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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 6

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 6) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: संविधान का निर्माण, आपातकालीन प्रावधान, प्रस्तावना और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 अक्टूबर 2020, शिफ्ट 3आसान

भारत के संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.बी.आर. आंबेडकर
  2. B.के.एम. मुंशी
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहम्मद सादुल्ला
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बी.आर. आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर बी.आर. आंबेडकर है। प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ और डॉ. बी.आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे। समिति ने फरवरी 1948 में संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया और आंबेडकर ने सभा में धारा-दर-धारा बहस के दौरान इसे पारित कराया, इसीलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।

के.एम. मुंशी और मोहम्मद सादुल्ला इसी समिति के सदस्य थे, अध्यक्ष नहीं, इसलिए ये सबसे आकर्षक गलत उत्तर हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रारूप समिति में नहीं थे; वे प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और जनजातीय तथा अपवर्जित क्षेत्रों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। सातों सदस्यों की सूची भी याद करें, क्योंकि अक्सर पूछा जाता है कि कौन सदस्य नहीं था: आंबेडकर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, के.एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव और टी.टी. कृष्णमाचारी।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 2)मध्यम

भारत के संविधान के __________ के तहत वित्तीय आपातकाल घोषित किया जा सकता है।

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 359
  3. C.अनुच्छेद 360
  4. D.अनुच्छेद 352
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 360

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 360। अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, जब भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। ऐसी उद्घोषणा को दो महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी चाहिए, उसके बाद यह रद्द होने तक अनिश्चित काल चलती है; इसकी कोई अधिकतम अवधि नहीं है। इस दौरान केंद्र राज्यों को वित्तीय औचित्य के नियम मानने का निर्देश दे सकता है और सरकारी कर्मचारियों, यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन घटाए जा सकते हैं। भारत में वित्तीय आपातकाल आज तक कभी घोषित नहीं हुआ, हालाँकि 1991 के संकट में इस पर चर्चा हुई थी। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 352 युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह पर राष्ट्रीय आपातकाल है, जो 1962, 1971 और 1975 में लगा। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है, जो राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल होने पर लगता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 359 केवल राष्ट्रीय आपातकाल में मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करता है। परीक्षा टिप: 352 राष्ट्रीय, 356 राज्य, 360 वित्तीय; केवल 360 कभी प्रयोग नहीं हुआ।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 11 नवंबर 2022, शिफ्ट 3आसान

स्वतंत्रता, समता और बंधुता के सिद्धांत किस देश के संविधान से लिए गए हैं?

  1. A.यूनाइटेड किंगडम
  2. B.फ्रांस
  3. C.कनाडा
  4. D.आयरलैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर फ्रांस है। प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श फ्रांस से लिए गए, जहां ये फ्रांसीसी क्रांति के मूल नारे थे। गणराज्य का विचार भी फ्रांस से ही आया है।

बाकी विकल्पों से भारत ने दूसरे प्रावधान लिए। यूनाइटेड किंगडम संसदीय शासन, विधि के शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली और एकल नागरिकता का स्रोत है। कनाडा से सशक्त केंद्र वाले संघ और केंद्र के पास अवशिष्ट शक्तियों का विचार लिया गया। आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व और राष्ट्रपति के चुनाव की पद्धति ली गई। प्रस्तावना के चौथे उद्देश्य, न्याय, का स्रोत अलग है: रूसी क्रांति। इस तरह चार उद्देश्यों में से तीन (स्वतंत्रता, समता और बंधुता) फ्रांस से और एक (न्याय) पूर्व सोवियत संघ से जुड़ता है, और परीक्षक यह बंटवारा परखना पसंद करते हैं।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 4 Oct 2023, Shift 3मध्यम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 361 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन अपने पद की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग और पालन के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं होगा?

