुख को नहीं बल्कि राज्य के प्रमुख को संवैधानिक रूप से प्रस्तुत किया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि राज्य आयोग संघ आयोग से स्वतंत्र हैं और उसे प्रतिवेदन नहीं देते।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राज्य लोक सेवा आयोग का सदस्य छह वर्ष तक या कितनी आयु पूरी होने तक पद धारण करता है?

  1. A.60 वर्ष
  2. B.62 वर्ष
  3. C.65 वर्ष
  4. D.70 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 62 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर B, 62 वर्ष है। अनुच्छेद 316(2) प्रत्येक लोक सेवा आयोग के लिए छह वर्ष का कार्यकाल तय करता है पर सेवानिवृत्ति की दो अलग आयु बताता है: संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के लिए 65 वर्ष और राज्य आयोग या संयुक्त आयोग के सदस्य के लिए 62 वर्ष, और दोनों में से जो घटना पहले हो वही कार्यकाल समाप्त करती है। विकल्प A यानी 60 वर्ष कई सरकारी सेवकों की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु है और इसी कारण भ्रमित करने के लिए रखा गया है। विकल्प C यानी 65 वर्ष संघ आयोग के लिए सही है और यहां सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, इसलिए प्रश्न ध्यान से पढ़कर देखें कि किस आयोग के बारे में पूछा गया है। विकल्प D यानी 70 वर्ष किसी लोक सेवा आयोग की आयु सीमा नहीं है; यह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के लिए तय आयु है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 320 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन संघ लोक सेवा आयोग का कार्य नहीं है?

  1. A.संघ की सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करना
  2. B.पदोन्नति और स्थानांतरण के सिद्धांतों पर परामर्श देना
  3. C.चयनित उम्मीदवारों की सेवा में अंतिम नियुक्ति करना
  4. D.सिविल सेवक से जुड़े अनुशासनिक मामलों पर परामर्श देना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चयनित उम्मीदवारों की सेवा में अंतिम नियुक्ति करना

व्याख्या

सही उत्तर C, चयनित उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति करना है। आयोग संस्तुति करता है; नियुक्ति का आदेश सरकार का नियुक्ति प्राधिकारी निकालता है। अनुच्छेद 320 आयोग को संघ और राज्यों की सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करने का कर्तव्य देता है, जिससे विकल्प A उसका कार्य सिद्ध होता है, और यह अपेक्षा करता है कि भर्ती की रीतियों तथा नियुक्ति, पदोन्नति और स्थानांतरण में अपनाए जाने वाले सिद्धांतों पर उससे परामर्श किया जाए, जिससे विकल्प B भी उसका कार्य है। सिविल हैसियत में सेवा करने वाले व्यक्ति से संबंधित सभी अनुशासनिक मामलों पर भी परामर्श आवश्यक है, जिससे विकल्प D भी उसका कार्य है। चूंकि आयोग की भूमिका परामर्श पर समाप्त हो जाती है और वह परामर्श सरकार पर बाध्यकारी भी नहीं है, इसलिए विकल्प C ऐसी शक्ति बताता है जो उसके पास नहीं है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग की स्थापना कौन कर सकता है?

  1. A.केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति
  2. B.उन राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद, विधि द्वारा
  3. C.संबंधित राज्यों के राज्यपाल मिलकर
  4. D.संघ लोक सेवा आयोग विनियम द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उन राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद, विधि द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर B, संबंधित राज्यों के विधानमंडलों के अनुरोध पर संसद के अधिनियम द्वारा है। अनुच्छेद 315(2) कहता है कि यदि दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल इस आशय के संकल्प पारित करें तो संसद विधि द्वारा उन राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग की नियुक्ति का उपबंध कर सकती है। ऐसे आयोग के अध्यक्ष और सदस्य राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं और वह प्रत्येक संबंधित राज्य के राज्यपाल को वार्षिक प्रतिवेदन देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पहल राज्य विधानमंडलों से आनी चाहिए और साधन संसद की विधि होनी चाहिए, कार्यपालिका का आदेश नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि राज्यपालों को कोई संवैधानिक निकाय बनाने की शक्ति नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि संघ आयोग दूसरा आयोग नहीं बना सकता, और अनुच्छेद 315(4) केवल यह कहता है कि राज्यपाल के अनुरोध तथा राष्ट्रपति के अनुमोदन पर वह उस राज्य की आवश्यकताएं पूरी कर सकता है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारत का पहला लोक सेवा आयोग 1926 में किस निकाय की सिफारिश पर स्थापित किया गया था?

  1. A.इस्लिंग्टन आयोग
  2. B.ली आयोग
  3. C.साइमन आयोग
  4. D.सप्रू समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ली आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, ली आयोग है। लॉर्ड ली ऑफ फेयरहैम की अध्यक्षता में भारत की उच्चतर सिविल सेवाओं पर बने शाही आयोग ने 1924 में प्रतिवेदन देकर एक सांविधिक लोक सेवा आयोग की सिफारिश की, और उसी के अनुसार भारत शासन अधिनियम 1919 के अंतर्गत 1 अक्टूबर 1926 को भारत का पहला लोक सेवा आयोग स्थापित हुआ। भारत शासन अधिनियम 1935 के अंतर्गत वह संघीय लोक सेवा आयोग बना और 26 जनवरी 1950 को संघ लोक सेवा आयोग। विकल्प A गलत है क्योंकि 1912 से 1915 के इस्लिंग्टन आयोग ने लोक सेवाओं की जांच की पर आयोग की स्थापना नहीं कराई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1928 का साइमन आयोग संवैधानिक सुधारों की जांच के लिए था। विकल्प D गलत है क्योंकि सप्रू समिति बाद के एक भिन्न संवैधानिक विमर्श से जुड़ी है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

कौन सा अनुच्छेद संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को पद छोड़ने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य के अधीन आगे नौकरी करने से रोकता है?

  1. A.अनुच्छेद 317
  2. B.अनुच्छेद 318
  3. C.अनुच्छेद 319
  4. D.अनुच्छेद 322
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 319

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 319 है। यह अनुच्छेद सदस्य न रहने पर कुछ पद धारण करने का प्रतिषेध करता है, और उसका पहला खंड सेवानिवृत्त होने वाले संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन आगे किसी भी नौकरी के लिए अपात्र बनाता है। इसी अनुच्छेद में संघ आयोग का अध्यक्ष से भिन्न सदस्य संघ आयोग या किसी राज्य आयोग का अध्यक्ष बन सकता है, इससे अधिक कुछ नहीं, और राज्य आयोग का अध्यक्ष संघ आयोग का अध्यक्ष या सदस्य अथवा किसी अन्य राज्य आयोग का अध्यक्ष बन सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 317 निष्कासन और निलंबन से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 318 राष्ट्रपति या राज्यपाल को सदस्यों की संख्या और सेवा शर्तों पर विनियम बनाने की शक्ति देता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 322 आयोग के व्यय को संचित निधि पर भारित करता है।

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