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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 53

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 53) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 8 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विधायी प्रक्रिया और विधेयकों के प्रकार, संसद में वित्तीय प्रक्रिया, संसदीय प्रक्रियाएं: प्रश्नकाल, शून्यकाल और प्रस्ताव और अन्य। इनमें से 5 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन विधेयक को प्रत्येक सदन में किस बहुमत से पारित होना चाहिए?

  1. A.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत
  2. B.सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मत देने वालों का दो-तिहाई बहुमत
  3. C.सदन की कुल सदस्य संख्या का दो-तिहाई बहुमत
  4. D.दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में कुल सदस्य संख्या का बहुमत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मत देने वालों का दो-तिहाई बहुमत

व्याख्या

सही उत्तर B है। अनुच्छेद 368 के विशेष बहुमत की दो शर्तें साथ-साथ पूरी होनी चाहिए: सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत, तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत। A गलत है क्योंकि उपस्थित सदस्यों का साधारण बहुमत केवल साधारण विधेयकों तथा अनुच्छेद 3 के अंतर्गत नए राज्यों के निर्माण जैसे कुछ संवैधानिक विषयों के लिए पर्याप्त है। C गलत है क्योंकि दो-तिहाई की गणना उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों पर होती है, कुल सदस्य संख्या पर नहीं, और यही सबसे सामान्य भूल है। D गलत है क्योंकि संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदन कभी एक साथ नहीं बैठते; अनुच्छेद 108 उस पर लागू नहीं होता, अतः प्रत्येक सदन को अलग-अलग विशेष बहुमत जुटाना पड़ता है और कुछ संशोधनों के लिए आधे राज्यों का अनुसमर्थन भी आवश्यक है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में संसद के दोनों सदनों के समक्ष किस अनुच्छेद के अधीन रखा जाता है?

  1. A.अनुच्छेद 110
  2. B.अनुच्छेद 112
  3. C.अनुच्छेद 114
  4. D.अनुच्छेद 117
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 112

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 112 है। अनुच्छेद 112 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाएगा, और संविधान इस विवरण को वार्षिक वित्तीय विवरण कहता है; बोलचाल में यही बजट है। A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 110 केवल धन विधेयक की परिभाषा देता है और उन छह विषयों को गिनाता है जिनसे धन विधेयक संबंधित हो सकता है; बजट सदनों में रखने की बात वहां नहीं है। C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 114 विनियोग विधेयक से संबंधित है, अर्थात उस विधि से जिसके द्वारा अनुदान स्वीकृत होने के बाद संचित निधि से धन निकाला जाता है। D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 117 में वित्तीय विधेयकों के विशेष उपबंध हैं, मुख्यतः यह कि वे राष्ट्रपति की सिफारिश पर लोक सभा में पुरःस्थापित होते हैं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

वह कटौती प्रस्ताव जिसमें किसी अनुदान मांग की राशि घटाकर एक रुपया करने की मांग की जाती है, क्या कहलाता है?

  1. A.नीति कटौती
  2. B.मितव्ययिता कटौती
  3. C.सांकेतिक कटौती
  4. D.गिलोटिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नीति कटौती

व्याख्या

सही उत्तर A, नीति कटौती है। नीति कटौती प्रस्ताव में मांग की राशि घटाकर एक रुपया करने की बात होती है, जिसका अर्थ उस मांग के पीछे की नीति को पूरी तरह अस्वीकार करना है, और प्रस्तावक वैकल्पिक नीति सुझा सकता है। B, मितव्ययिता कटौती, गलत है क्योंकि इसमें मांग को एक निश्चित राशि से घटाने की बात होती है, जो नीति को अस्वीकार किए बिना की जा सकने वाली बचत दर्शाती है। C, सांकेतिक कटौती, गलत है क्योंकि इसमें ठीक सौ रुपये की कमी मांगी जाती है और यह केवल भारत सरकार के क्षेत्र की किसी विशेष शिकायत को उठाने के लिए रखी जाती है। D, गिलोटिन, गलत है क्योंकि वह कटौती प्रस्ताव नहीं है: अनुदान मांगों के लिए नियत समय समाप्त होने पर अध्यक्ष इसी के द्वारा शेष सभी मांगों को एक साथ मतदान के लिए रख देता है, चाहे उन पर चर्चा हुई हो या नहीं।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का गैर-संवैधानिक निकाय है?

