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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यमपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने “संविधान के आधारभूत ढाँचे” के सिद्धान्त को स्पष्ट किया

  1. A.गोलकनाथ वाद 1967 में
  2. B.केशवानन्द भारती वाद 1973 में
  3. C.शंकरी प्रसाद वाद 1951 में
  4. D.सज्जन सिंह वाद 1965 में

सही उत्तर

B. केशवानन्द भारती वाद 1973 में

व्याख्या

सही उत्तर है B, केशवानन्द भारती वाद 1973 में। 24 अप्रैल 1973 को सुप्रीम कोर्ट की अब तक की सबसे बड़ी, 13 न्यायाधीशों की पीठ ने 7:6 के बहुमत से कहा कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, पर उसके आधारभूत ढाँचे को न बदल सकती है, न नष्ट कर सकती है। अदालत ने कोई बंद सूची नहीं दी; बाद के फ़ैसलों में संविधान की सर्वोच्चता, विधि का शासन, पंथनिरपेक्षता, संघवाद, शक्तियों का पृथक्करण और न्यायिक समीक्षा को इसका हिस्सा माना गया। यह मुक़दमा केरल के एक मठ के प्रमुख ने भूमि सुधार क़ानूनों के विरुद्ध दायर किया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोलकनाथ वाद (1967) में कहा गया था कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन कर ही नहीं सकती; केशवानन्द ने इसे पलट दिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि शंकरी प्रसाद वाद (1951) ने पहले संशोधन को सही ठहराते हुए मौलिक अधिकारों में संशोधन को संभव माना। विकल्प D गलत है, क्योंकि सज्जन सिंह वाद (1965) ने 17वें संशोधन को सही ठहराते हुए यही बात दोहराई। परीक्षा टिप: शंकरी प्रसाद 1951, सज्जन सिंह 1965, गोलकनाथ 1967, केशवानन्द 1973, मिनर्वा मिल्स 1980।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 14 Nov 2023, S2मध्यम

भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या भारत सरकार और किसी राज्य या राज्यों के बीच कोई भी विवाद भारत के सर्वोच्च न्यायालय के _______ क्षेत्राधिकार में आता है।

  1. A.सलाहकारी
  2. B.अपीलीय
  3. C.अनन्य मूल
  4. D.रिट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनन्य मूल

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनन्य मूल। अनुच्छेद 131 के तहत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या राज्यों के आपसी विवाद केवल सर्वोच्च न्यायालय ही सुन सकता है, कोई दूसरी अदालत नहीं। ऐसा मामला सीधे सर्वोच्च न्यायालय में शुरू होता है, इसलिए इसे मूल क्षेत्राधिकार कहते हैं, और चूँकि कोई उच्च न्यायालय इसे नहीं सुन सकता, इसलिए यह अनन्य है। विवाद किसी कानूनी अधिकार से जुड़ा होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक झगड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 143 के तहत सलाहकारी क्षेत्राधिकार में राष्ट्रपति किसी कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न पर न्यायालय की राय माँगते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 132 से 134 के तहत अपीलीय क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपीलों से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 32 के तहत रिट क्षेत्राधिकार मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है, और यह शक्ति अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों के पास भी है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 131 मूल, अनुच्छेद 132–134 अपीलीय, अनुच्छेद 143 सलाहकारी, अनुच्छेद 32 रिट क्षेत्राधिकार।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 02 Dec 2023, S2मध्यम

2011 के 97वें संविधान संशोधन अधिनियम ने किससे संबंधित एक नया राज्य का नीति निदेशक तत्व जोड़ा है?

  1. A.मातृत्व अवकाश
  2. B.बाल श्रम
  3. C.पर्यावरण
  4. D.सहकारी समितियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सहकारी समितियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, सहकारी समितियाँ। 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 ने अनुच्छेद 43B जोड़ा, जो एक नया नीति निदेशक तत्व है और राज्य से कहता है कि वह सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा दे। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 19(1)(c) में संघ और यूनियन के साथ 'सहकारी समितियाँ' शब्द जोड़कर इन्हें बनाने को मौलिक अधिकार भी बना दिया। यह फरवरी 2012 में लागू हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि मातृत्व सहायता मूल संविधान के अनुच्छेद 42 में पहले से थी, जो काम की न्यायसंगत और मानवीय दशाओं की बात करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि बाल श्रम से अनुच्छेद 24, जो एक मौलिक अधिकार है, और अनुच्छेद 39 निपटते हैं; यह 97वें संशोधन का विषय नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्यावरण की रक्षा वाला अनुच्छेद 48A बहुत पहले, 1976 के 42वें संशोधन से जोड़ा गया था। परीक्षा टिप: 2011 के 97वें संशोधन ने सहकारी समितियों को अनुच्छेद 19(1)(c) और अनुच्छेद 43B में जगह दी।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से किस रिट के तहत न्यायालय किसी निचली अदालत या अन्य प्राधिकरण को उसके सामने लंबित मामला किसी उच्च प्राधिकरण या न्यायालय को सौंपने का आदेश देता है?