  1. A.मुख्यमंत्री
  2. B.सचिव
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.राज्यपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, राज्यपाल। अनुच्छेद 361 यह व्यक्तिगत उन्मुक्ति केवल दो पदों को देता है: भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपाल। पद पर रहते हुए उनके विरुद्ध कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं की जा सकती, और कोई न्यायालय उनकी गिरफ्तारी या कारावास का आदेश नहीं दे सकता। उनके निजी कार्यों पर दीवानी मुकदमा दो महीने की लिखित सूचना देने के बाद ही दायर किया जा सकता है। कारण यह है कि दोनों औपचारिक प्रमुख हैं जो मंत्रियों की सलाह पर काम करते हैं, इसलिए निर्णयों का उत्तर मंत्री देते हैं। A गलत है क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य सरकार का प्रमुख है और आम नागरिक की तरह उस पर मुकदमा चल सकता है; अनुच्छेद 361 उसे कोई संरक्षण नहीं देता। B गलत है क्योंकि सचिव एक लोक सेवक है, जिसके सरकारी आदेशों को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। C गलत है क्योंकि केंद्र की वास्तविक कार्यपालिका के प्रमुख प्रधानमंत्री को भी ऐसी कोई उन्मुक्ति नहीं है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 361 केवल राष्ट्रपति और राज्यपालों की रक्षा करता है; प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 13 मार्च 2023, शिफ्ट 4मध्यम

निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन अधिनियम ने भारतीय संविधान में शिक्षा का अधिकार जोड़ा?

  1. A.85वां
  2. B.88वां
  3. C.87वां
  4. D.86वां
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 86वां

व्याख्या

सही उत्तर 86वां है। 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 ने अनुच्छेद 21A जोड़कर शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया, जिसके तहत राज्य छह से चौदह वर्ष के सभी बच्चों को, कानून द्वारा तय तरीके से, निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देगा। वह कानून निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 है, जो 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।

इसी संशोधन ने दो और बदलाव किए, और दोनों परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसने नीति निदेशक तत्व अनुच्छेद 45 को बदला, जो अब राज्य से छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था करने को कहता है। और इसने एक मौलिक कर्तव्य, अनुच्छेद 51A(ट), जोड़ा, जिसके तहत माता-पिता या संरक्षक छह से चौदह वर्ष के अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर देंगे। इस तरह एक संशोधन ने संविधान के तीन भागों को छुआ: मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्य। 85वां, 87वां और 88वां पास की संख्याएं हैं जो भ्रम के लिए रखी गई हैं; उदाहरण के लिए 85वां संशोधन अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए पदोन्नति में परिणामी वरिष्ठता से जुड़ा था।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 2मध्यम

भारत में किसी राज्य की विधान परिषद के एक-छठे सदस्यों को निम्नलिखित में से कौन मनोनीत करता है?

  1. A.राज्य निर्वाचन आयुक्त
  2. B.राष्ट्रपति
  3. C.राज्यपाल
  4. D.मुख्यमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है C, राज्यपाल। अनुच्छेद 171 के तहत राज्य विधान परिषद के कुल सदस्यों में से एक-छठे सदस्य राज्यपाल मनोनीत करता है। ये वे लोग होते हैं जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन या समाज सेवा का विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो। बाकी सदस्य चुने जाते हैं: एक-तिहाई स्थानीय निकायों द्वारा, एक-तिहाई विधानसभा सदस्यों द्वारा, एक-बारहवां स्नातकों द्वारा और एक-बारहवां शिक्षकों द्वारा। परिषद की कुल सदस्य संख्या विधानसभा की एक-तिहाई से ज्यादा और 40 से कम नहीं हो सकती। A गलत है क्योंकि राज्य निर्वाचन आयुक्त पंचायत और नगरपालिका के चुनाव करवाता है, परिषद में मनोनयन नहीं करता। B गलत है क्योंकि राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत करता है, राज्य की परिषद में नहीं। D गलत है क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य सरकार का मुखिया है, पर संविधान मनोनयन की शक्ति राज्यपाल को देता है। परीक्षा टिप: विधान परिषद का सूत्र याद रखें, 1/3 स्थानीय निकाय, 1/3 विधायक, 1/12 स्नातक, 1/12 शिक्षक और 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा 2017कठिन

संविधान के 42वें संशोधन द्वारा नीति निदेशक तत्वों में निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धांत जोड़ा गया?