  1. A.वित्त आयोग
  2. B.राज्य मानवाधिकार आयोग
  3. C.संघ लोक सेवा आयोग
  4. D.निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य मानवाधिकार आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, राज्य मानवाधिकार आयोग है। राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अध्याय पाँच से बनता है, जो संसद का साधारण कानून है, इसलिए यह सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं; संसद उसी अधिनियम में संशोधन करके इसे समाप्त कर सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित होता है और राष्ट्रपति को प्रत्येक पाँचवें वर्ष इसका गठन करना होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315 से बनता है और उसके सदस्यों की सेवा शर्तें अनुच्छेद 316 से 323 तक संरक्षित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग का अस्तित्व अनुच्छेद 324 से है, जो उसे निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण देता है। इस प्रश्न का जाल यही है कि चारों को आयोग कहा जाता है; अंतर केवल उनकी शक्ति के स्रोत से होता है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

लोक सभा से भेजे गए धन विधेयक को राज्य सभा को कितने दिनों के भीतर लौटाना होता है?

  1. A.7 दिन
  2. B.14 दिन
  3. C.21 दिन
  4. D.30 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 14 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 14 दिन है। अनुच्छेद 109 के अनुसार लोक सभा द्वारा पारित धन विधेयक राज्य सभा के पास जाता है, जिसे उसे चौदह दिन के भीतर सिफारिशों के साथ या उनके बिना लौटाना होता है; यदि वह उस अवधि में न लौटाया जाए तो विधेयक उसी रूप में दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है जिस रूप में लोक सभा ने उसे पारित किया था। लोक सभा राज्य सभा की किसी भी सिफारिश को मानने या छोड़ने के लिए स्वतंत्र है। A गलत है, क्योंकि किसी विधेयक का कोई वित्तीय चरण सात दिन का नहीं है। C गलत है, क्योंकि इक्कीस दिन की अवधि धन विधेयक से संबंधित नहीं है। D गलत है, क्योंकि तीस दिन भी धन विधेयक की संवैधानिक अवधि नहीं है; अभ्यर्थी कभी-कभी इसे उन छह मासों से मिला देते हैं, जिन तक राज्य सभा साधारण विधेयक रोक सकती है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोकसभा में तारांकित प्रश्न के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.इसका उत्तर लिखित में दिया जाता है और पूरक प्रश्न नहीं पूछे जा सकते
  2. B.इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं
  3. C.इसका उत्तर केवल कोई निजी सदस्य देता है
  4. D.इसे स्वीकार कराने के लिए पचास सदस्यों का समर्थन आवश्यक है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B, इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं है। तारांकित प्रश्न तारे के चिह्न से अंकित होता है, मंत्री सदन के पटल पर उसका उत्तर देता है, और उत्तर मौखिक होने के कारण सदस्य उसके बाद पूरक प्रश्न पूछ सकते हैं। लोकसभा में एक दिन में अधिकतम बीस तारांकित प्रश्न रखे जा सकते हैं। A गलत है क्योंकि लिखित उत्तर और पूरक प्रश्नों का निषेध अतारांकित प्रश्न की पहचान है, जिसकी लोकसभा में दैनिक सीमा दो सौ तीस है। C गलत है क्योंकि निजी सदस्य से प्रश्न एक अलग श्रेणी है, जो तभी स्वीकार होती है जब विषय कोई विधेयक या उस सदस्य के प्रभार का कार्य हो। D गलत है क्योंकि पचास सदस्यों के समर्थन की शर्त स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव पर लागू होती है, किसी प्रकार के प्रश्न पर नहीं।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग किस कानून के अंतर्गत गठित किया गया था?

