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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन विधेयक को प्रत्येक सदन में किस बहुमत से पारित होना चाहिए?

  1. A.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत
  2. B.सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मत देने वालों का दो-तिहाई बहुमत
  3. C.सदन की कुल सदस्य संख्या का दो-तिहाई बहुमत
  4. D.दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में कुल सदस्य संख्या का बहुमत

सही उत्तर

B. सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मत देने वालों का दो-तिहाई बहुमत

व्याख्या

सही उत्तर B है। अनुच्छेद 368 के विशेष बहुमत की दो शर्तें साथ-साथ पूरी होनी चाहिए: सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत, तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत। A गलत है क्योंकि उपस्थित सदस्यों का साधारण बहुमत केवल साधारण विधेयकों तथा अनुच्छेद 3 के अंतर्गत नए राज्यों के निर्माण जैसे कुछ संवैधानिक विषयों के लिए पर्याप्त है। C गलत है क्योंकि दो-तिहाई की गणना उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों पर होती है, कुल सदस्य संख्या पर नहीं, और यही सबसे सामान्य भूल है। D गलत है क्योंकि संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदन कभी एक साथ नहीं बैठते; अनुच्छेद 108 उस पर लागू नहीं होता, अतः प्रत्येक सदन को अलग-अलग विशेष बहुमत जुटाना पड़ता है और कुछ संशोधनों के लिए आधे राज्यों का अनुसमर्थन भी आवश्यक है।

पूरा लेख पढ़ें: विधायी प्रक्रिया और विधेयकों के प्रकार: धन विधेयक

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद धन विधेयक की परिभाषा देता है?

  1. A.अनुच्छेद 109
  2. B.अनुच्छेद 110
  3. C.अनुच्छेद 112
  4. D.अनुच्छेद 117
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 110

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 110 है। अनुच्छेद 110 उन विषयों की सूची देता है जिनसे कोई विधेयक धन विधेयक बनता है: कराधान, संघ द्वारा उधार लेना, संचित निधि तथा आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, संचित निधि से धन का विनियोग, उस निधि पर भारित व्यय की घोषणा, तथा उस निधि के धन की प्राप्ति या लेखा परीक्षा। विधेयक धन विधेयक तभी है जब वह इनके अतिरिक्त किसी विषय से संबंधित न हो। A, अनुच्छेद 109, गलत है क्योंकि वह परिभाषा नहीं देता, बल्कि धन विधेयक की विशेष प्रक्रिया बताता है, जिसमें केवल लोकसभा में प्रस्तुतीकरण और राज्यसभा पर चौदह दिन की सीमा सम्मिलित है। C, अनुच्छेद 112, गलत है क्योंकि वह वार्षिक वित्तीय विवरण अर्थात बजट से संबंधित है। D, अनुच्छेद 117, गलत है क्योंकि वह वित्त विधेयकों को नियंत्रित करता है, जिनमें अनुच्छेद 110 का विषय अन्य सामान्य विषयों के साथ होता है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

किसका प्रमाणपत्र अंतिम रूप से तय करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.वित्त मंत्री
  3. C.लोकसभा अध्यक्ष
  4. D.राज्यसभा के सभापति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोकसभा अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, लोकसभा अध्यक्ष है। अनुच्छेद 110(3) कहता है कि यदि यह प्रश्न उठे कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा, और अनुच्छेद 110(4) के अनुसार विधेयक राज्यसभा को भेजते समय या स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करते समय अध्यक्ष उस पर प्रमाणपत्र पृष्ठांकित करते हैं। इस प्रमाणपत्र को किसी न्यायालय या किसी सदन में चुनौती नहीं दी जा सकती। A, राष्ट्रपति, गलत है क्योंकि वे केवल धन विधेयक के प्रस्तुतीकरण की सिफारिश करते हैं और बाद में स्वीकृति देते हैं। B, वित्त मंत्री, गलत है क्योंकि मंत्री केवल विधेयक प्रस्तुत करता है; वर्गीकरण पीठासीन अधिकारी करता है, सरकार नहीं। D, राज्यसभा के सभापति, गलत है क्योंकि वर्गीकरण में राज्यसभा की कोई भूमिका नहीं, और इसी कारण अध्यक्ष का प्रमाणपत्र अंतिम माना गया है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राज्यसभा को धन विधेयक लोकसभा को कितने दिनों के भीतर लौटाना होता है?