  1. A.पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन
  2. B.उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
  3. C.काम, शिक्षा और लोक सहायता का अधिकार
  4. D.श्रमिकों के लिए निर्वाह मजदूरी और मानवोचित कार्य दशाएं सुनिश्चित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी

व्याख्या

सही उत्तर उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी है। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने अनुच्छेद 43A जोड़ा, जो राज्य से उपयुक्त कानून बनाकर या किसी दूसरे तरीके से उपक्रमों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहता है। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 39A (निःशुल्क विधिक सहायता) और अनुच्छेद 48A (पर्यावरण) जोड़े, और बच्चों के स्वस्थ विकास से जुड़े अनुच्छेद 39(च) को बदला।

बाकी तीनों विकल्प ऐसे नीति निदेशक तत्व हैं जो 1950 में शुरुआत से संविधान में थे, और यही इस प्रश्न को कठिन बनाता है। पुरुषों और स्त्रियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन अनुच्छेद 39(घ) है। काम, शिक्षा, और बेरोज़गारी, बुढ़ापे, बीमारी तथा निःशक्तता में लोक सहायता का अधिकार अनुच्छेद 41 है। निर्वाह मजदूरी और मानवोचित कार्य दशाएं अनुच्छेद 43 और 42 हैं। सबसे तेज़ जांच अक्षर से होती है: बाद में जोड़े गए नीति निदेशक तत्वों की संख्या के बाद एक अक्षर है (39A, 43A, 43B, 48A), जबकि मूल तत्वों में नहीं।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 24 Oct 2021मध्यम

कौन-से संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया था?

  1. A.66वाँ संशोधन
  2. B.62वाँ संशोधन
  3. C.61वाँ संशोधन
  4. D.63वाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 61वाँ संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 61वाँ संशोधन। संविधान (61वाँ संशोधन) अधिनियम, 1988 ने अनुच्छेद 326 में बदलाव किया, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर कराने का प्रावधान करता है, और मतदान की न्यूनतम आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी। यह प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय पारित हुआ और मार्च 1989 से लागू हुआ, इसलिए 1989 का लोकसभा चुनाव पहला चुनाव था जिसमें 18 वर्ष के युवाओं ने वोट डाला। इसका उद्देश्य देश की बड़ी युवा आबादी को सरकार चुनने में आवाज़ देना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 66वें संशोधन (1990) ने भूमि सुधार से जुड़े और क़ानूनों को नौवीं अनुसूची में जोड़ा। विकल्प B गलत है, क्योंकि 62वें संशोधन (1989) ने विधायिकाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण को दस वर्ष और बढ़ाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 63वें संशोधन (1989) ने 59वें संशोधन द्वारा पंजाब के लिए जोड़े गए विशेष आपात प्रावधान हटाए। परीक्षा टिप: 61वाँ संशोधन, 1988, अनुच्छेद 326, मतदान आयु 21 से 18।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

धन विधेयक पारित करने में राज्यसभा की शक्तियाँ सीमित हैं, क्योंकि उसे विधेयक सिफारिश के साथ या बिना सिफारिश के कितने निर्धारित समय में लौटाना होता है?

  1. A.12 दिन
  2. B.21 दिन
  3. C.14 दिन
  4. D.30 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 14 दिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 14 दिन। अनुच्छेद 109 के तहत धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश हो सकता है, और वहाँ पारित होने के बाद राज्यसभा को भेजा जाता है, जो उसे न अस्वीकार कर सकती है न संशोधित। राज्यसभा को चौदह दिन के भीतर विधेयक सिफारिशों के साथ या बिना लौटाना होता है; लोकसभा उन सिफारिशों को मान भी सकती है और ठुकरा भी सकती है, और यदि चौदह दिन में विधेयक नहीं लौटा तो वह दोनों सदनों से उसी रूप में पारित माना जाता है जिसमें लोकसभा ने पारित किया था। कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, यह अनुच्छेद 110 के तहत लोकसभा अध्यक्ष तय करते हैं और उनका प्रमाणपत्र अंतिम होता है। राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए नहीं लौटा सकते। A, 12 दिन, B, 21 दिन और D, 30 दिन, संविधान में धन विधेयक के लिए कहीं तय नहीं हैं; 14 दिन की सीमा ही एकमात्र है, और राज्य स्तर पर विधान परिषद के लिए अनुच्छेद 198 में भी यही 14 दिन हैं। परीक्षा टिप: धन विधेयक: अनुच्छेद 110 परिभाषा, अनुच्छेद 109 में राज्यसभा को 14 दिन, अध्यक्ष का निर्णय अंतिम।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2024, Shift 3मध्यम

भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद नागरिकता के विषय पर कानून बनाने की पूर्ण शक्ति संसद को देता है?