  1. A.मानवाधिकार आयोग अधिनियम, 1991
  2. B.मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
  3. C.सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
  4. D.जाँच आयोग अधिनियम, 1952
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993

व्याख्या

सही उत्तर B, मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 है। यह कानून सितंबर 1993 में अध्यादेश के रूप में आया और 12 अक्टूबर 1993 को आयोग गठित हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे। विकल्प A गलत है क्योंकि सन 1991 का कोई मानवाधिकार आयोग अधिनियम नहीं है; वह वर्ष केवल पेरिस की उस कार्यशाला के लिए याद किया जाता है जिसने पेरिस सिद्धांत बनाए। विकल्प C गलत है क्योंकि सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 वस्तुतः अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम का बदला हुआ नाम है और अस्पृश्यता के आचरण को दंडित करता है, कोई आयोग नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि जाँच आयोग अधिनियम, 1952 के अंतर्गत सरकार किसी निश्चित लोक महत्व के विषय पर एक बार का जाँच आयोग नियुक्त करती है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राज्यसभा को धन विधेयक लोकसभा को कितने दिनों के भीतर लौटाना होता है?

  1. A.7 दिन
  2. B.14 दिन
  3. C.21 दिन
  4. D.30 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 14 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 14 दिन है। अनुच्छेद 109 के अंतर्गत लोकसभा से पारित धन विधेयक राज्यसभा को भेजा जाता है, जो उस पर केवल सिफारिशें कर सकती है और उसे चौदह दिन के भीतर लौटाना होता है। लोकसभा उन सिफारिशों को मानने या अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है, और यदि राज्यसभा इस अवधि में विधेयक न लौटाए तो वह उसी रूप में दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है जिस रूप में लोकसभा ने उसे पारित किया था। A, 7 दिन, गलत है; प्रक्रिया के किसी चरण में यह अवधि नहीं आती। C, 21 दिन, गलत है, फिर भी अभ्यर्थी इसे अन्य संवैधानिक अवधियों से भ्रमित कर लेते हैं। D, 30 दिन, गलत है; इसे कभी-कभी अध्यादेश के अनुमोदन की छह सप्ताह की सीमा से मिला दिया जाता है। चौदह दिन का नियम इस अध्याय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iमध्यम

भारत की संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह विधेयक है जो ऐसे संसद सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो निर्वाचित नहीं, बल्कि केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत है।

2. हाल ही में, भारत की संसद में उसके इतिहास में पहली बार एक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक पारित हुआ है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न तो 1, न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न तो 1, न ही 2। गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह है जिसे मंत्री के अलावा कोई भी सांसद लाए, चाहे वह निर्वाचित हो या मनोनीत, और ऐसे विधेयक पहले भी कानून बन चुके हैं।

कथन 1 गलत है: कसौटी निर्वाचन या मनोनयन नहीं, बल्कि यह है कि सदस्य मंत्री है या नहीं। मंत्री द्वारा लाया गया विधेयक सरकारी विधेयक है; किसी अन्य सदस्य का विधेयक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक है, जिसके लिए एक महीने की सूचना देनी होती है। कथन 2 गलत है: अब तक चौदह गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुके हैं, अंतिम बार 1970 में। 2015 में राज्यसभा द्वारा पारित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार विधेयक, 2014 की चर्चा इसलिए हुई क्योंकि दशकों बाद उस सदन ने ऐसा विधेयक पारित किया था; वह उस रूप में कानून नहीं बना।

A गलत है, क्योंकि मनोनीत होने से इसका कोई संबंध नहीं।

B गलत है, क्योंकि ऐसे विधेयक बहुत पहले कानून बन चुके थे।

C गलत है, क्योंकि दोनों कथन असत्य हैं।

परीक्षा टिप: गैर-सरकारी सदस्य = मंत्री के अलावा कोई भी सांसद; ऐसे 14 विधेयक कानून बने, अंतिम 1970 में।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद के किसी सदन की बैठक के गठन के लिए गणपूर्ति कितनी होती है?