  1. A.7 दिन
  2. B.14 दिन
  3. C.21 दिन
  4. D.30 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 14 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 14 दिन है। अनुच्छेद 109 के अंतर्गत लोकसभा से पारित धन विधेयक राज्यसभा को भेजा जाता है, जो उस पर केवल सिफारिशें कर सकती है और उसे चौदह दिन के भीतर लौटाना होता है। लोकसभा उन सिफारिशों को मानने या अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है, और यदि राज्यसभा इस अवधि में विधेयक न लौटाए तो वह उसी रूप में दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है जिस रूप में लोकसभा ने उसे पारित किया था। A, 7 दिन, गलत है; प्रक्रिया के किसी चरण में यह अवधि नहीं आती। C, 21 दिन, गलत है, फिर भी अभ्यर्थी इसे अन्य संवैधानिक अवधियों से भ्रमित कर लेते हैं। D, 30 दिन, गलत है; इसे कभी-कभी अध्यादेश के अनुमोदन की छह सप्ताह की सीमा से मिला दिया जाता है। चौदह दिन का नियम इस अध्याय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किसी विधेयक पर गतिरोध दूर करने के लिए दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

  1. A.अनुच्छेद 107
  2. B.अनुच्छेद 108
  3. C.अनुच्छेद 111
  4. D.अनुच्छेद 123
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 108

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 108 है। अनुच्छेद 108 राष्ट्रपति को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाने की शक्ति देता है, जब दूसरा सदन विधेयक अस्वीकार कर दे, संशोधनों पर दोनों सदनों में अंतिम असहमति हो जाए, अथवा छह मास से अधिक बीतने पर भी दूसरा सदन उसे पारित न करे। A, अनुच्छेद 107, गलत है क्योंकि वह केवल साधारण विधेयकों के प्रस्तुतीकरण और पारण की सामान्य व्यवस्था देता है। C, अनुच्छेद 111, गलत है क्योंकि वह दोनों सदनों से पारित विधेयक पर राष्ट्रपति की स्वीकृति से संबंधित है, जिसमें स्वीकृति देने, रोकने या साधारण विधेयक लौटाने की शक्ति है। D, अनुच्छेद 123, गलत है क्योंकि वह संसद के सत्र में न होने पर राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है, जो साधारण विधायी प्रक्रिया से बाहर की व्यवस्था है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.राज्यसभा के सभापति
  3. C.लोकसभा अध्यक्ष
  4. D.उपस्थित सबसे वरिष्ठ सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोकसभा अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, लोकसभा अध्यक्ष है। अनुच्छेद 108 के अंतर्गत संयुक्त बैठक राष्ट्रपति बुलाते हैं, परंतु उसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं; उनकी अनुपस्थिति में लोकसभा उपाध्यक्ष और दोनों की अनुपस्थिति में राज्यसभा के उपसभापति पीठासीन होते हैं, और यह क्रम संसद की प्रक्रिया के नियमों में स्पष्ट रूप से दिया गया है। A, राष्ट्रपति, गलत है क्योंकि राष्ट्रपति संसद के किसी सदन या संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करते और केवल अनुच्छेद 86 या 87 के अंतर्गत सदनों को संबोधित करते हैं। B, राज्यसभा के सभापति, जान-बूझकर रखा गया भ्रमकारी विकल्प है: उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होते हुए भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करते, यद्यपि राज्यसभा उस बैठक में सम्मिलित रहती है। D गलत है क्योंकि संविधान और प्रक्रिया नियम पीठासीन अधिकारियों का क्रम स्वयं नियत करते हैं और संयुक्त बैठक के लिए सदस्यों की वरिष्ठता पर कभी नहीं जाते। चूँकि लोकसभा बड़ा सदन है, संयुक्त बैठक में उसी का मत प्रभावी रहता है।