  1. A.अनुच्छेद 11
  2. B.अनुच्छेद 5
  3. C.अनुच्छेद 8
  4. D.अनुच्छेद 6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 11

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 11। संविधान का भाग II, अनुच्छेद 5 से 11, नागरिकता से संबंधित है। अनुच्छेद 5 से 10 ने सिर्फ यह तय किया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होते समय कौन नागरिक था; अनुच्छेद 11 यह पूरा विषय संसद को सौंप देता है और नागरिकता के अर्जन व समाप्ति पर कोई भी कानून बनाने की पूरी शक्ति देता है। इसी शक्ति से संसद ने नागरिकता अधिनियम 1955 बनाया, जिसमें नागरिकता पाने के पाँच तरीके हैं: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और क्षेत्र का विलय। भारत में एकल नागरिकता है और नागरिकता संघ सूची (प्रविष्टि 17) का विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 5 संविधान लागू होने के समय अधिवास के आधार पर नागरिकता बताता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 8 भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के बारे में है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से आए प्रवासियों के बारे में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 5 से 10 = 1950 में कौन नागरिक था, अनुच्छेद 11 = संसद की शक्ति, नागरिकता अधिनियम = 1955।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 22 Dec 2024मध्यम

बलवंत राय मेहता समिति द्वारा अनुशंसित त्रि-स्तरीय पंचायती राज में निम्नलिखित में से कौन-सा एक स्तर नहीं है?

  1. A.ग्राम पंचायत
  2. B.पंचायत समिति
  3. C.न्याय पंचायत
  4. D.जिला पंचायत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्याय पंचायत

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्याय पंचायत। न्याय पंचायत गाँव स्तर की अदालत है, जो छोटे दीवानी और फ़ौजदारी विवाद निपटाती है; यह कुछ राज्यों द्वारा बनाई गई न्यायिक संस्था है, स्थानीय स्वशासन का कोई स्तर नहीं। बलवंत राय मेहता समिति 1957 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम की समीक्षा के लिए बनी थी और उसने ‘लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण’ के लिए आपस में जुड़े तीन स्तरों की सिफ़ारिश की। समिति चाहती थी कि प्रखंड स्तर की संस्था मुख्य कार्यकारी निकाय हो और ज़िला स्तर की संस्था मार्गदर्शन व निगरानी करे। राजस्थान ने सबसे पहले 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में यह व्यवस्था अपनाई, उसके तुरंत बाद आंध्र प्रदेश ने। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्राम पंचायत गाँव स्तर का पहला स्तर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पंचायत समिति प्रखंड (ब्लॉक) स्तर का बीच का स्तर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जिला पंचायत, जिसे ज़िला परिषद भी कहते हैं, ज़िला स्तर का सबसे ऊपरी स्तर है। परीक्षा टिप: बलवंत राय मेहता 1957, तीन स्तर, नागौर 1959; 1977 की अशोक मेहता समिति ने दो स्तरों की सिफ़ारिश की।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 26 Aug 2022, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान की कौन-सी अनुसूची प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से राज्य सभा (राज्यों की परिषद) में सीटों की संख्या बताती है?

  1. A.पहली अनुसूची
  2. B.चौथी अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.दूसरी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चौथी अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, चौथी अनुसूची। चौथी अनुसूची राज्य सभा यानी राज्यों की परिषद की सीटों का बँटवारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच करती है। सबसे अधिक 31 सीटें उत्तर प्रदेश को मिलती हैं, फिर महाराष्ट्र को 19 और तमिलनाडु को 18, जबकि गोवा, सिक्किम और मिज़ोरम जैसे छोटे राज्यों को एक-एक सीट मिलती है। अनुच्छेद 80 सदन की अधिकतम संख्या 250 तय करता है, जिनमें 12 सदस्य साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा में योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं। सदस्य राज्य विधानसभाओं द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाते हैं, कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। A गलत है क्योंकि पहली अनुसूची राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा उनके क्षेत्रों की सूची देती है। C गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप हैं। D गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों और अन्य पदाधिकारियों के वेतन-भत्ते बताती है। परीक्षा टिप: अनुसूची 1 = राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, अनुसूची 2 = वेतन, अनुसूची 3 = शपथ, अनुसूची 4 = राज्य सभा की सीटें।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020मध्यम