  1. A.सदन के कुल सदस्यों का एक चौथाई
  2. B.सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग
  3. C.सदन के कुल सदस्यों का एक तिहाई
  4. D.सदन के पचास सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग

व्याख्या

सही उत्तर B, सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग है। संविधान का अनुच्छेद 100(3) कहता है कि संसद के किसी भी सदन की बैठक के गठन के लिए गणपूर्ति उस सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग होगी, और पीठासीन अधिकारी भी उसी दसवें भाग में गिना जाता है। गणपूर्ति न होने पर पीठासीन अधिकारी का कर्तव्य है कि वह सदन स्थगित कर दे या गणपूर्ति होने तक बैठक निलंबित रखे। A, एक चौथाई, और C, एक तिहाई, गलत हैं क्योंकि किसी प्रावधान में गणपूर्ति इन अंशों में नहीं है; एक तिहाई का संबंध अन्य विषयों से है, जैसे राज्यसभा के एक तिहाई सदस्यों का प्रत्येक दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होना। D, पचास सदस्य, गलत है क्योंकि पचास की संख्या लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव या अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कराने के लिए चाहिए, बैठक की गणपूर्ति के लिए नहीं।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संसद की लोक लेखा समिति की कुल सदस्य संख्या कितनी है?

  1. A.15 सदस्य, सभी लोकसभा से
  2. B.22 सदस्य, 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से
  3. C.30 सदस्य, सभी लोकसभा से
  4. D.31 सदस्य, 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 22 सदस्य, 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से

व्याख्या

सही उत्तर B है। लोक लेखा समिति में बाईस सदस्य होते हैं, पंद्रह लोकसभा द्वारा और सात राज्यसभा द्वारा निर्वाचित, और यह निर्वाचन एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से एक वर्ष के कार्यकाल के लिए होता है। इसके सभापति की नियुक्ति अध्यक्ष समिति के लोकसभा सदस्यों में से करता है, और 1967 से यह परंपरा है कि विपक्ष के सदस्य को नियुक्त किया जाता है। समिति विनियोग लेखों तथा नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों की जांच करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि पंद्रह केवल समिति में लोकसभा का हिस्सा है, उसकी कुल संख्या नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि तीस सदस्य, सभी लोकसभा से, प्राक्कलन समिति की संख्या है, जिसमें राज्यसभा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि इकतीस सदस्य, इक्कीस और दस के विभाजन के साथ, प्रत्येक विभाग संबंधित स्थायी समिति का आकार है। लोक उपक्रम समिति में भी लोक लेखा समिति की तरह बाईस सदस्य होते हैं।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोक सभा में सांकेतिक कटौती प्रस्ताव में अनुदान मांग की राशि के बारे में क्या प्रार्थना की जाती है?

  1. A.उसे घटाकर एक रुपया कर दिया जाए
  2. B.उसे सौ रुपये से घटा दिया जाए
  3. C.मितव्ययिता के हित में उसे एक निश्चित रकम से घटा दिया जाए
  4. D.उसे पूरी तरह वापस ले लिया जाए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उसे सौ रुपये से घटा दिया जाए

व्याख्या

सही उत्तर B, उसे सौ रुपये से घटा दिया जाए है। सांकेतिक कटौती भारत सरकार के उत्तरदायित्व के क्षेत्र की किसी विशेष शिकायत को उठाने के लिए रखी जाती है और उसका रूप यही होता है कि मांग की राशि सौ रुपये से घटा दी जाए; यह रकम प्रतीकात्मक है और उद्देश्य वह चर्चा है जो इससे अनिवार्य हो जाती है। A गलत है, क्योंकि मांग को घटाकर एक रुपया करना नीति कटौती है, जो मांग के पीछे की नीति की अस्वीकृति है। C गलत है, क्योंकि मितव्ययिता के लिए निश्चित रकम से कटौती मितव्ययिता कटौती है, जिसमें सदस्य सुझाता है कि वही काम कम व्यय में हो सकता है। D गलत है, क्योंकि कोई कटौती प्रस्ताव मांग वापस लेने की प्रार्थना नहीं करता; लोक सभा मांग को मतदान में गिराकर अस्वीकार कर सकती है, पर वह अस्वीकृति है, कटौती प्रस्ताव नहीं।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति की अर्हता है?