  1. A.प्रतिषेध
  2. B.परमादेश
  3. C.अधिकार पृच्छा
  4. D.उत्प्रेषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उत्प्रेषण

व्याख्या

सही उत्तर है D, उत्प्रेषण। उत्प्रेषण (सर्टिओरारी) का अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित किया जाना'। इस रिट से ऊपरी न्यायालय किसी निचली अदालत या न्यायाधिकरण को आदेश देता है कि वह अपने सामने लंबित मामला ऊपर भेजे, या उसका पहले से दिया गया आदेश रद्द कर देता है, जब अधिकार क्षेत्र न हो, अधिकार क्षेत्र से बाहर जाया गया हो या कानून की गलती हुई हो। सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं। प्रतिषेध और उत्प्रेषण मिलते-जुलते लगते हैं, इसलिए समय पर ध्यान दें: प्रतिषेध चलते मामले को रोकता है, जबकि उत्प्रेषण दिए जा चुके फैसले को भी रद्द कर सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रतिषेध निचली अदालत को केवल अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकता है; मामला स्थानांतरित नहीं करता। विकल्प B गलत है, क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी या संस्था को उसका छोड़ा हुआ कर्तव्य करने का आदेश देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अधिकार पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर उसका अधिकार साबित करने को कहती है। परीक्षा टिप: उत्प्रेषण = ऊपर भेजो या रद्द करो; प्रतिषेध = रोको; परमादेश = कर्तव्य निभाओ।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान का ______ केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन से संबंधित है।

  1. A.अनुच्छेद 235
  2. B.अनुच्छेद 239
  3. C.अनुच्छेद 233
  4. D.अनुच्छेद 234
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 239

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 239। अनुच्छेद 239 कहता है कि हर केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति करेंगे, जो इसके लिए अपनी इच्छा से तय पदनाम वाला एक प्रशासक नियुक्त करते हैं। इसी कारण कुछ केंद्रशासित प्रदेशों, जैसे दिल्ली, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, में उपराज्यपाल हैं, जबकि कुछ में प्रशासक। अनुच्छेद 239 संविधान के भाग VIII की शुरुआत करता है, जो केंद्रशासित प्रदेशों से जुड़ा है। बाद में जोड़े गए अनुच्छेद 239A और 239AA पुडुचेरी और दिल्ली को विधानमंडल देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 235 अधीनस्थ न्यायालयों पर उच्च न्यायालय के नियंत्रण से जुड़ा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 233 उच्च न्यायालय से परामर्श करके राज्यपाल द्वारा ज़िला न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 234 ज़िला न्यायाधीशों के अलावा अन्य लोगों की राज्य न्यायिक सेवा में भर्ती से जुड़ा है। परीक्षा टिप: भाग VIII में अनुच्छेद 239 से 241 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए हैं, और अनुच्छेद 239AA दिल्ली के लिए खास है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 30 Nov 2023, S3आसान

दिल्ली के मुख्यमंत्री की नियुक्ति __________ द्वारा की जाती है।

  1. A.राज्यपाल
  2. B.उपराज्यपाल
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.भारत के राष्ट्रपति
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारत के राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर है D, भारत के राष्ट्रपति। संविधान का अनुच्छेद 239AA(5) कहता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे। अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ही करते हैं, और वे राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं। किसी राज्य से यही मुख्य अंतर है, जहाँ अनुच्छेद 164 के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं। अनुच्छेद 239AA 69वें संशोधन अधिनियम, 1991 से जोड़ा गया था, जिसने दिल्ली को विधानसभा दी और उसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का नाम दिया। दिल्ली की मंत्रिपरिषद विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 10% से बड़ी नहीं हो सकती। विकल्प A गलत है, क्योंकि केंद्रशासित प्रदेश होने के कारण दिल्ली में राज्यपाल होता ही नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि उपराज्यपाल प्रशासक हैं और शपथ दिलाते हैं, पर नियुक्ति नहीं करते। विकल्प C गलत है, क्योंकि मुख्यमंत्री की नियुक्ति में प्रधानमंत्री की कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है। परीक्षा टिप: राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं (अनुच्छेद 164), दिल्ली के मुख्यमंत्री की राष्ट्रपति (अनुच्छेद 239AA)।