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने “संविधान के आधारभूत ढाँचे” के सिद्धान्त को स्पष्ट किया

  1. A.गोलकनाथ वाद 1967 में
  2. B.केशवानन्द भारती वाद 1973 में
  3. C.शंकरी प्रसाद वाद 1951 में
  4. D.सज्जन सिंह वाद 1965 में
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केशवानन्द भारती वाद 1973 में

व्याख्या

सही उत्तर है B, केशवानन्द भारती वाद 1973 में। 24 अप्रैल 1973 को सुप्रीम कोर्ट की अब तक की सबसे बड़ी, 13 न्यायाधीशों की पीठ ने 7:6 के बहुमत से कहा कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, पर उसके आधारभूत ढाँचे को न बदल सकती है, न नष्ट कर सकती है। अदालत ने कोई बंद सूची नहीं दी; बाद के फ़ैसलों में संविधान की सर्वोच्चता, विधि का शासन, पंथनिरपेक्षता, संघवाद, शक्तियों का पृथक्करण और न्यायिक समीक्षा को इसका हिस्सा माना गया। यह मुक़दमा केरल के एक मठ के प्रमुख ने भूमि सुधार क़ानूनों के विरुद्ध दायर किया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोलकनाथ वाद (1967) में कहा गया था कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन कर ही नहीं सकती; केशवानन्द ने इसे पलट दिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि शंकरी प्रसाद वाद (1951) ने पहले संशोधन को सही ठहराते हुए मौलिक अधिकारों में संशोधन को संभव माना। विकल्प D गलत है, क्योंकि सज्जन सिंह वाद (1965) ने 17वें संशोधन को सही ठहराते हुए यही बात दोहराई। परीक्षा टिप: शंकरी प्रसाद 1951, सज्जन सिंह 1965, गोलकनाथ 1967, केशवानन्द 1973, मिनर्वा मिल्स 1980।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

"ऐसे उदात्त विचारों की कदर करना और अनुसरण करना जिन से स्वतंत्रता का हमारा राष्ट्रीय संघर्ष प्रेरित हुआ", भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अंश का उपबंध है?

  1. A.राज्य की नीति के निदेशक तत्व
  2. B.मूल कर्तव्य
  3. C.मूल अधिकार
  4. D.उद्देशिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मूल कर्तव्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल कर्तव्य। ये शब्द अनुच्छेद 51क के खंड (ख) के हैं, जिसमें हर नागरिक के कर्तव्य गिनाए गए हैं। मूल कर्तव्य 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भाग 4क के रूप में जोड़े गए और यह विचार पूर्व सोवियत संघ के संविधान से लिया गया। शुरू में दस कर्तव्य थे; 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने ग्यारहवाँ कर्तव्य जोड़ा, जिसमें माता-पिता को 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना है। खंड (क) संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के आदर की बात करता है और खंड (ख) इस प्रश्न वाली पंक्ति है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग 4 के निदेशक तत्व राज्य के लिए निर्देश हैं, नागरिकों के कर्तव्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग 3 के मूल अधिकार नागरिक अदालत में लागू करा सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उद्देशिका न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श बताती है, कर्तव्य नहीं गिनाती। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 51क, भाग 4क, 42वाँ संशोधन 1976, आज कुल ग्यारह कर्तव्य।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1आसान

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत हरियाणा को एक अलग राज्य के रूप में बनाया जा सका?