  1. A.उच्च न्यायालय में पांच वर्ष अधिवक्ता के रूप में कार्य
  2. B.उच्च न्यायालय का दस वर्ष तक न्यायाधीश रहना
  3. C.उच्च न्यायालय का पांच वर्ष तक न्यायाधीश रहना
  4. D.45 वर्ष की आयु पूर्ण करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उच्च न्यायालय का पांच वर्ष तक न्यायाधीश रहना

व्याख्या

सही उत्तर C, उच्च न्यायालय का पांच वर्ष तक न्यायाधीश रहना है। अनुच्छेद 124(3) के अनुसार व्यक्ति भारत का नागरिक हो और कम से कम पांच वर्ष किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो, या कम से कम दस वर्ष किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा हो, या राष्ट्रपति की राय में ख्यातिप्राप्त विधिवेत्ता हो। विकल्प A गलत है क्योंकि अधिवक्ता के लिए दस वर्ष चाहिए, पांच नहीं; परीक्षा में ये दोनों आंकड़े जानबूझकर बदल दिए जाते हैं। विकल्प B इसी कारण उलटा गलत है, क्योंकि दस वर्ष अधिवक्ता की और पांच वर्ष न्यायाधीश की अर्हता है। विकल्प D गलत है क्योंकि संविधान उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए कोई न्यूनतम आयु नहीं बताता, जबकि अधिकतम आयु अर्थात् सेवानिवृत्ति आयु निर्धारित है।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.10 दिसंबर
  2. B.12 अक्टूबर
  3. C.26 नवंबर
  4. D.28 सितंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12 अक्टूबर

व्याख्या

सही उत्तर B, 12 अक्टूबर है, क्योंकि आयोग का गठन 1993 में इसी तिथि को हुआ था। विकल्प A, 10 दिसंबर, मानवाधिकार दिवस है, जो 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा अपनाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है; छात्र इन दोनों तिथियों में लगातार भ्रमित होते हैं, इसलिए जोड़ी बनाकर याद रखें। विकल्प C, 26 नवंबर, संविधान दिवस है, जब 1949 में संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया। विकल्प D, 28 सितंबर, उस अध्यादेश की तिथि के निकट है जो अधिनियम से पहले आया था, किंतु आयोग के अस्तित्व में आने की तिथि नहीं है। इस तथ्य को इस क्रम में पकड़ें—1948 में 10 दिसंबर को घोषणा, 1991 में पेरिस सिद्धांत, और 1993 में 12 अक्टूबर को अधिनियम तथा आयोग।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014आसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.पाँचवीं अनुसूची
  3. C.आठवीं अनुसूची
  4. D.दसवीं अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है D, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी प्रावधान दसवीं अनुसूची में रखे गए हैं, इसलिए जो विधायक या सांसद उस दल को छोड़ देता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, उसे इसी अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य ठहराया जा सकता है। यह अनुसूची 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी और यह संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू होती है। सदस्य की सदस्यता स्वेच्छा से दल छोड़ने पर या दल के व्हिप के विरुद्ध मत देने पर जाती है, और ऐसे मामले का निर्णय सदन का पीठासीन अधिकारी करता है। विलय की स्थिति में छूट तभी मिलती है जब उस विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय पर सहमत हों। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों तथा अन्य उच्च पदों के वेतन-भत्ते तय करती है। B गलत है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - दसवीं अनुसूची और 1985 का 52वाँ संशोधन।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iकठिन

विधानमंडल में पूछे जाने वाले अल्प सूचना प्रश्नों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये अविलंबनीय लोक महत्व के विषयों से संबंधित होते हैं और इन्हें 10 दिन से कम की सूचना पर मौखिक उत्तर के लिए पूछा जा सकता है। 2. अल्प सूचना प्रश्न तभी स्वीकार्य हो सकते हैं जब संबंधित मंत्री उनका उत्तर देने के लिए सहमत हो। 3. अल्प सूचना प्रश्न प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। अल्प सूचना प्रश्न अविलंबनीय विषय पर पूछा गया मौखिक प्रश्न है, जो मंत्री की सहमति से ही लिया जाता है और प्रश्नकाल के बाद, न कि उसके दौरान, उत्तर पाता है।

लोकसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार सदस्य अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर सामान्य दस दिन से कम की सूचना देकर प्रश्न पूछ सकता है और उसे जल्दी का कारण बताना होता है। यह प्रश्न तभी स्वीकार होता है जब संबंधित मंत्री कम सूचना पर उत्तर देने को तैयार हो। उस दिन के मौखिक उत्तर वाले प्रश्न निपट जाने के ठीक बाद, यानी प्रश्नकाल के बाद, इसका उत्तर लिया जाता है।

A गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि ये प्रश्न प्रश्नकाल के बाद आते हैं।

C गलत है: इसमें सही कथन 1 छूट गया और गलत कथन 3 रख लिया गया।

D गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और सही कथन 2 छूट गया।

परीक्षा टिप: तारांकित = मौखिक, अतारांकित = लिखित, अल्प सूचना = दस दिन से कम, मंत्री की सहमति, प्रश्नकाल के बाद।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत की आकस्मिकता निधि किसके व्ययनाधीन रखी जाती है?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.लोक सभा अध्यक्ष
  3. C.भारत के राष्ट्रपति
  4. D.नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत के राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर C, भारत के राष्ट्रपति है। अनुच्छेद 267(1) संसद को विधि द्वारा अग्रदाय के रूप में भारत की आकस्मिकता निधि स्थापित करने की शक्ति देता है, जो राष्ट्रपति के व्ययनाधीन रखी जाती है और जिससे वह संसद के प्राधिकार की प्रतीक्षा में अप्रत्याशित व्यय के लिए अग्रिम दे सकता है; यह निधि उनकी ओर से वित्त सचिव के पास रहती है और संसद द्वारा धन स्वीकृत होने पर इसकी प्रतिपूर्ति हो जाती है। A गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री के पास भारत की किसी निधि की पृथक संवैधानिक अभिरक्षा नहीं है। B गलत है, क्योंकि अध्यक्ष लोक सभा की अध्यक्षता करता है और धन विधेयक प्रमाणित करता है, किंतु कोई निधि नहीं रखता। D गलत है, क्योंकि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक व्यय हो जाने के बाद लेखापरीक्षा करता है और उसे जानबूझकर धन की अभिरक्षा तथा स्वीकृति से दूर रखा गया है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली समिति का प्रमुख कौन होता है?

  1. A.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  2. B.भारत के राष्ट्रपति
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री

व्याख्या

सही उत्तर C, प्रधानमंत्री है। चयन समिति में छह सदस्य होते हैं—प्रधानमंत्री इसके प्रमुख, लोक सभा के अध्यक्ष, राज्य सभा के उपसभापति, लोक सभा और राज्य सभा में विपक्ष के नेता तथा केंद्रीय गृह मंत्री; इसकी सिफारिश पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं। विकल्प A गलत है, यद्यपि जब उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होनी हो तो भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श अनिवार्य है। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं, सिफारिश नहीं; यही व्यवस्था लोकपाल और केंद्रीय सूचना आयुक्त की नियुक्ति में भी दिखती है। विकल्प D गलत है क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री समिति के सदस्य हैं, उसके प्रमुख नहीं। ध्यान रखें कि समिति में विपक्ष के दोनों नेताओं का होना इस नियुक्ति को दलगत राजनीति से दूर रखने के लिए है, और यही ढाँचा केंद्रीय सूचना आयोग तथा लोकपाल में भी दिखता है, इसलिए परीक्षा में तीनों की समितियाँ एक साथ पूछी जाती हैं।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय कौन करता है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.लोक सभा के अध्यक्ष
  3. C.वित्त मंत्री
  4. D.राज्य सभा के सभापति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लोक सभा के अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर B, लोक सभा के अध्यक्ष है। अनुच्छेद 110(3) कहता है कि यदि यह प्रश्न उठे कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो लोक सभा के अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा, और वही विधेयक को राज्य सभा भेजते समय तथा राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करते समय इस रूप में प्रमाणित करता है। A गलत है, क्योंकि धन विधेयक पुरःस्थापित करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक है, पर वर्गीकरण उनका काम नहीं है। C गलत है, क्योंकि वित्त मंत्री वित्तीय विधेयक प्रस्तुत करता और उसका बचाव करता है, किंतु विधेयक का स्वरूप तय करना उसका अधिकार नहीं है। D गलत है, क्योंकि सभापति उस सदन की अध्यक्षता करता है जिसका धन विधेयक में सबसे कम हस्तक्षेप है; उसे प्रमाणन की शक्ति देना लोक सभा की वित्तीय सर्वोच्चता के उद्देश्य को ही समाप्त कर देता।

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