  1. A.अनुच्छेद 239
  2. B.अनुच्छेद 371
  3. C.अनुच्छेद 1
  4. D.अनुच्छेद 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 3। अनुच्छेद 3 संसद को साधारण कानून बनाकर किसी राज्य से क्षेत्र अलग करके नया राज्य बनाने, राज्यों को मिलाने और किसी राज्य का क्षेत्र, सीमा या नाम बदलने का अधिकार देता है। हरियाणा इसी तरह बना: शाह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संसद ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 पारित किया और 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अस्तित्व में आया, जबकि चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश और दोनों राज्यों की साझा राजधानी बनाया गया। अनुच्छेद 3 के तहत विधेयक केवल राष्ट्रपति की सिफ़ारिश पर पेश हो सकता है, और राष्ट्रपति उसे पहले संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास राय के लिए भेजते हैं, हालाँकि संसद उस राय को मानने के लिए बाध्य नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 239 केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 371 महाराष्ट्र और गुजरात के लिए विशेष प्रावधान, जैसे क्षेत्रीय विकास बोर्ड, देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 1 केवल यह घोषित करता है कि भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा। परीक्षा टिप: नए राज्य अनुच्छेद 3 के तहत साधारण बहुमत से बनते हैं; हरियाणा दिवस 1 नवंबर को है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025मध्यम

निम्नलिखित में से उस सही विकल्प को पहचानिए जो 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 74(1) में किए गए परिवर्तन को दर्शाता है।

  1. A.संघ की कार्यपालिका शक्ति भारत के राष्ट्रपति में निहित होगी।
  2. B.मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को देना प्रधानमंत्री का कर्तव्य है।
  3. C.राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करेगा।
  4. D.राष्ट्रपति को संसद के सदनों को आहूत करने या उनका सत्रावसान करने का अधिकार होगा।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करेगा।

व्याख्या

सही उत्तर है C, राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करेगा। 42वें संशोधन ने यह सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी बना दी। 1976 से पहले अनुच्छेद 74(1) केवल इतना कहता था कि राष्ट्रपति की सहायता और सलाह के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद होगी। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने जोड़ा कि राष्ट्रपति "ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा"। बाद में 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने राष्ट्रपति को सलाह एक बार पुनर्विचार के लिए लौटाने का अधिकार दिया, पर पुनर्विचार के बाद मिली सलाह माननी ही होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होने की बात अनुच्छेद 53 में है, जिसे 42वें संशोधन ने नहीं छुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति को जानकारी देते रहने का प्रधानमंत्री का कर्तव्य अनुच्छेद 78 में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सदनों को आहूत करना और सत्रावसान अनुच्छेद 85 का विषय है। परीक्षा टिप: 42वें संशोधन से सलाह बाध्यकारी हुई और 44वें संशोधन से एक बार पुनर्विचार का अवसर मिला।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018आसान

पिछड़ा वर्ग आयोग के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.जगजीवन राम
  2. B.काका साहेब कालेलकर
  3. C.बी. डी. शर्मा
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. काका साहेब कालेलकर

व्याख्या

सही उत्तर है B, काका साहेब कालेलकर। जनवरी 1953 में राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 340 के तहत पहला पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया, जिसके अध्यक्ष गांधीवादी लेखक काका कालेलकर थे। आयोग ने 1955 में अपनी रिपोर्ट दी, लेकिन केंद्र ने उसकी मुख्य सिफारिशें नहीं मानीं। दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग 1979 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी. पी. मंडल की अध्यक्षता में बना, और केंद्रीय नौकरियों में ओबीसी के लिए उसका 27 प्रतिशत आरक्षण 1990 में लागू हुआ। बाद में 2018 के 102वें संशोधन ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुच्छेद 338B के तहत संवैधानिक दर्जा दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिहार के ही जगजीवन राम दलित नेता और उप-प्रधानमंत्री थे, इस आयोग के अध्यक्ष नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बी. डी. शर्मा आदिवासी अधिकारों पर काम के लिए जाने जाने वाले आईएएस अधिकारी थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहले आयोग के अध्यक्ष केवल एक थे, कालेलकर। परीक्षा टिप: पहला आयोग कालेलकर 1953, दूसरा मंडल 1979, और एनसीबीसी को संवैधानिक दर्जा 2018 में।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्रतिषेध रिट (Writ of Prohibition) सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट द्वारा किसे जारी किया जाने वाला आदेश है?

  1. A.किसी सरकारी अधिकारी को, कोई विशेष कार्रवाई करने से रोकते हुए
  2. B.संसद/विधानसभा को, मद्यनिषेध पर कानून बनाने के लिए
  3. C.निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए
  4. D.सरकार को, किसी असंवैधानिक नीति पर चलने से रोकते हुए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए

व्याख्या

सही उत्तर है C, निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए। प्रतिषेध रिट ऊपरी अदालत किसी निचली अदालत या अधिकरण को जारी करती है, ताकि वह अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर न जाए। सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 32 और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं। प्रतिषेध निवारक है: यह मामला लंबित रहते ही जारी होता है और आगे की कार्यवाही रोक देता है। इसका साथी उत्प्रेषण (सर्टिओरारी) सुधारात्मक है, जो बिना अधिकार के दिया गया आदेश रद्द करता है। दोनों केवल न्यायिक और अर्ध-न्यायिक निकायों पर लागू होते हैं, विधायिका या निजी व्यक्ति पर नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी अधिकारियों को आदेश परमादेश से दिया जाता है, प्रतिषेध प्रशासनिक अधिकारियों को जारी नहीं होता। विकल्प B गलत है, क्योंकि कोई रिट विधायिका को कानून बनाने का आदेश नहीं दे सकती। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसी कोई रिट नहीं है; नीति की जाँच न्यायिक पुनर्विलोकन से होती है। परीक्षा टिप: प्रतिषेध मामला बीच में रोकता है, उत्प्रेषण आदेश बनने के बाद रद्द करता है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

भारत के सॉलिसिटर जनरल (SGI) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.SGI सरकार का मुख्य विधि सलाहकार नहीं है।
  2. B.SGI देश का द्वितीय विधि अधिकारी है।
  3. C.SGI का पद एक संवैधानिक पद है।
  4. D.SGI की नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति करती है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. SGI का पद एक संवैधानिक पद है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, SGI का पद एक संवैधानिक पद है। यही कथन गलत है, क्योंकि संविधान केवल महान्यायवादी (Attorney General) का पद बनाता है, सॉलिसिटर जनरल का नहीं। अनुच्छेद 76 में भारत के महान्यायवादी का प्रावधान है, जो सरकार का मुख्य विधि सलाहकार और देश का सबसे बड़ा विधि अधिकारी है। सॉलिसिटर जनरल दूसरे नंबर का विधि अधिकारी है, जो महान्यायवादी की सहायता करता है; यह पद विधि अधिकारी (सेवा शर्तें) नियम, 1987 पर टिका है, इसलिए गैर-संवैधानिक है। याद रखने लायक बात: अनुच्छेद 88 के तहत संसद के दोनों सदनों में बोलने का अधिकार केवल महान्यायवादी को है। A सही कथन है, क्योंकि मुख्य विधि सलाहकार महान्यायवादी है, SGI नहीं। B भी सही है, SGI महान्यायवादी के ठीक नीचे दूसरा विधि अधिकारी है। D भी सही है, SGI और अपर सॉलिसिटर जनरल की नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति करती है। परीक्षा टिप: महान्यायवादी, अनुच्छेद 76, संवैधानिक पद; सॉलिसिटर जनरल, कोई अनुच्छेद नहीं, गैर-संवैधानिक पद।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018आसान

राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  1. A.संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
  2. B.भारत के राष्ट्रपति
  3. C.राज्य के राज्यपाल
  4. D.मुख्यमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्य के राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है C, राज्य के राज्यपाल। अनुच्छेद 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और बाकी सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। लोक सेवा आयोगों से जुड़े प्रावधान संविधान के भाग XIV में, अनुच्छेद 315 से 323 तक हैं। राज्य आयोग का सदस्य छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, पद पर रहता है। परीक्षक यहाँ अक्सर हटाने वाला पेच पूछते हैं: नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, लेकिन हटा केवल राष्ट्रपति सकते हैं (अनुच्छेद 317); राज्यपाल सिर्फ सुप्रीम कोर्ट को मामला भेजे जाने तक सदस्य को निलंबित कर सकते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य आयोग के अध्यक्ष के चयन में यूपीएससी अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति यूपीएससी के अध्यक्ष को नियुक्त करते हैं, बीपीएससी या किसी राज्य आयोग के अध्यक्ष को नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुख्यमंत्री केवल सलाह देते हैं, औपचारिक नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। परीक्षा टिप: नियुक्ति राज्यपाल, हटाना राष्ट्रपति, कार्यकाल छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु।

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